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भारत-पाक तनाव पर बोले मोहन भागवत – एकजुट रहकर जवाब दें हर साजिश को
9 May, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और पाकिस्तान के बीच हालात लगातार खराब हो रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी सभी देशवासियों से एकजुट होने की अपील की है। RSS प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रशासन की सभी सूचनाओं का अनुपालन करें।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बयान जारी करते हुए भारत के लोगों से अपील की है कि देश की एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें।
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने बयान में कहा कि, "पहलगाम की कायरतापूर्ण आतंकवादी घटना के पश्चात पाक प्रायोजित आतंकवादियों एवं उनके समर्थक पारितंत्र पर की जा रही निर्णायक कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए भारत सरकार के नेतृत्व और सैन्यबलों का हार्दिक अभिनंदन।"
मोहन भागवत का कहना है-
हिंदू यात्रियों के नृशंस हत्याकांड में आहत परिवारों को एवं समस्त देश को न्याय दिलाने हेतु हो रही इस कार्रवाई ने समूचे देश के स्वाभिमान एवं हिम्मत को बढ़ाया है।
लोगों से की एकजुट होने की अपील
मोहन भागवत ने पूरे देश से पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट खड़े रहने की अपील की है। मोहन भागवत ने कहा कि, "राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में संपूर्ण देश तन-मन-धन से देश की सरकार एवं सैन्य बलों के साथ खड़ा है। पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत की सीमा पर धार्मिक स्थलों एवं नागरिक बस्ती क्षेत्र पर किए जा रहे हमलों की हम निंदा करते हैं और जो इन हमलों का शिकार हुए, उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।"
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर समस्त देशवासियों से आह्वान करता है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सभी सूचनाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करे। इसके साथ-साथ इस अवसर पर हम सबको अपने नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह भी सावधानी रखनी है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामाजिक एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें।
हरसंभव सहयोग करें: मोहन भागवत
आखिर में मोहन भागवत कहते हैं कि, "समस्त देशवासियों से अनुरोध है कि अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना एवं नागरी प्रशासन के लिए जहाँ भी, जैसी भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहे और राष्ट्रीय एकता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करे।"
सेना अभियानों की रिपोर्टिंग पर लगाम, मंत्रालय ने मीडिया को चेताया
9 May, 2025 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज से बचने की हिदायत दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आदेश में कहा है, “सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लाइव कवरेज को दिखाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा संबंधी अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय अत्यंत जिम्मेदारी बरतें और मौजूदा कानूनों व नियमों का सख्ती से पालन करें।”
उन्होंने आगे बताया, “विशेष रूप से रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित रीयल-टाइम कवरेज, विजुअल का प्रसार या सूत्र आधारित जानकारी की रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समयपूर्व खुलासा अनजाने में शत्रु तत्वों की मदद कर सकता है और अभियान की प्रभावशीलता तथा कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। पिछली घटनाओं ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमले (26/11) और कंधार अपहरण जैसे मामलों में अनियंत्रित कवरेज से राष्ट्रीय हितों पर प्रभाव पड़ा था। मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारा साझा नैतिक उत्तरदायित्व है कि हमारे सामूहिक कार्य चल रहे अभियानों या हमारी सेनाओं की सुरक्षा को खतरे में न डालें।”
इस आदेश में बताया गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(पी) का पालन करने के लिए परामर्श जारी किया है। नियम 6(1)(पी) में कहा गया है कि केबल सेवा में कोई भी कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियान की लाइव कवरेज हो, ऐसी मीडिया कवरेज केवल उपयुक्त सरकार द्वारा नामित अधिकारी की ओर से समय-समय पर दी गई जानकारी तक सीमित होगी, जब तक कि वह अभियान समाप्त न हो जाए।
उन्होंने बताया, “ऐसा प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 का उल्लंघन है और इसके तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज प्रसारित न करें। सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे कवरेज में सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतते रहें और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों का पालन करें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के साथ जारी किया गया है।”
रक्षा मंत्रालय ने भी अपने एक्स अकाउंट पर इस आदेश को शेयर करते हुए अपील की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज या रीयल-टाइम रिपोर्टिंग से बचें। ऐसी संवेदनशील या स्रोत-आधारित जानकारी का खुलासा करने से अभियान खतरे में पड़ सकता है और लोगों की जान को जोखिम हो सकता है।”
'कुंठित मानसिकता' का आरोप: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अशोक चौधरी का पलटवार
9 May, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कांग्रेस नेता उदित राज और पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान को कुंठित मानसिकता करार दिया है। जिसमें कांग्रेस के इन दोनों नेताओं ने विवादित टिप्पणी करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर सवाल खड़े किए थे। पृथ्वीराज चव्हाण ने जहां केंद्र सरकार पर इसका भावनात्मक लाभ लेने का आरोप लगाया तो उदित राज ने कहा था कि सिंदूर की जगह कोई और नाम भी हो सकता था। इन नेताओं के बयान पर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान अशोक चौधरी ने कहा कि ये घटिया मानसिकता रखने वाले लोग हैं। इन्हें ऑपरेशन सिंदूर से परेशानी होती है। हमारी बहन-बेटियों का सिंदूर छीना गया। इसीलिए, ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा गया। ऑपरेशन सिंदूर चलाकर हमने पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। अगर इन्हें सिंदूर नाम से दिक्कत है तो वे प्रदेश और देश में अपनी सरकार बना लें। इसके बाद जो मन आए वह नाम रखें। देश में सरकार प्रधानमंत्री मोदी की है तो निर्णय भी वहीं लेंगे। जनता की रक्षा करने का दायित्व उनके कंधे पर है और वह इसे निभा रहे हैं।
अशोक चौधरी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए हम पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं को धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत ने इस ऑपरेशन से दिखा दिया कि अगर भारत के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाई गई तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। यह नया भारत है और इसे जवाब देना बहुत अच्छे से आता है। लेकिन, उदित राज और पृथ्वीराज चव्हाण जैसे लोग इसमें भी हिन्दू-मुस्लिम देख रहे हैं, जबकि, देश पर हमला होता है तो सभी धर्मों के लोग एकजुट होते हैं। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि आज जो कश्मीर में हुआ, उसके इतिहास में जाएंगे तो कांग्रेस का हाथ भी इसमें शामिल है।
बिहार में आपदा विभाग से जुड़े लोगों की छुट्टियां रद्द और पूर्णिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वपूर्ण बैठक पर उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है और पूरे देश को अलर्ट पर रहना चाहिए। देश में हर किसी को अपनी जिम्मेदारी संभालनी होगी। नीतीश कुमार बॉर्डर से सटे इलाकों का दौरा करेंगे।
सीमा पर पाक हमले के बाद अमित शाह एक्शन में, सुरक्षा बलों से की आपात बातचीत
9 May, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान की ओर से फिर देर रात सीमा से सटे इलाकों में हमले की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना की तत्परता के सामने उन्हें मुंह की खानी पड़ी. देश की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार रात बीएसएफ समेत देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सेनाओं के प्रमुखों से बात की. सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्थिति का जायजा लिया. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) देश के पश्चिमी सीमा की सुरक्षा करता है.
दरअसल, बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई स्थानों पर भारत की कार्रवाई हुई. जिसके बाद गुरुवार को पाकिस्तान की ओर से फिर से हिमाकत की गई. पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य अड्डों पर हमले की कोशिश की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी प्रयासों को पूरी तरह से असफल कर दिया. सूत्रों ने बताया कि सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के महानिदेशकों ने गृह मंत्री को मौजूदा स्थिति और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी.
मेट्रो नेटवर्क, हवाई अड्डे की सुरक्षा का लिया जायजा
बीएसएफ भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की रक्षा करती है. भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) चीन के साथ भारत की सीमा की रक्षा करती है और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) नेपाल और भूटान के साथ सटे हुए सीमा क्षेत्र की रक्षा करता है.
सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) प्रमुख से भी बात की और देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा का जायजा लिया. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल देश के ज्यादातर हवाई अड्डों, मेट्रो नेटवर्क और जरूरी ठिकानों की सुरक्षा करता है.
भारत ने बेअसर किया पाकिस्तान का हमला
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक जम्मू, पठानकोट और उधमपुर के सैन्य स्टेशनों को निशाना बनाया. इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ हेडक्वाटर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने हमले को सफलतापूर्वक नाकामयाब कर दिया है और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है.
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू और कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक जम्मू, पठानकोट और उधमपुर के सैन्य स्टेशनों को पाकिस्तान ने मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करके निशाना बनाया. पाकिस्तान की ओर से की गई इस हिमाकत पर भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ. भारतीय सशस्त्र बलों ने आसमान और जमीन दोनों जगहों पर पाकिस्तान की ओर से पैदा किए गए खतरे को बेअसर कर दिया.
पाकिस्तान की सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और नियंत्रण रेखा के पार गोलीबारी की है. उन्होंने जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा, तंगधार और करनाह सेक्टरों को निशाना बनाया है.
पाकिस्तानी मिसाइल हमलों से दहले कई इलाके, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली रही अलर्ट
9 May, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत में नापाक हरकत को अंजाम दिया है. पड़ोसी देश ने 7-8 मई की रात भारत पर अटैक करने की नाकाम कोशिश की. जम्मू से लेकर जैसलमेर तक पाकिस्तान ने मिसाइल से हमला किया, लेकिन भारत ने इन सभी हमलों का मुंह तोड़ जवाब दिया. भारत ने मंगलवार की देर रात पहलगाम में मारे गए लोगों के खून का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान पर मिसाइल से हमला किया. इस एयरस्ट्राइक में भारत ने पड़ोसी देश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और 9 ठिकानों को ढेर कर दिया.
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान के जैसलमेर और पंजाब में हमला किया. इन तीनों जगहों पर पाकिस्तान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन की बौछार की गई. इसी के बाद सीमा पार से जारी अटैक के चलते ब्लैकआउट का आदेश दिया गया. लोगों से घरों में रहने के लिए कहा गया.
कहां – कहां की पाकिस्तान ने नापाक कोशिश
बुधवार देर रात और गुरुवार तड़के पाकिस्तान ने जालंधर, श्रीनगर, अमृतसर और लुधियाना सहित 15 शहरों में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया और मिसाइल दागी. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में 8 मिसाइल दागी. सभी वायु रक्षा इकाइयों को रोक लिया गया. पंजाब में पठानकोट, जो पाक सीमा से सिर्फ 30 किमी दूर है वहां पर इस समय ब्लैकआउट लगाया गया है. भारतीय सेना ने उधमपुर, जम्मू, अखनूर, पठानकोट और कठुआ पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया.
सूत्रों के मुताबिक, जब पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के साथ विभिन्न स्थानों पर झुंड में ड्रोन भेजने की असफल कोशिश की, तो उधमपुर, सांबा, जम्मू, अखनूर, नगरोटा और पठानकोट क्षेत्रों में भारतीय सेना वायु रक्षा इकाइयों ने बड़े पैमाने पर किए गए जवाबी ड्रोन ऑपरेशन के दौरान 50 से अधिक ड्रोन को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया. इस लड़ाई में एल-70 बंदूकें, ज़ू-23एमएम, शिल्का सिस्टम और अन्य उन्नत काउंटर-यूएएस उपकरणों का व्यापक इस्तेमाल शामिल था, जो हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए सेना की मजबूत क्षमता का प्रदर्शन करता है.
कई जगह पर ब्लैकआउट
पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी और उत्तरलाई जैसे स्थलों पर निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना ने इंटेग्रेटेड काउंटर यूएस ग्रिड और एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम्स के जरिए सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया. इसी के साथ चंडीगढ़ में भी ब्लैकआउट किया गया है. अमृतसर में एयर अटैक अलर्ट जारी है और ब्लैकआउट लगा दिया गया है. साथ ही लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है, स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
भारत ने की जवाबी कार्रवाई
भारत ने पाकिस्तान के सात प्रमुख शहरों पर जवाबी कार्रवाई की है. इसमें पेशावर, इस्लामाबाद, कराची जैसे शहर शामिल हैं. भारत ने पाकिस्तान के जिन शहरों पर जवाबी कार्रवाई की है, उनमें सियालकोट और रावलपिंडी भी शामिल हैं. पाकिस्तान की ड्रोन रोधी प्रणाली को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है.
पहलगाम हमला
भारत-पाकिस्तान के बीच यह तनाव तब शुरू हुआ जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अटैक हुआ. पहलगाम में हुए अटैक में 26 टूरिस्ट को मारा गया था. इसी के बाद इस हमले को लेकर पूरे देश का खून खौला हुआ था फिर भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया. इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में भारत ने एयरस्ट्राइक की और 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर के उसे तबाह कर दिया.
भारतीय सेना का पलटवार, लाहौर और इस्लामाबाद तक पहुंचीं मिसाइलें
9 May, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच सूचना है कि भारतीय नौसेना ने दुश्मन मुल्क के कराची शहर पर जोरदार हमला किया है। इस हमले से कराची में भारी नुकसान होने की भी खबर है। इसके साथ ही कराची पोर्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
ये हमला तब किया जा रहा है जब गुरुवार रात को पाकिस्तान ने जम्मू से लेकर जैसलमेर तक ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। दोनों देशों के बीच जंग जैसे हालात पैदा हो चुके हैं, ये हालात तेजी से बदल रहे हैं।
गौरतलब है कि भारतीय सेना ने लाहौर, इस्लामाबाद और सियालकोट में भी मिसाइल से हमला किया। भारतीय सेना पाकिस्तान को लगातार मुंहतोड़ जवाब दे रही है। बता दें भारतीय सेना ने कहा है कि पाकिस्तानी हमले से भारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी पायलट गिरफ्तार, सेना का मुस्तैद जवाब
9 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम आतंकी हमले के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सैन्य कार्रवाई की बौखलाहट में पाकिस्तान ने गुरुवार रात जम्मू, पठानकोट, उधमपुर और जैसलमेर में ड्रोन, मिसाइलों और युद्धक विमानों से हमला किया जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 और आकाश ने नाकाम कर दिया।
यही नहीं पाकिस्तान के चीन निर्मित दो जेएफ-17, अमेरिका निर्मित एफ-16 विमानों और अवाक्स को उनकी ही सीमा में मार गिराया। ये तीनों लड़ाकू विमान भारत पर हमला करने के मकसद से आगे बढ़ रहे थे। अपने विमानों से इजेक्ट करने के बाद भारतीय सीमा में गिरे दो पाकिस्तानी पायलटों को जैसलमेर और अखनूर में गिरफ्त में भी लिया गया है।
पाक के 9 शहरों में भयंकर तबाही
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी तेज कर दी है। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, सियालकोट, बहावलपुर जैसे महत्वपूर्ण नौ शहरों में मिसाइलों और ड्रोन की बौछार की। देर शाम हुए हमलों के बाद सीडीएस के नेतृत्व में तीनों सेनाओं के प्रमुखों की आपात बैठक हुई।
समझा जा रहा है कि इस बैठक में पाकिस्तान को उसकी हिमाकत के लिए और तगड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। एनएसए डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें ताजा हालात की जानकारी दी। भारत ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की टकराव बढ़ाने की कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। शाम को पाकिस्तान के हमले के बाद धर्मशाला में हो रहा आइपीएल का मैच सुरक्षा के लिहाज से रोक दिया गया।
खास बात यह है कि बुधवार रात की तरह ही गुरुवार को भी भारतीय सेना ने अपनी सीमा में रहते हुए पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार-गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर और पंजाब से लेकर गुजरात के सीमावर्ती इलाकों के 15 शहरों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की नाकाम कोशिशें कीं।
भारतीय नौसेना की कार्रवाई से दहला कराची, पाक की घुसपैठ नाकाम
9 May, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के नाकाम हमलों का मुंहतोड़ जवाब देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. भारत के ऑपरेशन ‘सिंदूर’ से तिलमिलाए पाकिस्तान की ओर से 8 और 9 मई की दरमियानी रात सीमा पार से उकसावे वाली हरकतों का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है. पाकिस्तान द्वारा गुरुवार शाम जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों में दागी गई कम से कम आठ मिसाइलों को भारत के डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया. भारत बॉर्डर पर पाकिस्तान के हर एक्शन का करारा जवाब देता नजर आया. पाकिस्तान की ओर से जितने भी ड्रोन अटैक किए गए भारत के डिफेंस सिस्टम ने सभी का माकूल जवाब दिया और उन्हें हवा में ही ध्वस्त कर दिया.
रक्षा सूत्रों के अनुसार, सांबा, आर एस पुरा, अरनिया और सतवारी जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए पाकिस्तान ने सस्ती रॉकेट तकनीक का प्रयोग किया, जोकि आतंकवादी संगठन हमास की रणनीति से मेल खाती है. सभी मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते ट्रैक किया और सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया. भारतीय सेना की इस सतर्क और तेज कार्रवाई से न केवल बड़े जान-माल के नुकसान को टाला गया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि भारत की वायु सुरक्षा प्रणाली किसी भी खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है.
भारत के जवाबी हमले से हिला पाकिस्तान
पाकिस्तान की ओर से की गई उकसावे वाली कार्रवाई के पास भारत ने पाकिस्तान पर चौतरफा हमला कर उसे घूटने पर ला दिया. भारत ने लाहौर, इस्लामाबाद, कराची, सियालकोट, बहावलपुर, पेशावर और पीओके के कोटली में ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई करके पाकिस्तान को करारा जवाब देने का काम किया है. पाकिस्तान की ओर से पठानकोट एयरबेस को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली की त्वरित और प्रभावशाली कार्रवाई ने सभी हमलों को विफल कर दिया.
‘सुदर्शन चक्र’ के आगे पाकिस्तानी ड्रोन ने टेके घुटने
पाकिस्तान द्वारा छोड़े गए सभी मिसाइलों और ड्रोन को भारत के अत्याधुनिक वायु रक्षा तंत्र, विशेष रूप से S-400 ‘सुदर्शन चक्’ सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया. यह प्रणाली रूस से प्राप्त भारत का सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम है, जो 400 किलोमीटर तक के दायरे में किसी भी हवाई खतरे को पहचान कर समाप्त कर सकता है.
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी और नौशेरा सेक्टर में संघर्षविराम (सीजफायर) का उल्लंघन करते हुए अकारण गोलीबारी और मोर्टार दागने की कोशिश की. पाकिस्तान के उकसावे वाली कार्रवाई के जवाब में भारत ने भी करारा जवाब दिया. पूरे नियंत्रण रेखा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है.
भारत ने कराची पोर्ट को बयाना निशाना
भारत ने पाकिस्तान की लगातार उकसावे वाली हरकतों और सीजफायर उल्लंघनों के जवाब में बड़ा कदम उठाते हुए कराची पोर्ट को निशाना बनाया. कराची बंदरगाह पर कई जोरदार धमाके सुनाई दिए हैं. बताया जा रहा है कि भारत की इस कार्रवाई में कराची पोर्ट को बड़ा नुकसान पहुंचा है. यह जवाबी हमला भारतीय नौसेना की ओर से किया गया.
दिल्ली में तेज रही हलचल
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से किए गए लगातार नाकाम हमलों के बाद राजधानी दिल्ली में रणनीतिक स्तर पर हलचल तेज रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ अहम बैठक की. दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीनों सेना प्रमुखों थलसेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की. माना जा रहा है कि बैठक में पाकिस्तान की उकसावे वाली कार्रवाइयों पर सैन्य प्रतिक्रिया, सीमा पर अलर्ट की स्थिति और आतंकियों के संभावित मूवमेंट्स पर विस्तृत चर्चा हुई.
वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान द्वारा की जा रही लगातार उकसावे वाली हरकतों और संघर्षविराम उल्लंघन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाते हुए भारत का पक्ष स्पष्ट किया. विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मिलकर काम करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता की हम गहराई से सराहना करते हैं. भारत की प्रतिक्रिया सीमा पार आतंकवाद के प्रति सटीक और संतुलित रही है. भारत किसी भी प्रकार के उकसावे या तनाव बढ़ाने की कोशिश का दृढ़ता से मुकाबला करेगा.
विमानन कंपनियों ने जारी की एडवाइजरी
पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच इंडिगो, अकासा और अन्य प्रमुख विमानन कंपनियों ने अपने यात्रियों के लिए सुरक्षा उपायों को लेकर एडवाइजरी जारी की है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ उड़ान मार्गों में परिवर्तन हो सकते हैं. यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे एयरपोर्ट पर कम से कम 3 घंटे पहुंचने की कोशिश करें ताकि चेक-इन और बोर्डिंग की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके.
सपा नेता अबू आज़मी ने पृथ्वीराज चव्हाण के विवादित बयान का समर्थन किया
8 May, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई, 8 मई । महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के विवादित बयान का “पूर्ण समर्थन” किया है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीओके और पाकिस्तान के नौ आतंकवादी ठिकानों को भारतीय सेना ने एयर स्ट्राइक कर तबाह कर दिया। भारतीय सेना ने इस कार्रवाई को नाम दिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’। लेकिन, महाराष्ट्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर “भावनात्मक लाभ” लेने का आरोप लगाया। पृथ्वीराज चव्हाण के विवादित बयान पर अबू आजमी ने कहा, “मेरा उनके बयान को पूर्ण समर्थन है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अबू आजमी ने कहा, “सिर्फ मैं ही नहीं, पूरा देश, 140 करोड़ लोग, पूरा विपक्ष, हर कोई इस बात पर सहमत है कि अगर सरकार आतंकवाद को खत्म करने के लिए कदम उठाती है, तो हम उसका पूरा समर्थन करेंगे। हम सभी अपने सशस्त्र बलों के लिए प्रार्थना करते हैं और उन्हें सलाम करते हैं। जो किया गया है उससे हम बहुत खुश हैं। पाकिस्तान दुश्मन देश है। हमारे यहां निर्दोष लोगों को धर्म पूछकर मारा गया। जिससे धर्म के आधार पर हिन्दू-मुस्लिम आपस में लड़े। अबू आजमी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि हमारी सेना ने आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। लेकिन, हमारी सरकार को उन कश्मीरियों की सराहना भी करनी चाहिए जिन्होंने पहलगाम के आतंकवादी हमले में टूरिस्टों की जान बचाई। लेकिन, हम देखते हैं कि उस आतंकी हमले के बाद से कई शहरों में कश्मीरियों के साथ बुरा बर्ताव हो रहा है, यह रुकना चाहिए। जो लोग इसके पीछे हैं, सरकार को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।”
अबू आजमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की कि देश के अंदर जो मुसलमानों के साथ अत्याचार हो रहा है उसे रोका जाए। मुसलमानों से बदला लिया जा रहा है जो ठीक नहीं है।
कांग्रेस नेता उदित राज की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम पर दिए बयान पर अबू आजमी ने कहा, “मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं।”
"राजनाथ सिंह की चेतावनी: भारत की शांति को कमजोरी न समझे कोई"
8 May, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली, 8 मई । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को पाकिस्तान को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि हमारी सहनशीलता का कोई नाजायज फायदा नहीं उठाए। वरना उसे हमारी क्वालिटी कार्रवाई का सामना करने के लिए भी पूरी तरह तैयार रहना होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ भवन में ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन- 2025’ को संबोधित करते हुए कहा कि हमने हमेशा ही, एक जिम्मेदार राष्ट्र होने का रोल, बड़े संयम से निभाया है। हम लगातार इस बात के पक्षधर रहे हैं कि समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए हो। इसका अर्थ यह नहीं है कि हमारी सहनशीलता का कोई नाजायज फायदा उठाए। यदि कहीं, कोई, हमारे इस संयम का फायदा उठाने की कोशिश करता है, तो उसे कल की तरह ही, ‘क्वालिटी कार्रवाई’ का सामना करने के लिए भी पूरी तरह तैयार रहना होगा।
उन्होंने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि भारत की संप्रभुता की सुरक्षा में, कोई भी हद हमारे लिए बाधा नहीं बनेगी, इसका मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं। ऐसे जिम्मेदार प्रतिक्रियाओं के लिए हम आगे भी पूरी तरह तैयार हैं और यदि हमारी यह तैयारी बनी हुई है, तो इसमें आपका एक बहुत बड़ा रोल है। भारत का यह रक्षा औद्योगिक जगत का विस्तार, भारत को एक अभूतपूर्व संबल प्रदान कर रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ भवन में ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन- 2025’ को संबोधित करते हुए कहा, “पाकिस्तान और पीओके में जिस तरह से हमारे सुरक्षा बलों ने आतंकी ठिकानों को तबाह किया है, वह हम सबके लिए एक गौरव का विषय है। क्वालिटी की क्या भूमिका होती है, यह क्या रोल अदा करती है, इसका नमूना हमने कल देखा। जिस सटीकता के साथ ऑपरेशन ‘सिंदूर’ किया गया, वह अकल्पनीय और सराहनीय है। इसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह हुए और इसमें काफी संख्या में आतंकी मारे गए। जिस तरह से इस ऑपरेशन में निर्दोषों को नुकसान पहुंचाए बिना अंजाम दिया गया, वह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि हमारी सेनाओं के पास बेहतरीन क्वालिटी के हथियार थे।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें भारतीय रक्षा उद्योग को एक मजबूत और विश्वसनीय ब्रांड बनाना है। आज मैं आपसे एक महत्वपूर्ण अपील करने आया हूं। यह अपील है एक मजबूत, विश्व अग्रणी और अत्याधुनिक ‘ब्रांड भारत’ बनाने की है, ताकि जब देशों को दुनिया के रक्षा बाजार में उत्पादों के बारे में संदेह हो, तो वे ‘ब्रांड इंडिया’ को चुनें। जब भी संदेह हो, तो भारत को चुनें, यह हमारी यूएसपी होनी चाहिए।”
धनखड़ बोले – 'PM मोदी ने राजनीति में अपनाया कौटिल्य का व्यावहारिक दर्शन'
8 May, 2025 06:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राचीन भारत के महान राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और रणनीतिकार ‘कौटिल्य’ के दर्शन को व्यवहार में उतारा है।उन्होंने कहा कि कौटिल्य की विचार प्रक्रिया शासन के प्रत्येक पहलू के लिए एक प्रकार का ग्रंथ है, जिसमें शासन कला, सुरक्षा, राजा की भूमिका, जो अब निर्वाचित व्यक्ति है, सबका वर्णन है। बहुध्रुवीय विश्व में बदलते गठजोड़ रातों-रात बदल जाने वाली अवधारणा, गठबंधन के मामले में भी यही देखा जा सकता है। कौटिल्य ने तभी यह कल्पना कर ली थी कि यह हमेशा परिवर्तनकारी रहेगा। उपराष्ट्रपति ने कौटिल्य को उद्धृत करते हुए कहा कि पड़ोसी देश शत्रु होता है और शत्रु का शत्रु मित्र होता है। यह भारत से बेहतर कौन जानता है? हम हमेशा वैश्विक शांति, विश्व बंधुत्व और विश्व कल्याण में विश्वास करते रहे हैं।उन्होंने नई दिल्ली में इंडिया फाउंडेशन के कौटिल्य फेलो के साथ संवाद करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री एक महान दूरदर्शी नेता हैं, जो वृहद स्तर पर काम करने में विश्वास करते हैं। उनका विश्वास व्यापक सकारात्मक बदलाव लाने में है, जो एक दशक के उनके शासन के उपरांत बिल्कुल स्पष्ट दिख रहा है। कई दशकों के लंबे अंतराल के बाद हमारे पास लगातार तीसरे कार्यकाल में भविष्य दृष्टि वाला ऐसा प्रधानमंत्री मौजूद है। सकारात्मक परिवर्तनकारी बदलाव की यही सबसे बड़ी वजह है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि कौटिल्य इस बात पर बहुत बल देते थे कि लोकतंत्र भागीदारी मूलक होनी चाहिए, विकास में भी सबकी भागीदारी होनी चाहिए। कौटिल्य ने राष्ट्र के उत्थान में व्यक्तियों के योगदान पर बहुत बल दिया था। एक राष्ट्र की पहचान शिष्टाचार, अनुशासन से होती है, जो स्वभाव से व्यक्तिपरक होता है। उपराष्ट्रपति ने कौटिल्य को उद्धृत करते हुए कहा कि जिस तरह एक पहिया गाड़ी को अकेले नहीं चला सकता, उसी प्रकार प्रशासन भी एकल रूप से नहीं चलाया जा सकता।उन्होंने इसका उल्लेख किया कि कैसे ये लोकाचार समकालीन शासन में भी परिलक्षित होते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में अभिनव सोच और कार्यव्यवहार वाला प्रशासन है। जब हमारे देश में कुछ जिले उत्कृष्टता मानक पर पिछड़ रहे थे और नौकरशाह भी उन क्षेत्रों में जाने का प्रयास नहीं करते थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने उन जिलों को एक नया नाम दिया, ‘आकांक्षी जिले।’ अब वही ‘आकांक्षी जिले’ विकास में अग्रणी बन गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी को आभास हुआ कि लोग महानगरों की ओर जा रहे हैं तो उन्हें लगा कि द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों को भी आर्थिक गतिविधि का केंद्र बनाना चाहिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी की संरचनात्मक परिकल्पना तैयार कर दी। स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे या परिष्कृत रुचिगत सौंदर्य के संदर्भ में नहीं है। ये निवासियों, उद्यमियों, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सत्ता सीमाओं से परिभाषित होती है। लोकतंत्र तभी विकसित होता है, जब हम सत्ता की सीमाओं के प्रति हमेशा सजग रहते हैं। कौटिल्य के दर्शन में गहराई से उतरने पर हम पाते हैं कि यह सब केवल लोक कल्याण पर केंद्रित है, जो शासन का अमृत है। कौटिल्य ने कहा था कि राजा का सुख उसकी प्रजा के सुख में निहित है। किसी भी लोकतांत्रिक देश के संविधान को देखा जाए तो लोकतांत्रिक शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की अंतर्निहित भावना और उसके सार में यही दर्शन मौजूद है।
संयुक्त राष्ट्र मिशन से ऑपरेशन सिंदूर तक – कर्नल सोफिया की अद्भुत यात्रा
8 May, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय सेना में महिला सैन्य अफसरों के लिए स्थायी कमीशन को मंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020 में कर्नल सोफिया कुरैशी की जमकर तारीफ की थी। कुरैशी उन दो महिला सैन्य अफसरों में शामिल हैं जिन्होंने 'आपरेशन सिंदूर' के बारे में राष्ट्र को संबोधित किया था।
17 फरवरी, 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने वाले अपने ऐतिहासिक फैसले (सचिव, रक्षा मंत्रालय बनाम बबीता पुनिया और अन्य) में कर्नल सोफिया कुरैशी की उपलब्धियों को विशेष रूप से स्वीकार किया था।
केंद्र सरकार के इस तर्क को खारिज करते हुए कि महिला अधिकारी स्थायी कमीशन के लिए अनुपयुक्त हैं। न्यायालय ने कई महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों की अनुकरणीय सेवा पर प्रकाश डाला। बारह नामों में कुरैशी का नाम सबसे पहले लिया गया।
'एक्सरसाइज फोर्स 18' को लीड करने वाली सोफिया पहली महिला
लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी (आर्मी सिग्नल कोर) 'एक्सरसाइज फोर्स 18' नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं, जो भारत द्वारा आयोजित अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभ्यास है। उन्होंने 2006 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान में काम किया। उनका काम संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना था।
गुजरात की बेटी सोफिया के पराक्रम पर सबको गर्व
पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को नष्ट करने वाली भारतीय सेना के आपरेशन सिंदूर का चेहरा बनी गुजरात मूल की कर्नल सोफिया कुरैशी के पिता व दादा भी सेना में रह चुके हैं। उनके माता-पिता ने बेटी पराक्रम पर गर्व जताते हुए कहा कि उसने देश के लिए कुछ किया है। बचपन में सोफिया सेना के पराक्रम की कहानी सुना करती थी, आज खुद पराक्रम कर दिया।
उन्होंने कहा पाकिस्तान गंदा देश है उसका नाम भी लेना पसंद नहीं। भारत को एक अच्छा प्रधानमंत्री मिला है, भारत जल्दी ही पीओजेके भी वापस लेगा। सोफिया के पिता ताजुद्दीन कुरैशी का कहना है कि पढ़ाई के दौरान ही एक दिन सोफिया ने कहा कि सेना में अभी हमारे परिवार से कोई नहीं है तो क्यों नहीं मैं शामिल हो जाऊं।
सोफिया की बहन सायना नेशनल कैडेट कोर एनसीसी में फायरिंग गोल्ड मेडलिस्ट हैं तथा वजन कम होने के कारण वह सेना में नहीं जा सकीं, लेकिन सोफिया का चयन हो गया। पिता कहते हैं, भारत सरकार ने बेटी को एक शानदार मौका दिया, हमारा मकसद पूरा हुआ। बेटी ने देश के लिए कुछ किया, अब गुलाम जम्मू-कश्मीर को भी वापस लाना है। देश को नरेन्द्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला, ऐसा नेता और कहां मिलता है।
पाकिस्तान एक गंदा देश है: सोफिया के पिता
ताज कहते हैं कि हमारा दुश्मन एक गंदा देश है उसका नाम लेना भी ठीक नहीं है। भारत ने उसके खिलाफ जो एक्शन लिया वह उसी के लायक है। मां अलीमा का कहना है कि बेटा हो या बेटी दोनों समान होते हैं, बेटी के पराक्रम से सिर गर्व से ऊंचा हो गया। सोफिया को पिता सेना के पराक्रम की कहानियां सुनाया करते थे आज सोफिया ने खुद एक महान पराक्रम कर बताया।
सोफिया का बेटा समीर वायुसेना में भर्ती की तैयारी कर रहा है, वहीं भतीजी सायरा भी सेना में शामिल होना चाहती है। कर्नल सोफिया की कक्षा पहली से तीसरी तक पढ़ाई मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड स्थित छतरपुर जिले के नौगांव में हुई। उनके ममेरे भाई बंटी सुलेमान आज भी उसी घर में रहते हैं, जहां सोफिया का बचपन बीता। बाद में कर्नल सोफिया की स्कूली शिक्षा वडोदरा के केंद्रीय विद्यालय में हुई, उसके बाद उन्होंने एमएस विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक कर बायोकेमिस्ट्री में स्नात्तकोत्तर किया और पीएचडी में प्रवेश लिया।
वर्ष 1999 में मौका मिला तो पीएचडी अधूरी छोड़ शार्ट सर्विस कमीशन के जरिए सेना में भर्ती हो गईं। जब वह एकेडमी में आईं तो कारगिल युद्ध चल रहा था। 2006 में वह कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के अभियान में शामिल हो चुकी हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भी हिस्सा लिया। आसियान सैन्य दस्ते में वह अकेली महिला अफसर थीं।
हमले के जवाब से लेकर वैश्विक संदेश तक, 36 घंटों में पीएम मोदी का फुल एक्शन
8 May, 2025 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान ने भारत से पंगा लेकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है. उसका क्या हाल होने वाला है, इसका ट्रेलर उसने मंगलवार देर रात देख लिया. पहलगाम हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 ठिकानों पर कार्रवाई की, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. इस अभियान को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. पाकिस्तान कान खोलकर सुन ले कि भारत का ये अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. लश्कर और जैश के आतंकियों को मौत की नींद सुलाने के बाद भी ये ऑपरेशन चलता रहेगा.
ऑपरेशन सिंदूर को मंगलवार रात 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू किया गया. करीब 25 मिनट चली इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के कई ठिकाने तहस नहस हो गए. भारत की ये कार्रवाई सिर्फ ट्रेलर है और पूरी पिक्चर अभी बाकी है.
36 घंटे में क्या-क्या किए पीएम मोदी?
इस ऑपरेशन को 36 घंटे से ज्यादा वक्त हो गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन के समय से ही एक्टिव हैं. वो खुद सेना की कार्रवाई को मॉनिटर कर रहे थे. पाकिस्तान को ट्रेलर दिखाने के बाद उन्होंने NSA अजित डोभाल के साथ बैठक की.
NSA से मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने CCS की बैठक की. इसके बाद पीएम मोदी वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन को संबोधित किए. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा दूसरों से होड़ करने की नहीं है. यह एक साथ ऊंचाई तक पहुंचने की है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जल्द ही एक विशेष जी-20 उपग्रह प्रक्षेपित करेगा जो वैश्विक दक्षिण के लिए उपहार होगा.
कैबिनेट की बैठक
इसी बीच, पीएम मोदी ने कैबिनेट बैठक की, जिसमें उन्होंने सेना की तारीफ की. पीएम मोदी ने बैठक के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन की जानकारी कैबिनेट के साथियों को दी.
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे. कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति विश्वास जताते हुए कहा की पूरा देश उनके साथ है. भारतीय सेना ने तैयारी के अनुसार बिना किसी गलती के कार्रवाई को अंजाम दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना की खूब सराहना की.
पीएम मोदी ने की राष्ट्रपति से मुलाकात
बुधवार को ही पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की. इसकी तस्वीर भी सामने आई. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया. पीएम मोदी पहलगाम आतंकी हमले के बाद एकदम एक्टिव हैं. उन्होंने सऊदी दौरा बीच में छोड़ा. फिर 23 अप्रैल को सीसीएस की बैठक की और पाकिस्तान पर कड़े फैसले लिए.
पहलगाम हमले के बाद ही पीएम मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए सिंधु जल समझौते को रद्द कर दिया था. इसके अलावा राजनयिक संबंधों में कटौती कर दी थी. पाकिस्तान के साथ व्यापार को भी बंद कर दिया गया. पीएम मोदी एक तरफ ये कार्रवाई करते रहे तो दूसरी ओर वह बैठकें भी कर रहे थे.
उन्होंने लगातार सेना के अधिकारी के साथ बैठक की. पाकिस्तान पर एक्शन के लिए उन्हें खुली छूट दी. पीएम मोदी से लाइसेंस मिलने के बाद सेना ने मंगलवार देर रात दिखाया कि वो कैसे पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखा सकती है.
गुजरांवाला में भारतीय ड्रोन गिराने का फर्जी दावा, पाकिस्तान की पोल खुली
8 May, 2025 02:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पाकिस्तान द्वारा भारतीय ड्रोन को गुजरांवाला में गिराने का दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है। प्रेस सूचना ब्यूरो के फैक्ट चेक ने इस दावे को खारिज करते हुए खुलासा किया कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा शेयर की जा रही तस्वीर 2022 की यूक्रेन-रूस युद्ध की है। पाकिस्तानी अकाउंट्स ने दावा किया था कि पाक सेना ने गुजरात के डिंगा गांव झंड पीर के पास एक भारतीय मानव रहित विमान (यूएवी) को गिरा दिया। हालांकि, ब्यूरो ने अपनी जांच में पाया कि यह तस्वीर पुरानी है और इसका भारत-पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है। ब्यूरो ने एक न्यूज रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसकी पुष्टि की, जिसमें यह तस्वीर 2022 में यूक्रेन-रूस संघर्ष के दौरान प्रकाशित हुई थी। पीआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पोस्ट पर लिखा, “क्या यह भारतीय ड्रोन वास्तव में पाकिस्तान में इंटरसेप्ट किया गया? पाकिस्तान आधारित सोशल मीडिया हैंडल्स एक पुरानी तस्वीर साझा कर रहे हैं, जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान सेना ने गुजरांवाला, पाकिस्तान में एक यूएवी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। वायरल हो रही तस्वीर वर्ष 2022 के यूक्रेन-रूस संघर्ष से संबंधित है।” ब्यूरो ने 2022 की एक समाचार रिपोर्ट का लिंक भी पोस्ट में दिया है जो स्पष्ट करती है कि ये तस्वीर यूक्रेन-रूस युद्ध से संबंधित है, न कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष से।ज्ञात हो कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत के सफल आतंकवाद विरोधी हमलों के मद्देनजर, पाकिस्तान सरकार से जुड़े कई मीडिया आउटलेट और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ऑपरेशन से जुड़े तथ्यों को विकृत करने के स्पष्ट प्रयास में भ्रामक और मनगढ़ंत कंटेंट प्रसारित करते हुए बेनकाब किया गया है। बुधवार को, भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के प्रतिशोध में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें काफी लोग हताहत हुए।
यह ऑपरेशन सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई का एक महत्वपूर्ण क्षण था। हमलों के बाद, पाकिस्तान की ओर से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की बाढ़ सी आ गई। इसमें पाकिस्तानी मीडिया हाउस और संबद्ध हैंडल शामिल रहे, जिन्होंने सोशल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर असत्यापित और झूठी कहानियां गढ़ीं। ऐसे ही एक झूठे दावे में बताया गया कि पाकिस्तान ने अमृतसर में एक भारतीय सैन्य अड्डे पर बमबारी की थी। पीआईबी के फैक्ट जांच प्रभाग ने इस गलत सूचना को तुरंत संबोधित किया और अपील की कि असत्यापित जानकारी साझा करने से बचें और सटीक जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। शेयर किया जा रहा वीडियो 2024 में जंगल की आग का है। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी नागरिक का भी वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें उसने पाकिस्तानी सेना की रक्षा प्रणाली में बड़ी खामियों और किसी भी हमले को विफल करने की तैयारी के बारे में खुलकर बात की है। वीडियो में पाकिस्तानी नागरिक कह रहा है कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 24 मिसाइल हमले किए और हैरानी की बात है सारे टारगेट पर जाकर लगे। इंडिया ने अपना टारगेट हासिल कर लिया और हम एक भी मिसाइल को रोक नहीं सके। भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में रातभर अफवाहों का दौर चलता रहा कि हमने भारत के विमान गिरा दिए। कई तस्वीरें वायरल होने लगीं, लेकिन मैंने खुद चेक किया तो पता चला कि सभी फोटो कई महीने पुराने हैं। अंत में हमारी ओर से भारतीय विमानों को गिराने के दावे फेक न्यूज ही साबित हुए। गलत सूचनाओं की बाढ़ के जवाब में, भारत सरकार ने जनता और प्रेस से आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित अपडेट पर विशेष रूप से भरोसा करने का आह्वान दोहराया। अधिकारियों ने असत्यापित या फर्जी खबरों के प्रसार के खतरों के प्रति सचेत रहने की अपील की है।
लखीमपुर हिंसा मामला: आशीष मिश्रा को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, सशर्त जमानत मंजूर
8 May, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत की शर्तों में छूट दी है कि आरोपी प्रत्येक रविवार को लखीमपुर खीरी में रुक सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को राहत देते हुए कहा कि वह शनिवार शाम को लखीमपुर खीरी जा सकता है, लेकिन रविवार शाम तक उसे लखीमपुर खीरी छोड़ना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि इस दौरान आशीष मिश्रा किसी सार्वजनिक मीटिंग में भाग नहीं लेगा और न ही किसी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होगा। आशीष मिश्रा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई थी कि वह अपनी मां और बच्चों से मिल नहीं पाता है। साथ ही वह अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिताना चाहता है। आशीष मिश्रा के वकील ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के जो आरोपी हैं, उनकी जमानत की शर्तों में ऐसा कुछ नहीं है, जबकि वे जमानत के बाद भी लखीमपुर में रह रहे हैं।
इस बीच, यूपी सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि 16 चश्मदीद गवाहों की गवाही हो चुकी है, जबकि कुल 208 गवाह हैं।बता दें कि आरोपी आशीष मिश्रा पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा है। दरअसल, साल 2021 में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल जुलाई में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में दी गई अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदल दिया था।इससे पहले, शीर्ष अदालत ने आशीष मिश्रा की राष्ट्रीय राजधानी में रहने की जमानत की शर्त में थोड़ी ढील दी थी। उन्होंने इस बात पर विचार करते हुए कहा था कि उसकी मां दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उसकी बेटी को भी इलाज की जरूरत है।
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