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ग्लोबल टेररिज्म पर भारत की अगुवाई तय: पीएम मोदी का दो टूक संदेश
13 May, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम हमले के बाद यह दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक समुदाय को संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व करेगा। एक तरह से वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों के मद्देनजर भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहा है और यह आवाज पाकिस्तान द्वारा समर्थित और पोषित आतंकवाद के खिलाफ है। 24 अप्रैल, 2025 को मधुबनी (बिहार) में एक कार्यक्रम में अंग्रेजी में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज बिहार की धरती से मैं पूरी दुनिया से कहता हूं, भारत हर आतंकवादी और उसके आकाओं की पहचान करेगा, उन्हें ढूंढेगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के किसी भी कोने में खदेड़ देंगे।"
'अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो आतंकवाद पर होगी'
12 मई को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का श्रेय भारतीय सेना को दिया और यह भी घोषणा की कि, "मैं विश्व समुदाय को बताना चाहूंगा कि अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो आतंकवाद पर ही होगी।" पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दुनिया को याद दिलाया कि, "बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी अड्डे एक तरह से वैश्विक आतंकवाद के विश्वविद्यालय रहे हैं। अमेरिका में 9 सितंबर की घटना, लंदन मेट्रो में विस्फोट या भारत में दशकों से हो रहे बड़े आतंकी हमलों के तार कहीं न कहीं इन आतंकी ठिकानों से जुड़े हैं।" राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश की क्षमता और धैर्य को हम सभी ने देखा है। मैं सशस्त्र बलों, सेना, खुफिया एजेंसी और वैज्ञानिकों को सलाम करता हूं। राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, "जब भारतीय मिसाइलों और ड्रोन ने पाकिस्तान के उन ठिकानों पर हमला किया, तो न केवल आतंकी संगठनों की इमारतें हिल गईं, बल्कि उनका मनोबल भी डगमगा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी अड्डे वैश्विक आतंकवाद के विश्वविद्यालय थे। दुनिया में हुए सभी बड़े आतंकी हमले, चाहे वह 9/11 हो या भारत में बड़े आतंकी हमले, किसी न किसी तरह इन आतंकी ठिकानों से जुड़े हैं।"
भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जूझ रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी वैश्विक आतंकवाद भारत के लिए ही प्राथमिकता है। अमेरिका वैश्विक व्यापार में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिमी देश रूस से निपटने के तरीके खोजने में लगे हैं। चीन अपने विकास की गति को बनाए रखते हुए वैश्विक प्रभुत्व बढ़ाने में लगा हुआ है। ऐसे में वैश्विक आतंकवाद अन्य प्रमुख शक्तियों के लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। जबकि भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जूझ रहा है। भारत सरकार को लगता है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद विकसित भारत की राह में बड़ी बाधा बनने की क्षमता रखता है। यह सोच और इसे लेकर भारत की स्पष्ट नीति पीएम मोदी के राष्ट्रीय संबोधन में भी दिखाई देती है।
आपको बता दें कि डीजीएमओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि किस तरह सेना ने पाकिस्तान के नापाक इरादों का सामना किया और उसे सबक सिखाया। प्रेस ब्रीफिंग में डीजी एयर ऑपरेशन एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ है। और यह लड़ाई पाकिस्तानी सेना से नहीं, बल्कि उनके आकाओं से है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार बोलेंगे पीएम मोदी, रात 8 बजे देश से करेंगे संवाद
12 May, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी आज रात आठ बजे देश के नाम अपना संदेश देंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम का देस के नाम यह पहला संबोधन होगा। भारत और पाकिस्तान में युद्धविराम लागू है। रक्षा सूत्रों ने सोमवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे अन्य इलाकों में रात शांतिपूर्ण रही। हाल के दिनों में पहली बार किसी भी तरह की घटना की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। इस बीच तीनों सेनाओं के डीजीएमओ ने प्रेस बीफ्रिंग की।
सेना ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ थी, लेकिन पाक सेना ने इसे अपने पर लिया। पाक में जो तबाही हुई, उसकी जिम्मेदार पाक सेना ही है। हमने पाकिस्तानी एयरफील्ड की दुर्दशा की। हमने चीनी मिसाइल को मार गिराया। हमने पाकिस्तान द्वारा भेजे गए तुर्की ड्रोन मार गिराए। हमने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। हम जहां चाहे, जब चाहे हमला कर सकते हैं।
इससे पहले रविवार को सेना ने पाकिस्तान के दावों की पोल खोली थी। सेना ने जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत जो हमारे लक्ष्य थे, वो हासिल कर लिए गए हैं। हमने पाकिस्तान की नापाक हरकत का कई गुना मुंह तोड़ जवाब दिया। सेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के 40 जवान और अफसर मारे गए। इसके अलावा आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए, जिनमें तीन बड़े आतंकी शामिल हैं।
देश की ढाल बनी 'आकाश' मिसाइल, डॉ. रामाराव ने साझा की सफलता की कहानी
12 May, 2025 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान की तरफ से किए गए हवाई हमलों को नाकाम करने में स्वदेशी आकाश मिसाइल डिफेन्स सिस्टम ने एक अहम भूमिका निभाई है. पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को आकाश ने पल भर में ढेर कर दिया. इस बात की ख़बर आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बनाने वाले डॉ प्रहलाद रामाराव को हुई तो उनकी आंखों के खुशी के आंसू बहने लगे. आकाश प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रह चुके पद्मश्री डॉ रामाराव के लिए ये एक भावनात्मक पल था कि उनकी टीम द्वारा बनाया गया ये एयर डिफेन्स सिस्टम देश के काम आ रहा है. उनको खुशी थी कि उनका बनाया गया सिस्टम दुश्मन को नाकों चने चबवा रहा था.
डॉ रामाराव ने आकाश मिसाइल प्रोजेक्ट के बारे में कहा कि 1983 में मुझे इस प्रोग्राम का प्रोजेक्ट डायरेक्टर बनाया गया. य़े एक मुश्किल प्रोजैक्ट था. जब हम ये मिसाइल तैयार कर रहे थे , तो हमने सोचा कि इसमें 4 चीजों का होना बहुत ज़रूरी है, गति , चुस्ती, मारक क्षमता और इंटेलिजेंस. इसलिए इसमें बहुत ध्यान की ज़रुरत पड़ी. शुरुआत में बहुत नाकामियां भी मिली लेकिन डॉ अब्दुल कलाम ने बहुत प्रोत्साहित किया. वो कहा करते थे के चिन्ता मत करो, तुम कर लोगे, हमें विश्वास था के हम एक दिन ज़रूर कामयाब होंगे.
रामाराव ने कहा कि 15 सालों की जद्दोजहद के बाद हमने एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार किया जिसने आज खुद को साबित कर दिया. मैं खुश हूं कि ये एक बड़ी कामयाबी थी और ये बात साबित हुई. ये पहली बार था कि आकाश को युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल किया गया.
ये कैसे काम करती है?
डॉ रामाराव ने बताया कि ये एक Multi target handling- medium range air defence system है. आकाश एक मीडियम रेंज मिसाइल है जो 40 किलोमीटर तक कई टारगेट्स को एक साथ निशाना बना सकती है. इसे बड़े एयरक्राफ्ट और बड़े ड्रोन के लिए बनाया गया है. मुझे विश्वास है कि चाहे जितने भी निशाने हो, कितने भी ड्रोन या जहाज हो, हमारे एयर डिफेंस सिस्टम सबको ध्वस्त कर सकते हैं. हम लोगों ने एक तिहाई कीमत में शानदार मिसाइल बनाई है.
हैदराबाद में प्रोडक्शन, बैंगलोर में बन रहा रडार
डॉ रामाराव ने बताया कि आज हमारे पास 200 इंडस्ट्रीज़ ऐसी हैं जो केवल आकाश मिसाइल के कॉम्पोनेंट और सिस्टम का काम कर रही हैं. हैदराबाद सेंटर में आकाश मिसाइल का प्रदर्शन हो रहा है और बैंगलोर में रडार बन रहा है. आकाश मिसाइल की क्षमता की वजह से हम इसे दो देशों को पहले ही एक्सपोर्ट कर चुके हैं. अब हो सकता है और देश भी खरीदना चाहेंगे.
सही दिशा और नेतृत्व जरूरत
आकाश एक उदाहरण है कि आपकी स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री की क्षमता किसी से कम नहीं है. हमें किसी भी कंपोनेंट के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है. सब कुछ आपके अपने देश में ही है. हम किसी पर भी निर्भर नहीं हैं. हम अपने लोगों के लिए रोजगार भी पैदा कर रहे है. भारत पाकिस्तान के इस CONFLICT में आकाश मिसाइल की सफलता ये बताती है कि भारतीय लोग कुछ भी कर सकते हैं. जरुरत सिर्फ सही दिशा और नेतृत्व की है.
कश्मीर से लेकर गुजरात तक, सीजफायर के बाद स्थिति में स्थिरता
12 May, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालातों से पूरी दुनिया वाकिफ है। 22 अप्रैल से 10 मई के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच जिस तरह की तल्खी, आक्रामकता और माहौल देखने को मिला, अंदाजा लगाया जा रहा था कि किसी भी समय दोनों देश जंग के मैदान में आमने-सामने होंगे, लेकिन 20वें दिन हालात सामान्य हो गए।
गोलाबारी, ड्रोन, मिसाइल अटैक, हवा-पानी और जमीन पर दुश्मनी के बाद दोनों देश संघर्ष विराम के लिए राजी हो गए। जैसे ही सीजफायर की बात हुई भारत में बॉर्डर से सटे राज्यों के लोगों ने राहत की सांस ली। पंजाब, जम्मू कश्मीर, राजस्थान और गुजरात में जिस तरह का सन्नाटा पसर गया था, वह अब चहल-पहल से भर गया है। आइए जानते हैं कि पिछले 24 घंटे में कश्मीर से गुजरात तक हालात कैसे रहे?
जम्मू कश्मीर में खुलने लगी दुकानें
भारत पाकिस्तान बॉर्डर से सटे जम्मू कश्मीर में सोमवार को शांति महसूस हुई। पिछले 24 घंटे से न फायरिंग और गोलाबारी हुई। न ही ड्रोन और मिसाइल नजर आए। हालात पूरी तरह से शांत और स्थिर हैं। रात में ब्लैकआउट भी नहीं हुआ। गांधीनगर, शास्त्री नगर, नरवाल, बक्शी नगर, जानीपुर और रिहाड़ी में हालात सामान्य हैं। दुकानें खुलने लगीं हैं और सड़कों पर भी लोग दिखने लगे हैं।
होटल, ढाबे, मंदिर, गुरुद्वारे भी खुलने लगे हैं। सड़कों पर लोगों की आवाजाह और ट्रैफिक नजर आया। राजौरी, जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर में देररात तक दुकानें खुलीं। अखनूर सेक्टर में सोमवार सुबह हालात सामान्य नजर आए और काफी चहल-पहल भी रही। भारतीय सेना ने आज सुबह एक बयान भी जारी किया, जिसमें बताया गया कि जम्मू-कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में रात काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। किसी भी तरह घटना होने की खबर नहीं है।
बंद किए गए एयरपोर्ट खोले गए
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 15 मई तक बंद किए गए सभी 32 एयरपोर्ट्स आज तत्काल प्रभाव से खोल दिए। आदेशों में कहा गया है कि लोग फ्लाइट अपडेट्स के लिए एयरलाइंस की वेबसाइटों पर नजर रखें और फ्लाइट्स शेड्यूल चेक करें। दिल्ली एयरपोर्ट पर भी फ्लाइटों की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हैंड बैगेज और चेक-इन बैगेज से जुड़ें नियमों का पालन करें। सिक्योरिटी चेकिंग के चलते एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुंचें। एयरलाइंस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मचारियों को सहयोग करें।
पंजाब और राजस्थान में भी हालात सामान्य
पंजाब के पठानकोट में भी आज सुबह दुकानें खुलीं। हालांकि राजस्थान में बॉर्डर से सटे चार जिलों बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर में बीती रात एहतियातन ब्लैकआउट रहा, लेकिन आज सुबह सड़कों पर चहल-पहल दिख रही है। चाय की दुकानों पर सामान्य दिनों की तरह लोग बातचीत करते देखे जा रहे हैं। हालांकि, सावधानी के चलते बॉर्डर के जिलों में स्कूल-कॉलेज आज भी बंद हैं।
भारत-पाक डीजीएमओ वार्ता से पहले सुरक्षा हलचल तेज, पीएम के साथ बड़े अधिकारी शामिल
12 May, 2025 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत-पाकिस्तान में सीजफायर के एलान के बाद बॉर्डर पर शांति है। आज दोनों देशों के डीजीएमओ इस सीजफायर को लेकर बातचीत करेंगे। इससे बातचीत से पहले प्रधानमंत्री आवास पर एक हाई लेवल मीटिंग चल रही है, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
राजनाथ सिंह और डोभाल भी पहुंचे
सीजफायर और डीजीएमओ की बातचीत को लेकर हो रही इस बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पहुंच गए हैं।
डीजीएमओ की आज वार्ता
आज भारत पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच वार्ता होनी है। दोनों अधिकारी सीजफायर को लेकर आज दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर वार्ता करेंगे।
इससे पहले पूर्व एयर वाइस मार्शल एके सिंह ने कहा कि संघर्ष विराम की घोषणा दर्शाती है कि पाकिस्तान ने भारत के सामने सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को रोकने के लिए भारत ने एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग किया। यह उम्मीद से काफी बेहतर दिखा।
सिस्टम की वजह से पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों का कोई असर नहीं हुआ और उसके होश उड़ गए हैं। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें? उसके ड्रोन खिलौने साबित हो रहे थे। भारत ने तो कार्रवाई शुरू ही नहीं की थी। केवल पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे हमलों का थोड़ा-बहुत जवाब दिया जा रहा था। जब आपरेशन होता तो पाकिस्तान 15 दिन के भीतर ही घुटने टेक देता।
भारत पेश करेगा पहलगाम हमले के सबूत, पाकिस्तान की खुलेंगी पोल
12 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आतंकवाद के मुद्दे पर वह घेरा नहीं जा सकता। असल में आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और इस बारे में प्रतिबंध लगाने के लिए गठित 1267 प्रतिबंध समिति की अगले सप्ताह बैठक होने वाली है।
उसमें भारत पहलगाम हमले से संबंधित पक्के सुबूत पेश करेगा। समिति में हिस्सा लेने के लिए भारत का एक विशेष दल अगले सप्ताह रवाना होगा। यह समिति पहले भी कई बार पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रतिबंध की सफल सिफारिश कर चुकी है।
पाकिस्तान की कलई खोलने का जारी रहेगा काम
सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान सरकार की तरफ से आतंकवाद को अपनी राष्ट्रनीति का हिस्सा बनाने की कलई खोलने का काम लगातार जारी रहेगा। पहलगाम हमले के बाद भी पाकिस्तान ने जिस तरह आतंकवाद का समर्थन किया है, वह पूरी दुनिया के सामने है।
भारत की तरफ से की गई कार्रवाई में मारे गए आतंकवादियों का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार करने से लेकर इनके जनाजे में पाक सेना के शीर्ष अधिकारियों का हिस्सा लेना इसका उदाहरण है कि पाकिस्तान सेना और आतंकियों का संबंध किस तरह का है।
टीआरएफ के बारे में भी जिक्र करेगा भारत
इसी क्रम में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की तरफ से वहां की संसद में जिस तरह से द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का जिक्र किया गया, भारत यह भी बताएगा। संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में पारित प्रस्ताव से टीआरएफ का नाम हटाने के लिए पाक ने सफल कोशिश की थी। इसका जिक्र विदेश मंत्री डार ने किया था, जबकि टीआरएफ ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली हुई है। यह लश्कर-ए-तैयबा का नया मुखौटा संगठन है।
भारत ने पहले भी UN को दी है टीआरएफ के बारे में जानकारी
इस बारे में भारत सब कुछ सुबूत समेत 1267 समिति की बैठक में रखेगा। पाकिस्तान अपने मित्र देश चीन की मदद से टीआरएफ का नाम संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची से हटाने में सफल रहा है। भारत ने विगत एक वर्ष के दौरान कई बार संयुक्त राष्ट्र को टीआरएफ के बारे में जानकारी दी है। पहलगाम हमले के बाद भारत के पास इस संगठन के साथ ही पाकिस्तान की पोल खोलने का एक और अवसर है।
90 मिनट की रणनीति ने बदला समीकरण, ऑपरेशन सिंदूर की बड़ी सफलता
12 May, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय सेना के संयुक्त प्रयास से आपरेशन सिंदूर ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। महज 90 मिनट में पाकिस्तान की धरती पर स्थित 11 एयरबेस को तबाह कर दिया गया। यह सब एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था, जिसने भारत की शक्ति को विश्व के समक्ष पेश किया।
भाजपा ने इस उपलब्धि को सराहा है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस हमले को लेकर इंटरनेट मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेस पर 90 मिनट तक सटीक हमले किए, जिससे पाकिस्तान की हवाई क्षमता को भारी क्षति पहुंची। इन हमलों ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता की कमर तोड़ दी।
इन पाकिस्तानी एयर बेस को बनाया गया निशाना
भारतीय सेना ने इस हमले में नूर खान/चकलाला एयरबेस (रावलपिंडी), पीएएफ बेस रफीकी (शोरकोट), मुरीद एयरबेस (पंजाब), सुक्कुर एयरबेस (सिंध), सियालकोट एयरबेस (पूर्वी पंजाब), पसरूर एयरस्टि्रप (पंजाब), चुनियन (रडार/सपोर्ट इंस्टालेशन), सरगोधा एयरबेस (मुशफ बेस), स्कार्दू एयरबेस (गिलगित-बाल्टिस्तान), भोलारी एयरबेस (कराची के पास) और जैकोबाबाद एयरबेस (सिंध-बलूचिस्तान) को बड़ा नुकसान पहुंचाया। नूर खान एयरबेस पर भारत के हमले से पाकिस्तानीह वायु सेना और इसकी ऑपरेशनल यूनिट्स के बीच महत्वपूर्ण संबंध टूट गए।
अगले 48 घंटे रहेंगे चुनौतीपूर्ण, लू और गर्मी से बचाव जरूरी – IMD
12 May, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली NCR समेत देशभर में मौसम का मिजाज बदल चुका है। देश के कई राज्यों में बारिश के बाद उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी कुछ राज्यों में बारिश का अनुमान है। लेकिन बारिश के बाद भयंकर गर्मी पड़ने की संभवाना है। IMD ने मौसम को लेकर लेटेस्ट अपडेट जारी किया है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने का अनुमान है। दिन भर में अगले दो दिन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। रविवार को दिन में तेज धूप रही तो वहीं रात में मौसम सामान्य रहा।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक, 12 से 14 मई तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा और कुछ दिनों तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यूपी के लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर,आगरा, फैजाबाद, बरेली, आजमगढ़, अलीगढ़ में भीषण गर्मी के आसार बताए जा रहे हैं
वहीं बताया जा रहा है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश का अनुमान
गुजरात और महाराष्ट्र में भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। गुजरात में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं (15-25 किमी/घंटा) होने की संभावना है। अहमदाबाद में अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रह सकता है।
वहीं बिहार के मौसम की अगर बात करें तो बिहार में अधिकतम तापमान 40-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पटना में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहेगा।
पश्चिम बंगाल में भी लू जारी रहेगी
पश्चिम बंगाल, विशेष रूप से उत्तरी क्षेत्रों में, लू का प्रभाव जारी रहेगा। कोलकाता में अधिकतम तापमान 40 डिग्री जा सकता और न्यूनतम 28 डिग्री रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में पड़ेगी गर्मी
वहीं मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं तेज धूप तो कहीं अचानक बादल और बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। बताया जा रहा है अगले 5 दिन मध्य प्रदेश के कुछ राज्यों में तेज गर्मी के आसार है।
खुफिया एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता, जम्मू-कश्मीर में स्लीपर सेल का नेटवर्क उजागर
11 May, 2025 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है. इस बीच राज्य जांच एजेंसी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने दक्षिण कश्मीर में 20 स्थानों पर छापेमारी कर स्लीपर सेल मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक चीजें बरामद की गई है. साथ ही कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.
राज्य जांच एजेंसी एसआईए ने एक विज्ञप्ति में बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस कश्मीर में काम कर रहे आतंकी सहयोगियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) पर नजर रख रही है. तकनीकी खुफिया जानकारी से पता चला है कि कश्मीर में कई स्लीपर सेल पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के सीधे संपर्क में थे और सुरक्षा बलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के बारे में संवेदनशील और रणनीतिक जानकारी को मैसेजिंग ऐप जैसे कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल आदि के जरिए पहुंचाने में शामिल थे. बताया जा रहा है कि ये आतंकी सहयोगी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी कमांडरों के इशारे पर ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार में भी शामिल थे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को खतरा था.
20 जगहों पर छापेमारी, आपत्तिजनक सामग्री जब्त
एसआईए ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के सभी जिलों में लगभग 20 स्थानों पर छापेमारी की है. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है और संदिग्धों पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये संस्थाएं आतंकवादी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल हैं और भारत विरोधी गतिविधियों का प्रचार और प्रसार कर रही हैं, जिसका मकसद न केवल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देना है, बल्कि असंतोष, सार्वजनिक अव्यवस्था और सांप्रदायिक घृणा को भड़काना भी है.
भारत ने लिया पहलगाम हमले का बदला
कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए उनप हमला कर दिया था. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. दहशतगर्दों की इस कायराना हरकत ने देशभर को झकझोर कर रख दिया था. हर कोई आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा था. दिस के बाद भारत सरकार नेपाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था और ऑपरेशन सिंदीर के तहत पाकिस्तान और पीओके में हमला कर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता! NYT का दावा - अमेरिका ने परमाणु आशंका के चलते भारत-पाक को रोका
11 May, 2025 02:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत-पाकिस्तान युद्ध पर अभी संशय बरकरार है. शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्तता के बाद भारत और पाकिस्तान ने सीजफायर यानी संघर्ष विराम का ऐलान किया था. अमेरिकी की मध्यस्तता के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया कहा था, इस सीजफायर को लेकर अमेरिका के प्रतिष्ठत न्यूज नेटवर्क न्यूर्याक टाईम्स (NYT) ने एक बड़ा दावा किया है.
NYT ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि शुरूआत में अमेरिका की भारत-पाकिस्तान युद्ध में को दिलचस्पी नहीं थी. जिसके तहत अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कई न्यूज इटरव्यूज में स्पष्ट कर चुके थे कि उस लड़ाई में अमेरिका का कोई काम नहीं है. बस अमेरिका युद्ध रोकने के लिए दोनों को सुझाव दे सकता है और ये अमेरिकी की लड़ाई नहीं है, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस बयान के 24 घंटे के बाद भी दक्षिण एशिया में परमाणु विस्फोट की आंशका के चलते ट्रंप प्रशासन को इस युद्ध में मध्यस्तता के लिए उतरना पड़ा.
रावलपिंंडी एयरबेस पर हमले से ‘बिगड़ी बात’? यहीं पाक के परमाणु बम
NYT ने अपनी रिपाेर्ट में लिखा है कि भारत और पाकिस्तानी वायु सेना के बीच हवाई जंग शुरू हो गई थी. जिसके तहत पाकिस्तान ने अपनी हवाई ताकत का प्रदर्शन करने के लिए 300 से 400 ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में भेजे, लेकिन इस पूरे मामले में शुक्रवार को दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पाकिस्तान के रावलपिंंडी स्थित नूरखान एयर बेस पर विस्फोट हुआ, जो इस्लामाबाद से सटा हुआ एक छावनी शहर है.
न्यूज नेटवर्क अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि ये पाकिस्तान का महत्वपूर्ण एयरबेस है, जो पाकिस्तानी विमानों को फ्यूल सप्लाई करता है. तो वहीं ये क्षेत्र पाकिस्तान के उस सेंटर के पास भी स्थित है, जो परमाणु डिपो की देखरेख और सुरक्षा करता है, जिसमें लगभग 170 परमाणु बम होने का दावा न्यूज नेटवर्क ने किया है. नेटवर्क ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन को युद्ध में हस्तक्षेप करने के लिए प्रेरित किया.
पाकिस्तान को भारत की चेतावनी ?
NYT अपनी रिपोर्ट पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से परिचित एक पूर्व अधिकारी के हवाले से लिखता है कि नूर खान एयरबेस पर मिसाइल अटैक को चेतावनी के तौर पर देखा जा सकता है कि भारत ऐसा कर सकता है. वहीं पूर्व अधिकारी ने कहा कि वहीं पाकिस्तान को अपने परमाणु कमान प्राधिकरण के कमजोर होने का भी डर है. वहीं न्यूज नेटवर्क ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल कमांड अथॉरिटी की बैठक बुलाई थी, जो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कैसे और कब करना है, इस बारे में निर्णय लेने वाला छोटा समूह है. इसके नाममात्र के अध्यक्ष पाकिस्तान के पीएम होते हैं.
ट्रंप ने वेंस से करवाया पीएम मोदी को फोन
NYT की रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले के बाद अमेरिकी प्रशासन ने संभावित परमाणु शक्तियों के टकराव को कम करने की कोशिश की. साथ ही पेंटागन ने पाया कि संघर्ष विराम के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के हस्तक्षेप का बहुत कम प्रभाव पड़ा था. तो वहींट्रंप प्रशासन भी चिंतित था कि तनाव कम करने के संदेश दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंच रहे थे.
ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने फैसला लिया कि उपराष्ट्रपति जेंडी वेंस (उनकी पत्नी उषा के माता-पिता भारतीय अप्रवासी हैं, जो अपनी पत्नी के साथ भारत की यात्रा से कुछ हफ़्ते पहले लौटे थे) को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करना चाहिए. इस पर वेंस ने फोन कर पीएम मोदी से फोन पर बातचीत पर हमलों के विकप्लों पर विचार करने का अनुरोध किया था. साथ ही उन्होंने कहा कि इसका विकल्प एक संभावित ऑफ रैम्प भी शामिल है, जो पाकिस्तान को स्वीकार्य होगा. न्यूज नेटवर्क लिखता है कि पीएम मोदी ने उनकी बात सुनी, लेकिन किसी भी विचार पर अपनी प्रतिबद्धता नहीं जताई.
पद्म श्री से सम्मानित ICAR के पूर्व डीजी कावेरी नदी में मृत पाए गए, हत्या या आत्महत्या
11 May, 2025 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक के श्रीरंगपटना, मांड्या के पास कावेरी नदी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व महानिदेशक और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित सुब्बन्ना अय्यप्पन का शव मिला है. पुलिस ने बताया कि लोगों ने शनिवार को उनका शव नदी में तैरता हुआ देखा और उसे बाहर निकाल लिया. 70 वर्षीय सुब्बन्ना अय्यप्पन एक कृषि और मत्स्य पालन (Aquaculture) वैज्ञानिक थे.
सुब्बन्ना अय्यप्पन ICAR का नेतृत्व करने वाले पहले गैर-फसल वैज्ञानिक थे. पुलिस के मुताबिक उनका स्कूटर भी नदी के किनारे मिला है. पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और उनकी मौत की क्या वजह थी. इसका पता लगाने की कोशिश कर रही है.सुब्बन्ना अय्यप्पन मैसूर के विश्वेश्वर नगर औद्योगिक क्षेत्र के रहने वाले थे.
‘नीली क्रांति’ में निभा चुके अहम भूमिका
सुब्बन्ना अय्यप्पन के परिवार वालों ने मैसूर के विद्यारण्यपुरम पुलिस स्टेशन में उनको लेकर शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 7 मई से लापता हैं. पुलिस ने बताया कि वह श्रीरंगपटना में कावेरी नदी के तट पर स्थित साईं बाबा आश्रम में अक्सर ध्यान किया करते थे. भारत की ‘नीली क्रांति’ में अहम भूमिका निभाने वाले सुब्बन्ना अय्यप्पन के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं., जिनका उनकी मौत के बाद रो-रोकर बुरा हाल है.
आत्महत्या की आशंका जताई जा रही
जहां पर सुब्बन्ना अय्यप्पन का शव मिला. वह मैसूर से करीबन 200 मीटर दूर है. अब पुलिस उनकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच में जुटी है. पुलिस श्रीरंगपटना में भी उनकी लोकेशन ट्रैक करके ही पहुंची थी. सुब्बन्ना अय्यप्पन के शव को अब पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. शुरुआती तौर पर कहा जा रहा है कि सुब्बन्ना अय्यप्पन ने नदी में छलांग लगाई होगी और आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है.
2022 में पद्मश्री से किया गया था सम्मानित
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इसके बाद मौत के असल कारण का पता चल सकेगा. उन्होंने ICAR में 2016 तक काम किया था. इस दौरान साल 2013 में उन्हें राज्योत्सव अवॉर्ड से भी नवाजा गया था. इसके बाद तीन साल पहले साल 2022 में उन्हें पद्मश्री से भी भारत सरकार ने सम्मानित किया था.
सीजफायर के बाद PM मोदी की हाईलेवल मीटिंग
11 May, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत-पाकिस्तान के बीच शनिवार को हुए सीजफायर के बाद रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आवास पर हाईलेवल मीटिंग ले रहे हैं। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, एनएसए अजीत डोभाल साथ ही आईबी और रॉ के चीफ मौजूद हैं।
उधर, बॉर्डर से लगे राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह हालात सामान्य दिखाई दिए। सरकार ने जम्मू-कश्मीर के रामबन में बगलिहार और सालार डैम के गेट खोल दिए।
पाकिस्तान ने शनिवार शाम 5 बजे सीजफायर लागू होने के 3 घंटे बाद ही इसे तोड़ दिया था। जम्मू-कश्मीर, गुजरात, राजस्थान और पंजाब में ड्रोन अटैक किए, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। ये जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने रात 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने सीजफायर पर सहमति के बाद फिर इसका उल्लंघन किया। भारतीय सेना को इस पर सख्त और ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कुछ समय बाद पाकिस्तान की ओर से फायरिंग और ड्रोन अटैक रोक दिया गया। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब के पाकिस्तान बॉर्डर से सटे कई इलाकों में अभी भी रेड अलर्ट है। कई जिलों में रातभर ब्लैकआउट रहा।
पहलगाम हमले के दिन 22 अप्रैल से 10 मई तक पाकिस्तान की गोलीबारी में 5 जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि 60 घायल हैं। इसके अलावा 25 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा घायल हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर महिला ने शेयर किया विवादित पोस्ट, मुंबई पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
11 May, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । मुंबई पुलिस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की आलोचना करने पर एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही पुलिस ने महिला को नोटिस भी भेजा है।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की आलोचना करने पर मुंबई के मालवणी पुलिस स्टेशन ने एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालवणी पुलिस ने महिला सलमा रफीक खान (उम्र 40) के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उसे नोटिस भी भेजा है।
बता दें कि महिला सलमा रफीक खान मुंबई के मलाड इलाके में स्थित मालवणी में ब्यूटी पार्लर भी चलाती है। महिला पर आरोप है कि उसने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित विवादित पोस्ट शेयर की थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विवादित पोस्ट शेयर करते हुए महिला ने लिखा था कि जब सरकारें बिना सोचे-समझे फैसले लेती हैं, तो दोनों तरफ के निर्दोष लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। इस पोस्ट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में एक अश्लील शब्द का भी जिक्र किया गया था।
इस विवादित पोस्ट की जानकारी मिलने पर मालवणी पुलिस ने महिला के खिलाफ कार्रवाई की। मालवणी पुलिस ने महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 353 और आईटी एक्ट के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर हमलों कर उन्हें तबाह कर दिया था।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन को लेकर बताया था, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है। पीओजेके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।”
भारत-पाक ने मिलकर लिया युद्ध विराम का फैसला; 12 मई को फिर होगी दोनों देशों के बीच बातचीत
10 May, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला सीधे तौर पर दोनों देशों के बीच हुआ है। भारत-पाकिस्तान ने मिलकर संघर्ष विराम का फैसला किया है। अब 12 मई को दोनों देश एक बार फिर इस मुद्दे पर बात करेंगे।
दोनों देशों के DGMO के बीच बातचीत
भारत ने बताया कि शनिवार दोपहर को पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने फोन कॉल की पहल की। इसके बाद चर्चा और सहमति बनी। पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO से बात की है।
तत्काल प्रभाव से रोका गया संघर्ष विराम
बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा संघर्ष तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि शनिवार शाम 5 बजे के बाद दोनों देशों के बीच कोई लड़ाई नहीं होगी।
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया
इस बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान भी सामने आया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारत और पाकिस्तान आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हो गए हैं। भारत ने लगातार आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ कड़ा और अटल रुख अपनाया है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
इस मुद्दे पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार का बयान सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डार ने कहा, 'पाकिस्तान और भारत तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमत हो गए हैं। पाकिस्तान ने हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।'
राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत यूट्यूब ने बांग्लादेशी चैनलों पर कसा शिकंजा
10 May, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। भारत सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित चिंताओं का हवाला देते हुए किए गए अनुरोध के बाद यूट्यूब ने भारत में कम से कम छह बांग्लादेशी टेलीविजन चैनलों की पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है। भारत में जिन छह बांग्लादेशी टेलीविजन समाचार चैनलों को ब्लॉक किया गया है, वे हैं जमुना टीवी, एकत्तोर टीवी, डीबीसी न्यूज, समय टीवी, बांग्ला विजन न्यूज और मोहना टीवी।
चैनलों पर प्रतिबंध की प्रक्रिया
शुक्रवार को चार चैनल अवरुद्ध हो गए थे, जबकि शनिवार को डीबीसी न्यूज और समय टीवी को ब्लॉक सूची में जोड़ा गया। जियो-ब्लॉकिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग उपयोगकर्ता के भौगोलिक स्थान के आधार पर ऑनलाइन सामग्री को प्रतिबंधित करने के लिए किया जाता है।
अन्य देशों के खिलाफ कार्रवाई
बांग्लादेशी टीवी समाचार चैनल वैश्विक रूप से उपलब्ध हैं। भारत सरकार ने पहले भी पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की है, जो कथित रूप से उत्तेजक या भ्रामक सामग्री फैला रहे थे। इस बीच, बांग्लादेशी प्रेस अंतरिम सरकार के तहत व्यवस्थित और संगठित दमन का सामना कर रहा है, जिसका नेतृत्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं।
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