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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री जयशंकर से की मुलाकात
11 Oct, 2025 05:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को भारत (India) में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर (Ambassador Sergio Gor) से मुलाकात की. सर्जियो गौर हाल ही में सीनेट से पुष्टि के बाद छह दिवसीय दौरे (Six-day Tour) पर नई दिल्ली आए हैं.
अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुशी जताई है. एस. जयशंकर ने शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में जयशंकर ने कहा, ‘आज नई दिल्ली में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात कर खुशी हुई. उनसे मुलाकात के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों के साथ उनके वैश्विक महत्व को लेकर भी चर्चा हुई और उन्हें उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी.’
अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिक, गोर के साथ मैनेजमेंट और रिसोर्सेज के डिप्टी सेक्रेटरी माइकल जे. रिगास भी नई दिल्ली के दौरे पर आए हैं. उनका यह दौरा 9 से 14 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा. सर्जियो गोर की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और अमेरिका रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं. दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और तकनीक और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं.
अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, सर्जियो गोर हाल ही में भारत पहुचे हैं और वे कुछ समय के बाद औपचारिक रूप से अपने क्रिडेशियल्स को भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष पेश करेंगे.
बंगाल में फिर से मेडिकल स्टूडेंट को हैवानों ने नोचा, फ्रेंड के साथ डिनर के लिए गई थीं बाहर, जांच में जुटी पुलिस
11 Oct, 2025 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुर्गापुर। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ शुक्रवार रात सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। ओडिशा की रहने वाली यह छात्रा अपने सपनों को सच करने के लिए पढ़ाई कर रही थी, लेकिन उसकी जिंदगी में यह भयावह रात एक काला अध्याय बनकर आ गई। इस घटना ने एक बार फिर बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, यह घटना रात करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच हुई. ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली दूसरी साल की मेडिकल छात्रा अपनी एक सहेली के साथ कॉलेज कैंपस के पास खाना खाने निकली थी। दोनों एक सुनसान इलाके में पहुंचे ही थे कि तीन अज्ञात लोग वहां आए। सहेली डरकर भाग गई और छात्रा अकेली रह गई. हमलावरों ने उसका फोन छीन लिया और उसे जबरन कैंपस के पास जंगल में ले गए। वहां उसके साथ दरिंदगी की गई। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. साथ ही, फोन वापस करने के लिए पैसे भी मांगे।
पीड़िता की हालत
छात्रा ने किसी तरह अपने दोस्तों से संपर्क किया, जिन्होंने उसके माता-पिता को सूचना दी. शनिवार सुबह माता-पिता दुर्गापुर पहुंचे और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज की। पीड़िता का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बताई जा रही है। माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ रात 10 बजे के आसपास यह जघन्य अपराध हुआ। मां ने रोते हुए कहा, “हमारी बेटी पढ़ाई के लिए घर से इतनी दूर आई थी, लेकिन अब ये क्या हो गया?”
क्या कर रही है बंगाल पुलिस?
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और उसकी सहेली से भी पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और एक फोरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच करेगी। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है। एनसीडब्ल्यू की सदस्य अर्चना मजूमदार जल्द ही पीड़िता और उसके परिवार से मिलने दुर्गापुर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा, “बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस की निष्क्रियता चिंता का विषय है।”
बंगाल में क्यों बढ़ रहे हैं अपराध?
यह घटना उस समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही एक भाजपा महिला सांसद पर हमला हुआ था। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी कमजोर क्यों है? स्वास्थ्य विभाग ने भी कॉलेज प्रशासन से तुरंत रिपोर्ट मांगी है और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। लेकिन सवाल वही है कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
दरिंदों ने दबोचा, खींचकर जंगल में ले गए; दुर्गापुर में मेडिकल कॉलेज की छात्रा से रेप
11 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुर्गापुर। दुर्गापुर (Durgapur) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Private Medical College Hospital) में सेकेंड ईयर की एक दूसरे राज्य की मेडिकल छात्रा (Student) के साथ कथित दुष्कर्म (Rape) का आरोप लगा है। शुक्रवार रात हुई इस घटना से इस्पात नगरी दुर्गापुर में व्यापक आक्रोश और तनाव फैल गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद दुर्गापुर न्यू टाउनशिप थाना पुलिस (New Township Police Station) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर मिलते ही ओडिशा के जलेश्वर से छात्रा के पिता और परिवार के सदस्य तुरंत दुर्गापुर पहुंचे। वहीं इस मुद्दे पर अब राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा मुखर हो गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे, मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सेकेंड ईयर की छात्रा अपने साथ पढ़नेवाले छात्र के साथ खाना खाने के लिए कैंपस से बाहर निकली थी। आरोप है कि कुछ देर बाद, उसका सहपाठी वहां आया और उसे बचाकर कॉलेज वापस ले आया। उसी समय 5 युवक वहां आए और दोनों को रोक लिया। उन्होंने मेडिकल छात्रा से पैसे की मांग की। पैसे न देने पर उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया। इसी बीच, छात्रा के साथ मौजूद उसका साथी वहां से चला गया।
इसके बाद, युवक छात्रा को जबरन सड़क से खींचकर पास के जंगल में ले गए, जहां कथित तौर पर एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद, उसका सहपाठी वहां आया और उसे बचाकर कॉलेज वापस ले आया। तुरंत छात्रा को उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी न्यू टाउनशिप थाने को दी। पीड़िता के सहपाठी ने फोन करके उसके परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य रात में ही दुर्गापुर पहुंच गए और अस्पताल में अपनी बेटी से मुलाकात की।
पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने उस सहपाठी छात्र की भूमिका पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है, जिसके साथ उनकी बेटी कैंपस से बाहर गई थी। उनका दावा है कि घटना के समय छात्र ने अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश नहीं की और मौके से भाग गया था। घटना की जानकारी मिलते ही न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची। हालांकि, इस मामले पर पुलिस या मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की है। पुलिस ने केवल यह बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। जिस सहपाठी छात्र के साथ छात्रा अस्पताल के बाहर गई थी, उससे पुलिस पूछताछ कर रही है।
शनिवार को पीड़िता के पिता ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने अपनी बेटी को डॉक्टरी पढ़ने के लिए दुर्गापुर भेजा था। उसके साथ इस तरह का जघन्य कृत्य होगा, यह मैंने कभी नहीं सोचा था। वर्तमान हालात को देखते हुए मैं अपनी बेटी को अब यहां आगे नहीं पढ़ाऊंगा।”
सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी पर हाई कोर्ट का आदेश, कहा- आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू करें
11 Oct, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) ने शुक्रवार को राज्य पुलिस को आदेश दिया कि वह सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) के चौखट या लिंटर से सोने (Gold) की हेराफेरी को लेकर आपराधिक केस दर्ज (criminal cases) कर जांच शुरू करे। जस्टिस राजा विजयराघवन वी. और जस्टिस के. वी. जयकुमार की पीठ ने कहा, ‘अब तक की गई जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि जहां तक चौखट का संबंध है, सोने की हेराफेरी की गई है। हमारे समक्ष पेश सतर्कता रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि काफी मात्रा में सोना लगभग 474.9 ग्राम – उन्नीकृष्णन पोट्टी (सोने की परत चढ़ाने का प्रस्ताव देने वाले प्रायोजक) को सौंपा गया था।’ हालांकि, रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता कि सोने की यह मात्रा त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) को सौंपी थी।
पीठ ने अपनी ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) को चौखट मुद्दे के साथ-साथ जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य सभी पहलुओं की भी पड़ताल करने का निर्देश दिया। इसने कहा कि सतर्कता रिपोर्ट त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के समक्ष रखी जाए, जिसे उसे राज्य पुलिस प्रमुख को भेजने का आदेश दिया गया। राज्य पुलिस प्रमुख को एडीजीपी (अपराध शाखा और कानून व्यवस्था) एच. वेंकटेश को इस मामले के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने का निर्देश देने के लिए कहा गया।
SIT को निष्पक्ष जांच करने का निर्देश
9 अक्टूबर को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, एडीजीपी वेंकटेश एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं। पीठ ने एसआईटी को पूरी तरह से निष्पक्ष और त्वरित जांच करने का निर्देश दिया ताकि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके। SIT को 6 सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट दाखिल करने और हर 2 सप्ताह में एक बार अदालत के समक्ष जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया गया। पीठ ने यह भी कहा कि SIT अदालत के प्रति सीधे जवाबदेह होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच अत्यंत विवेक और ईमानदारी के साथ की जाए। एसआईटी को यह भी निर्देश दिया गया कि जांच पूरी होने तक वह जांच का विवरण जनता या मीडिया को नहीं बताए।
बेंगलुरु में रोबोट की मदद से चमत्कार, 90 साल के बुजुर्ग को गाल ब्लैडर का ऑपरेशन कर मिला जीवनदान
11 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बुजुर्गों (Elderly people) की सर्जरी (surgery) करना मेडिकल साइंस (Medical Science) के लिए बड़ी चुनौती मानी जाती है। वह भी अगर किसी की उम्र 90 के आसपास पहुंच गई हो तो अकसर डॉक्टर सर्जरी करने को तैयार नहीं होते। वहीं बेंगलुरु में रोबोट (Robot) की मदद से चमत्कार ही हो गया। यहां 90 साल के रामारेतिनाम संथानम की सफल सर्जरी की गई और वह अब एकदम स्वस्थ हैं। इतनी ज्यादा उम्र में ऑपरेशन करने के बाद किसी के स्वस्थ होने का यह अनोखा मामला है।
जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग को पेट के ऊपरी हिस्से में जबरदस्त दर्द और उल्टियों की वजह से अस्पताल लाया गया था। उनकी हालत बिगड़ती ही जा रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनके गालब्लैडर में ब्लड की सप्लाई रुक गई और इस वजह से ऊतक लगातार मर रहे हैं। इसी वजह से गालब्लैडर में कई पथरियां बन गई हैं। डॉक्टरों ने कहा कि अगर तत्काल सर्जरी नहीं की गई तो उनकी मौत भी हो सकती है।
इसके बाद रोबोटिक और जनरल सर्जन डॉ. जावेद हुसैन ने उनकी सर्जरी करने का फैसला किया। 90 साल की उम्र और दिल की बीमारियों के चलते रिस्क और भी ज्यादा था। बुजुर्ग को ती बना स्टेंट पड़ चुके थे। डॉ. ने एडवांस दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम के जरिए ऑपरेशन किया। इसमें कार्डियक टीम भी पूरी मदद में लगी हुई थी।
डॉक्टर जावेद ने ब ताया. इस उम्र में कोई भी मेडिकल प्रक्रिया बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। हालांकि तकनीक की वजह से काफी मदद मिलती है। दा विंची रोबोट ने ऑपरेशन में सफाई और नियंत्रण का काम किया। इसके बाद गालब्लैडर को बाहर निकाल दिया गया। बुजुर्ग को ज्यादा ब्लीडिंग भी नहीं हुई। दो दिन के बाद ही वह खतरे से बाहर आ गए और हंसने-बोलने लगे।
75 साल के दूल्हे संग की शादी, फिर करवाचौथ पर व्रत भी रखा… गजब की लव स्टोरी
11 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर: प्यार (Love) तो कभी भी, कहीं भी और किसी भी उम्र में हो सकता है. ऐसी बानगी देखने को मिली छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) में. यहां 75 साल के दूल्हे (Grooms) ने 45 साल की दुल्हनिया संग लव मैरिज की. दोनों ने करवा चौथ (Karva Chauth) से एक दिन पहले 7 फेरे लिए और एक साथ जीने-मरने की कसमें खाईं. शादी में चार चांद तब लग गए, जब अगले दिन नई नवेली दुल्हन (Newlywed Bride) ने अपने बुजुर्ग दूल्हे के लिए करवा चौथ का व्रत रखा.
ये शादी हर कहीं चर्चा का विषय बनी हुई है. शादी के दौरान पूरे मोहल्लेवासी बाराती बने. बाकायदा बाजे गाजे के साथ नाच गाकर विधि विधान से शादी कराई. बुजुर्ग पहले से शादीशुदा था. लेकिन उसकी पत्नी की कई साल पहले मौत हो चुकी है. महिला की भी ये दूसरी शादी है. पहला पति नशे में मारपीट करता था, इसलिए 10 साल पहले उसे छोड़ दिया था.
ये अजब-गजब लव स्टोरी सरकंडा के चिंगराजपारा अटल आवास क्षेत्र की है. यहां मजदूरी का काम करने वाले 75 साल के दादू राम गंधर्व का दिल मोहल्ले के ही रहने वाली आरती त्रिवेदी (45) पर आ गया. आरती ने भी दादू राम के प्यार को स्वीकार किया. प्यार परवान चढ़ा, तो दोनों ने शादी कर साथ में जीवन बिताने का फैसला लिया. फैसले को हकीकत में बदलने का दिन आया, तो गुरुवार की रात दोनों ने पूरे विधि विधान से शादी की.
खास बात यह रही कि इस अनोखे प्रेम विवाह का गवाह पूरा मोहल्ला बना. बाजे-गाजे और नाच-गाने के साथ मोहल्ले के लोग शादी में शामिल हुए और दोनों को नवविवाहित जीवन की बधाई दी. यह शादी लोगों को हैरान जरूर कर गई, लेकिन दोनों के प्यार को देखकर लोग उत्साहित और खुश भी नजर आए.
महिला ने बताया कि उनकी पहली शादी 1993 में हुई थी. पति शराब पीकर विवाद करता था. इसलिए 10 साल पहले उसको छोड़ दी थी. इसके बाद से अकेले जिंदगी काट रही थी. उनके 2 बच्चे भी हैं. बेटी की शादी हो चुकी है. बेटा पिता के पास रहता है. पिछले एक-दो साल से दादू राम गंधर्व को जानती है. हमने बची हुई जिंदगी साथ बिताने का फैसला किया. करवा चौथ से एक दिन पहले शादी की. फिर करवा चौथ का व्रत भी रखा.
ग्रामसभा की बैठक में BJP की महिला नेता ने एक शख्स को जूते से पीटा, जिंदा जलाने की दी धमकी
11 Oct, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून । भाजपा नेता बचना शर्मा (BJP leader Bachna Sharma) और उनके पति पर ग्रामीण को जूते-चप्पलों से पीटने व एक अन्य मामले में पुलिस ने गुरुवार देर रात दो मुकदमे दर्ज किए। बचना शर्मा भाजपा की क्वांसी मंडल अध्यक्ष (Kwansi Mandal President) रह चुकी हैं।
चकराता के थानाध्यक्ष चंद्रशेखर नौटियाल ने कहाकि विरेंद्र भट्ट निवासी ग्राम लाखामंडल ने तहरीर देकर बताया कि आठ अक्तूबर को क्षेत्र के शिव मंदिर परिसर में ग्रामसभा की बैठक चल रही थी। इसमें बचना शर्मा और उनके पति ओमप्रकाश भी थे। विरेंद्र का आरोप है कि बैठक में जैसे ही उन्होंने अपनी बात रखी तो बचना शर्मा और ओमप्रकाश आगबबूला हो गए। दोनों ने उसके साथ मारपीट की और जिंदा जलाने की धमकी दी। उनका यह भी आरोप है कि शाम को वह पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो बचना देवी व ओमप्रकाश भी वहां पहुंच गए। दोनों ने चौकी के बाहर उसके साथ जूते-चप्पलों से मारपीट की। एक अन्य मामले में खुशीराम गौड़ निवासी लाखामंडल ने पुलिस को तहरीर दी। इस में उन्होंने आरोप लगाया कि बचना शर्मा ने उनकी बेटी व परिवार के लिए सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी की। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
भाजपा नेता बचना शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत की बैठक में आरोप लगाने वालों ने ही विवाद किया था। दूसरे मामले में आरोप लगाने वाले ने मेरी आईडी हैक कर खुद ही अपने लिए गलत लिखा है। मैं उनके खिलाफ केस दर्ज कराऊंगी।
दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखा उत्पादन और बिक्री का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
10 Oct, 2025 08:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में हरित पटाखों (Green Firecrackers) के उत्पादन और बिक्री की अनुमति वाली याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने शीर्ष अदालत से दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी। दलीलों में कहा गया कि पटाखों के इस्तेमाल के समय को लेकर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।
सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट से दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मांगते हुए दिल्ली-एनसीआर की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (Petroleum and Explosives Safety Organisation) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (National Environmental Engineering Research Institute) समय-समय पर पटाखों के उत्पादन कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
‘दरिंदगी की सुनवाई नहीं, चाय पिलाकर भेज देती है पुलिस’ भाभी को ब्लैकमेल कर रहा देवर
10 Oct, 2025 08:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के श्रावस्ती (Sravasti) में एक महिला (Women) के साथ उसके देवर (Husband’s Younger Brother) ने पहले दरिंदगी (Brutality) की और फिर 4 साल तक भाभी (Sister in law) को ब्लैकमेल किया. देवर के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए महिला 5 महीने तक थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. अब थाना कोतवाली भिनगा के नवसहरा में रहने वाली गुलिस्ता नाम की महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है.
दरअसल, 4 साल पहले गुलिस्ता का देवर इमरान अक्सर गुलिस्ता के घर आता जाता था. एक दिन गुलिस्ता घर पर अकेली थी. इमरान ने मौका पाकर गुलिस्ता के साथ दरिंदगी की और गुलिस्ता का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. इसके बाद से इमरान गुलिस्ता को पिछले 4 साल से वही वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करता था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था.
जब गुलिस्ता इमरान से परेशान हो गई तो उसने इमरान से शादी करने के लिए कहा, लेकिन इमरान ने गुलिस्ता से शादी करने से इनकार कर दिया और गुलिस्ता से उसके पति जुबेर को रास्ते से हटाने के लिए कहा. इमरान ने जुबेर को मारने के लिए गुलिस्ता को जहर लाकर दिया.
गुलिस्ता ने इसका विरोध किया तो इमरान ने उसे खुद मर जाने के लिए कहा. इस पर गुलिस्ता ने फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन उसके पति ने उसे बचा लिया. इसके बाद गुलिस्ता ने पति जुबेर को पूरी बात बताई. जुबेर ने पत्नी गुलिस्ता का साथ दिया और उसे थाने लेकर गया, लेकिन थाने में गुलिस्ता की एक भी नहीं सुनी गई. गुलिस्ता रोज थाना कोतवाली भिनगा के चक्कर काटती थी और कोतवाल साहब उसे चाय पिलाकर वापस कर देते थे.
गुलिस्ता ने 5 महीने तक थाने के चक्कर काटे, लेकिन उसे सिर्फ आश्वसन दिया जाता था. अब 5 महीने चक्कर काटने के बाद गुलिस्ता SP राहुल भाटी से मिली. जहां पर SP राहुल भाटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CO को इस मामले की जांच सौंपी और एक्शन लेने के लिए कहा. 5 महीने थाने के चक्कर काटने के बाद पहली बार गुलिस्ता की सुनवाई हुई और मामले की जांच के आदेश दिए गए.
केरल हाईकोर्ट का SIT को आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश, अदालत ने माना सोने की हेराफेरी हुई
10 Oct, 2025 07:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोच्चि। प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में स्वर्ण-पल्लवन (Golden Blossom) की कथित चोरी के मामले में केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (10 अक्तूबर) को विशेष जांच दल (SIT) को सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर के ‘द्वारपालक’ मूर्तियों से सोना चोरी के मामले में आपराधिक मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ ने यह आदेश दिए हैं। बेंच ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब तक की गई जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि द्वारपालक मूर्तियों में सोने की हेराफेरी हुई है। इसी के साथ बेंच ने एसआईटी को छह हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट दाखिल करने और हर दो हफ्ते में एक बार जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है। वहीं अदालत ने कहा कि जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए।
पीठ ने आगे कहा कि उसके समक्ष पेश विजिलेंस रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि “काफी मात्रा में सोना – लगभग 474.9 ग्राम – उन्नीकृष्णन पोट्टी (सोने की परत चढ़ाने का प्रस्ताव देने वाले प्रायोजक) को सौंप दिया गया था।” अदालत ने कहा कि हालांकि, रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता कि सोने की यह मात्रा त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी ) को (उसके द्वारा) सौंपी गई थी।
पीठ ने अपने द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को ‘द्वारपालक’ मूर्तियों के मामले के साथ-साथ जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य सभी पहलुओं की भी जांच करने का निर्देश दिया है। बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी “यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच अत्यंत विवेक और ईमानदारी से की जाए” अदालत के प्रति “सीधे जवाबदेह” होगी।
भारतीय वायुसेना दिवस का डिनर पार्टी मेन्यू सोशल मीडिया पर छाया, पाकिस्तान को लग जाएगी मिर्ची
10 Oct, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना (IAF) के द्वारा अपनी 93वीं वर्षगांठ 8 अक्टूबर को बड़े धूमधाम से मनाया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायुसेना दिवस (Air Force Day) की डिनर पार्टी का मेन्यू (dinner party menu) ही छा गया है। इसकी वजह स्वाद नहीं, बल्कि उसमें शामिल डिश के नाम हैं। इस मेन्यू को 93 वर्ष भारतीय वायुसेना के- अचूक, अभेद्य और सटीक (93 Years of IAF: Infallible, Impervious and Precise) नाम दिया गया है। मेन्यू में पाकिस्तानी ठिकानों के नाम पर डिश के नाम रखे गए हैं।
वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यंजनों के नामों ने लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। मेन्यू में रावलपिंडी चिकन टिक्का मसाला, रफिकी रारा मटन, भोलारी पनीर मेथी मलाई, सुक्कुर शाम सवेरा कोफ्ता, सरगोधा दाल मखनी, जकोबाबाद मेवा पुलाव और बहावलपुर नान शामिल है। मिठाइयों में बालाकोट तिरामिसु, मुजफ्फराबाद कुल्फी फालुदा और मुरीदके मीठा पान शामिल है।
आपको बता दें कि इन सभी नामों का संबंध भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ की गई सटीक सैन्य कार्रवाईयों से है, जिनमें सबसे प्रमुख 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 की ऑपरेशन सिंदूर हैं।
इस साल 7 मई को की गई ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें मुरीदके और बहावलपुर जैसे इलाके शामिल थे। दोनों कोलश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय माना जाता है।
वहीं, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक ने पुलवामा आतंकी हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त किया था।
आपको बता दें कि गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित वायुसेना दिवस परेड में इस बार भी भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29, C-17 ग्लोबमास्टर III, C-130J हर्क्यूलिस और अपाचे हेलिकॉप्टर ने आसमान में गरज कर दर्शकों को रोमांचित किया।
लेक्चर मत दीजिए… बिहार में SIR को लेकर SC में सुनवाई, भावी CJI के सामने ही भड़क गए EC के वकील
10 Oct, 2025 05:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार(Bihar) में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले पर गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में सुनवाई हुई। इस दौरान शीर्ष अदालत ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) से कहा कि वह अपने जिला स्तरीय निकायों को निर्देश जारी करे कि वे अंतिम मतदाता सूची से बाहर किए गए 3.66 लाख मतदाताओं को निर्वाचन आयोग में अपील दायर करने में मदद करें। शीर्ष अदालत ने ये भी कहा कि उसे उम्मीद थी कि मामले में पक्ष बनाए जाने के बाद राजनीतिक इस कवायद के संबंध में अपनी शिकायतें सामने रखेंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि राजनीतिक दल चुनाव आयोग द्वारा किए गए SIR से संतुष्ट हैं।
देश के भावी CJI जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी को अपील करने का उचित अवसर दिया जाए और उनके पास विस्तृत आदेश होने चाहिए कि उनके नाम क्यों शामिल नहीं किए गए। एक पंक्ति का गूढ़ आदेश नहीं होना चाहिए।’’ पीठ ने ये बी कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए मतदाताओं की अपील को निर्धारित समयसीमा में और कारण सहित आदेश के माध्यम से निपटाने के प्रश्न पर 16 अक्टूबर को अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।
योगेन्द्र यादव की क्या थी दलील?
इसी बीच, राजनीतिक कार्यकर्ता और चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि बिहार में SIR के कारण भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़े मतदाता वर्ग को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 45,000 नाम अस्पष्ट हैं, जबकि 4 लाख से ज्यादा मतदाताओं के मकान नंबर ‘0’ लिखे गए हैं, जो गड़बड़ी की ओर संदेह पैदा करते हैं।
संशोधन की प्रकृति पर प्रश्नचिह्न
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, योगेंद्र यादव ने आज की सुनवाई के अंत में पीठ से कहा, “अभी भी मतदाता सूचियों में सुधार की जरूरत है और कोई भी यह नहीं कह सकता कि चुनाव आयोग ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि ऐसा करना उनका कर्तव्य भी है। यह संशोधन की प्रकृति पर प्रश्नचिह्न है। इस विशेष गहन संशोधन ने एक सौम्य प्रक्रिया को हथियार बना दिया है। पहला हथियार सिस्टम से बहिष्कार है। इसके बाद संरचनात्मक बहिष्कार है और फिर लक्षित बहिष्कार की संभावना है।”
इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ
यादव ने आगे कहा कि देश भर में मतदाता सूचियों का मूल्यांकन पूर्णता, सटीकता और निष्पक्षता के आधार पर किया जाता है। उन्होंने अदालत को बताया कि इन तीनों ही पहलुओं पर हमारे सामने एक बहुत ही गंभीर समस्या है। उन्होंने दलील दी, “हम इसकी पूर्णता के पक्ष में हैं। एसआईआर के कारण मतदाता सूची में अब तक की सबसे बड़ी कमी आई है। 47 लाख की कमी आई है। इतिहास में, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। बिहार की वयस्क जनसंख्या देखिए। ये केंद्र सरकार के विशेषज्ञ समूह के अनुमान हैं। सितंबर 2025 में यह 8 करोड़ 22 लाख थी। जब एसआईआर शुरू हुआ, तब यह संख्या 7.89 लाख थी।”
20 फीसदी फॉर्म BLO द्वारा भरे गए
बिहार में किए गए SIR के बारे में यादव ने आगे कहा, “लगभग 20 फीसदी फॉर्म बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा भरे गए हैं। अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो छूटे हुए लोगों की संख्या 65 लाख नहीं, बल्कि 2 करोड़ होती। लेकिन हो सकता है कि यह समाधान अन्य राज्यों में न हो।” इस पर इस जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि ज़्यादातर संपन्न लोग चुनावी प्रक्रिया से मुंह मोड़े हुए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग इसमें भी उत्साहित नजर आए। यादव ने भी इस बात पर सहमति जताई।
अधिकांश मामलों में ‘वंशावली’ का रास्ता अपनाया
यादव ने आगे कहा कि आयोग (ECI) ने SIR के दौरान अधिकांश मामलों में ‘वंशावली’ का रास्ता अपनाया है। यादव ने कहा, “ECI ने इस बार कुछ बेहतरीन किया… उन्होंने अपने अधिकारियों से कहा कि अगर माताजी-पिताजी नहीं मिल रहे हैं, तो चाचा-नाना, ताऊ, जो मिले, डाल दो… क्या वे दूसरे राज्यों में भी ऐसा ही करेंगे? करीब 40 फीसदी मतदाताओं ने 11 में से कोई भी दस्तावेज़ दाखिल नहीं किया और वंशावली के ज़रिए ही वे मतदाता सूची में शामिल हो गए।”
EC के वकील यादव पर भड़के
इस दलील पर चुनाव आयोग से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने आपत्ति जताई और यादव पर कोर्टरूम में ही भड़क गए। उन्होंने जज से कहा, “यह सब क्या है? क्या इन सबका जिक्र हलफ़नामे में है? यह कोई लेक्चर रूम नहीं है, जो यहां लेक्चर सुनाएं।” उन्होंने यादव से कहा कि इस पर लेक्चर मत दीजिए। इस पर यादव ने जवाब दिया कि इसके बजाय चुनाव आयोग हलफनामा दाखिल कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि बिहार SIR के परिणामस्वरूप लिंग अनुपात में 10 वर्षों की बढ़त खत्म हो गई है।
जम्मू-कश्मीर को राज्य बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से चार हफ्ते में मांगा जवाब
10 Oct, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को वापस राज्य का दर्जा (Statehood) देने की लगातार उठ रही मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार (Central Government) को अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है ताकि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने से जुड़ी याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल कर सके। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित ये याचिकाएं शिक्षाविद जहूर अहमद भट और सामाजिक कार्यकर्ता अहमद मलिक सहित कई लोगों ने दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में दिए गए वादे के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द फिर से राज्य का दर्जा दे।
वहीं मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें अनुच्छेद 370 को रद्द करने को सही ठहराया गया था और केंद्र को जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव सितंबर 2024 तक कराने और जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया गया था।
गुजरात से 73 साल के बुजुर्ग 1338 किमी पदैल चलकर पहुंचे अयोध्या, राम मंदिर के लिए लिया था संकल्प
10 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या । प्रभु श्रीरामलला (Lord Shri Ram Lalla) के प्रति समर्पण व संकल्प पूर्ति के लिए 73 वर्षीय वृद्ध 1338 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए गुरुवार को अयोध्या धाम (Ayodhya Dham) पहुंचे। राम मंदिर (Ram Temple) बन जाने के बाद मेहसाणा से पैदल चलकर दर्शन करने अयोध्या आने का संकल्प लेने वाले गुजरात के मेहसाणा जनपद के ग्राम मोदीपुर निवासी जयंती लाल हरजीवन दास पटेल (Jayanti Lal Harjivan Das Patel) बताते हैं कि अक्टूबर 1990 में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या की रथयात्रा जब मेहसाणा पहुंची तो वे भी पूरे उत्साह से इसमें शामिल हुए। तब से पदयात्रा का संकल्प पूरा करने के लिए वक्त का इंतजार कर रहा था।
अब रामलला, राम दरबार सहित परिसर व परकोटे के आठ अन्य मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ध्वजारोहण की घोषणा होने पर अपने संकल्प पूर्ति के लिए पदयात्रा करते हुए आए हैं। जयंतीलाल ने बताया कि रोज दिन में 33 से 35 किलोमीटर चलते और रात को विश्राम करते थे। 30 अगस्त को शुरू की गई उनकी यात्रा 40वें दिन अयोध्या में समाप्त हुई। रास्ते में अधिकांशतः मंदिरों, सार्वजनिक पार्क व अतिथि गृहों में भोजन और विश्राम करते हुए यात्रा की निरन्तरता रखी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े सुबोध मिश्र कहते हैं कि उनमें अदभुत संकल्प शक्ति देखने को मिली। मंदिर बनने के बाद इस उम्र में अपने संकल्प को पूरा करने के लिए पैदल चल दिए। आते ही रामलला के दर्शन के साथ ही उनसे जुड़े स्थानों भरतकुंड, गुप्तहरि घाट जाकर पूजा अर्चना की। उन्होंने शाम को सरयू आरती में भी हिस्सा लिया। वह कारसेवक पुरम तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय से मिलने आए हैं।
अब हरिद्वार में सन्यासियों की तरह भक्ति में लीन
मूल रूप से लकड़ी के लट्ठों व सीमेंट के पाइप के कारोबारी जयंती लाल अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निवर्हन कर चुके हैं। बेटी अमेरिका में स्थापित हैं, नाती कनाड़ा में है। अब व्यवसाय को पूरी तरह से समेट कर रामभक्ति में लीन है। इस समय जयंती मेहसाणा छोड़कर हरिद्वार में सन्यासियों की तरह जीवन बसर कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने बताया क्या सही, क्या गलत – WhatsApp संदेशों को लेकर अहम फैसला
10 Oct, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि व्हाट्सअप किसी विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाले मैसेज भेजना अब अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई भी संदेश जो धर्म के आधार पर घृणा दुश्मनी या दुर्भावना फैलाता हो, वो भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। दरअसल अफाक अहमद नाम के शख्स ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शख्स पर WhatsApp पर कई लोगों को भड़काऊ मैसेज भेजने का आरोप है।
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