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केरल चुनाव नतीजे: तिरुवनंतपुरम में NDA की ऐतिहासिक जीत पर PM मोदी की प्रतिक्रिया
13 Dec, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी-एनडीए की जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी है | साथ ही केरल में बीजेपी का नेतृत्व करने वाले नेताओं को हौसला बढ़ाया है. पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है |
उन्होंने अपने पहले पोस्ट में लिखा, तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी-एनडीए को जो जनादेश मिला है, वह केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल है. लोगों को यकीन है कि राज्य के विकास की आकांक्षाओं को सिर्फ हमारी पार्टी ही पूरा कर सकती है | हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास के लिए काम करेगी और लोगों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाएगी | पीएम मोदी के इस पोस्ट के बाद से बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश में भरे हुए हैं. तिरुवनंतपुरम में बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीएम मोदी के नाम पर ही सह चुनाव लड़ा गया है |
कार्यकर्ता हमारी ताकत-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे एक्स पोस्ट में लिखा, मैं उन सभी मेहनती बीजेपी कार्यकर्ताओं का आभारी हूं जिन्होंने लोगों के बीच काम किया, जिससे तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में शानदार नतीजा मिला | आज का दिन केरल में कई दशकों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं के काम और संघर्षों को याद करने का दिन है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया, जिससे आज का नतीजा सच हो पाया. हमारे कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं और हमें उन पर गर्व है |
30 सालों से काबिज एलडीएफ का शासन समाप्त
बता दें कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम, जिस पर पिछले 30 सालों से एलडीएफ का शासन था, अब एनडीए के हाथों में आ गया है. भाजपा, जो पिछले दो कार्यकालों से विपक्षी दल थी, 2025 में सत्ता में आई है | जबकि यूडीएफ तीसरे स्थान पर बना हुआ है. भाजपा ने नगर निगम में 50 सीटें जीतीं हैं | बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता होती है | यदि भाजपा को किसी निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन मिल जाता है, तो वह सत्ता हासिल कर सकती है |
बंगाल चुनाव का विवाद: 1.65 करोड़ SIR फॉर्म्स में गड़बड़ी, आयोग की होगी कार्रवाई
13 Dec, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चुनाव आयोग ने कई राज्यों में SIR फॉर्म भरने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है, लेकिन पश्चिम बंगाल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और राजस्थान में SIR फॉर्म भरने की तारीख गुरुवार को समाप्त हो गई और इन राज्यों में ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 16 दिसंबर को प्रकाशित किए जाएंगे | इस बीच, पश्चिम बंगाल में भरे गए SIR फॉर्म को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. चुनाव आयोग के अनुसार करीब 1 करोड़ 67 लाख 45 हजार 911 फॉर्म में गड़बड़ी पाई गई है. चुनाव आयोग को वोटर्स द्वारा दी गई जानकारी पर शक है. चुनाव आयोग इन मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुला सकता है |
चुनाव आयोग की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार करीब 85 लाख वोटर्स के पिताओं के नाम में गड़बड़ी सामने आई है. करीब 13.5 लाख वोटर्स के माता-पिता एक ही हैं. इनमें से 11 लाख 95 हजार वोटर्स 15 साल की उम्र से पहले पिता बन गए हैं | चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में 6 बच्चों के पिताओं की संख्या 24 लाख 21 हजार है. आंकड़ों के अनुसार 3 लाख 45 हजार 40 साल की उम्र से पहले दादा बन गए |
13.5 लाख वोटर्स के माता-पिता के नाम समान
यानी, अगर पूरे आंकड़ों की तुलना की जाए और डिटेल्ड जानकारी वेरिफाई की जाए, तो पता चलता है कि राज्य में 13.5 लाख वोटर्स के मामले में पिता और माता के तौर पर एक ही व्यक्ति का नाम आया है. यानी, किसी परिवार में एक के मामले में, उस परिवार में मां की जगह पिता का नाम आया है, तो किसी के मामले में, मां की जगह पिता का नाम आया है |
चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार राज्य में 11 लाख 95 हजार 230 वोटर्स के बेटे अपने पिता से 15 साल छोटे हैं. वहीं, 3 लाख 29 हजार 152 वोटर्स 40 साल की उम्र से पहले ही दादा बन गए हैं. चुनाव आयोग को उनकी जानकारी, यानी उनकी उम्र को लेकर शक है |
चुनाव आयोग के अनुसार इन 1 करोड़ 67 लाख से ज्यादा वोटर्स में से कुछ, जिनके नाम और उम्र गलत हैं, उन्हें हियरिंग के लिए बुलाया जा सकता है. कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, इन सभी वोटर्स की जानकारी फिर से वेरिफाई की जाएगी. बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर जानकारी वेरिफाई करेंगे और फिर उन्हें हियरिंग के लिए बुलाया जाएगा. इस मामले में रोल ऑब्जर्वर का रोल भी बहुत अहम है |
बंगाल में SIR पर घमासान
इस मामले पर बीजेपी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, असल में यह पूरी बात फेक है. कई बार लेफ्ट और फिर तृणमूल ने चुनाव जीतने के लिए आम लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश की है. उन्होंने असली वोटर्स को वोट नहीं देने दिया, जो लोग पिछले 15 सालों में पिता बने हैं, वे असल में घोस्ट वोटर बन गए हैं और इन लोगों को जिताया है |
दूसरी ओर, तृणमूल प्रवक्ता तन्मय घोष ने कहा, जहां पिता के नाम में गलती है, जहां कई मामलों में पिता का नाम एक ही है, इन सबकी जांच करना इलेक्शन कमीशन का काम है. यह पूरे साल से हो रहा है. अगर ऐसी कोई जानकारी सामने आई है, तो उसे हटा दिया जाएगा |
इंडिगो पर बड़ा खुलासा: DGCA जांच में नया ट्विस्ट! क्या जानबूझकर कैंसिल की गई थीं उड़ानें?
13 Dec, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indigo Cancellation Crisis ने हाल के दिनों में देशभर के यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानें अचानक रद्द हो गईं, जिससे लाखों लोगों को अपनी यात्रा टालनी पड़ी। यह पहली बार था जब इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन देखने को मिले। अब इस पूरे मामले को केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि संदेह के दायरे में देखा जा रहा है।
DGCA नियमों को लेकर दबाव की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, यह संकट फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों से जुड़ा हो सकता है। कहा जा रहा है कि इंडिगो उड्डयन मंत्रालय और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स पहले ही इन आरोपों पर सफाई दे चुके हैं, जबकि चेयरमैन विक्रम मेहता ने वीडियो जारी कर आरोपों को निराधार बताया है।
FDTL का दूसरा चरण पहले से तय था
जांच में सामने आया है कि FDTL के दूसरे चरण को लागू करने के लिए एयरलाइंस को पर्याप्त समय दिया गया था। इंडिगो सहित सभी एयरलाइंस को जानकारी थी कि 1 नवंबर से नया फेज लागू होगा। DGCA ने नवंबर से पहले और बाद में कई बैठकों में कंप्लायंस पर चर्चा की थी। इन बैठकों में इंडिगो ने यह कहा कि वह नियमों का पालन कर रही है और कोई समस्या नहीं है।
1 दिसंबर की बैठक में भी नहीं उठाया मुद्दा
महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 दिसंबर को DGCA के साथ हुई बैठक में भी इंडिगो ने पायलट या केबिन क्रू की कमी का कोई जिक्र नहीं किया। नवंबर महीने में एयरलाइंस सामान्य रूप से ऑपरेट कर रही थीं और एवरेज कैंसलेशन पर DGCA की नजर बनी हुई थी।
हायरिंग रोकना बना बड़ी चूक
अब सामने आ रहा है कि इंडिगो ने हायरिंग प्रक्रिया रोक दी थी, जिसे बड़ी चूक माना जा रहा है। पायलटों की कमी का सीधा असर ऑपरेशन पर पड़ा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब क्रू की कमी थी, तो यात्रियों को यह क्यों बताया गया कि फ्लाइट्स ऑपरेट होंगी। इस वजह से Indigo Cancellation Crisis के दौरान यात्रियों को घंटों इंतजार और भारी भ्रम का सामना करना पड़ा।
NCR में सांस लेना मुश्किल: GRAP-3 लागू होने के बाद क्या करें, क्या न करें? यहां है पूरी लिस्ट
13 Dec, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi Air Pollution एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को राजधानी दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। सुबह के समय AQI 401 रिकॉर्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को यह लगभग 349 रहा था। लगातार बिगड़ती हवा की स्थिति को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण यानी GRAP-3 दोबारा लागू कर दिया गया है।
दिल्ली-NCR में धुंध और सांस की दिक्कत
शनिवार सुबह दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद जैसे आसपास के इलाकों में घनी धुंध देखने को मिली। दृश्यता कम होने के साथ ही लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार रात हवा की रफ्तार बेहद कम रही और नमी अधिक थी। इसी वजह से प्रदूषक कण वातावरण में फैल नहीं सके और धुंध के रूप में छा गए।
CAQM के निर्देश पर लागू हुआ GRAP-3
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की GRAP सब-कमेटी की सिफारिश पर GRAP-3 की सख्त पाबंदियां लागू की गईं। इसका उद्देश्य Delhi Air Pollution को और खतरनाक स्तर पर पहुंचने से रोकना है।
GRAP-3 के तहत क्या-क्या रहेगा बंद
GRAP-3 के दौरान दिल्ली-NCR में सभी गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसमें मिट्टी का काम, खुदाई, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टरिंग, टाइल और फ्लोरिंग जैसे कार्य शामिल हैं। रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट्स का संचालन भी बंद रहेगा। साथ ही सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन पर रोक होगी।
वाहनों और ईंधन पर सख्ती
GRAP-3 के दौरान BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चारपहिया वाहनों के दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों में प्रवेश और संचालन पर रोक लगाई गई है। पुराने डीजल मालवाहक वाहन भी नहीं चल सकेंगे। कोयला, लकड़ी और अस्वीकृत ईंधन के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। डीजल जेनरेटर सेट्स का उपयोग भी बंद रहेगा, हालांकि आपात सेवाओं को छूट दी गई है।
स्कूलों में बदला पढ़ाई का तरीका
प्रदूषण को देखते हुए कक्षा पांचवीं तक के छात्रों की पढ़ाई हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड में होगी। वहीं उच्च कक्षाओं में मास्क और अन्य सावधानियों के साथ कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ISI की नजर, सुरक्षा अलर्ट जारी
13 Dec, 2025 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश के DGP को एक पत्र भेजा गया है. इस पत्र में बताया गया है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ISI के निशाने पर हैं. इस पत्र के बाद खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है. ऐसा सामने आया है कि ISI द्वारा शिवराज सिंह चौहान की जानकारी जुटाई जा रही थी. फिलहाल, कृषि मंत्री के पास Z+ सेक्योरिटी है लेकिन इस सूचना के मिलने के बाद उनकी सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है |
सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह के इनपुट मिलने के तुरंत बाद, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली और भोपाल में शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा को बढ़ा दिया है. शुक्रवार देर रात भोपाल के बंगले के बाहर बढ़ी हुई सुरक्षा देखी गई |
पौधारोपण के लिए पहुंचे कृषि मंत्री
बढ़ाए गए अलर्ट के बीच केंद्रीय मंत्री आज भी पौधारोपण करने के लिए गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अपने भांजे-भांजियों और भाई-बहनों के साथ पौधा रोपा |
पौधरोपण जीवन रोपने जैसा है. भविष्य की पीढ़ियों को एक बेहतर वातावरण देने के लिये, आइये हम सब मिलकर पौधे लगाएँ और अपनी धरती को हरा-भरा व समृद्ध बनाएं. पौधरोपण अभियान से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर अपना नाम रजिस्टर करें |
Z+ सिक्योरिटी क्या है?
Z+ सिक्योरिटी को भारत में सबसे ऊंचे लेवल का सिक्योरिटी कवर माना जाता है. Z+ सिक्योरिटी के तहत, एक व्यक्ति को 10 से ज़्यादा NSG कमांडो प्रोटेक्ट करते हैं. कुल मिलाकर, पुलिस अधिकारियों सहित लगभग 55 ट्रेंड लोगों को सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है. Z+ सिक्योरिटी में तैनात हर कमांडो मार्शल आर्ट्स में स्पेशलिस्ट होता है |
चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 29 नवंबर 2005 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. 12 दिसंबर 2008 को दूसरी बार, 8 दिसंबर 2013 को तीसरी बार शपथ और 23 मार्च 2020 को चौथी बार मुख्यमंत्री बने थे |
24 साल पहले का सदमा: भारतीय संसद को निशाना बनाकर दिया गया आतंक का संदेश
13 Dec, 2025 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वो दिन जो देश की संसद के लिए किसी काली सुबह से कम नहीं था. ये दिन 13 दिसंबर 2001 का था और संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा था. घड़ी में सुबह के 11 बजकर 28 मिनट का समय हुआ था. देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वजापेयी थे. नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में सोनिया गांधी थीं. सत्र चलने दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा किए जाने की वजह से सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था. दोनों सदन लोक सभा और राज्य सभा की कार्यवाही को 40 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया था |
किसे पता था कि अभी कुछ ही देर में संसद भवन का क्षेत्र AK47 की गोलियों की गूंज में लिपट जाएगा. दोनों सदनों के स्थगन के बाद पीएम और विपक्ष के नेता वहां से बाहर निकल चुके थे मगर उस समय के बड़े नेता लाल कृष्ण आडवाणी, कई मंत्री समेत करीब 200 सांसद सदन में अभी भी मौजूद थे |
उपराष्ट्रपति के काफिले के करीब से गुजरे आतंकी
अब समय 11 बजकर 29 मिनट का हुआ था. तत्कालीन उपराष्ट्रपति के इंतजार में 4 गाड़ियों का काफिला गेट नंबर 11 के पास खड़ा था. तभी अचानक एक सफेड एंबेसडर कार तेज स्पीड में संसद भवन कॉम्प्लेक्स के भीतर प्रवेश करती है. ये इतनी झट से हुआ कि लोकसभा के सुरक्षाकर्मी उसे रोकने के लिए कुछ कदम उठाते उससे पहले ही आतंकियों ने कार की दिशा बदल दी और जोर से उपराष्ट्रपति की कार में टक्कर मार दी |
आतंकी बिछाने लगे थे तार
आतंकियों से सब इंस्पेक्टर जीतराम की हाथापाई हुई. उन्हें अंदाजा हो गया था कि कुछ बड़े प्लान के साथ आतंकी यहां आए हैं क्योंकि उनके पास AK47 भी थी. जीतराम ने आतंकियों का कॉलर छोड़कर अपने हाथ में रिवॉल्वर थामी और गोली चला दी. फिर संसद भवन कॉम्प्लेक्स गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. वहां 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए. वहां मौजूद आतंकी कार से उतरकर तार बिछाने लगे थे. आतंकियों का मकसद था कि वो उस कार को बम से वहीं पर उड़ा दें और संसद भवन को नुकसान पहुंचाने के अपने नापाक इरादे में कामयाब हो जाएं.
गृहमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी समेत सभी सांसदों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया. संसद भवन के सभी दरवाजों को एक-एक करके बंद कर दिया गया. ताकि, आतंकी किसी भी गेट से अंदर न घुस सकें. बाहर रणभूमि बने संसद कॉम्प्लेक्स में क्या हो रहा है इसकी इतनी ज्यादा गंभीरता का अंदाजा लोकसभा के भीतर मौजूद सांसदों को नहीं था |
9 लोगों की हुई थी मौत
वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों में अपनी दहशत को बढ़ाने के लिए एक आतंकी ने खुद को बम से उड़ा लिया और उसकी मौत हो गई. वहीं तीन और आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया. जबकि एक आतंकी किसी तरह से वहां घुसने की कोशिश कर रहा था, मगर उसे भी मार गिराया गया. इस घटना में 8 सुरक्षाबलों सहित संसद के एक कर्मचारी की मौत हो गई. इसमें सीआरपीएफ की एक महिला जवान भी शामिल थीं |
मेरी दुकान से खरीदी गई थी कार
जब समाचार में हरपाल सिंह नाम के एक शख्स ने संसद पर हमले की कोशिश की खबर देखी तो वो भागता हुआ संसद भवन जा पहुंचा और उसने बताया कि संसद भवन में आतंकियों के साथ आई ये कार उसी के दुकान से खरीदी गई थी. हमले से महज दो दिन पहले अफजल गुरु और एक और शख्स ने मिलकर कार खरीदी थी. इस हमला का मास्टरमाइंड अफजल गुरु था. इसे 9 फरवरी 2013 को सजा-ए-मौत दे दी गई थी |
बड़ी खबर: भारत के लिए खुशखबरी! US संसद में उठी 50% टैरिफ हटाने की मांग, क्या सस्ता होगा एक्सपोर्ट?
13 Dec, 2025 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
India US Trade Dispute: भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों पर आ गया है. भारत के लिए अमेरिकी संसद में 50 प्रतिशत टैरिफ खत्म करने के लिए आवाज उठाई गई है. टैरिफ के खिलाफ US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (अमेरिकी कांग्रेस का निचला सदन) प्रस्ताव पेश किया गया है. संसद के सदस्यों का कहना है कि राष्ट्रीय आपातकाल के नाम पर टैरिफ लगाना अवैध है, इससे आम अमेरिकी नागरिकों को ही नुकसान हो रहा है. यानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर लगाए गए टैरिफ का विरोध अब अमेरिका में ही देखने को मिल रहा है.
भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ को लेकर तीन डेमोक्रेटिक सांसदों ने खुली चुनौती दी है. इसके लिए यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सदस्य डेबोरा रॉस (नॉर्थ कैरोलिना), मार्क वीजी (टेक्सास) और राजा कृष्णमूर्ति (इलिनॉय) ने अमेरिकी प्रशासन से राष्ट्रीय आपातकाल रद्द करने की मांग की है. जिसके आधार पर ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाई थी. बता दें, 1 अगस्त 2025 को ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया था, इसके बाद 27 अगस्त 2025 को एक बार फिर 25 प्रतिशत की टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया. कुल मिलाकर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ का बोझ लाद दिया. इसकी वजह से कई भारतीय उत्पादों की लागत दोगुनी हो गई.
मुंबई में बालकनी का हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत, दो घायल
12 Dec, 2025 11:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। दक्षिण मुंबई में मस्जिद बंदर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक इमारत की बालकनी का एक हिस्सा बृहस्पतिवार रात ढह जाने से एक चाय की दुकान के मालिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। इस घटना में एक चाय की दुकान के मालिक और उसके दो ग्राहकों सहित तीन लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि चाय की दुकान इमारत के नीचे थी। अधिकारी के अनुसार, तीनों लोगों को पास के सरकारी जेजे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से एक स्टॉल मालिक मुकेश डेंडोर (28) को मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि घायलों की पहचान शफीक इस्लाम (40) और शालिकराम जायसवाल (52) के रूप में हुई है, जिनका इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।नगर निकाय के एक अधिकारी ने मुंबई अग्निशमन सेवा का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना मस्जिद (पश्चिम) में नरसी नाथा स्ट्रीट पर कोटक भवन में रात करीब नौ बजे हुई जब दूसरी मंजिल की बालकनी का एक हिस्सा अचानक गिर गया।
इंडिगो संकट के बीच डीजीसीए का एक्शन, चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड
12 Dec, 2025 09:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन में जारी संकट के बीच लगातार एक्शन हो रहा है। शुक्रवार को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने एयरलाइन की सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों की देखरेख के लिए जिम्मेदार चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।
डीजीसीए की चार सदस्यों वाली कमेटी शुक्रवार को भी इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स से मिलेगी। पीटर से पिछले हफ्ते बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल होने को लेकर पूछताछ की जाएगी। भारत में लो-कॉस्ट कैरियर कॉन्सेप्ट के पायोनियर कैप्टन गोपीनाथ ने कहा है कि इंडिगो संकट शायद इसलिए बढ़ा क्योंकि एयरलाइन संचालकों में घमंड और ओवर कॉन्फिडेंस आ गया था। इसलिए एयरलाइन हालात नहीं समझ पाई।
एक नवंबर से लागू हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों के दूसरे फेज को लागू करने में सही प्लानिंग की कमी ही 2 दिसंबर से शुरू हुए संकट का कारण है। नए नियमों के साथ, एयरलाइन के पास अपनी फ्लाइट्स ऑपरेट करने के लिए पर्याप्त संख्या में पायलट नहीं थे।
जब बॉटम लाइन, रेवेन्यू और प्रॉफिट में ग्रोथ और स्टॉक मार्केट पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, तो ऐसा होता है कि वे पायलट और दूसरे स्टाफ की बात सुनना बंद कर देते हैं। इंडिगो ने टिकट बेचने से पहले फ्लाइट्स की संख्या कम कर दी होती, तो सब कुछ ठीक होता।
डीजीसीए को पूरी तरह से एक इंडिपेंडेंट रेगुलेटर होना चाहिए और इसमें कोई भाई-भतीजावाद और कोई पॉलिटिकल असर नहीं होना चाहिए। कैप्टन आर गोपीनाथ 2003 में एयर डेक्कन लेकर आए थे। उन्होंने ही भारत में कम लागत वाली एयरलाइन (एलसीसी) मॉडल की शुरुआत की थी। एयर डेक्कन ने एटीआर टर्बोप्रॉप विमानों के साथ ऑपरेशन शुरू किया था।
एयरलाइन के घाटे में जाने के बाद निवेशकों के दबाव में 2008 में उन्हें एयर डेक्कन को विजय माल्या को बेचना पड़ा। माल्या ने इसे किंगफिशर नाम दिया। भारत में बजट हवाई यात्रा के जनक गोपीनाथ ने एयर डेक्कन को बर्बाद करने के लिए इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को दोषी ठहराया है।
बता दें गुरुवार को दिल्ली और बैंगलोर एयरपोर्ट पर 200+ फ्लाइट कैंसिल हुईं। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एयरलाइन को जो आम तौर पर करीब 2,300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती है, अपने विंटर शेड्यूल को 10 परसेंट कम करने का भी निर्देश दिया है।
गोवा अग्निकांड के लूथरा ब्रदर्स को भारत लाने में पेंच, सवाल अब कैसे होगा प्रत्यर्पण?
12 Dec, 2025 07:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में लूथरा ब्रदर्स पर शिकंजा कस चुका है। थाईलैंड में छिपे सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा पकड़े जा चुके हैं। लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड के फुकेट में छिपे थे। अब लूथरा ब्रदर्स को भारत लाने में देरी की मुख्य वजह वीजा और पासपोर्ट हैं। सूत्रों का कहना है कि वीजा कैंसिल करने के बाद ही लूथरा ब्रदर्स के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज हो गई। पहले वीजा कैंसल होगा। उसके बाद थाईलैंड पुलिस सौरभ और गौरव लूथरा को फुकेट से बैंकॉक ले जाएगी। इसके बाद उन्हें बैंकॉक में थाई इमीग्रेशन के डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।
भारतीय जांच एजेंसियों ने गुरुवार को थाईलैंड पुलिस के साथ मिलकर दोनों भाई को पकड़ लिया। लूथरा ब्रदर्स ही बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब के मालिक हैं। आग लगने की घटना के बाद वे थाईलैंड भाग गए थे। शनिवार रात को लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर बर्च बाय रोमियो लेन के स्टाफ ही थे। अब सवाल है कि लूथरा ब्रदर्स पकड़े तो जा चुके हैं, मगर भारत लाने में देरी क्यों हो रही है? आखिर उनका प्रत्यर्पण कैसे होगा? क्या फुकेत से डायरेक्ट दिल्ली आएंगे या फिर उन्हें बैंकॉक ले जाया जाएगा?
सूत्रों का कहना है कि लूथरा ब्रदर्स यानी सौरभ और गौरव लूथरा के कुछ जरूरी दस्तावेज की क़ानूनी प्रक्रिया के बाद ही उन्हें इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इसमें सोमवार या मंगलवार तक का वक्त लग सकता है। ‘इमरजेंसी सर्टिफिकेट’ जारी होने से वे पासपोर्ट निलंबित होने के बावजूद भारत की एक तरफा वापसी यात्रा कर सकेंगे। क्योंकि शनिवार और रविवार को छुट्टी होती है, ऐसे में सोमवार से पहले लूथरा ब्रदर्स का भारत आाना संभव नहीं दिख रहा है। शनिवार और रविवार छुट्टी होने के कारण सारी बची हुई फॉर्मेलिटी सोमवार से होगी। इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी होने के बाद उनकी टिकट्स बुक की जाएगी और उन्हें भारतीय अधिकारियों के साथ भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार तक दोनों आरोपी भाई भारत में होंगे। अब सवाल है कि भारत में लैंड करते ही क्या होगा?
देश की 'स्वास्थ्य आपातकाल' पर संसद में हड़कंप! राहुल गांधी ने मांगा एक्शन प्लान, जानें सरकार का जवाब और आगे क्या होगा?
12 Dec, 2025 07:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Parliament Winter Session Pollution Debate: दिल्ली में दमघोंटू हवा को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार से प्रदूषण करने को लेकर क्या प्लान है, इस पर सवाल किया और सरकार से चर्चा की मांग रखी. हालांकि सरकार ने राहुल गांधी की बातों को सुना और चर्चा के लिए राजी हो गई. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने पहले ही दिन स्पष्ट किया था कि विपक्ष के सुझावों को साथ लेकर सभी महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा करने और समाधान निकालने के लिए तैयार हैं.
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि वायु प्रदूषण के मुद्दे पर हमारी तरफ से कोई ब्लेम गेम नहीं होगा. इस गंभीर चुनौती के पार पाने के लिए हम सरकार के साथ सहयोग करेंगे. इससे लाखों बच्चे फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे हैं. उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है. इसका कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए. प्रदूषण को लेकर हमको एक-दूसरे पर ब्लेम की बजाय कोई रास्ता निकालना चाहिए. सरकार इसके लिए प्लान बनाए. ताकि देशहित में ठोस कदम उठाया जा सके.
क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी संसद में बोले, “हमारे अधिकांश बड़े शहर जहरीली हवा की चादर पर लिपटे हुए हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को सांस लेने में परेशानी हो रही है. यह एक गंभीर मुद्दा है. इस पर मुझे पूर्ण विश्वास भी है कि सरकार और हमारे बीच इस मुद्दे पर पूर्ण सहमति होगी. यह कोई वैचारिक मुद्दा नहीं है, सभी को इस पर सहयोग करने की जरूरत है. प्रदूषण का कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए. इसके लिए सरकार और विपक्ष दोनों लोग बैठकर चर्चा करें और प्रदूषण को लेकर अलग-अलग प्लान बनाएं.”
राहुल गांधी ने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहल करने की अपील की है. राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में बहस होनी चाहिए. ताकि इसका निदान निकाला जा सके. यह आरोप न लगाएं कि यह आपने क्यों नहीं किया और न ही यह कहें कि हमने क्या नहीं किया. हमें इस पर ध्यान देना है कि भारत के लोगों के लिए क्या करने जा रहे हैं, इस पर ध्यान देना चाहिए. एक-दूसरे पर दोषारोपण की बजाय भारत के भविष्य के बारे में बात करनी होगी.
सरकार चर्चा के लिए तैयार
राहुल गांधी के मुद्दे पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं. इस मुद्दे को बिजनेस एडवाइजरी कमिटी के संज्ञान में भी लाया गया है. सरकार ने पहले ही विपक्ष की बातों पर चर्चा करने की बात कह चुकी है. जल्द ही वायु प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा.
Tata की नई 'कन्वर्टिबल' कार ने मचाई खलबली! इतनी कम कीमत में कोई नहीं, जानें फीचर्स जो उड़ा देंगे होश
12 Dec, 2025 06:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mini Cooper S Convertible: BMW ग्रुप की कंपनी मिनी ने भारतीय बाजार में एक बार फिर अपनी धाक जमाई है. कंपनी ने हाल ही में नई मिनी कूपर एस कन्वर्टिबल को लॉन्च कर दिया है, जिसे भारत की सबसे किफायती कन्वर्टिबल कार बताया जा रहा है. यह कार स्टाइलिश लुक, खुली छत की आजादी और दमदार परफॉर्मेंस का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है.
कितनी है कीमत?
मिनी कूपर एस कन्वर्टिबल को एक सिंगल, फुली-लोडेड वेरिएंट में लॉन्च किया गया है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 58.50 लाख रुपये तय की गई है. लांकि, मिनी कूपर के लाइनअप में सबसे किफायती मॉडल मिनी कूपर 3-डोर है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 42.70 लाख रुपये से शुरू होती है. लेकिन कन्वर्टिबल सेगमेंट में, नया मॉडल सबसे सस्ती ओपन-टॉप ड्राइविंग का अनुभव प्रदान करता है.
स्टाइल और टेक्नोलॉजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
नई मिनी कूपर एस कन्वर्टिबल मिनी के क्लासिक डिजाइन को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ती है. इसमें एक दमदार 2.0-लीटर, 4-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है. यह इंजन लगभग 204 हॉर्स पावर (hp) और 300 न्यूटन मीटर (Nm) का पीक टॉर्क जेनरेट करता है. समें 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स (DCT) मिलता है. यह कार 6.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार का दावा करती है.
डिज़ाइन की खास बातें
इस कार की सबसे बड़ी खासियत इसकी इलेक्ट्रिक फैब्रिक सॉफ्ट-टॉप रूफ है, जो महज 18 सेकंड में खुल जाती है और 15 सेकंड में बंद हो जाती है. इसे 30 किमी/घंटा की रफ्तार तक चलाया जा सकता है. कार में सिग्नेचर राउंड LED हेडलाइट्स, DRLs और पीछे की तरफ यूनियन जैक-थीम वाली LED टेल-लाइट्स दी गई हैं. इसे 18-इंच के अलॉय व्हील्स के साथ पेश किया गया है.
तेजस एमके1ए की डिलीवरी 2026 तक टली, 12 चाहिए थे सिर्फ 5 इंजन मिले
12 Dec, 2025 05:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1ए की पहली डिलीवरी अब 2026 तक खिसक गई है। वजह है अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक की इंजन सप्लाई में भारी देरी। पांचवां एफ-404 इंजन अब भारत पहुंचने वाला है, लेकिन इस साल दिसंबर तक 12 इंजन मिलने थे, जबकि सिर्फ 5 ही आए हैं। बाकी इंजन न आने से एचएएल के पास बने हुए 10 तैयार विमान खड़े हैं, डिलीवरी नहीं हो पा रही।
17 अक्टूबर 2025 को नासिक से तेजस एमके1ए की पहली उड़ान सफलतापूर्वक हो चुकी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका शुभारंभ किया था। लेकिन अब हथियार एकीकरण, फ्लाइट ट्रायल और टेस्टिंग बाकी है, जिसके लिए सभी विमानों में इंजन लगना जरूरी है। 2021 में 99 एफ-404 इंजनों का ऑर्डर दिया गया था, जो 2029 तक आने थे। लेकिन कंपनी की प्रोडक्शन लाइन 5 साल बंद रहने से सप्लाई चेन पूरी तरह बिगड़ गई। अब नया प्लान है कि 2026 से हर महीने 2 इंजन मिलेंगे।
इस देरी से भारतीय वायुसेना को पुराने मिग-21 जैसे विमानों को और लंबे समय तक चलाना पड़ेगा। 83 तेजस एमके1ए का पूरा ऑर्डर अब 2029 तक खत्म होगा, यानी 4 साल लेट। फिर भी एचएएल ने प्रोडक्शन बढ़ा दिया है। नासिक में 8 और बेंगलुरु में 16 विमान सालाना बन रहे हैं। कुल 24 विमान प्रति वर्ष का लक्ष्य है।
नवंबर 2025 में 97 अतिरिक्त तेजस एमके1ए के लिए 113 इंजनों का नया सौदा भी हो चुका है, जिनकी डिलीवरी 2027 से शुरू होगी। आगे तेजस एमके2 का रोलआउट 2027 में होगा, जो और ताकतवर होगा। लंबे समय में कावेरी स्वदेशी इंजन पर भी काम चल रहा है, लेकिन अभी विदेशी इंजन पर ही निर्भरता है। विशेषज्ञों का कहना है कि देरी चिंताजनक है, लेकिन एचएएल की मेहनत से कार्यक्रम अब फिर पटरी पर लौट रहा है। 2026 में वायुसेना को पहला तेजस एमके1ए बैच मिलेगा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम होगा।
बच्ची से दुष्कर्म करने में रहा नाकाम तो गुप्तांग में डाल दी रॉड, आरोपी गिरफ्तार
12 Dec, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। गुजरात में राजकोट में निर्भया कांड जैसी वारदात घटी। पुलिस ने कुछ घंटों बाद ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को पुलिस आरोपी रामसिंह को घटनास्थल पर ले गई, जहां उसने पुलिसकर्मी पर हमला कर भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस की फायरिंग उस पर फायरिंग कर दी जो रामसिंह के पैर में लगी। आरोपी को इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी रामसिंह ने राजकोट जिले का कानपुर गांव में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की। नाकाम रहने पर उसने बच्ची के गुप्तांग में रॉड डाल दी। बच्ची को राजकोट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने करीब 100 संदिग्धों से पूछताछ के बाद रामसिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।
परेशान यात्रियों को 5,000 से 10,000 रुपये का मुआवजा.....10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर
12 Dec, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बीते कई दिनों से इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दिसंबर के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी हुईं, क्योंकि इस दौरान सैकड़ों इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द हुई। जिससे यात्रियों को आर्थिक तौर पर भारी नुकसान उठना पड़ा है।
इसके बाद एयरलाइन के खिलाफ डीजीसीए ने सख्त कदम उठाया है। अब इंडिगो ने 3, 4 और 5 दिसंबर को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने की वजह से यात्रियों को राहत देने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा।
इसके साथ ही एयरलाइन ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों के लिए 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर जारी करने की घोषणा की है। यह फैसला उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिनकी यात्रा योजनाएं अचानक बदल गईं और जिन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस ट्रैवल वाउचर की खास बात यह है कि इस वाउचर को अगले 12 महीनों तक कभी भी इस्तेमाल कर सकते है। यात्री भारत में इंडिगो की किसी भी घरेलू उड़ान या फिर अंतरराष्ट्रीय रूट के लिए इन वाउचर का उपयोग कर सकते हैं। इंडिगो ने बताया कि 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर उन यात्रियों दी जाएगी, जिनकी यात्राएं एक से ज्यादा बार बदलनी पड़ीं, यानी जिनकी उड़ानें बार-बार रीशेड्यूल हुईं, या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज को चेक करें, ताकि उन्हें मुआवजा और वाउचर क्लेम करने की प्रक्रिया में आसानी हो।
कंपनी के अनुसार, मुआवजा राशि डीजीसीए द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत मिलेगी। जिन यात्रियों की उड़ानें एयरलाइन की वजह से रद्द हुईं, वे नियमों के मुताबिक इस मुआवजे के हकदार हैं। इंडिगो ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई असुविधा के आधार पर होगी।
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