महाराष्ट्र
पुणे में सैलरी कटने पर ड्राइवर का खौफनाक कदम, कंपनी की गाड़ी में आग लगाकर 4 कर्मचारियों की हत्या
21 Mar, 2025 07:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के पुणे से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक कंपनी के बस ड्राइवर की सैलरी कटने पर उसने खौफनाक बदला ले डाला. ड्राइवर ने गुस्से में चलती बस में आग लगा दी. जिस वक्त घटना को अंजाम दिया गया, उस दौरान बस में कंपनी के 12 कर्मचारी मौजूद थे. आग लगाने के बाद ड्राइवर और उसके साथ बैठे अन्य लोग बस से कूद गए. पीछे बैठे कंपनी के कर्मचारी फस गए. इस घटना में 4 कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई और 6 बुरी तरह झुलस गए. पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार किया है.
आईटी कंपनी व्योम ग्राफिक्स के कर्मचारियों को ले जा रही मिनी बस में आग लगने की घटना में बड़ा खुलासा हुआ है. मिनी बस में लगी आग कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि ड्राइवर की सोची-समझी साजिश थी. ड्राइवर ने खुद बस में आग लगाई थी. इस हादसे में कंपनी के चार इंजीनियर की मौत हुई थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि टैंपो ड्राइवर ने दिवाली बोनस कटने और वेतन में कटौती से नाराज होकर यह खौफनाक कदम उठाया.
आग लगाने के लिए खरीदा था बेंजीन केमिकल
पुलिस उपायुक्त ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि हादसे के बाद ड्राइवर और आगे बैठे कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए थे.जानकारी के अनुसार, पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित आईटी कंपनी व्योम ग्राफिक्स के 12 कर्मचारी मिनी बस में सवार थे. हिंजेवाड़ी पुलिस के द्वारा जुटाए गए सबूत सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच में सामने आया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी. आरोपी बीएस ड्राइवर जनार्दन हंबार्डिकर ने एक दिन पहले प्लास्टिक बनाने में इस्तेमाल होने वाला बेंजीन नामक ज्वलनशील रसायन लिया था. उस रसायन की एक बोतल को आरोपी ने ड्राइवर सीट के नीचे छिपाकर रखा था.
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस उपायुक्त विशाल गायकवाड़ के अनुसार, घटना के दिन बस के हिंजेवाड़ी पहुंचने पर आरोपी जनार्दन ने कपड़े के टुकड़ों में माचिस से आग लगा दी. बोतल में बेंजीन रसायन होने के कारण मिनी बस में तेजी से आग फैल गई. कुछ ही देर में आग इतनी भीषण हो गई कि पूरी बस इसकी चपेट में आ गई. आग लगाने के बाद ड्राइवर और उसके पास आगे बैठे बाकी लोग बस से उतर कर भाग गए. मिनी बस में पीछे बैठे कंपनी के 12 कर्मचारी उसमें फंस गए. पीछे से बस का दरवाजा बंद था, वो खुल न सका. आग में जलने से कंपनी के चार कर्मचारी जलकर मर गए.
कंपनी में इंजीनियर थे चारों मृतक
चारों मृतक कंपनी में इंजीनियर थे. हादसे में 6 कर्मचारी झुलस गए. इस हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियरों की पहचान सुभाष भोसले (42), शंकर शिंदे (60), गुरुदास लोकरे (40) और राजू चव्हाण (40) के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में आरोपी बस ड्राइवर जनार्दन हंबार्डिकर ने अपना गुनाह कुबूल किया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है. इस घटना ने पुणे की आईटी सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है, साथ ही कर्मचारियों ने सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
देवेंद्र फडणवीस का कड़ा रुख, गौ तस्करी के आरोपियों पर मकोका कानून के तहत होगी कार्रवाई
20 Mar, 2025 05:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में गौ तस्करी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है. महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसको लेकर एक अहम घोषणा की है. उन्होंने कहा कि गौ तस्करी के आरोपियों पर अब मकोका के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि मकोका जैसे सख्त कानून से गौ तस्करी के आरोपियों को कड़ी सजा मिलेगी.
विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर कोई आरोपी बार-बार गौ तस्करी के आरोप में पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार गौ तस्करी पर कड़ी नजर रख रही है. इस अपराध को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. आपको बता दें कि पिछले साल ही महाराष्ट्र में गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया गया है.
महाराष्ट्र में गाय को राज्यमाता का दर्जा
सीएम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार गौ तस्करी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मकोका जैसे सख्त कानून का उपयोग किया जाएगा. ताकि उसे कठोर सजा मिल सके और वह समाज के लिए खतरे का कारण न बने. महाराष्ट्र में पिछले साल तत्कालीन एकनाथ शिंदे की सरकार में गाय को राज्यमाता का दर्जा दिया गया था. शिंदे ने कहा था कि यह फैसला राज्य में देशी गाय की घटती संख्या को लेकर की गई है.
मूर्तिकार राम सुतार को महाराष्ट्र भूषण: CM
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार को राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान महाराष्ट्र भूषण के लिए चुना गया है. पिछले महीने अपना 100वां जन्म दिन मनाने वाले सुतार को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का डिजाइन तैयार किया है, जो 182 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. ‘महाराष्ट्र भूषण’ के तहत 25 लाख रुपए और एक स्मृति चिह्न प्रदान किया जाता है.
दिशा सालियान केस: पिता की याचिका पर अदालत की प्रतिक्रिया, हत्या की संभावना पर विचार
20 Mar, 2025 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिशा सालियान की मौत के करीब पांच साल बाद उनके पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इसको लेकर एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है. दिशा सालियान एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थी. 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में 14वीं मंजिल से गिरकर उसकी मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था.
अब पांच साल बाद दिशा के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग और शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है. दिशा के पिता का कहना है कि इस केस में आदित्य ठाकरे की संलिप्तता है. सबूतों से छेड़छाड़ की गई. दिशा के पिता की इस याचिका के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है. कई नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं.
यह एक दुर्घटना थी, हत्या नहीं- संजय राउत
दिशा सालियान के पिता की याचिका पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा है कि मैंने पुलिस जांच देखी है और यह एक दुर्घटना थी, हत्या नहीं. उसके पिता ने घटना के पांच साल बाद याचिका दायर की है. पूरा राज्य इस याचिका के पीछे की राजनीति जानता है. ये लोग औरंगजेब के मुद्दे पर पनप नहीं पाए, जिसका असर उनके खिलाफ हो गया. औरंगजेब के मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ने के लिए वे दिशा सालियान मामले को हवा दे रहे हैं. यह गंदी राजनीति हमारे राज्य को नाम बदनाम कर रही है.
आदित्य ठाकरे का इससे कोई लेना-देना नहीं- रोहित पवार
वहीं, इस मामले में एनसीपी-एससीपी विधायक रोहित पवार ने कहा कि दिशा सालियान के पिता कोर्ट गए हैं. कोर्ट जो कहेगा उसे हमें मानना पड़ेगा. लेकिन हमें यकीन है कि आदित्य ठाकरे का इससे कोई लेना-देना नहीं है, हम उनके साथ हैं. भाजपा अब इस पर राजनीति करना शुरू कर देंगे. चार साल पहले सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी. आत्महत्या के तुरंत बाद बिहार में बैनर सिर्फ बिहार चुनाव के लिए लगाए गए थे. अब 4 साल बाद भाजपा इस मुद्दे को आगे ले जाएगी क्योंकि 4 महीने बाद बिहार में चुनाव हैं.
अदालत के आदेश का पालन किया जाएगा- गृह राज्य मंत्री
वहीं, महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस मामले पर कहा कि अदालत के आदेश का पालन किया जाएगा. मंत्री उदय सामंत ने कहा कि इस पर राजनीतिक टिप्पणी करना और राजनीति करना सही नहीं है.
यह सब अब एक साजिश का हिस्सा- अनिल देशमुख
एनसीपी-एससीपी नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि मैं दिशा सलीना के पिता द्वारा दायर याचिका पर जानकारी ले रहा हूं. यह सब अब एक साजिश का हिस्सा लग रहा है.
सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने क्या कहा?
दिशा सालियान मामले पर दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने कहा कि पहले दिशा सालियान के पिता ने कहा था वे कुछ नहीं जानते हैं आत्महत्या ही होगी. बाद में किस बात पर वे कह रह हे हैं कि ये आत्महत्या नहीं हत्या है ये मुझे नहीं पता. उन्होंने जो किया है ठीक किया है. इससे सुशांत का केस भी साफ हो जाएगा कि क्या हुआ था. पहले की सरकार और अब की सरकार में फर्क है. वर्तमान मुख्यमंत्री अपने स्तर पर जो भी करेंगे सही करेंगे.
नागपुर हिंसा: फडणवीस ने कहा, 'हम अपराधियों को कब्र से भी बाहर निकालेंगे
19 Mar, 2025 09:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर में हुई हिंसा पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में दो टूक कहा है कि जिन्होंने पुलिस पर हमला किया है उन्हें हम कब्र में से भी खोदकर बाहर निकालेंगे. नागपुर अभी शांत है. 1992 के बाद भी कभी दंगे नहीं हुए. कुछ लोगों ने जानबूझकर ये सब किया. कोई भी आयत लिखी चादर नहीं जलाई गई. जानबूझकर अफवाह फैलाई गई कि आयत जलाई गई. कानून व्यवसथा के मुद्दे पर काफी चुनौतियां हैं, जिनसे हम निपटेंगे.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में राज्य की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, नागपुर सीपी ने कहा कि हम अभी जांच कर रहे हैं और अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं. इसलिए मेरे और सीपी के बयान में कोई अंतर नहीं है.जब तक इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो जाती, चैन से नहीं बैठेंगे.
अन्य मामलों में तो आरोपियों को माफी मिल जाएगी
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा,मैंने नागपुर मामले पर पुलिस कमिश्नर से चर्चा की है. हम पुलिस पर हमला करने वालों को कब्र से ढूंढ़ निकालेंगे. अन्य मामलों में तो आरोपियों को माफी मिल जाएगी लेकिन पुलिस पर हमले के मामले में कोई माफी नहीं मिलेगी. नागपुर शहर शांतिपूर्ण है. यहां हमेशा शांति रहती है.
छापेमारी में पुलिस को कई हथियार मिले
इससे पहले मंगलवार को सीएम ने विधानसभा में बताया था, छापेमारी में पुलिस को कई हथियार मिले हैं. कई जगह छतों पर पत्थर छिपाकर रखे गए थे. पूरा प्लान करके हमला किया गया था. 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने औरंगजेब की कब्र तोड़ने को लेकर आंदोलन किया था. इस दौरान प्रतीकात्मक कब्र बनाई थी और औरंगजेब की कब्र हटाओ जैसे नारे लगाए गए थे और उसे जलाया गया था. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था.
सीएम ने बताया था, ये घटना करीब 3 बजे हुई थी. इस दौरान नमाज खत्म करने के बाद करीब 200 से 300 लोग वहां जमा हो गए. इसी बीच अफवाह फैलाई गई कि जलाई गई प्रतीकात्मक कब्र पर जो हरे रंग का कपड़ा था, उस पर धार्मिक मजकूर लिखा हुआ था. इसके बाद भीड़ उग्र हो गई, नारेबाजी करने लगी और हिंसा हुई.
नागपुर में हुए दंगे के पीछे आतंकवादियों का हाथ, एटीएस ने शुरू की जांच
19 Mar, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के सबसे शांत शहर माने जाने वाले नागपुर की हिस्सा में टेररिस्ट कनेक्शन का एंगल मिला है. दरअसल यह पूरा बवाल कश्मीर की तर्ज पर हुआ है. कश्मीर की तरह ही इस बवाल में भी अचानक भीड़ जुटी. इस भीड़ में शामिल सभी दंगाई रुमाल से अपना चेहरा ढंके हुए थे. पत्थरबाजी का पैटर्न भी कश्मीर वाला ही था. इसके अलावा पुलिस ने इस दंगे से जुड़े 66 ऐसे वीडियो ट्रैस किए हैं, जिनसे देखकर पता चलता है कि कैसे भीड़ को उकसाया गया.
इस इनपुट के बाद महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वायड दंगे की जांच में जुट गई है. इस टीम में शामिल अधिकारियों का मानना है कि दंगे का मास्टर माइंड फहीम तो मोहरा भर है. इस दंगे को नियंत्रित कोई और कर रहा था. आशंका है कि दंगे की रूपरेखा किसी टेररिस्ट आर्गनाइजेशन ने तैयार की थी और इसे स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिया गया. इसमें भीड़ जुटाने के लिए विधिवत सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया.
कश्मीर पैटर्न पर हुआ दंगा
अधिकारियों के मुताबिक दंगाइयों ने कश्मीर पैटर्न को फॉलो करते हुए पुलिस को ही मुख्य निशाने पर रखा था. पुलिस अब तक इस मामले में फहीम और उसकी पार्टी के 10 लोगों को अरेस्ट कर लिया है. इन आरोपियों को कभी आमने सामने बैठाकर तो कभी अलग अलग पूछताछ की जा रही है. चूंकि फहीम के बुलावे पर इतनी भीड़ नहीं आ सकती. ऐसे में पता किया जा रहा है कि फहीम के पीछे किसी आर्गनाइजेशन का हाथ है.
इन बिंदुओं पर हो रही है जांच
मामले की जांच से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के मुताबिक दंगे की जांच में पहला पॉइंट फंडिंग है. यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि इसके लिए फंडिंग कहां से हुई और किसने की. इसके अलावा भीड़ जुटाने के लिए कब और कैसे इंतजाम किया गया. यह भी पता किया जा रहा है कि भीड़ को पैसा किसने बांटा. इसके अलावा टूलकिट और अफवाह फैलाने की रणनीति की भी जांच कराई जा रही है. पुलिस के मुताबिक आशंका है कि 17 मार्च को हुए इस दंगे की योजना किसी मदरसे में बैठकर कुछ दिन पहले ही बनाई गई थी. माना जा रहा है कि इस दंगे की साजिश में कोई धर्मगुरु भी शामिल था.
सीसीटीवी और वीडियो खंगाल रही पुलिस
जांच एजेंसियों के मुताबिक देखा जा रहा है कि दंगे के बाद आरोपियों को भागने और छिपने में किन किन लोगों ने मदद की. इस मामले में पुलिस ने अब तक 50 से अधिक लोगों को अरेस्ट किया है. इसके अलावा अन्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे और सोशल मीडिया में वायरल वीडियो भी खंगाले जा रहे हैं. पुलिस कमिश्नर रविंदर सिंघल ने बताया कि हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने पत्थरबाजी, आगजनी और पुलिस पर हमले किए. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी हिंसा को साजिश करार दिया है.
नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान, इसे सुनियोजित साजिश बताया
18 Mar, 2025 08:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीते दिन नागपुर में इस मुद्दे को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर हिंसा हुई. जिसको लेकर राज्य विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. मंगलवार (18 मार्च) को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हिंसा मामले में विधानसभा में बयान दिया. उन्होंने इस हिंसा को एक सुनियोजित साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि छापेमारी में पुलिस को कई हथियार मिले हैं, कई जगह छतों पर पत्थर छिपाकर रखे गए थे. सीएम ने कहा कि पूरा प्लान करके हमला किया गया था.
उन्होंने बताया कि 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने औरंगज़ेब की कब्र को तोड़े जाने को लेकर आंदोलन किया. इस दौरान सूखे घास की एक प्रतीकात्मक कब्र बनाई गई ,और औरंगजेब की कब्र हटाओ जैसे नारे लगाए गए और उसे जलाया गया. सीएम ने बताया कि गणेश पेठ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया.
‘अफवाह के चलते उग्र हुई भीड़’
उन्होंने बताया कि ये घटना करीब 3 बजे हुई. इसी दौरान मस्जिद की नमाज खत्म करने के बाद करीब 200 से 300 लोगों का जमावड़ा वहां जमा हो गया. सीएम ने बताया कि इसी बीच एक अफवाह फैलाई गई कि जो प्रतीकात्मक कब्र जलाई गई थी उस पर जो हरे रंग का कपड़ा था उस पर धार्मिक मजकूर लिखा हुआ था. इस अफवाह के बाद भीड़ उग्र हो गई और नारेबाजी करने लगी. जिसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग कर भीड़ को हटाया.
‘भीड़ ने 12 वाहनों में लगाई आग’
फडणवीस ने आगे बताया कि इसके बाद जमा हुई भीड़ ने मांग की कि बजरंग दल के जिन लोगों ने प्रतीकात्मक कब्र जलाई है उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए. उन्होंने बताया कि सभी लोगों को को गणेश पेठ पुलिस थाने जाने दिया गया. इसी दौरान हंसापुरी इलाके में 200 से 300 लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई और पत्थरबाजी शुरू कर दी. लोगों पर हथियारों से हमला किया गया वहीं 12 मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया.
‘डीसीपी पर कुल्हाड़ी से हमला’
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी बीच तीसरी घटना भलदार पूरा इलाके में हुई जहां 80 से 100 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और 1 जेसीबी, 2 क्रेन में आग लगा दी. उन्होंने बताया कि इस भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. फडणवीस ने कहा कि इस पूरी वारदात में 33 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं, जिसमें 3 डीसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि एक डीसीपी अधिकारी पर भीड़ ने कुल्हाड़ी से हमला किया था. उन्होंने बताया कि इस घटना में 5 नागरिक भी जख्मी हुए हैं जिसमें एक की हालत गंभीर है वो आईसीयू में भर्ती है.
‘एक ट्रॉली पत्थर मिले’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि गणेश पेठ पुलिस थाने में कुल 3 FIR दर्ज की गई हैं और 2 FIR दर्ज करने का प्रोसेस जारी है. उन्होंने बताया कि कुल 5 एफआईआर दर्ज हो रही है. उन्होंने बताया कि नागपुर के 11 पुलिस स्टेशनों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. मामले में 5 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं. फडणवीस ने बताया कि हिंसा स्थलों से पत्थरों से भरी एक ट्रॉली मिली है. कुछ खास घरों और संस्थानों को निशाना बनाया गया. सीएम ने कहा ‘हम निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे और जिन्होंने कानून और व्यवस्था को अपने हाथों में लिया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’.
संजय राउत ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखकर जयकुमार रावल पर लगाए गंभीर आरोप
18 Mar, 2025 06:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई के न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के बीच उद्धव ठाकरे गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने सीएम से राज्य के विपणन मंत्री और धुले जिले के संरक्षक मंत्री जयकुमार रावल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ-साथ उन्होंने जयकुमार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की. राउत ने दावा किया है कि जयकुमार रावल को इसलिए सुरक्षा मिल रही है क्योंकि वो बीजेपी से जुड़े हैं.
संजय राउत ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से अनुरोध किया है कि वे जयकुमार रावल के भ्रष्टाचार को देखते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दें. उद्धव गुट के नेता ने कहा कि जयकुमार रावल ने रावल कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है. फर्जी पारिवारिक कर्जदार बनाकर करोड़ों रुपए का गबन किया गया. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की 26 एकड़ जमीन हड़पने का भी प्रयास किया.
संजय राउत ने पत्र में क्या कहा है?
संजय राउत ने पत्र में लिखा है, राजनीतिक हलकों के हस्तक्षेप के कारण महाराष्ट्र में कई सहकारी और नागरिक बैंक बर्बाद हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आम जमाकर्ताओं को भारी नुकसान हुआ है. जॉर्ज फर्नांडीस द्वारा स्थापित न्यू इंडिया बैंक में भी इसी तरह मनमाने और अवैध तरीके से ऋण वितरित किए गए, जिससे हजारों जमाकर्ताओं को नुकसान हुआ और इस मामले के आरोपी मुंबई पुलिस की हिरासत में हैं.
उन्होंने आगे कहा कि डोंडाई के जनता सहकारी बैंक में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई थी. बैंक के राजनीतिक मालिकों ने बिना कोई गारंटी लिए अपने करीबी रिश्तेदारों को 98 करोड़ रुपए का ऋण दे दिया. इतना ही नहीं, बैंक के अधिकार क्षेत्र से बाहर गुजरात में रिश्तेदारों को भी करोड़ों रुपए दिए गए. संजय राउत ने पत्र में आरोप लगाया कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य हमारे मंत्रिमंडल के सदस्य जयकुमार रावल द्वारा किया गया है.
राउत ने जांच पर भी उठाए सवाल
राउत ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव होने के कारण इस मामले की आज तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी. इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी और जांच रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री जयकुमार रावल बैंक घोटाला मामले में तीसरे नंबर के आरोपी हैं. एसआईटी रिपोर्ट यह कहती है. इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए रावल 55 अन्य आरोपियों के साथ फरार हो गए. इस दौरान इनमें से कुछ आरोपियों ने ‘एसआईटी’ जांच पर सवाल उठाए.
राउत बोले- रावल के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले गिनाए जा सकते हैं
उन्होंने कहा कि रावल का आचरण एक जनप्रतिनिधि के अनुरूप नहीं है. यदि ऐसा व्यक्ति मंत्रिमंडल में है तो महाराष्ट्र के लोगों को किस आदर्श का अनुसरण करना चाहिए? रावल के भ्रष्टाचार के कई मामले गिनाये जा सकते हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की 26 एकड़ जमीन हड़पने के रावल के प्रयास को विफल कर दिया है. यह मामला भी आपराधिक प्रकृति का है. आखिर में इस सज्जन को मंत्रिमंडल में क्यों शामिल किया गया है?
महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने विरोध किया
17 Mar, 2025 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर विवाद इन दिनों महाराष्ट्र की सियासत में छाया हुआ है. राज्य में कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से छत्रपति संभाजीनगर के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की जा रही है. केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इस मांग का विरोध किया है. कांग्रेस नेता भाई जगताप ने इस पर राजनीति बंद करने की मांग की है तो बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि कब्र को वहां से हटा दिया जाना चाहिए.
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र में है. सभी को यह पता है कि शिवाजी महाराज और शंभाजी महाराज ने इस क्रूर शासक को 27 सालों तक परेशान करके रखा और महाराष्ट्र पर काबिज नहीं होने दिया. अब इस कब्र को यहां से हटाने की बात करने वाले राजनीति करना बंद करें.
कब्र हटाने की बात करने वालों के साथः राम कदम
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता राम कदम ने औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करते हुए कहा, “औरंगजेब जैसे क्रूर शख्स का जो भी लोग महिमामंडन कर रहे हैं वो गलत है. उसकी कब्र को यहां से हटा देना चाहिए और मैं भी इसके साथ हूं जो कब्र को हटाने की बात कर रहे हैं.”
महाराष्ट्र कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तुलना औरंगजेब से कर दी. इस पर विवाद खड़ा हो गया है. इस मसले पर राम कदम ने कहा कि कांग्रेस के प्रांत अध्यक्ष अपने नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए ऐसा घटिया बयान दे रहे हैं कि औरंगजेब और फडणवीस एक समान हैं. इनकी औकात नहीं है कि वह फडणवीस पर कुछ कह सकें.
सपकाल के बयान पर सदन में हंगामा
बीजेपी ने हर्षवर्धन सपकाल के उक्त बयान की कड़ी निंदा की है. बीजेपी ने कहा कि उनका यह बयान गैरजिम्मेदाराना है. सपकाल के बयान पर सोमवार को विधानसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ. सत्तारुढ़ महायुति गठबंधन के विधायकों की ओर से सपकाल की टिप्पणी का मुद्दा उठाए जाने पर सदन में हंगामा हुआ. कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी.
महायुति के विधायकों ने सपकाल की टिप्पणी की निंदा की तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सपकाल ने कल रविवार को कहा था, “औरंगजेब एक क्रूर शासक था. आज सीएम देवेंद्र फडणवीस भी उतने ही क्रूर शासक हैं. वह हमेशा धर्म से जुड़े मुद्दों का सहारा लेते हैं, लेकिन सरपंच संतोष देशमुख की हत्या जैसे मामलों पर कुछ नहीं करते.”
बारामती में फिर चाचा-भतीजे की टक्कर, युगेंद्र पवार ने अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ने के संकेत दिए
15 Mar, 2025 06:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में बारामती में एक बार फिर चाचा-भतीजे के बीच लड़ाई देखने को मिल सकती है. राष्ट्रवादी पार्टी शरद पवार गुट के नेता युगेंद्र पवार ने संकेत दिया है कि वे चीनी मिल चुनाव में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेगे. उन्होंने पैनल बनाने का ऐलान किया है.युगेंद्र पवार ने कहा है कि मजदूर चाहते हैं कि वो चीनी मिल चुनाव लड़ें. इस बीच अब युगेंद्र पवार ने चीनी मिल चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं, जिससे संभावना है कि बारामती में एक बार फिर चाचा-भतीजे आमने-सामने होंगे. युगेंद्र पवार ने चीनी मिल चुनाव में अजित पवार के खिलाफ पैनल बनाने का संकेत दिया है. युगेंद्र पवार ने कहा है कि मजदूर चाहते हैं कि चीनी मिल चुनाव लड़े.
उन्होंने कहा कि शरद पवार साहब ने मालेगांव शुगर फैक्ट्री, सोमेश्वर शुगर फैक्ट्री या पूरे गन्ना क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया है. पवार साहब ने इस क्षेत्र में न केवल आज बल्कि पिछले चालीस-पचास वर्षों से योगदान दिया है. पवार साहब हमारे पीछे हैं.
चीनी मिल के चुनाव फिर होंगे आमने-सामने
युगेंद्र पवार ने कहा है कि हमारे पास वहां सक्षम उम्मीदवार हैं और अगर हम उस चीनी मिल को बचा सकते हैं तो चुनाव लड़ने में क्या दिक्कत है ? इसलिए अब संभावना है कि युगेंद्र पवार मालेगांव शुगर फैक्ट्री और सोमेश्वर शुगर फैक्ट्री चुनाव में अपना पैनल उतारेंगे. अगर ऐसा हुआ तो बारामती में एक बार फिर चाचा-भतीजे के बीच लड़ाई देखने को मिल सकती है. युगेंद्र पवार ने पिछली बार बारामती विधानसभा चुनाव में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था. उस समय व्याप्त राजनीतिक स्थिति की पृष्ठभूमि में पूरे राज्य का ध्यान इस निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों पर केंद्रित था.
विधानसभा चुनाव में अजित ने युगेंद्र को किया था पराजित
चाचा-भतीजे का यह मुकाबला काफी करीबी था, लेकिन इस चुनाव में अजित पवार ने युगेंद्र पवार को हरा दिया था. इस चुनाव में अजित पवार को 181,132 वोट के साथ 66.13 फीसदी मत मिले थे, जबकि एनसीपी-एसपी के उम्मीदवार युगेंद्र पवार को 80,233 वोट के साथ 29.29 फीसदी मत मिले थे.
चुनाव में न केवल अजित पवार की जीत हुई है, बल्कि महायुति की सत्ता में वापसी हुई थी. महाराष्ट्र में महायुति की सरकार का गठन हुआ और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस मुख्ममंत्री बने हैं, जबकि अजित पवार को फिर से उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एकनाथ शिंदे, जो पिछली सरकार में मुख्यमंत्री थे, उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.
संजय राउत का बयान: देश और समाज के लिए संकीर्ण मानसिकता सही नहीं
14 Mar, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश भर में होली का त्योहार मनाया जा रहा है. इसी बीच शिवसेना UBT के नेता संजय राउत ने कहा, होली एक ऐसा त्योहार है जिसमें सभी मिलकर रंग खेलते हैं, सुख-दुख साझा करते हैं, लेकिन आज देश और महाराष्ट्र में क्या हो रहा है? कहीं मस्जिदों को ढकने की नौबत आ रही है, कहीं एक ओर होली हो रही है और दूसरी ओर नमाज पढ़ी जा रही है. खैर, ये भी दिन बीत जाएंगे.
संजय राउत ने आगे कहा, हम बहुत संकीर्ण मानसिकता के हो गए हैं और यह संकीर्णता देश, समाज और हिंदू धर्म के लिए ठीक नहीं है. हमारी छवि विश्व भर में एक उदार और सहिष्णु धर्म के रूप में है, इसलिए हिंदू धर्म को दुनिया में सम्मान प्राप्त है. हम अपने धर्म की रक्षा करते हुए अपनी संस्कृति में सभी को स्वीकार करते हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में हमारी संस्कृति की स्वतंत्रता को खत्म कर दिया गया है. हमें संकीर्ण मानसिकता की ओर धकेला जा रहा है और एक विशेष समूह हमें धर्म के नाम पर बांटना चाहता है.
“हम किसी को भी विरोधी नहीं मानते”
शिवसेना UBT नेता संजय राउत ने होली के मौके पर कहा, हम किसी को भी विरोधी नहीं मानते. आज होली और रंगपंचमी का एक महत्वपूर्ण त्योहार है. कई वर्षों से यह त्योहार सभी मिलकर मनाते आ रहे हैं. मैं हाल ही में दिल्ली में था, जहां पहले मुरली मनोहर जोशी, लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे प्रमुख नेता अपने घरों में होली मनाते थे. सभी राजनीतिक दलों और धर्मों के लोग इसमें शामिल होते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह परंपरा बंद हो गई है.
जन सुरक्षा अधिनियम को लेकर संजय राउत ने कहा, हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाएंगे. हम जैसे लोग हमेशा से इस लड़ाई में शामिल रहे हैं. आपातकाल के खिलाफ लड़ने वाले आज काले दिवस (26 जून) क्यों मनाते हैं? अगर आप हमारे अधिकारों और स्वतंत्रता का गला घोंटेंगे, तो इस देश के लोग चुप नहीं बैठेंगे. धर्म के नाम पर नशा देकर आप हमारी स्वतंत्रता पर हमला नहीं कर सकते.
बीजेपी पर साधा निशाना
संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, अगर सरकार को लगता है कि उनके खिलाफ कोई खड़ा नहीं होगा, तो हम खड़े हैं और लाखों लोग हमारे साथ हैं. हम सरकार की तानाशाही के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे. हमें कोई परवाह नहीं, देश की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, बीजेपी की स्वतंत्रता नहीं. हमारे और जनता के अधिकार सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
किसानों की आत्महत्या पर संजय राउत ने कहा, यह बहुत गंभीर मामला है. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीन पर हालात क्या हैं? जिस कैलास का नाम आपने लिया, उसके बारे में मैंने पढ़ा है. आप कहते हैं कि राज्य प्रगति के रास्ते पर है, लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य गिरावट की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र में हर दिन 8 और देश भर में हर दिन 22 किसान आत्महत्या कर रहे हैं. यही देश और राज्य की वास्तविक स्थिति है. नरेंद्र मोदी गंगाजल और कुंभ को लेकर पूरी दुनिया में घूम रहे हैं— आज मॉरीशस, नेपाल, कल म्यांमार—और इधर हमारे किसान मर रहे हैं.
बावनकुले को लेकर संजय राउत ने कहा, उन्होंने भी अपना ‘शिमगा’ (होली की एक परंपरा) करना चाहिए. चंद्रशेखर बावनकुले के बारे में टिप्पणी करना जरूरी नहीं है क्योंकि वे इतने महान नहीं हैं. शिमगा हमारा त्योहार है, शायद उन्हें इसका ज्ञान नहीं होगा. वे खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, तो क्या उन्हें यह नहीं पता? आप हमारे गणेश उत्सव पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, पीओपी मूर्तियों पर रोक लगा रहे हैं, होली पर भी पाबंदियां लगा रहे हैं—तो फिर शिमगा पर भी प्रतिबंध लगा दो!
“औरंगजेब को मरे हुए 400 साल हो गए”
संजय राउत ने औरंगजेब को लेकर कहा, औरंगजेब को मरे हुए 400 साल हो गए, उसे भूल जाओ. महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या कर रहे हैं—क्या वे औरंगजेब की वजह से कर रहे हैं? नहीं, वे आपकी नीतियों की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं अगर औरंगजेब ने अन्याय और अत्याचार किया था, तो आप लोग क्या कर रहे हैं? किसान मर रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है, महिलाएं आत्महत्या कर रही हैं. औरंगजेब का शासनकाल खत्म हो गया, लेकिन आपका शासनकाल उससे भी ज्यादा बुरा साबित हो रहा है.
एनसीपी पार्टी में विभाजन के बाद पवार परिवार में फिर से एकता का संकेत
14 Mar, 2025 05:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पवार परिवार में जश्न मनाया जाएगा. एनसीपी पार्टी में विभाजन के चलते परिवार में तनाव पैदा हो गया था, अजित पवार और शरद पवार ने अलग-अलग पार्टी बना ली थी, लेकिन एक बार फिर पवार परिवार साथ आता दिखाई दे रहा है. दरअसल, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे जय पवार की शादी तय हो गई है. जय पवार 10 अप्रैल को रुतुजा पाटिल से सगाई कर रहे हैं.
सगाई से पहले जय और रुतुजा परिवार के बड़े शरद पवार और प्रतिभा पवार का आशीर्वाद लेने पहुंचे. जय पवार की शादी के मौके पर पूरा पवार परिवार एक साथ दिखाई देगा. इन दोनों की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई है.
शरद पवार से मिलने पहुंचे
जय और रुतुजा दादा-दादी शरद पवार और प्रतिभा पवार से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए बारामती के मोदी बाग गए. इस मौके पर दोनों ने दादा-दादी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं. जबकि सुप्रिया सुले और पवार परिवार के बाकी लोग भी मैजूद रहे. इसके बाद सुप्रिया सुले ने ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर रुतुजा और जय पवार की शादी की जानकारी दी.
सुप्रिया सुले ने तस्वीरें की शेयर
सांसद सुप्रिया सुले ने जय और रुतुजा की परिवार से इस मुलाकात की जानकारी दी. उन्होंने लिखा, हम बहुत खुश हैं कि जय की शादी तय हो गई है. हमारी होने वाली बहू रुतुजा कल घर आई. उन्होंने शरद पवार और प्रतिभा पवार से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया.
कौन हैं रुतुजा पाटिल?
रुतुजा पाटिल सतारा के फलटन के प्रवीण पाटिल की बेटी हैं, जो एक सोशल मीडिया कंपनी चलाते हैं. जय और रुतुजा एक-दूसरे को कई सालों से जानते हैं. इसी के बाद अब वो दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. जय और रुतुजा की सगाई 10 अप्रैल को होनी है. ये सगाई पुणे में ही होगी. इस सगाई में कई राजनीतिक लोग शामिल होंगे. लंबे समय बाद पवार परिवार में कोई शादी समारोह हो रहा है. साथ ही इस बीच शरद पवार और अजित पवार राजनीतिक तौर पर अलग हो गए थे. इसके चलते कुछ समय तक परिवार में तनाव की स्थिति बनी रही, जिसके बाद अब इस शादी समारोह के मौके पर एक बार फिर से पवार परिवार एक साथ नजर आएगा.
मुंबई पुलिस ने होली पर जबरन रंग लगाने और गुब्बारे फेंकने पर चेतावनी दी, कड़ी कार्रवाई की जाएगी
13 Mar, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होली को लेकर महाराष्ट्र के मुंबई में गुब्बारे फेंकने, जबरन रंग लगाने और रंगीन पानी छिड़कने पर रोक लगाई है. मुंबई पुलिस ने इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस ने होली, धूलिवंदन और रंगपंचमी त्योहार के मद्देनजर 18 मार्च तक इन निर्देशों को लागू किया है. 14 मार्च को होली और जुमे की नमाज को देखते हुए अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. पुलिस अराजकतत्वों पर विशेष नजर रख रही है.
होली का त्योहार शुक्रवार को है. इधर, मुस्लिमो का पवित्र महीना रमजान चल रहा है. इसको लेकर मुंबई पुलिस अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस ने होली के दिन पैदल चलने वालों पर रंगीन पानी और पानी के गुब्बारे फेंकने, जबरन रंग लगाने पर सख्ती से रोक लगाई है. पुलिस का कहना अगर ऐसा करते कोई पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ऐसे लोगों पर नजर बनाए रखेगी. ये सख्त दिशा-निर्देश सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा और रमजान महीने को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं.
अश्लील गाने, आपत्तिजनक नारों पर रोक
मुंबई पुलिस ने 18 मार्च तक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है. पुलिस ने होली मनाने के लिए जबरन चंदा इकट्ठा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही है. इसके अलावा सार्वजनिक समारोहों में अश्लील गाने, अश्लील इशारे या आपत्तिजनक नारे लगाने वालों से भी सख्ती से निपटा जाएगा. इसको लेकर मुंबई पुलिस आयुक्त ने आधिकारिक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक शांति या नैतिक शिष्टाचार को बाधित करने वाले किसी भी कृत्य से सख्ती से निपटा जाएगा.
होली समारोहों की निगरानी के निर्देश
मुंबई में होली को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मुंबई पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से होली समारोहों की निगरानी करने का निर्देश भी जारी किया है. होली पर कहीं माहौल न बिगड़े इसपर पुलिस के अधिकारियों की निगाह बनी हुई है. मिलीजुली आबादी वाले इलाकों में पुलिस के अतिरिक्त जवानों को लगाया गया है.
सिंधुदुर्ग: 10वीं क्लास की छात्रा ने गणित का पेपर देने के बाद मां का अंतिम संस्कार किया
13 Mar, 2025 03:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग से एक दर्द भरी कहानी सामने आई है, जहां एक लड़की ने सुबह 10वीं क्लास का गणित का पेपर दिया और बाद में अपनी मां का अंतिम संस्कार किया. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद लोग लड़की की हिम्मत को सलाम कर रहे हैं. लड़की ने सदमे के बावजूद हिम्मत ना हारते हुए बेहद मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया. लड़की गांववालों के समझाने के बाद पेपर देने गई थी.
सिंधुदुर्ग जिले के सातार्डा में रहने वाली रूपाली राजन जाधव (उम्र 48) नाम की महिला की बीमारी के कारण मौत हो गई. चूंकि उनके पति और दो बेटियां जीवित थीं, इसलिए यह प्रश्न उठा कि उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा. सबसे बड़ी बेटी धनश्री देवासु तालुका के पेडने में एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ रही है और उसका गणित का पेपर सोमवार को होना था. इसलिए उसके सामने बड़ी समस्या थी.
मां के अंतिम संस्कार से पहले बेटी ने दिया एग्जाम
एक और उसकी मां का दुख और दूसरी ओर उसके भविष्य का सवाल. हालांकि, घटना के बाद गांवावालों और स्कूल प्रशासन ने लड़की के घर जाकर उसे सांत्वना दी और उसे परीक्षा के महत्व को याद दिलाया. इसके बाद लड़की ने कठोर दिल करते हुए मां के अंतिम संस्कार से पहले परीक्षा देने के निर्णय लिया. बेटी को परिजन एग्जाम दिलाने के लिए उसे स्कूल ले गए और फिर बाद में उसे घर लाया गया. एग्जाम के दौरान लड़की ने रोते-रोते अपनी परीक्षा पूरी की.
बेटी ने किया मां का अंतिम संस्कार
घर लाने के बाद घर में सन्नाटा पसरा हुआ था. गांव के सभी लोग महिला के अंतिम संस्कार के लिए लड़की का इंतजार कर रहे थे. लड़की के एग्जाम देकर लौटने के बाद गांववालों और परिजनों के मौजूदगी में शाम को महिला की अंतिम संस्कार किया गया. गांव में पहली किसी लड़की ने अंतिम संस्कार किया है. इसके बाद गांववालों ने लड़की के हौसले की जमकर तारीफ दी. साथ ही उसे सांत्वना भी है.
महाराष्ट्र में हलाल और मल्हार मटन को लेकर सियासी हलचल, नितेश राणे का बड़ा ऐलान
12 Mar, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में झटका, हलाल और मल्हार मीट को लेकर सियासत हो रही है. महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने ऐलान किया कि अब मटन के अलग-अलग सर्टिफिकेट दिए जाएंगे, जिससे हिंदुओं को झटका मटन नहीं खाना पड़ेगा. जिन दुकानों को केवल हिंदू संचालित करेंगे उन दुकानदारों को झटका मटन का सर्टिफिकेट दिया जाएगा.मल्हार सर्टिफिकेशन मुद्दे पर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि हिंदुत्व विचारधारा को मानने वाले कार्यकर्ता एकजुट होकर हिंदू समाज के लिए उनके अधिकारों के लिए मटन का एक अच्छा विकल्प लेकर आए हैं. सालों से यह मजबूर किया गया है कि केवल हलाल मटन ही खाना चाहिए. या तो हलाल खाओ, या आपके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
उन्होंने कहा कि हम इसका एक अच्छा विकल्प लेकर आए हैं. हलाल खाना हिंदू धर्म में नहीं लिखा है, इस्लाम धर्म में लिखा है. इसलिए अगर कोई इस तरह का अच्छा विकल्प लेकर आ रहा है, तो मैं उनका समर्थन करता हूं. मंत्री नितेश राणे ने इस योजना की घोषणा करते हुए हिंदुओं से आग्रह किया कि वे उन दुकानों से मटन न खरीदें, जिनके पास मल्हार सर्टिफिकेट ना हो.
मटन पर सियासत तेज
नितेश ने कहा कि मल्हार सर्टिफिकेशन झटका मटन के माध्यम से हिंदू समाज को शुद्ध मटन मिलेगा, जिसमें कोई मिलावट नहीं होगी. इस पहल का उद्देश्य मटन में होने वाली मिलावट को रोकना है. राणे के इस ऐलान के बाद महाराष्ट्र में मटन को सियासत शुरू हो चुकी है. NCP (SP) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, “अब नितेश राणे बताएंगे कि किसे क्या खाना चाहिए और किसे क्या नहीं खाना चाहिए.
दो समुदायों को लड़ाना चाहते हैं?- नाना पटोले
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि नितेश राणे जिम्मेदार पद पर बैठे एक मंत्री को इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए. इस तरह की बातें वो कर रहे हैं, क्या वो समाज में दंगा-फसाद कराना चाहते हैं? या दो समुदायों को लड़ाना चाहते हैं? मुख्यमंत्री को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए या मुख्यमंत्री उनकी हरकतों से सहमत हैं?
अबू आजमी का बयान, जमानत मिल चुकी है, अब पुलिस जांच में सहयोग कर रहा हूं
12 Mar, 2025 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगजेब पर की गई टिप्पणी के मामले में महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी बुधवार (12 मार्च) को जांच अधिकारी के सामने पेश हुए. आजमी पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारी के सामने उपस्थित हुए. पुलिस स्टेशन में पेश होने से पहले आजमी ने कहा कि कोर्ट की तरफ से जमानत मिल चुकी है, अब स्टेशन में पेश होने जा रहा हूं.
अबू आजमी ने कहा कि मैं मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन जा रहा हूं. अदालत ने मुझे पुलिस स्टेशन जाकर तीन दिनों तक पुलिस के सामने साइन करने के लिए कहा था. जहां पर केस दर्ज किया गया है और जांच में सहयोग करें.उन्होंने कहा कि कोर्ट ने खुद पुलिस से पूछा कि आपने स्टेटमेंट लिया? या फिर उनको पढ़ा? इस पर पुलिस ने नहीं जवाब दिया, जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसे कैसे आपने एफआईआर दर्ज कर ली. आजमी ने कहा कि ये फालतू में मामला दर्ज किया गया.
कोर्ट ने जमानत देते हुए कही थी ये बात
अबू आजमी को औरंगजेब पर टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि अबू आजमी को 12, 13 और 15 मार्च को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के बीच जांच अधिकारी के सामने उपस्थित रहना होगा. कोर्ट ने अबू आजमी को 20 हजार रुपये का सॉल्वेंट सिक्योरिटी बांड देने के बाद अग्रिम जमानत दी थी.
क्या था बयान जिस पर मच गया था बवाल?
अबू आजमी पर केस औरंगजेब की तारीफ करने वाली टिप्पणी को लेकर किया गया था. समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र यूनिट के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भारत की सीमाएं अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमार) तक पहुंच गई थीं. आजमी ने औरंगजेब के दौर का जिक्र करते हुए दावा किया था कि हमारा जीडीपी (विश्व जीडीपी) का करीब 24 फीसदी था और भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. साथ ही आजमी ने औरंगजेब और मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई को राजनीतिक लड़ाई करार दिया था.
विधानसभा से भी किए गए थे सस्पेंड
सपा विधायक की यह टिप्पणी छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित हिंदी फिल्म छावा को लेकर की गई थी, जिन्हें 1689 में औरंगजेब के कमांडर ने पकड़ लिया था. पिछले हफ्ते समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी को औरंगजेब की तारीफ करने की वजह से 26 मार्च को चल रहे बजट सत्र के समाप्त होने तक विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था.
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