उत्तर प्रदेश
बिहार की पहली बांग्लादेशी महिला सुमित्रा रानी को मिली भारतीय नागरिकता
4 Jan, 2025 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुमित्रा रानी साहा बिहार की ऐसी पहली महिला हो गई है. जिनको भारतीय नागरिकता मिल गई है. सुमित्रा रानी साहा बांग्लादेश से करीब 20 साल की उम्र में 1985 में बिहार आई थी. अब तमाम औपचारिकता और नियम पूरे कर लेने के बाद उनको CAA के तहत नागरिकता प्रदान कर दी गई है. एक लंबे इंतजार के बाद उन्होंने भारतीय नागरिकता को हासिल कर लिया है. नागरिकता मिलने के बाद रानी साहा का परिवार बहुत ही खुश नजर आ रहा है. सुमित्रा रानी साहा अपनी बुआ के साथ 5 या 6 साल की उम्र में बांग्लादेश गई थी. उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. जिसके कारण वह बांग्लादेश में ही अपनी पढ़ाई करती रही. करीब 20 साल के बाद वह जनवरी 1985 में बांग्लादेश से अपने पिता के साथ अपने घर बिहार में कटिहार आई. सुमित्रा की शादी 1985 में आरा के रहने वाले परमेश्वर प्रसाद से हुई. शादी के बाद तब से लेकर अब तक सुमित्रा वीजा लेकर भारत में रह रही थी.
CAA के तहत मिली नागरिकता
हर साल उनको अपने वीजा के लिए परेशान होना पड़ता था. पिछले साल उन्होंने वीजा के लिए आवेदन किया, तो उन्हें CAA के बारे में जानकारी मिली. हालांकि उनको करीब तीन साल तक वीजा का एक्सटेंशन भी मिला. CAA की जानकारी मिलने के बाद सुमित्रा की बेटी ऐश्वर्या ने नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया और इस काम में लग गई. सुमित्रा की बेटी ऐश्वर्या कहती है कि अब हमें नागरिकता मिल गई है, लेकिन पहले आसपास के लोग हमें कई तरह की बातें कहते थे.
‘लोगों ने किया मानसिक टॉर्चर’
वह यह कहते थे कि हम लोग बांग्लादेश के रहने वाले हैं. आप लोगों को जेल भेज दिया जाएगा. कई प्रकार का मानसिक टॉर्चर किया गया, लेकिन अब हमें नागरिकता मिल गई है. यह हमारे लिए खुशी का लम्हा है. हमें भारत की नागरिकता जब तक नहीं मिली थी, तब तक किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं मिल पा रही थी. गैस कनेक्शन तक नहीं मिला था. लेकिन अब यह सारी सुविधाएं मिलने लगेगी. ऐश्वर्या का यह भी कहना था कि CAA हमारे जैसे लोगों के लिए एक जीवनदान जैसा है. अब हमें नागरिकता मिली है. अब हम सारे डॉक्यूमेंट बनवाएंगे और देश की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे. वहीं सेंसस ऑफ़ डायरेक्टर ऑपरेशन के तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार एम. रामचंद्रुडु, निदेशक, जनगणना- सह- नागरिक निबंधन कार्यालय, पटना की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सशक्त समिति ने भोजपुर जिले की सुमित्रा रानी साहा को नागरिकता प्रदान करने का निर्णय लिया.
महाराजगंज में तेंदुए ने मस्जिद में घुसकर नमाजियों पर किया हमला, 4 घायल
4 Jan, 2025 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराजगंज: महाराजगंज में पिछले एक हफ्ते से तेंदुए के दहशत के साए में लोग जीने को मजबूर हैं। अभी तक लोग बाहर अकेले निकलने से डर रहे थे लेकिन अब तेंदुआ कहीं भी घुस रहा है। शनिवार की सुबह लक्ष्मीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मझौली में स्थित मस्जिद में तेंदुआ घुस आया। इस दौरान तेंदुए ने चार लोगों पर हमला कर दिया। वहीं तेंदुए को पकड़ने के लिए लोगों ने जाल बिछाया और कड़ी मशक्कत कर उसे दबोच लिया। लेकिन उसकी मौत हो गई है। तेंदुए की मौत से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
आपको बता दें कि महाराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मझौली में स्थित मस्जिद में शनिवार की सुबह पांच बजे नमाज के दौरान एक तेंदुआ घुस आया। उसने नमाजियों पर हमला कर दिया। जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तेंदुए के हमले से मस्जिद परिसर में अफरा- तफरी का माहौल हो गया। नमाजियों ने घेराबंदी करते हुए तेंदुए को पकड़ रस्सी से बांध दिया।
तेंदुए की बॉडी को वन कर्मियों ने कब्जे में लिया
इस दौरान मस्जिद परिसर में ही तेंदुए की मौत हो गई। घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी जांच पड़ताल में जुटे हैं। वहीं तेंदुए के शव को कब्जे में ले लिया है और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
तेंदुए के हमले से घायल हुए लोगों की पहचान साजिद अली, नुरूलहोदा, आसमीन खातून व हैदर अली निवासी मझौली के रूप में हुई है। जिन्हें ग्रामीणों की मदद से सीएचसी लक्ष्मीपुर में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नमाजियों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए मछली मारने वाला जाल लगाया था। जिसमें तेंदुए फंस गया।
मामले की जांच कर रहे वन विभाग के अधिकारी
सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए के शव को कब्जे में लिया है। इस मामले में सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेंज के रेंजर वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि तेंदुए के शव को कब्जे में ले लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का सही पता चल सकेगा।
कई लोगों पर कर चुका था हमला
आपको बता दें कि पुरंदरपुर क्षेत्र के विशुनपुर कुर्थिया में तीन दिन पहले ईंट भट्ठे पर काम के दौरान तेंदुए ने एक मजदूर पर हमला कर दिया था। इस हमले में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालांकि इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। लोग लगातार तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। आज तेंदुए की मौत ही हो गई।
सीएम योगी ने पुलिस भर्ती का किया ऐलान, महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष विंग और अतिरिक्त पद
4 Jan, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश में बड़ी पुलिस भर्ती का ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया है. सीएम योगी ने ट्रैफिक पुलिस में महिलाओं की अलग से विंग बनाने के निर्देश दिए हैं. यातायात पुलिसकर्मियों की कमी को देखते हुए आरक्षी के 10 हजार अतिरिक्त पद सृजित करने को भी कहा है. इसमें महिला निरीक्षक, उप निरीक्षक और सिपाही को अलग से तैनात किया जाएगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दे दिए हैं.
सड़क हादसों में कमी लाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक से संबंधित दिशा-निर्देश विभागों को जारी कर दिए गए हैं. इसमें पिछले साल प्रदेश में सड़क हादसों में हुई मौतों की संख्या में इस बार 50 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा यूपी के जिलों मे रोड सेफ्टी एक्शन प्लान बनाने के ठोस उपाय भी बताए गए.
नियम उल्लंघन करने पर कार्रवाई, हो सकता है लाइसेंस रद्द
खासकर परिवहन विभाग की बसों से होने वाली दुर्घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने को कहा गया है. सीएम ने वाहनों के चालान का शुल्क अवश्य जमा कराने का मैकेनिज्म बनाने और नियमों का उल्लंघन करने पर चार चरण में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. अगर नियमों को तोड़ा गया तो लाइसेंस का निलंबन, निरस्तीकरण, बीमा राशि में वृद्धि और पंजीकरण रद्द हो सकता है.
5 से 10 जनवरी तक चलेगा जागरूकता अभियान
सीएम योगी ने 5 से 10 जनवरी तक जागरूकता अभियान चलाए जाने और उसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. उन्होंने शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी रात को गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं. सीएम योगी ने सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज सबसे पहले गृह विभाग को उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए.
महिला ट्रैफिक पुलिस के कुछ मुख्य कार्य
1. यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना।
2. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करना
3. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
4. यातायात जाम को नियंत्रित करना
5. सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाना.
कानपुर में तीन दोस्तों ने 10 लाख रुपये के लिए की हत्या, शव नदी में फेंका
4 Jan, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कानपुर: दोस्ती में मरने जीने की कसम खाने वाले दोस्तों के बीच पैसा आ जाता है, तो अपराध होना लाजमी है. ऐसा ही कुछ कानपुर के चकरी थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक के साथ हआ. यहां युवक की उसी के दोस्त ने पैसों के चलते हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया. मृतक अपने घर पर दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वह लौट कर नहीं आया. आरोपी के बताए हुई जगह पर पुलिस शव की तलाश में जुट गई है.
कानपुर के चकेरी थाना इलाके में 28 दिसंबर शाम अपने घर से दोस्तों से मिलने की बात कह कर निकले राकेश निषाद की उसी के दोस्तों ने हत्या कर दी. पुलिस ने इस पूरे मामले में खुलासा करते हुए बताया है कि मृतक राकेश ने हाल ही में जमीन बेचकर 10 लाख रुपये कमाए थे. राकेश ने पैसे कमाने की बात दोस्त सोनू वर्मा, शिवम गुप्ता और राज कश्यप को बताई थी. 10 लाख रुपये की बात सुनकर सभी का दिमाग पैसों पर अटक गया था.
दोस्तों ने की हत्या
इसके बाद तीनों दोस्त ने 28 दिसंबर को राकेश को बुलाया. उन्होंने पहले तो राकेश को जमकर शराब पिलाई और फिर बहाना बना कर कन्नौज ले गए. आरोपी ने पार्टी के नाम पर राकेश से ही पैसा खर्च कराया था. कन्नौज पहुंचने के बाद तीनों दोस्तों ने राकेश को डराया-धमकाया और 10 लाख रुपये की मांग की, लेकिन जब राकेश ने पैसे देने से मना किया, तो उन्होंने हुडी जैकेट की रस्सी से राकेश का गला घोट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
शव की तलाश में जुटी पुलिस
आरोपियों कन्नौज से लौटने के दौरान राकेश का शव बोरे में डालकर काली नदी में फेंक दिया था. डीपी पूर्वी ने बताया कि परिवार वालों की तहरीर पर पहले मृतक युवक राकेश के दो दोस्तों को पकड़ा और उनसे कड़ाई से पूछताछ की इसके बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस राकेश के शव की तलाश में लग गई हैं. वही, आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
कानपुर में स्कूटी स्टार्ट न होने पर युवक ने गुस्से में अपनी स्कूटी को किया आग के हवाले
4 Jan, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने गुस्से में आकर अपनी स्कूटी में आग लगा दी. युवक को गुस्सा इसलिए आ गया कि काफी कोशिश के बावजूद उसकी स्कूटी स्टार्ट नहीं हो रही थी. आग लगाकर युवक फरार हो गया. आग लगने की घटना से इलाके में कोहराम मच गया. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
कानपुर पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार की है. गोविंदनगर इलाके में एक युवक अपनी स्कूटी स्टार्ट करने का प्रयास कर रहा था. काफी मशक्कत के बाद भी जब स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई तो युवक गुस्से में दुकान पर गया. वहां से वह पॉलीथिन लेकर आया और पेट्रोल डालकर स्कूटी में आग लगा दी. आग लगने के बाद युवक वहां से भाग गया.
आखिर कौन था आग लगाने वाल युवक?
कानपुर के गोविंदनगर में पूर्व विधायक अजय कपूर के ऑफिस के पीछे एक मैदान है. इस मैदान में शुक्रवार को एक स्कूटी आग से धू-धू करके जल रही थी. जानकारी मिलने पर फायर ब्रिगेड ने जाकर स्कूटी की आग बुझाई. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली तो उसने मौके पर जाकर पड़ताल शुरू की. पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की और यह पता लगाने की कोशिश भी की वो युवक कौन था? लेकिन काफी जांच-पड़ताल के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं लग रहा है.
नंबर प्लेट तक जली, पुलिस कर रही जांच
आग लगने के बाद स्कूटी पूरी तरह जल चुकी है और सिर्फ ढांचा ही बचा है. ऐसे में आग लगने के बाद गाड़ी का नंबर भी पता नहीं चल रहा है. पुलिस अब कोशिश कर रही है कि किसी तरह से स्कूटी का चेसिस नंबर पता करके उसके आधार पर मालिक का सुराग लगाने का प्रयास किया जाए. इसके अलावा पुलिस युवक का पता लगाने के लिए CCTV का सहारा भी ले रही है. आस पास के एरिया में लगे CCTV कैमरों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर वो युवक कौन था. इसके साथ ही पुलिस इस आशंका से भी पड़ताल कर रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि युवक किसी वारदात को अंजाम देकर आया हो और उसके बाद उसने स्कूटी को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से स्कूटी में आग लगा दी.
पटना पुलिस का बयान: प्रशांत किशोर के खिलाफ होगी कार्रवाई, आमरण अनशन को बताया गैर-कानूनी
4 Jan, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: BPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर के खिलाफ सरकार बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है. पटना पुलिस का कहना है प्रशांत किशोर गैर-कानूनी तरीके से अनशन पर बैठे हैं. उन पर जल्द एक्शन लिया जाएगा. कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर को पटना पुलिस गिरफ्तार कर सकती है. पटना के जिलाधिकारी के मुताबिक प्रशांत किशोर पर लोगों को उकसाने और गैर-कानूनी तरीके से धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में FIR दर्ज है. इस FIR के संबंध में अब उन पर कार्रवाई की तैयारी है. यह कार्रवाई शनिवार शाम तक हो सकती है. जिलाधिकारी के मुताबिक BPSC ने जिन केंद्रों पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया था, वहां पर आज एग्जाम लिया जा रहा है. परीक्षा समाप्ति के बाद प्रशांत किशोर पर कानूनी तरीके से हम लोग एक्शन लेंगे.
3 दिन से अनशन पर बैठे हैं प्रशांत किशोर
BPSC परीक्षा रद्द करने और बेरोजगारी भत्ते समेत 5 मांगों को लेकर 2 जनवरी को प्रशांत किशोर गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठ गए थे. प्रशांत किशोर का कहना है कि जब तक सरकार इसको लेकर फैसला नहीं लेती है, तब तक अनशन पर से नहीं उठेंगे. शुक्रवार को प्रशांत किशोर से मिलने बिहार पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे थे, लेकिन प्रशांत किशोर ने अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया था. प्रशांत किशोर का कहना था कि आप गिरफ्तार करोगे, तब भी यहां आएंगे. प्रशांत किशोर ने बिहार पुलिस पर भी कानूनी तरीके से एक्शन लेने की बात कही थी. उनका कहना था कि बिहार पुलिस गैर-कानूनी तरीके से बच्चों को पीट रही है. इसके लिए पुलिस के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
प्रशांत किशोर का आरोप- सीटें बेच दी गई है
वहीं री-एग्जाम की मांग कर रहे प्रशांत किशोर का कहना है कि परीक्षा 15 हजार बच्चों की है जो बच्चे आंदोलित हैं वे 3.5 लाख से ज्यादा हैं. लोग जानते और समझते हैं कि आधे से ज्यादा सीटों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं. सीटें बीक गई हैं, जिसने पढ़ाई की है उसे सीट नहीं मिलेगी. हर जिले और गांव-गांव में खबर फैली है कि एक-एक नौकरी के 30 लाख से 1.5 करोड़ तक लिए जा रहे हैं. सरकार को इस पर बोलना चाहिए.
झारखंड की 50 लाख महिलाओं को 'मईया सम्मान योजना' के तहत मिलेगा ₹5000
4 Jan, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मईया सम्मान योजना’ के तहत जनवरी महीने में 50 लाख से ज्यादा महिलाओं को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने वादे को पूरा करते हुए महिलाओं के खातों में ₹5000 ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है. यह राशि पहले ₹2500 थी, लेकिन इस बार महिलाओं को जनवरी में दो किस्तों में ₹5000 मिलने जा रहे हैं, जिससे राज्य की महिलाओं के लिए नए साल में यह एक बड़ी राहत साबित होगी.
मईया योजना’ का विस्तार
इस योजना के तहत पहले महिलाओं को ₹1000 प्रति माह मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया था. अब इस राशि को और बढ़ाकर ₹5000 किया गया है. राज्य सरकार ने यह निर्णय महिलाओं के आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया है.
6 जनवरी को होगा राजकीय समारोह
जनवरी की पहली किस्त 6 जनवरी को रांची के नामकुम स्थित खोजा टोली ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित राजकीय समारोह में ट्रांसफर की जाएगी. इस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व्यक्तिगत रूप से महिलाओं के खातों में बढ़ी हुई राशि का हस्तांतरण करेंगे. इसके बाद दूसरी किस्त 11 जनवरी को महिलाओं के खातों में ट्रांसफर होगी, जिससे महिलाओं को इस महीने कुल ₹5000 मिलेंगे.
18 से 50 वर्ष की महिलाओं को मिलेगा फायदा
यह योजना खास तौर पर झारखंड की 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को लाभ पहुंचाती है. पहले ₹1000 की सम्मान राशि दी जाती थी, लेकिन चुनाव से पहले हेमंत सोरेन सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹2500 कर दिया था. अब इस राशि को और बढ़ाकर ₹5000 किया गया है, जिससे राज्य की महिलाओं को नए साल में राहत मिल रही है.
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार का कदम
यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है. सरकार ने पहले 28 दिसंबर को यह राशि ट्रांसफर करने का निर्णय लिया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. अब 6 जनवरी को इस योजना का पहला चरण शुरू होगा और राज्य की महिलाएं इस महीने ₹5000 प्राप्त करने के पात्र बनेंगी.
उत्तर प्रदेश में घने कोहरे का कहर: ट्रेनों की गति धीमी, यात्रियों को हो रही है परेशानी
4 Jan, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश में लोग ही नहीं अब रेलवे स्टेशन भी कोहरे के कारण परेशान हैं. कोहरे के कारण यूपी के ज्यादातर इलाकों में विजिबिलिटी बहुत ही कम हो गई है. इस कारण शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर विजिबिलिटी 30 से 50 मीटर के बीच रही. विजिबिलिटी कम होने के कारण कई ट्रेनें देरी से स्टेशन तक पहुंची. संभावना जताई जा रहा है कि आने वाले दिनों में घने कोहरे की वजह रेलवे के संचालन पर सीधा असर पड़ सकता है.
कोहरे के कारण यूपी के 5 रेल मंडलों में आने वाले 292 रेलवे स्टेशन घने कोहरे की चपेट में हैं. कोहरे की चपेट में होने के कारण ट्रेनों की गति धीमी हो गई है. लोगों का अपनी ट्रेन पकड़ने के कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है. रेलवे ट्रैक पर विजिवलिटी कम हो गई है, जिससे दुर्घटना की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं. ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानियां हो रही हैं. उन्हें ट्रेन में सफर करने के लिए ठंड में स्टेशन पर घंटों का समय बिताना पड़ रहा है.
देरी से चल रही ट्रेनें
शुक्रवार को दिल्ली से आनंद विहार से चलकर पटना और प्रयागराज से होते हुए जोगबनी स्टेशन तक जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पांच घंटे 14 मिनट की देरी से चल रही है. नई दिल्ली से चलकर लखनऊ और जौनपुर से होकर राजगीर जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे 41 की देरी से चल रही है. आनंद विहार से चलकर कानपुर और पटना से होते हुए भागलपुर जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 4 घंटे 46 मिनट की देर से चल रही है.
10 घंटे 36 मिनट की देरी से तेजस राजधानी एक्सप्रेस
दिल्ली से होकर प्रयागराज और पटना साहिब से होते हुए राजेंद्र नगर जाने वाली आरजेपीबी तेजस राज अपने निर्धारित समय से 10 घंटे 36 मिनट की देरी से चल रही है. नई दिल्ली से होकर राजेंद्र नगर जाने वाली सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 5 घंटे 29 मिनट की देरी से चल रही है. इसके अलावा और भी ट्रेने है, जो अपने समय से बहुत ही देरी से चल रही है. वहीं, घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली 49 ट्रेनें देरी से चल रही हैं.
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर मिट्टी धंसने से लेन बंद, अखिलेश ने कसा तंज
3 Jan, 2025 08:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच, कम्हरियाघाट में सरयू नदी में बने पुल के एप्रोच मार्ग से करीब 30 मीटर तक सड़क के नीचे की मिट्टी खिसक गई है। इसकी वजह से गोरखपुर से अंबेडकरनगर जाने वाली लेन को बंद कर दिया गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर योगी सरकार पर निशाना साधा है।
अखिलश यादव ने एक्स अकाउंट पर लिखा है-‘प्रति किलोमीटर के हिसाब से देश का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जो कि 2022 में बनकर तैयार होना था, भाजपा सरकार के हर कार्य की तरह इंतजार की लाइन में लगा है। जनता कह रही है, लागत जब कई गुना बढ़ा दी गई है, तो राइडिंग क्वॉलिटी भी उतनी ही अच्छी होनी चाहिए। अब कम से कम 2027 तक तो इसे इतने अच्छे तरह से बनाकर तैयार कर लें कि गोरखपुर वापस जाने में आसानी हो मतलब झटका कम लगे।’
गौरतलब है कि यह लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर फोरलेन बाईपास एनएच 27 पर ग्राम जैतपुर के पास से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आजमगढ़ के सालारपुर में जुड़ रहा है। इसका काम लगभग पूरा हो गया और उद्घाटन की तैयारियां चल रही हैं। कुछ दिन पहले सरयू नदी पर बने पुल के अप्रोच मार्ग से गोरखपुर से करीब 46 किलोमीटर लेन में एप्रोच मार्ग के नीचे से पूरी तरह मिट्टी खिसक गई है। इसलिए इस लेन को बंद कर दिया गया है। लेन बंद होने से बिना उद्धाटन इस रास्ते से गुजरने वालों को दिक्कत हो रही है। स्थानीय गांव के लोगों का कहना है कि एप्रोच मार्ग के पास से ही मिट्टी का खनन कराया जा रहा है। इससे एप्रोच मार्ग के पास गड्ढा हो गया है। इसकी वजह से मिट्टी खिसक गई है। एप्रोच मार्ग की मरम्मत की जिम्मेदारी सेतु निगम को दी गई है।
डिजिटल महाकुम्भ के लिए भारतीय रेलवे की अनूठी पहल, रेल कर्मियों की जैकेट पर बने क्यूआर कोड से बनेंगे रेल टिकट
3 Jan, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुम्भनगर । महाकुम्भ 2025 को दिव्य और भव्य के साथ डिजिटल महाकुम्भ बनाने का संकल्प डबल इंजन की सरकार ने लिया है। इस दिशा में भारतीय रेलवे एक अनूठी पहल करने जा रहा है। प्रयागराज रेल मण्डल महाकुम्भ में पहली बार रेलकर्मियों की जैकेट से डिजिटल रेल टिकट बनाने की सुविधा प्रदान करेगा। इस पहल के कारण महाकुम्भ में आने वाले वाले श्रद्धालुओं को टिकट की लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। साथ ही रेलवे प्रशासन को भी टिकट बनाने की प्रक्रिया में कुछ राहत मिलेगी। इसके अलावा भारतीय रेलवे ने पहले ही टोल फ्री नम्बर, वेब साइट और महाकुम्भ मेला एप जारी कर डिजिटल महाकुम्भ को सफल बनाने में सार्थक प्रयास किये हैं।
महाकुम्भ 2025 को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल ने डिजिटल तकनीक के उपयोग से टिकटिंग प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। इस बारे में बताते हुए प्रयागराज रेल मण्डल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने कहा कि महाकुम्भ के दौरान, रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी प्रयागराज जंक्शन पर हरे रंग की जैकेट पहन कर विशेष ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। इन जैकेट्स के पीछे एक क्यूआर कोड अंकित होगा, जिसे श्रद्धालु अपने मोबाइल से स्कैन कर सीधे यूटीएस मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप यात्रियों को बिना लाइन में खड़े अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करेगा।
प्रयागराज रेल मण्डल की इस पहल से श्रद्धालु रेलवे स्टेशन पर लंबी लाइनों से बचते हुए आसानी से टिकट प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान के माध्यम से टिकट बुकिंग की यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि महाकुम्भ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को टिकट लाइन की समस्या से भी दूर रखेगी। सीनियर पीआरओ ने बताया कि रेलवे कर्मी क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनकर रेलवे परिसर में विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहेंगे, जिससे श्रद्धालुओं आसानी से टिकट बुक कर सके। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से यात्री टिकट बुकिंग के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। उत्तर मध्य रेलवे की यह पहल डबल इंजन सरकार की डिजिटल इंडिया और डिजिटल महाकुम्भ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जो महाकुम्भ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं को भी एक अनोखा और सुखद अनुभव प्रदान करेगा।
46 आईएएस अफसरों के तबादले, संजय प्रसाद फिर संभालेंगे गृह विभाग
3 Jan, 2025 06:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। राज्य सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विशेष सचिव से लेकर अपर मुख्य सचिव स्तर के 46 अफसरों के स्थानांतरण किए गए हैं। मुख्यमंत्री और सूचना विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को एक बार फिर गृह विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। नौ महीने पहले लोकसभा चुनाव के बीच चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद उन्हें हटा दिया गया था।
संजय प्रसाद से गृह विभाग लेकर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को दिया गया था। 1995 बैच के आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद अफसर माना जाता है। स्थानांतरण के इस क्रम में दीपक कुमार से गृह, गोपन वीजा, पासपोर्ट और सतर्कता विभाग लेकर उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग का एसीएस बनाया गया है। उनके पास वित्त, संस्थागत वित्त और माध्यमिक शिक्षा विभाग भी यथावत रहेंगे।
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव वेंकटेश्वर लू को वर्तमान पद के साथ प्रमुख सचिव समाज कल्याण तथा सैनिक कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश शासन-जनजाति विकास उत्तर प्रदेश प्रबंध निदेशक यूपी सिडको निदेशक अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा-छत्रपति शाहूजी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उत्तरप्रदेश के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। लगभग तीन महीने से प्रतीक्षा में चल रहे राजेश कुमार सिंह को प्रमुख सचिव होमगार्ड बनाया गया है। प्रमुख सचिव बीएल मीणा से होमगार्ड विभाग हटाया गया है। लेकिन उद्यान रेशम खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव बने रहेंगे। प्रमुख सचिव आलोक कुमार द्वितीय का ट्रांसफर हथकरघा, एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग सार्वजनिक उद्यम प्राविधिक शिक्षा व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग उत्तर प्रदेश शासन तथा महानिदेशक सार्वजनिक उद्यम से प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के पद पर किया है।
प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण का ट्रांसफर पंचायतीराज विभाग से प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पद पर किया है। वीणा कुमारी मीना प्रमुख सचिव आयुष विभाग उत्तर प्रदेश शासन के प्रभाव से मुक्त किया गया है। सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग स्टेट नोडल ऑफ़िसर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का काम हटा दिया है। उनके पास सिंचाई एवं जल संसाधन प्रति भूमि विकास कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा उत्तर प्रदेश शासन अध्यक्ष पैक स्टेट नोडल अफ़सर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम का पद यथावत रखा गया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर हटाए गए औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर को प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में प्रमुख सचिव बनाया गया है।
वहीं, लगभग तीन से छह महीने से प्रतीक्षा में चल रहे तीन आईएएस अफसरों को भी नए साल में पोस्टिंग मिल गई है।
राजेश कुमार सिंह प्रथम को प्रमुख सचिव होमगार्ड, अनिल कुमार सागर को प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, सारिका मोहन को सचिव बेसिक शिक्षा नियुक्त किया है। उधर, विशेष सचिव और जिलाधिकारी के पद से पदोन्नत होकर सचिव बने 2009 बैच के आईएएस अफसरों को भी सचिव पद पर पोस्टिंग दी है। अनुज कुमार झां को स्थानीय निकास विभाग के निदेशक के साथ सचिव की जिम्मेदारी दी है। भूपेंद्र एस चौधरी को सचिव पीडब्ल्यूडी, माला श्रीवास्तव को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक के साथ सचिव की जिम्मेदारी भी दी है। वैभव श्रीवास्तव को विशेष सचिव गृह से सचिव गृह, अजीत कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के विशेष सचिव से कृषि विभाग में सचिव नियुक्त किया है। पंचायतीराज विभाग के निदेशक अटल कुमार राय को इसी विभाग में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महाकुंभ 2025-मेला क्षेत्र में शिविरों को मिलेंगी सभी सुविधाएं, तीन-तीन बार किया जाएगा सत्यापन
3 Jan, 2025 05:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुम्भ नगर । महाकुम्भ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी योगी सरकार यहां मेला क्षेत्र में लगने वाले शिविरों को भी तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसमें शौचालय से लेकर पीने योग्य पानी की आपूर्ति और बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं भी सम्मिलित हैं। सुविधा पर्ची के माध्यम से यह सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसको लेकर योगी सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सत्यापन की व्यवस्था की है। हालांकि, इसे और मजबूती देने के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया गया है कि वे पूरे मेला के दौरान तीन बार सभी संस्थाओं का सत्यापन करेंगे, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें वे सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं जिसकी उन्हें आवश्यकता है। ये तीनों सत्यापन अलग-अलग समय में किए जाएंगे।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि भूमि और सुविधा आवंटन सॉफ्टवेयर में जितनी संस्थाओं को भूमि और सुविधाओं का आवंटन हुआ है, उनका समय सारणी के अंतराल पर कम से कम तीन बार सत्यापन कर अपडेट किया जाए। पहले सत्यापन 12 जनवरी से 4 फरवरी के मध्य किया जाना निर्धारित है, जबकि दूसरा 5 फरवरी से 12 फरवरी के मध्य और तीसरा सत्यापन 13 फरवरी से 26 फरवरी के मध्य किया जाएगा। इसमें संस्था का नाम, औसतन कल्पवासियों की संख्या, संस्था द्वारा किए गए भंडारों तथा भंडारों में प्रतिभागियों की संख्या, संस्था द्वारा किए गए प्रवचनों की संख्या, संस्था में अनुमानित आगंतुकों की संख्या और संस्था द्वारा कितनी अवधि के लिए शिविर लगाया गया जैसे विवरण का सत्यापन किया जाएगा। इस तरह 45 दिन चलने वाले मेला के दौरान पारदर्शी तरीके से सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस सत्यापन का उद्देश्य यही है कि जिन संस्थाओं को भूमि एवं सुविधाएं आवंटित की गई हैं, उनके द्वारा दिए प्रस्ताव के क्रम में गतिविधियां हो रही हैं कि नहीं, इससे उनका सत्यापन हो जाएगा तथा उन संस्थाओं का अपडेट भी सॉफ्टवेयर पर फीड हो जाएगा। यही नहीं, संस्थाओं को सुविधाओं एवं अन्य के संबंध में डाटा ड्रिवेन सिस्टम किए जाने में भी आसानी होगी। इसके अलावा सुविधा पर्ची में क्षेत्रफल एवं सुविधा का उपयोग दिए गए व्यवस्थानुसार हो रहा है अथवा नहीं, अनुबंधित आपूर्तिकर्ताओं द्वारा कार्य पूर्ण किया गया है या नहीं, यह भी पता चल सकेगा जिससे भुगतान की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की जा सकेगी।
बिहार में नवनिर्वाचित पैक्स अध्यक्ष की हत्या, अपराधियों ने तेज धारदार हथियार से किया हमला
3 Jan, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया: खगड़िया में बेखौफ अपराधियों ने नव निर्वाचित पैक्स अध्यक्ष की तेज धारदार हथियार से हत्या कर दी। घटना महेंशखूंट थाना क्षेत्र के समसपुर जवाहर उच्च विद्यालय के बीच सलीमनगर चौक की है। मृतक पैक्स अध्यक्ष की पहचान महेशखूंट राजधाम निवासी महेशखूंट पंचायत के नवनिर्वाचित पैक्स अध्यक्ष वरुण सिंह के रूप में हुई है। इधर घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
मृतक पैक्स अध्यक्ष के परिजनों का कहना है कि वरुण सिंह का किसी से दुश्मनी नहीं थी, वे अपने घर से जरूरी कार्य कह निकले थे। परिजनों ने बताया कि घटना जहां घटित हुई वहां अंधेरा था, जिसका फायदा उठाकर अपराधियों ने उनपर हमला कर दिया। इधर पुलिस का कहना है कि घटना को लेकर छानबीन की जा रही है। हत्या में जिसकी भी संलिप्तता होगी उसे बक्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद जिप अध्यक्ष कृष्णा देवी यादव मृतक पैक्स अध्यक्ष वरुण सिंह के घर पहुंची और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाया।
घटना के संबंध में लोगों का कहना है कि पैक्स अध्यक्ष वरुण सिंह की बाइक पर उनके साथ एक अन्य आदमी भी सवार था, जो घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस को शक है कि उस शख्स की गिरफ्तारी से इस हत्या की गुत्थी सुलझ सकती है। फिलहाल पुलिस उस क्षेत्र के आसपास लगे CCTV को खंगाल रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि यह मामला पैक्स चुनाव को लेकर रंजिश में घटना को अंजाम दिया जाने का शक है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस आधार नहीं मिलने के कारण पुलिस हर एंगिल से मामले की तफ्तीश कर रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द मामले को सुलझा लिया जायेगा।
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: SC ST स्पेशल कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर, शाइस्ता प्रवीण और कृष्ण कुमार को बरी किया
3 Jan, 2025 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में कई लड़कियों से यौन उत्पीड़न के आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसके दो सहयोगियों को सबूतों के अभाव में विशेष ‘SC-ST’ कोर्ट ने बरी कर दिया. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की SC/ST अदालत ने लापता 11 महिलाओं और 4 लड़कियों से संबंधित मामले में सबूतों के अभाव में ब्रजेश ठाकुर, शाइस्ता प्रवीण उर्फ मधु और कृष्ण कुमार को बरी कर दिया. हालांकि ठाकुर, शाइस्ता प्रवीण उर्फ मधु और कृष्ण कुमार जेल में ही रहेंगे, क्योंकि 2018 में देश की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली इस भीषण घटना से संबंधित अन्य मामलों में उन्हें 2020 में दिल्ली की एक अदालत ने दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
SC/ST अदालत में पेश किया गया
मुजफ्फरपुर जिले के एक आश्रय गृह में 2018 में कई लड़कियों के साथ यौन और शारीरिक उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीनों को गुरुवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल से लाया गया. उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच SC/ST अदालत में पेश किया गया. यह घटना तब प्रकाश में आई जब ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ ने बिहार के समाज कल्याण विभाग में एक रिपोर्ट दाखिल की और उसमें आश्रय गृहों में भयानक यौन शोषण के मामलों का विवरण दिया गया.
40 से अधिक नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न
ठाकुर के राज्य-वित्तपोषित एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में कथित तौर पर 40 से अधिक नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया गया था. शुरुआत में इस मामले की जांच बिहार पुलिस ने की थी. हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट से संबंधित मामले को छोड़कर बाकी सभी मामलों को बिहार से दिल्ली की एक अदालत में स्थानांतरित कर दिया था और न्यायाधीश को छह महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था, जिसके बाद अधीनस्थ अदालत ने 20 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे.
ब्रजेश ठाकुर सहित 11 दोषियों को सजा
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपी थी. दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में अपने 3,100 पन्नों के फैसले में ठाकुर को दोषी ठहराया था. इसके अलावा नौ महिलाओं सहित 11 अन्य को कई अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था, जिसमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार के अपराध शामिल हैं. मुजफ्फरपुर की SC/ST अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद मधु के वकील ने बताया, "सबूतों के अभाव में अदालत ने तीनों को बरी कर दिया है."
मुजफ्फरपुर मे वक्फ बोर्ड का आरोप: नगर निगम आयुक्त ने वक्फ की अनुमति के बिना मंदिर को दी जमीन, केस दर्ज
3 Jan, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर में श्रावण के महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते तत्कालीन नगर आयुक्त ने बाबा गरीबनाथ मंदिर प्रबंधन को अस्थाई नैवेद्यम प्रसाद काउंटर खोलने के लिया जमीन दी थी. जिसके विरुद्ध में सुन्नी वक्फ ने ट्रिब्यूनल में मुकदमा कर दिया था. वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह जमीन गलत तरीके से बिनी वक्फ से बात किये हुए श्री गरीब नाथ मंदिर न्यास समिति को दे दी गई थी. हालांकि, इस जमीन को मंदिर न्यास समिति ने अभी तक इस्तेमाल में नहीं लिया है.
जमीन वापसी की मांग पर सुनवाई जारी
इस मामले में वक्फ बोर्ड ने नगर निगम के खिलाफ केस दर्ज कर दिया था, जिसकी सुनवाई चल रही है. मंजर हसन बनाम बिहार राज्य और अन्य मामले में परिवार ने मंदिर के नैवेद्यम प्रसाद निर्माण की जगह को वक्फ की संपत्ति बताई है. वादी ने सम्पति का मनमाना उपयोग करने का आरोप लगाते हुए जमीन वापस करने की मांग वक्फ न्यायाधिकरण से की है. वक्फ न्यायाधिकरण ने दर्ज मामले में मुसहरी सीओ को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है.
नगर आयुक्त ने मंदिर को दी थी जमीन
साल 2022 में तत्कालीन नगर आयुक्त विवेक रंजन ने 270 वर्ग फुट (18×15) जमीन गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति को प्रयोग करने के लिए दी थी. न्यास समिति के आग्रह पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर उन्होंने यह अनुमति दी थी. आयुक्त ने मंदिर समिति को प्रसाद वितरण के लिए जगह दी थी, जो विवाद का कारण बन गई है. इस पर वक्फ बोर्ड की संपत्ती इस्तेमाल करने को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए बिहार वक्फ ट्रिब्यूनल पटना में केस दर्ज कराया है.
वक्फ ट्रिब्यूनल ने अधिकारियों से मांगा जबाव
इस मामले में 13 और 24 दिसंबर को कोर्ट में सुनवाई हुई थी. अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 28 जनवरी निर्धारित हुई है. इस मामले में सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे. इस मामले में बिहार स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल ने मुजफ्फरपुर डीएम और मुसहरी सीओ से जवाब मांगा है. इस मामले को लेकर SDM पूर्वी अमित कुमार ने बताया कि यह पुराना जमीन विवाद है.
मेले को देखते हुए दी थी जमीन
नगर आयुक्त ने सावन में लगने वाले मेले की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर को प्रसाद वितरण के लिए जमीन दी थी. लेकिन इसके बाद वक्फ बोर्ड मामले में शिकायत दर्ज करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से पूछा है कि जमीन को उपयोग के लिए कैसे दिया गया. जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है उस जमीन पर फिलहाल मंदिर को कुछ भी नहीं है.
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