राजनीति
मोदी सरकार ने मीडिया के लिए की एडवाइजरी जारी, सेना के अभियानों का सीधा प्रसारण न करें
27 Apr, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पहलगाम हमले को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखकर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर जारी की गई है। एडवाइजरी में दो टूक कहा कि रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण न करें। शनिवार को जारी बयान में मंत्रालय ने कहा है कि हालात को देखकर देशहित में मीडिया चैनल लाइव कवरेज करते हुए सावधानी बरतें। एडवाइजरी में 8 निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अत्यंत जिम्मेदारी के साथ काम करें और रक्षा व अन्य सुरक्षा से संबंधित अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय मौजूदा कानूनों और नियमों का सख्ती से पालन करें। खासकर रक्षा अभियानों या बलों की गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार का रियल-टाइम कवरेज, लाइव प्रसारण, या सूत्रों पर आधारित जानकारी का प्रकाशन नहीं होना चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा करने से शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है, जिससे सुरक्षा बलों के कर्मियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
पिछले घटनाक्रमों ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकवादी हमले (26/11), और कंधार अपहरण जैसी घटनाओं के दौरान, अनियंत्रित कवरेज का राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव हुआ था।
मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और पर्सनल यूजर राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी भी है कि हम अपनी कार्रवाइयों से जारी अभियानों या सुरक्षा बलों की सुरक्षा से समझौता न करें।
मंत्रालय पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(पी) का पालन करने की सलाह दे चुका है। नियम 6(1)(पी) कहता है कि, कोई भी कार्यक्रम केबल सेवा में प्रसारित नहीं किया जाएगा जिसमें किसी भी सुरक्षा बल द्वारा किए जा रहे किसी भी आतंकवाद विरोधी अभियान का लाइव कवरेज शामिल हो, जहां मीडिया कवरेज को केवल सरकार द्वारा नामित अधिकारी द्वारा समय-समय पर ब्रीफिंग तक सीमित रखा जाएगा, जब तक कि ऐसा अभियान समाप्त नहीं हो जाता।
सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग जारी रखें, और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों को बनाए रखें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से जारी किया गया है।
हम किसी को नहीं छेड़ते, कोई छेड़े तो फिर छोड़ते नहीं-शिवराज सिंह चौहान
27 Apr, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर कहा कि भारत शांति पसंद देश है। हम सभी की भलाई के बारे में सोचते हैं। पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं लेकिन यदि किसी को लगता है कि हमारी सुरक्षा, अखंडता और सहिष्षुता पर हमला करके बच जाएगा तो ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम किसी को छोड़ते नहीं और कोई छेड़े तो छोड़ते नहीं।
केन्द्रीय मंत्री चौहान यहां ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर नागरिक परिषद की संगोष्ठी में शामिल होने पहुंचे थे। कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक राष्ट्र एक चुनाव को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि इसे भाजपा के संकल्प की तरह नहीं बल्कि जनता और देश की जरूरत की तरह लेना चाहिए। उन्होंने कहा देश के विकास और प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव कराने से न सिर्फ पैसों का दुरुपयोग होता है बल्कि राजनैतिक कार्यकर्ताओं, आमलोगों, सरकारी कर्मचारियों के समय की भी हानि होती है। मध्य प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के बाद थकान उतरी भी नहीं थी तभी लोक सभा चुनाव आ गए। लोक सभा चुनावों के बाद हरियाणा, दिल्ली और फिर अन्य राज्यों के चुनाव क्रम में लगे थे। इससे जनप्रतिनिधियों को जनता के लिए काम करने का मौका भी कम मिलता है। एक साथ लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो चुने हुए जनप्रतिनिधियों को साढ़े चार साल से अधिक समय जनता के लिए तत्परता से काम करने का मौका मिलेगा।
भारत समिट में राहुल गांधी ने कहा, मौजूदा पॉलिटिक्स में विपक्ष को कुचलने का टारगेट
27 Apr, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा आक्रामक पॉलिटिकल माहौल में विपक्ष को कुचलने और मीडिया को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक राजनीति मौलिक रूप से बदल गई है। एक दशक पहले जो नियम लागू थे, वे अब लागू नहीं हैं।
राहुल ने कहा कि हमारा विपक्ष सुनना नहीं जानता, क्योंकि उनके पास पहले से ही सभी उत्तर हैं। उसे ठीक से पता है कि क्या किया जाना चाहिए। यह पूरी तरह से गलत है। देश की जनता को पता है क्या किया जाना चाहिए। गांधी ने कहा कि हम राजनेता के तौर पर जनता की बात सुनने में विफल रहे हैं। हमें इस पर वास्तव में वास्तव करना चाहिए। हमारे विरोधियों ने इसे स्थान को पूरी तरह से खाली छोड़ा है। राहुल गांधी शनिवार को हैदराबाद पहुंचे थे। उन्होंने यहां भारत समिट 2025 कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आज इस कार्यक्रम का दूसरा दिन था। कार्यक्रम में तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी भी मौजूद रहे।
कांग्रेस के लिए सभी रास्ते बंद किए गए
राहुल ने कहा कि हमने पाया कि हमारे सभी रास्ते बंद हो गए हैं। मीडिया और माहौल हमें उस तरह से काम करने की परमिशन नहीं देता जैसा हम चाहते थे। इसलिए हम अपने इतिहास में वापस पहुंचे और हमने कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चलने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि हम में से हर किसी की कुछ मामलों पर अलग-अलग राय होगी, लेकिन हम इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि मुद्दों पर क्या विचार कर सकते हैं।
पहलगाम जैसे आतंकवादी हमले कभी भी भारत के मनोबल को नहीं तोड़ पाएंगे - पीयूष गोयल
27 Apr, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पहलगाम जैसे आतंकवादी हमले कभी भी भारत के मनोबल को नहीं तोड़ पाएंगे। गोयल ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोगों के विश्वास से कश्मीर में पर्यटन जल्द ही फिर से शुरू होगा और तीर्थयात्री अपनी अमरनाथ यात्रा जारी रखेंगे। वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ता कद कुछ ताकतों को परेशान कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि ये घटनाएं उन ताकतों के हताशा भरे अंतिम प्रयासों को दर्शाती हैं। यह एक असहनीय हमला है, लेकिन हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे।
गोयल ने कहा कि जब तक 140 करोड़ भारतीय देशभक्ति और राष्ट्रवाद को सर्वोपरि धर्म मानते रहेंगे, तब तक इस तरह की घटनाएं हमारे देश को परेशान करती रहेंगी। हालांकि, भारत में इसका माकूल जवाब देने की पर्याप्त ताकत है।आंतरिक खतरों से निपटने में भारत की सफलता पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा कि जिस तरह हम नक्सलवाद को तेजी से खत्म कर रहे हैं, उसी तरह हम आतंकवाद को भी परास्त करेंगे। भारत की ताकत और दृढ़ संकल्प अडिग है।
पाकिस्तानी नागरिकों के भारत में वीजा अवधि से अधिक समय तक रहने के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा कि हमने पहले ही घोषणा कर दी है और उन्हें देश छोड़ने के लिए सूचित कर दिया है। किसी को भी यहां अवैध रूप से रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस हमले से कश्मीर में पर्यटन प्रभावित होने की चिंता पर गोयल ने कहा कि भारत के लोगों में शक्ति, साहस और आत्मविश्वास है। पर्यटन जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगा, तीर्थयात्री अपनी अमरनाथ यात्रा जारी रखेंगे और कश्मीर प्रगति के पथ पर मजबूती से बना रहेगा। इसे कोई नहीं रोक सकता।
बौखलाए पाकी नेताओ के मुँह से निकल रही ऐसी बातें, सिंधु जल संधि को लेकर मंत्री विज ने लताड़ा
26 Apr, 2025 08:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पाकिस्तान को ऐसा करारा जवाब दिया है कि इससे न सिर्फ उसका राजनीतिक अहंकार टूटेगा बल्कि उसके नेता भी चौंक जाएंगे। विज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के हालिया बयानों, खासकर सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की तीखी आलोचना की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "पाकिस्तान जितना चाहे रो ले, लेकिन हमारी सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। पहले आपके पास आटा नहीं था, अब पानी भी बंद हो गया है। हम जितना हो सकेगा उसे चीर देंगे और आतंकवाद की पाठशाला को नष्ट कर देंगे।" यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान की कमजोरी पर प्रहार करता है बल्कि भारत के सख्त रुख को भी दर्शाता है।
पाकिस्तान की दुर्दशा
पाकिस्तान इन दिनों आर्थिक संकट के ऐसे तूफान में फंसा हुआ है कि कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। देश 2023 से आटे, बिजली और पेट्रोल-डीजल की कमी से जूझ रहा है। बाढ़, बेतहाशा महंगाई और गरीबी ने वहां के हालात और खराब कर दिए हैं। कराची, इस्लामाबाद और पेशावर जैसे शहरों में आटे की 10 किलो की थैली 1500 रुपये तक पहुंच गई है। सस्ता आटा पाने के लिए लोग घंटों लाइनों में खड़े रहते हैं और कई जगहों पर भगदड़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई। पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं और बिजली कटौती ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में सिंधु जल संधि पर भारत के खिलाफ पाकिस्तानी नेताओं के बयान उनकी हताशा और लाचारी को ही उजागर करते हैं।
विज का तीखा हमला
पाकिस्तान की इस हिमाकत का जवाब देने में अनिल विज ने कोई कसर नहीं छोड़ी। सिंधु जल संधि पर दबाव बनाने की बिलावल भुट्टो की कोशिश को भारत ने पहले ही खारिज कर दिया था, लेकिन विज ने इसे और भी सख्ती से कुचल दिया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की हर चाल को नाकाम किया जाएगा। भारत न तो उसकी धमकियों से डरेगा और न ही उसकी गुस्ताखी को बर्दाश्त करेगा।" विज का बयान सिर्फ शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि भारत की उस नीति का ऐलान है, जो आतंकवाद की फैक्ट्री कहे जाने वाले पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "पाकिस्तान सोचता है कि वह भारत को डरा सकता है, लेकिन अब समय बदल गया है।"
पाकिस्तान की कमजोरी पर प्रहार
विज- "आटा नहीं था, अब पानी भी बंद हो गया" का तंज पाकिस्तान की आर्थिक और सामरिक कमजोरी को उजागर करता है। दशकों से दोनों देशों के बीच जल बंटवारे का आधार रही सिंधु जल संधि अब पाकिस्तान के लिए संवेदनशील मुद्दा बन गई है। भारत के सख्त रुख और संधि पर पुनर्विचार की बात ने पाकिस्तानी नेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। विज का बयान इस बात का संकेत है कि भारत अब नरमी बरतने के मूड में नहीं है। यह न केवल पाकिस्तान की बयानबाजी को खारिज करता है, बल्कि आतंकवाद को पनाह देने की उसकी नीति पर भी सीधा प्रहार है।
भारत का बदला रुख
विज के बयान ने साफ कर दिया है कि भारत अब पाकिस्तान की हरकतों को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करने वाला है। भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और आर्थिक-रणनीतिक दबाव के जरिए पाकिस्तान को उसकी जगह दिखाने के लिए तैयार है। विज का यह बयान न केवल पाकिस्तानी नेताओं के लिए मिर्ची है, बल्कि भारत की उस मंशा का भी प्रतीक है, जो कहती है कि अब न धमकी काम आएगी, न धौंस। यह समय है कि पाकिस्तान अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करे, अन्यथा विज की बात सच साबित होगी- न आटा बचेगा, न पानी।
केंद्र सरकार द्वारा लिए गए संकल्प को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- 'हमले का कड़ा जवाब देंगे'
26 Apr, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा लिए गए संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को मुंहतोड़ जवाब देगा। पुणे के दगडूशेठ गणपति मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नड्डा ने कहा कि देश को उम्मीद है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस हमले का कड़ा जवाब देंगे। जेपी नड्डा ने कहा कि मैं गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेने आया हूं। जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से हमला हुआ, उससे पूरा देश गुस्से में है और उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हमले का कड़ा जवाब देंगे। मैं प्रार्थना करता हूं कि देश इस स्थिति का डटकर सामना करे और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को मुंहतोड़ जवाब दे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि गणेशजी के आशीर्वाद, उनकी बुद्धि और शक्ति से देश इस कठिन समय से गुजरेगा और पीएम मोदी के नेतृत्व में जिम्मेदार लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
कब और कहां हुई आतंकी घटना
मंगलवार दोपहर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम कस्बे के पास 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में यह सबसे घातक हमला है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय निवासी हैं।
हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' में घुस आए और रेस्टोरेंट में घूम रहे, खच्चरों पर सवार होकर पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर फायरिंग शुरू कर दी। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
भारत ने पांच कड़े फैसले लिए थे
पहलगाम हमले के एक दिन बाद बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई और अहम फैसले लिए गए। 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का भी फैसला लिया गया। यह घोषणा की गई कि सार्क वीज़ा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा अतीत में पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए ऐसे किसी भी वीज़ा को रद्द माना जाएगा।
सिंधु जल संधि पर बिलावल भुट्टो-जरदारी की आलोचना करते बोले मनजिंदर सिंह सिरसा- उनमें खून बहाने की हिम्मत नहीं'
26 Apr, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी की आलोचना की, क्योंकि उन्होंने सिंधु जल संधि पर भारत को भड़काऊ चेतावनी दी थी। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के बाद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने कथित तौर पर कहा, "सिंधु हमारी है और हमारी ही रहेगी। या तो हमारा पानी इस नदी से बहेगा या उनका (भारतीय) खून इसमें बहेगा।"
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "तो इसमें (सिंधु नदी में) डूब मरो... उनमें खून बहाने की हिम्मत नहीं है। वे पानी के लिए रो रहे हैं और खून बहाने की बात कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए।"
केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष रहे कुशविंदर वोहरा ने सिंधु जल संधि को लेकर केंद्र सरकार के कदम की सराहना की
26 Apr, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केंद्रीय जल आयोग के पूर्व प्रमुख नेमीडिया को बताया कि सिंधु जल संधि के निलंबित रहने के दौरान भारत कई विकल्पों का इस्तेमाल कर सकता है, जिसका असर पाकिस्तान पर पड़ सकता है।
केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष रहे कुशविंदर वोहरा ने भारत को बताया कि भारत अब संधि में उल्लिखित पाकिस्तान के साथ सूचना साझा करने के लिए बाध्य नहीं है, जिसका पड़ोसी देश पर असर पड़ेगा। वोहरा ने कहा, "संधि के निलंबन के साथ, भारत सरकार अब सिंधु नदी प्रणाली की नदियों में जल भंडारण स्तर या प्रवाह के बारे में पाकिस्तान के साथ सूचना साझा करने के लिए बाध्य नहीं है।"
भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों द्वारा 26 पर्यटकों की हत्या के बाद उठाए गए कदमों की श्रृंखला के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। वोहरा ने मीडिया को बताया, "मानसून के दौरान, भारत सिंधु नदी प्रणाली में बाढ़ की स्थिति के बारे में पाकिस्तान को कोई अपडेट नहीं देगा।" उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान का रवैया नकारात्मक रहा तो भारत संधि को रद्द भी कर सकता है।
इस बीच, भारत सिंधु नदी प्रणाली के भीतर जल भंडारण बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर सकता है, श्री वोहरा ने कहा। भारत और पाकिस्तान ने नौ साल की बातचीत के बाद 19 सितंबर, 1960 को सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसमें विश्व बैंक भी हस्ताक्षरकर्ता था। यह संधि कई सीमा पार नदियों के पानी के उपयोग पर दोनों पक्षों के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक तंत्र स्थापित करती है।
छह आम नदियों को नियंत्रित करने वाले समझौते के तहत, पूर्वी नदियों - सतलुज, ब्यास और रावी का सारा पानी, जो सालाना लगभग 33 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) है, भारत को अप्रतिबंधित उपयोग के लिए आवंटित किया गया है।
पश्चिमी नदियों - सिंधु, झेलम और चिनाब - का पानी, जो सालाना लगभग 135 एमएएफ है, बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को सौंपा गया है। संधि के अनुसार, भारत को पश्चिमी नदियों पर रन-ऑफ-द-रिवर परियोजनाओं के माध्यम से जलविद्युत उत्पन्न करने का अधिकार दिया गया है, जो डिजाइन और संचालन के लिए विशिष्ट मानदंडों के अधीन है।
यह संधि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों पर भारतीय जलविद्युत परियोजनाओं के डिजाइन पर आपत्ति उठाने का अधिकार भी देती है। यह संधि दोनों आयुक्तों को साल में कम से कम एक बार भारत और पाकिस्तान में बारी-बारी से मिलने का अधिकार भी देती है। हालाँकि, मार्च 2020 में दिल्ली में होने वाली बैठक कोविड-19 महामारी के कारण रद्द कर दी गई थी।
तमिलनाडु राज्यपाल का स्टालिन सरकार पर आरोप, कुलपतियों को पुलिस ने धमका रही
26 Apr, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु पुलिस ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को शुक्रवार को उधगमंडलम में दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल न होने की धमकी दी। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, राज्य के विश्वविद्यालय इस सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे हैं। उन्होंने मुझे लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया है कि राज्य सरकार ने उन्हें भाग न लेने का निर्देश दिया है। अभी तक हमारे एक कुलपति पुलिस थाने में हैं। कुछ कुलपति ऊटी पहुंच गए थे और एक अभूतपूर्व घटना घटी। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।" डीएमके के राज्यसभा सांसद पी विल्सन ने राज्यपाल के बयान को गैरजिम्मेदाराना और गलत बताया।
"खुफिया इकाई की पुलिस दरवाजे पर पहुंची"
आरएन रवि ने आरोप लगाया कि आधी रात को कुलपतियों के दरवाजे पर दस्तक हुई और राज्य की एक विशेष शाखा, खुफिया पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि यदि वे सम्मेलन में शामिल हुए, तो वे घर वापस नहीं आ पाएंगे और अपने परिवारों से नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने आगे कहा, 'दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य "शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार" करना है क्योंकि इसमें कोई राजनीति शामिल नहीं है। 2021 से मैं यह बैठक कर रहा हूं। हाई स्कूल में सरकारी स्कूल के आधे छात्र कक्षा परीक्षा के अंकों को पार नहीं कर सकते। हमें गुणवत्ता में सुधार करने की जरूरत है। हमारे राज्य में सबसे अधिक सकल नामांकन दर है, जो 50 प्रतिशत से अधिक है।'
राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति सम्मेलन में शामिल नहीं हुए
नीलगिरी में उधगमंडलम राजभवन में आयोजित उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल हुए। सम्मेलन में बड़ी संख्या में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल नहीं हुए। उदाहरण के लिए, कोयंबटूर में तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय और तमिलनाडु खेल विश्वविद्यालय सहित कई राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एन चंद्रशेखर, जो शुरू में सम्मेलन के लिए निकले थे, कथित तौर पर बीच में ही तिरुनेलवेली लौट आए। कराइकुडी के अलगप्पा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जी रवि भी इस बैठक में शामिल नहीं हुए। किसी भी कुलपति ने बैठक में शामिल न होने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
सावरकर पर विवादित बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गाँधी को कड़ी फटकार लगाई
25 Apr, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को फटकार लगाई है। स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर उनके विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और चेतावनी दी कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत भी दी और निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी।
कोर्ट ने राहुल को दी सख्त चेतावनी
जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली बेंच ने राहुल गांधी को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए कहा, "आप इतिहास को समझे बिना इस तरह के बयान नहीं दे सकते।" कोर्ट ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, "अगर भविष्य में दोबारा इस तरह की टिप्पणी की गई तो सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई करेगा।" कोर्ट ने तंज कसते हुए आगे कहा, "आप उन लोगों के बारे में ऐसा कैसे कह सकते हैं जिन्होंने हमें आजादी दिलाई? कल आप महात्मा गांधी के बारे में भी कुछ कहेंगे, क्योंकि उन्होंने सावरकर को 'वफादार सेवक' कहा था?" सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने सावरकर का सम्मान किया था और राहुल गांधी की दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी उन्हें पत्र लिखा था। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा, "आप महाराष्ट्र में जाकर ऐसे बयान दे रहे हैं, जहां वीर सावरकर की पूजा की जाती है। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आप ऐसी टिप्पणी क्यों कर रहे हैं?"
राहुल का कौन सा बयान विवादित है
यह मामला 2022 में 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान महाराष्ट्र में राहुल गांधी के एक विवादित बयान से जुड़ा है। राहुल ने सावरकर पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वे अंग्रेजों से पेंशन लेते थे। इस बयान के बाद वकील नृपेंद्र पांडे ने लखनऊ की निचली अदालत में परिवाद दायर किया था। निचली अदालत ने प्रथम दृष्टया राहुल गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ए) और 505 के तहत मामला दर्ज कर समन जारी किया था। राहुल गांधी ने इस समन को चुनौती दी और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में ऐसी गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियों से बचें, खासकर स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जिन्हें देश सम्मान की नजर से देखता है। कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ राहुल गांधी के लिए सबक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि स्वतंत्रता सेनानियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली बातें स्वीकार नहीं की जाएंगी।
"ओवैसी बोले: यह आम आतंकवाद नहीं, सुनियोजित सांप्रदायिक हमला"
25 Apr, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कहा है कि अब वक्त आया गया है कि पाकिस्तान को सख्त और निर्णायक जवाब दिया जाए। उन्होंने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे साहसिक कदम बताया। साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि अगर हम पाकिस्तान को पानी नहीं देंगे तो उसे कहां स्टोर करेंगे।
ओवैसी ने कहा कि हमलों के दौरान लोगों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी गई। ये सामान्य आतंकवाद नहीं, सांप्रदायिक हिंसा है। उन्होंने कश्मीरियों और घाटी के छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करने की अपील की। साथ ही जोर देकर कहा कि आतंकवादियों की कड़ी निंदा जरूरी है, लेकिन निर्दोष लोगों को निशाना बनाना सही नहीं है।
ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को शरण देता है, सरकार को अब बिना किसी संकोच के कार्रवाई करनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून भारत को आत्मरक्षा में वायु और समुद्री नाकेबंदी करने का अधिकार देता है और भारत को हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध जैसे कठोर कदम भी उठाने चाहिए। हालांकि ओवैसी ने बेसरान घास के मैदान में सीआरपीएफ की अनुपस्थिति और क्यूआरटी के एक घंटे की देरी से पहुंचने पर सवाल उठाए। उन्होंने इस हमले को टारगेटेड और सांप्रदायिक करार दिया। बैठक में शामिल रहे नेता जेपी नड्डा, एस जयशंकर, किरण रिजिजू, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प लिया।
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो गई थी। हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है।
सिंधु जल संधि निलंबन पर मंथन, शाह और जलशक्ति मंत्री करेंगे विशेष बैठक
25 Apr, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार शाम अपने आवास पर सिंधु जल संधि को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देवेश्री मुखर्जी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है, कि भारत सरकार ने सिंधु जल संधि के निलंबन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पाकिस्तान को औपचारिक रूप से सूचित किया है। जल शक्ति मंत्रालय की सचिव द्वारा पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा को भेजे गए पत्र में इस फैसले की जानकारी दी गई है।
पत्र में भारत सरकार की ओर से साफ़ कहा गया है कि सिंधु जल संधि के कई मूलभूत पहलू वर्तमान परिदृश्य में अप्रासंगिक हो गए हैं और इन पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। इसमें जनसंख्या में भारी बदलाव, स्वच्छ ऊर्जा की मांग और जल वितरण से संबंधित नए संदर्भों का हवाला दिया गया है।
भारत का तर्क है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय संधि आपसी विश्वास और सद्भाव के आधार पर चलनी चाहिए, जबकि पाकिस्तान लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में।
गौरतलब है कि सिंधु जल संधि वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी। इसके तहत भारत तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) का पूर्ण उपयोग करता है, जबकि तीन पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) पाकिस्तान को दी गई हैं। संधि अब तक तमाम संघर्षों के बावजूद प्रभावी रही हैं, जिसे विश्व की सबसे सफल जल संधियों में गिना जाता है।
यदि भारत इस संधि को स्थगित करता है या उसमें संशोधन करता है, तो यह भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों पर बड़ा असर डाल सकता है। आज की बैठक से इस दिशा में किसी बड़े निर्णय की उम्मीद की जा रही है।
पहलगाम हमले पर RSS चीफ की तीखी प्रतिक्रिया: 'ये असुर हैं, इनका अंत होना चाहिए'
25 Apr, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mohan Bhagwat on Pahalgam Terror Attack : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ऐसे दुष्टों (आतंकियों) का सफाया किया जाना जरुरी है। यह लड़ाई दो धर्मों के बीच की नहीं, बल्कि धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है। मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “अभी जो लड़ाई चल रही है, वह संप्रदायों और धर्मों के बीच नहीं है। इसका आधार संप्रदाय और धर्म हो सकता है, लेकिन यह लड़ाई ‘धर्म’ और ‘अधर्म’ के बीच है। हमारे सैनिकों या हमारे लोगों ने कभी किसी को उसका धर्म पूछकर नहीं मारा। कट्टरपंथी लोगों ने निर्दोष पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मारा, हिंदू ऐसा कभी नहीं कर सकते। इसलिए देश को मजबूत होना चाहिए।“
उन्होंने आगे कहा, “हर कोई दुखी है, हमारे दिलों में गुस्सा है, जो कि होना भी चाहिए, क्योंकि राक्षसों का नाश करने के लिए अपार शक्ति की आवश्यकता होती है। कुछ लोग यह समझने के लिए तैयार नहीं हैं, और उनमें अब किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो सकता है।“
‘रावण का वध जैसे जरुरी था, वैसे इन असुरों का नाश…’
आतंकवाद के खात्मे पर जोर देते हुए भागवत ने कहा, “रावण भगवान शिव का भक्त था, वेदों को जानता था, उसके पास वह सब कुछ था जो एक अच्छा इंसान बनने के लिए चाहिए, लेकिन उसने जो मन और बुद्धि अपनाई थी, वह बदलने को तैयार नहीं थी। रावण तब तक नहीं बदल सकता था जब तक वह मर नहीं जाता और उसका पुनर्जन्म नहीं होता। इसलिए राम ने रावण को बदलने के लिए उसका वध किया। असुरों का सफाया होना चाहिए। यही अपेक्षा होती है और यह अपेक्षा पूरी होगी…”
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 6 लोग महाराष्ट्र के थे। चश्मदीदों का दावा है कि आतंकवादियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और फिर हिंदू होने पर उन्हें गोली मार दी। आतंकियों ने धर्म जानने के लिए पीड़ितों से अजान पढ़ने को भी कहा था। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है।
मृतकों के घर पहुंची NIA
इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए ठाणे के डोंबिवली के रहने वाले तीन लोगों के घर एनआईए (NIA) की एक टीम गई और परिजनों से पूछताछ की। एनआईए की चार सदस्यीय टीम गुरुवार को शाम पांच से सात बजे के बीच डोंबिवली (पश्चिम) में अतुल श्रीकांत मोने (43), हेमंत सुहास जोशी (45) और संजय लक्ष्मण लेले (50) के घर गई। एनआईए इस नृशंस आतंकवादी हमले की जांच कर रही है।
कपिल सिब्बल का पाकिस्तान पर बड़ा बयान, PM मोदी को दी संसद सत्र बुलाने की सलाह
25 Apr, 2025 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी घटना को लेकर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार को कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं। यह हमला पहलगाम के बैसारन घाटी में हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को मुंबई के 26/11 हमले के बाद सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है। कपिल सिब्बल ने इस गंभीर घटना पर चर्चा के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाने की मांग केंद्र सरकार से की है।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, "मेरे पास प्रधानमंत्री के लिए कुछ सुझाव हैं। इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सभी से सुझाव लेने के लिए संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। देश इस समय उनके साथ खड़ा है।"उन्होंने स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों में सत्तारूढ़ और विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का सुझाव दिया।
सिब्बल ने कहा, "हमें अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रूस और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में सत्तारूढ़ और विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए, ताकि हम उन्हें वैश्विक स्तर पर स्थिति के बारे में बता सकें। अगर हम यह कदम नहीं उठाते हैं तो हम कूटनीतिक दबाव नहीं बना पाएंगे।"
कपिल सिब्बल ने कहा, "हमें पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले सभी प्रमुख देशों को बताना चाहिए कि अगर वे पाकिस्तान के साथ व्यापार करते हैं तो वे हमारे बाजार में नहीं आ सकते। हमें हर कूटनीतिक पहल में इस बिंदु को रखना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र को दबाव बनाना चाहिए।"उन्होंने कहा, "सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए और हमें देखना चाहिए कि चीन इसका समर्थन करता है या इसके खिलाफ जाता है। हमें ये कूटनीतिक पहल करनी होंगी।"
सिब्बल ने पाकिस्तान को 'आतंकी देश' घोषित करने की मांग की
वरिष्ठ वकिल सिब्बल ने इससे पहले कहा था कि पाकिस्तान को सिर्फ एक पड़ोसी देश नहीं बल्कि एक ऐसा संगठन मानना चाहिए जो आतंकवाद फैला रहा है।उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि वह पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस दर्ज करे ताकि दुनिया को यह साफ संदेश जाए की भारत अब ऐसे आतंकी हमलों को नजरअंदाज नहीं करेगा।कपिल सिब्बल ने गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे युद्ध अपराध करने वालों पर इंटरनेशनल कोर्ट में केस चलता है, वैसे ही पाकिस्तान पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
शत्रुघ्न सिन्हा का सवाल – क्यों हो रहा है धर्म के नाम पर बंटवारा?
24 Apr, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। पहलगाम आतंकी हमले पर बॉलीवुड लगातार से लगातार तीखी टिप्पणी सामने आ रही हैं। स्टार्स जहां इस हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। वहीं, देशभर में इस हमले को लेकर गुस्सा है। इस बीच बॉलीवुड के अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको लेकर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। शत्रुघ्न सिन्हा से जब इस आतंकी हमले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे प्रोपेगैंडा वॉर बताया।
अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख समेत कई स्टार्स तक ने इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं। इस मामले पर शत्रुघ्न सिन्हा से पूछा तो उन्होंने जो कहा वह सुनने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें खूब खरी खोटी सुना रहे हैं। आतंकी हमले पर बातें करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा का ये वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें पहलगाम पर उनसे पूछे गए सवाल पर पहले उन्होंने ही सवाल का जवाब देते हुए पूछा- क्या घटना घट गई है? इसपर सवाल पूछने वाले ने कहा- वहां पर हिंदुओं के साथ जो हुआ…इतना सुनते ही शत्रुघ्न सिन्हा भड़क उठे। उन्होंने पलट कर सवाल पूछा- ये हिंदुओं हिंदुओं क्यों कह रहे हो? हिंदू मुसलमान सब भारतीय हैं और सब अपने हैं।
उन्होंने कहा कि ये गोदी मीडिया को जरूरत से ज्यादा चला रही है, ये प्रोपेगैंडा वॉर ज्यादा ही चल रहा है। हमारे मित्र पीएम मोदी की तरफ से, उनके ग्रुप के तरफ से… ये ज्यादा चल रहा है। मैं समझता हूं ये बहुत संवेदनशील मुद्दा है, इसको बहुत ही गहराई के साथ देखना चाहिए, हमें ऐसी कोई बात नहीं कहनी चाहिए या ऐसा कुछ नहीं करना या कहना चाहिए जिससे तनाव बढ़े। अभी जख्मों पर मरहम की जरूरत है। शत्रुघ्न का वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर लोग नाराज है। एक यूजर ने लिखाल- ये कैसे बोलेंगे इनका दामाद भी तो मुस्लिम है। एक अन्य यूजर ने गाली देते हुए कहा- तो ये बताओ न…कि धर्म पूछकर क्यों मारा। एक अन्य ने लिखा- ये पाकिस्तानी एजेंट हैं, इसकी बेटी भी पाकिस्तानी एजेंट है। एक अन्य ने लिखा- सबसे पहले तो हमें ऐसों को सबक सिखाना चाहिए जो अपना होकर भी गद्दार है।
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