राजनीति
"भारत में टीबी के उन्मूलन हेतु पीएम मोदी की नेतृत्व में अहम बैठक"
14 May, 2025 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टीबी उन्मूलन के भारत के मिशन पर बैठक की अध्यक्षता की। श्री मोदी ने कहा, सक्रिय जन भागीदारी से प्रेरित होकर, पिछले कुछ वर्षों में इस आंदोलन ने महत्वपूर्ण गति प्राप्त की है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया -टीबी उन्मूलन के भारत के मिशन पर बैठक की अध्यक्षता की। सक्रिय जन भागीदारी से प्रेरित होकर, पिछले कुछ वर्षों में इस आंदोलन ने महत्वपूर्ण गति प्राप्त की है। हमारी सरकार टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
"नायडू बोले: मोदी ने देश को नया सिद्धांत और दृष्टिकोण दिया"
13 May, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को अपने भाषण में यह संदेश दिया कि भारत की सरकार आतंकवाद के खिलाफ कड़ी सख्ती से लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस पर आधारित है। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान को केवल पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) और आतंकवाद पर मुद्दा उठाने की बात कही। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री की इस कदर सराहना की कि उन्होंने भारत को नए सिद्धांतों की ओर बढ़ाया। वे भी मानते हैं कि शांति के लिए लड़ना ज़रूरी है, परंतु स्थायी शांति की गारंटी केवल ताकत में है। सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में सीमा पार से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की। यहाँ भारत ने स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करके आतंकवादी संगठनों को झटका दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी प्रधानमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए यह कहा कि भारत की सेनाएं और नागरिकों का मनोबल बढ़ गया है। वे भी साझा करते हैं कि हर भारतीय का सुरक्षा में योगदान निवृत्त न होगा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। इस संदेश के माध्यम से, भारत ने अपनी कड़ी नीति का संकेत दिया है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निष्ठावान रहने का संकल्प दिखाया है।
रहस्यमयी हालात में मिली दिलीप घोष के सौतेले बेटे की लाश, जांच शुरू
13 May, 2025 08:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार के पिछले विवाह से हुए पुत्र श्रींजय का न्यू टाउन इलाके में एक फ्लैट से मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि श्रींजय की मौत किन कारणों से हुई है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया है। ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रींजय का शव कमरे के बिस्तर पर पड़ा मिला। मामले में पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के कारणों का पता लगेगा।
पुलिस को नहीं मिली औपचारिक शिकायत
हालांकि अभी तक पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। पुलिस से न तो अब तक रिंकू मजूमदार की तरफ से दी गई है और न ही मृतक के परिवार के किसी सदस्य ने दी है।
पिछले महीने की थी शादी
पश्चिम बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने पिछले महीने रिंकू मजूमदार से शादी की थी। यह शादी कोलकाता के न्यू टाउन स्थित उनके आवास पर एक निजी समारोह में हुई, जिसमें केवल करीबी रिश्तेदार और कुछ चुनिंदा मेहमान शामिल थे। रिंकू मजूमदार भी बीजेपी की सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पार्टी के महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, और हथकरघा प्रकोष्ठ में कई जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
UBT अध्यक्ष उद्धव का आरोप: 'ऑपरेशन सिंदूर' रोककर सावरकर के सपने को अधूरा छोड़ा गया
13 May, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना प्रमुख उद्धव बालासाहेब ने मोदी सरकार पर 'ऑपरेशन सिंदूर' रोकने का आरोप लगाया और आरोप लगाया कि उसने विनायक दामोदर सावरकर के अखंड भारत के सपने को साकार करने का अवसर खो दिया है। पार्टी ने यह भी कहा कि मोदी को अब सावरकर के नाम पर राजनीति करने का अधिकार नहीं है।
शिवसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' रोकने पर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि केंद्र ने सैन्य कार्रवाई रोककर हिंदुत्व विचारक वी.डी. सावरकर के अखंड भारत के सपने को साकार करने का मौका गंवा दिया। पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा कि अगर यह सैन्य कार्रवाई चार दिन और जारी रहती तो भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), कराची, लाहौर पर कब्जा कर लेते, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खेल बिगाड़ दिया।
'सावरकर ने अखंड भारत का सपना देखा था':
अखबार ने कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले भारत को कम से कम पीओके वापस ले लेना चाहिए था और बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर देना चाहिए था। सावरकर ने पीओके से रामेश्वरम और सिंध से असम तक फैले अखंड भारत का सपना देखा था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने सावरकर के अखंड भारत के सपने को साकार करने का मौका गंवा दिया।
'पीएम मोदी को सावरकर के नाम पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं':
संपादकीय में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी को अब सावरकर के नाम पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है। पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना सभी अखंड भारत के समर्थक हैं, लेकिन जब सपने को साकार करने का समय आया तो वे पीछे हट गए।
पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे दोनों देश:
भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को जमीन, हवा और समुद्र पर सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। सीमा पार से चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद दोनों देश पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर सबको चौंका दिया। इसमें उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की है।
कर्नल सोफिया कोपर बीजेपी नेता विजय शाह की टिप्पणी पर बवाल, कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति
13 May, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल सोफिया कुरैशी ने सेना के पराक्रम की तस्वीर देश और दुनिया के सामने पेश की थी. अब कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर बीजेपी के एक मंत्री ने विवादित बयान दिया है. बीजेपी नेता का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिस पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. साथ ही पीएम मोदी और मंत्री विजय शाह से माफी की मांग की गई है. दरअसल, बीजेपी नेता विजय शाह ने सोफिया कुरैशी के धर्म को जोड़कर यह बयान दिया है।
बीजेपी मंत्री ने क्या कहा
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में बीजेपी मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की. मंत्री विजय शाह ने मंच से कहा कि जिन्होंने हमारे देश के लोगों के कपड़े उतारे, हमने उनके समाज की बहन को भेजकर पिटवाया. दरअसल, जब मंत्री ने मंच से यह बयान दिया तो केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर के साथ विधायक उषा ठाकुर भी मंच पर मौजूद थीं. कांग्रेस ने साधा निशाना: बीजेपी मंत्री विजय शाह का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कांग्रेस ने मंत्री का वीडियो एक्स पर शेयर कर बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- हमारी सेना की बहादुर बेटियां आतंकवादियों की बहनें हैं. यह घटिया बात मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार के मंत्री विजय शाह ने कही है. भारत की बेटियों, जिन पर सभी को गर्व है, उनके बारे में यह शर्मनाक बयान दिया गया है. उन्हें आतंकवादियों की बहनें कहा गया है. यह हमारी पराक्रमी सेना का अपमान है।
मंत्री और मोदी से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस ने एक्स पर आगे लिखा- ऐसे में सवाल यह है कि विजय शाह जो खुद को नरेंद्र मोदी का बेहद करीबी बताते हैं, उन्हें अपना गुरु बताते हैं. क्या बीजेपी उनका इस्तीफा लेगी? क्या पीएम मोदी और बीजेपी नेता इस ओछी सोच के लिए माफी मांगेंगे? या हर बार की तरह विजय शाह को भी इस घटिया सोच के लिए बढ़ावा दिया जाएगा, उनके समर्थन में रैलियां निकाली जाएंगी?
लोगों ने भी साधा निशाना
मंत्री विजय शाह का वीडियो वायरल होने पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. x पर एक यूजर ने लिखा कि अगर बीजेपी सच में देशभक्त है तो उसे पार्टी से निकाल दे, वरना समझ ले कि आतंकवादियों और उनमें कोई फर्क नहीं है, वो सोफिया कुरैशी को आतंकवादी की बहन कह रहा है। एक और यूजर ने लिखा कि ये बीजेपी का असली चेहरा है, जो ज्यादा दिन अंदर नहीं रह पाई और देश की जनता सब समझ गई। ऐसे लोगों और ऐसी पार्टी को शर्म आनी चाहिए कि वो देश की आन-बान-शान के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले और अपनी जान की बाजी लगाकर लड़ रहे सैनिकों का अपमान करते हैं। ये पहली बार नहीं हुआ है, उन्हें शर्म आनी चाहिए।
'विदेश नीति पर छिड़ी बहस: पीएम मोदी के भाषण के बाद एमपी में सियासी घमासान'
13 May, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार रात 8 बजे देश को संबोधित किया. अपने 22 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, संघर्ष विराम, आतंकवाद, सिंधु जल संधि और पीओके पर बात की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा- हमने हमारी मां-बहनों का सिंदूर पोछने वाले आतंकियों का सफाया कर दिया है. हमारे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकी मारे गए. पीएम ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि 'पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत संघर्ष रोकने पर राजी हुआ है. भारत ने सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई स्थगित की है. पाकिस्तान का रवैया आगे की कार्रवाई तय करेगा. हालांकि, अब प्रधानमंत्री के इस संबोधन को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है.'
'22 मिनट के बयान में सिर्फ वही बातें..'
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, पीएम मोदी ने अपने 22 मिनट के बयान में वही बातें कहीं जो सेना ने अलग-अलग समय पर देश को बताई हैं. देश के लिए चिंता की बात यह है कि ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्वीट करते हैं कि, मैंने दोनों देशों से बात की और दोनों ने युद्ध विराम के लिए सहमति जताई। इसके बाद हमारे विदेश सचिव ने उनकी बात को स्वीकार किया।
पटवारी ने उठाए सवाल:
जीतू पटवारी ने आगे कहा कि, पाकिस्तान ने जिस तरह से दुस्साहस किया है, उसकी हैसियत भारत के सामने खड़े होने की भी नहीं है। उसके बाद भी अमेरिका के राष्ट्रपति का भारत और पाकिस्तान को एक ही जगह खड़ा करने का व्यवहार देश के लिए चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि, जहां तक देश के प्रधानमंत्री का सवाल है, देश के पीएम का पद देश का मुखिया होता है। उनका सम्मान करना हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। क्या देश की विदेश नीति अमेरिका के हाथ में है? एक बार फिर यह गंभीर सवाल है।
'पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर से भारत के दुश्मनों के लिए तय की सीमा', केंद्रीय गृह मंत्री शाह का बयान
13 May, 2025 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत के दुश्मनों के लिए सीमा तय कर दी है। हमारे सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के आंगन में पल रही आतंकवाद की फुलवारी को ध्वस्त कर दिया। हमारे सशस्त्र बलों ने अपनी ताकत से पाकिस्तान को थर्रा दिया है और आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) का एक नया मानदंड स्थापित किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राष्ट्र हमारे सशस्त्र बलों की अद्वितीय वीरता को सलाम करता है। वे हमारे दुश्मनों का नाश करने वाले और भारत की ढाल हैं। हम अपनी रक्षा की पहली पंक्ति, बीएसएफ के साहसी कर्मियों को भी सलाम करते हैं। हमारे बलों की बहादुरी हमारे गौरवशाली इतिहास में हमेशा अंकित रहेगी। शाह ने आगे लिखा, मैं हमारे निर्दोष भाइयों की दिवंगत आत्माओं को न्याय दिलाने में उनके अनुकरणीय नेतृत्व के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने बार बार साबित कर दिया है कि भारत का कोई भी दुश्मन बख्शा नहीं जा सकता। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन को लेकर कहा, अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को पूरी दुनिया के सामने बड़ी स्पष्टता और दृढ़ता के साथ रख दिया है। उनका संबोधन न केवल भारत की भावना की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह हमारे देश के सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक बल की प्रस्तुति भी है। प्रधानमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि भविष्य में अगर पाकिस्तान से कभी बात होगी तो केवल आतंकवाद और पीओके पर ही बात होगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं के शौर्य और पराक्रम की भी उन्होंने खुल कर सराहना की है। भारतीय सेनाओं पर पूरे देश को नाज है। मैं प्रधानमंत्री को उनके सशक्त नेतृत्व के लिए धन्यवाद देता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्या कहा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, भारत के ड्रोन्स, भारत की मिसाइलों ने सटीकता से हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिन पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था। भारत ने पहले तीन दिन में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था। इसलिए भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा था और बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे। आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था। इसलिए जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, पाकिस्तान की तरफ से जब यह कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, तो भारत ने उस पर भी विचार किया। मैं फिर दोहरा रहा हूं कि हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे कि वह क्या रवैया अपनाता है।
ट्रंप के दावे को शशि थरूर ने बताया निराशाजनक; कहा- यह पीड़ित और अपराधी के बीच गलत समानता
13 May, 2025 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शशि थरूर ने कहा कि ट्रंप का दावा कश्मीर विवाद का “अंतर्राष्ट्रीयकरण” करता है, जोकि पाकिस्तान और आतंकवादियों का चिर प्रतीक्षित और स्पष्ट उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा इस समस्या को आंतरिक मामला बताया है। भारत ने कभी भी पाकिस्तान के साथ अपनी समस्याओं पर किसी विदेशी देश से मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है, और न ही ऐसा करने की संभावना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को लेकर देश में सियासी सरगर्मी बढ गई है। जहां ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी मध्यस्थता के बाद ही यह संघर्ष विराम संभव हो पाया। हालांकि भारत ने यह दावा खारिज किया है और कहा है कि इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। वहीं, अब कांग्रेस सांसद और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने भी ट्रंप के दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की यह पोस्ट निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि यह यह पीड़ित और अपराधी के बीच एक गलत समानता का संकेत देता है।
क्या बोले थरूर?
शशि थरूर ने कहा कि ट्रंप ने जो दावा किया वह भारत के लिए निराशाजनक है। ट्रंप की पोस्ट पीड़ित और अपराधी के बीच एक गलत समानता का संकेत देता है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद से संबंधों के खिलाफ अमेरिका के अपने पिछले अडिग रुख को नजरअंदाज कर दिया है। दूसरा, ट्रंप का दावा पाकिस्तान को वार्ता के लिए एक ढांचा प्रदान करता है जिसे उसने निश्चित रूप से अर्जित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भारत कभी भी अपने सिर पर आतंकवादी बंदूक तानकर बातचीत नहीं करेगा। इसके अलावा, ट्रंप का दावा कश्मीर विवाद का “अंतर्राष्ट्रीयकरण” करता है, जोकि पाकिस्तान और आतंकवादियों का चिर प्रतीक्षित और स्पष्ट उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा इस समस्या को आंतरिक मामला बताया है। भारत ने कभी भी पाकिस्तान के साथ अपनी समस्याओं पर किसी विदेशी देश से मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है, और न ही ऐसा करने की संभावना है। इसके अलावा, ट्रंप की पोस्ट वैश्विक कल्पना में भारत और पाकिस्तान को एक जैसे पायदान पर खड़ा करती है। जबकि दशकों से, विश्व नेताओं से भारत को पाकिस्तान के साथ न जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। साल 2000 में राष्ट्रपति क्लिंटन से शुरू करके, किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐसा नहीं किया था। यह एक पिछड़ा कदम है।
ट्रंप ने किया चौंकाने वाला दावा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता में चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा, हमने भारत-पाक से कहा था कि संघर्ष नहीं रोका तो व्यापार नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा, 'शनिवार को, मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तत्काल संघर्ष विराम कराने में मदद की, मुझे लगता है कि यह स्थायी युद्धविराम होगा... दोनों देशों के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं।
अमेरिकी नेताओं से बातचीत में कारोबार का विषय नहीं उठा- केंद्र सरकार के सूत्र
भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान भारत और अमेरिका के शीर्ष नेताओं के बीच वार्ता में व्यापार का कोई विषय नहीं उठा था। सोमवार को सरकारी सूत्रों ने यह बात तब कही जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के साथ व्यापार में कटौती की धमकी देकर नई दिल्ली और इस्लामाबाद पर शत्रुता समाप्त करने का दबाव बनाया।सरकार के सूत्रों ने कहा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 9 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की, लेकिन इसमें व्यापार पर कोई चर्चा नहीं हुई। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 और 10 मई को विदेश मंत्री एस जयशंकर से और 10 मई को एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) अजीत डोभाल से बात की। इनमें से किसी चर्चा में भी व्यापार का कोई संदर्भ नहीं था। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनी और इसमें किसी तीसरे पक्ष को शामिल नहीं किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर: BJP शुरू करेगी बड़ा प्रचार अभियान, जनता तक सीधा संदेश पहुंचाने की तैयारी
13 May, 2025 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के आरोपों और सवालों का जवाब देने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है. पार्टी ने फैसला किया है कि वह सिलसिलेवार ढंग से देशवासियों को बताएगी कि भारत ने इस ऑपरेशन के जरिये क्या हासिल किया और यह देश की सुरक्षा के लिए कितना महत्वपूर्ण था. इसके लिए बीजेपी एक बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान शुरू करने जा रही है, जिसमें राज्यों की राजधानियों से लेकर जिला, मंडल और बूथ स्तर तक जानकारी पहुंचाई जाएगी. इस अभियान के तहत बीजेपी यात्राएं भी निकालेगी ताकि जनता तक सीधे संदेश पहुंचाया जा सके.इस अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इसके अलावा, बीजेपी के संगठन महासचिव बीएल संतोष, सह-संगठन महासचिव शिवप्रकाश और महासचिव तरुण चुघ भी इस बैठक में मौजूद थे.सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना की कार्रवाई और युद्ध विराम के बाद की स्थिति को जनता के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई. बीजेपी का मानना है कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस, इस मुद्दे पर भ्रामक प्रचार कर रही है और सरकार के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. इसलिए, पार्टी ने तय किया है कि वह सेना की उपलब्धियों और सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएगी. साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसपर संसद का विशेष सत्र भी बुलाने की मांग की है.
इसके बाद सोमवार को भी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस मुद्दे पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों और मीडिया विभाग के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई. यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम के बाद के हालात पर जनता के सवालों का जवाब देने की रणनीति बनाई गई. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बीजेपी को विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों और आंकड़ों के साथ देना होगा. सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना की बहादुरी और सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को आम लोगों तक पहुंचाने की योजना भी इस बैठक में बनाई गई.
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम को लेकर कई सवाल उठाए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार से पूछा है कि क्या भारत को पाकिस्तान से आतंकवाद के ढांचे को खत्म करने का कोई ठोस आश्वासन मिला है. इसके अलावा, विपक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जरिये युद्ध विराम की घोषणा पर भी सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है ताकि इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सके.
बीजेपी इन सवालों का जवाब इसलिए भी देना चाहती है ताकि इस मुद्दे पर विपक्ष उसे बैकफुट पर ना ला सके, जिस तरह से सीजफायर के बाद से ही कांग्रेस इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लड़े गए 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की उपलब्धियां सोशल मीडिया और अपने बयानों में लगातार गिना रही है, उसे लेकर भाजपा इस मुद्दे पर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और खुलकर खेलने की तैयारी में है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे विपक्ष के हर सवाल का तथ्यपरक जवाब दें और यह स्पष्ट करें कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति का हिस्सा है. इसके तहत 7 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. यह ऑपरेशन पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी.
इसके लिए भाजपा की तरफ से बनाया जा रहा प्रचार अभियान भी बहुआयामी होने की संभावना है. पार्टी ने तय किया है कि वह हर राज्य की राजधानी, जिला मुख्यालय, मंडल और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के जरिये ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और युद्ध विराम के महत्व को जनता तक पहुंचाएगी. इसके लिए विशेष यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बीजेपी नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताएंगे. साथ ही, सोशल मीडिया, प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसभाओं के जरिये भी यह संदेश प्रसारित किया जाएगा.
पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, "ऑपरेशन सिंदूर ने 50 वर्षों से असंभव लगने वाली चीज को संभव कर दिखाया है. झेलम और चिनाब अब पूरी तरह भारत के नियंत्रण में हैं. यह युद्धविराम नहीं, बल्कि एक समझदारी है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा.
अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी से की मुलाकात
इस रणनीति को और मजबूत करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक घंटे की मुलाकात की. सूत्रों की मानें तो इस दौरान प्रचार अभियान के लिए मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने निर्देश दिए कि इस अभियान में भारतीय सेना की वीरता और सरकार की नीतियों को केंद्र में रखा जाए, ताकि जनता में देशभक्ति और एकजुटता का भाव और मजबूत हो.
बीजेपी का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत कार्रवाई का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भी भारत की ताकत को दर्शाता है. पार्टी इस ऑपरेशन को देश की जनता के सामने एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहती है. साथ ही, वह विपक्ष के उन नेताओं को जवाब देना चाहती है, जो पहले सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे अभियानों पर सवाल उठाते थे.
इस अभियान के तहत बीजेपी यह भी बताएगी कि कैसे भारत ने वैश्विक समुदाय को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी और पाकिस्तान के आतंकवादी ढांचे को बेनकाब किया. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 13 देशों के राजदूतों को इस ऑपरेशन की जानकारी दी थी, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, न कि आम नागरिकों को.
विपक्षी पार्टियों को जवाब देकर संतुष्ट करेगी भाजपा
इस पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि ये समय सौहार्द का है और विपक्ष ने सरकार का साथ भी दिया है. मगर सीजफायर के बाद जो कुछ सवाल उठ रहे उसपर भाजपा कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों को जवाब देकर संतुष्ट करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग पर सरकार निर्णय लेगी.
बीजेपी का यह प्रचार अभियान न केवल विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए है, बल्कि यह देशवासियों में आत्मविश्वास और गर्व की भावना को बढ़ाने का भी प्रयास है. ऑपरेशन सिंदूर को एक मील का पत्थर बताते हुए बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. इसके पीछे पार्टी की मंशा ये भी है कि आने वाले दिनों में उनकी यह रणनीति देश की राजनीति और जनता के बीच चर्चा का केंद्र भी बन सके.
"BBMB अधिकारी को सीएम भगवंत मान की चेतावनी: हरियाणा को पानी देने का सवाल ही नहीं"
12 May, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को दोहराया कि पंजाब का एक भी बूंद पानी राज्य से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने भाजपा शासित केंद्र सरकार और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को चेतावनी दी कि अगर पंजाब की सहमति के बिना हरियाणा को पानी छोड़ने का कोई प्रयास किया गया तो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक विरोध होगा। मुख्यमंत्री का यह सख्त रुख पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा यह टिप्पणी किए जाने के दो दिन बाद आया है कि पंजाब ने बीबीएमबी के काम में बाधा डालकर अदालत की अवमानना की है।
"कोई भी अधिकारी जो पानी छोड़ने आएगा, वह अपनी सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार होगा"
नांगल डैम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, "पंजाब के लोग पूरी तरह तैयार हैं। अगर कोई भी बीबीएमबी अधिकारी पानी छोड़ने आएगा, तो वह अपनी सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार होगा।" उन्होंने केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को इस साजिश का "मास्टरमाइंड" बताया और आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार में रहते हुए पंजाब के अधिकारों को छीनने की योजना बना रहे हैं।
"पंजाबी अगर सीमाओं की रक्षा कर सकते हैं, तो वे अपने पानी की भी रक्षा कर सकते हैं"
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, "अगर पंजाब के लोग देश की सीमाओं की रक्षा कर सकते हैं, तो वे अपने जल संसाधनों की रक्षा करना भी जानते हैं।" मान ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट ने राज्य को पानी छोड़ने का कोई आदेश नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "भाजपा न्यायिक निर्देशों की आड़ में पंजाब का पानी अवैध रूप से छीनने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में राजस्थान को पंजाब के कोटे से केवल सेना की आवश्यकता के आधार पर पानी दिया गया था, क्योंकि वहां तैनात सैन्य बलों के लिए पानी की आपूर्ति आवश्यक थी।
जब राष्ट्रीय हित की बात आती है, तो पंजाब कभी पीछे नहीं हटता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब राष्ट्रीय हित की बात आती है, तो पंजाब कभी पीछे नहीं हटता। उन्होंने कहा कि हाल ही में छोड़ा गया पानी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी पंजाब के पानी को दान समझे। मान ने आरोप लगाया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने पंजाब के लोगों के पैसे का दुरुपयोग किया है। उन्होंने पिछले कुछ सालों में बीबीएमबी के खर्च की जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "यह शर्मनाक है कि बीबीएमबी ने पंजाब के टैक्स से मिले पैसे का इस्तेमाल पंजाब के खिलाफ केस लड़ने में किया है।" मान ने किसानों पर भी निशाना साधा: मुख्यमंत्री ने किसान संगठनों पर भी निशाना साधा और कहा, "ये लोग इसलिए गायब हैं क्योंकि इस विरोध प्रदर्शन में एसी ट्रॉली नहीं है।" उन्होंने कहा कि अब पंजाब सरकार खुद आगे आकर राज्य के संसाधनों की रक्षा करेगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब पर कानूनी दबाव बढ़ रहा है। शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि पंजाब ने 6 मई के कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें बीबीएमबी के काम में हस्तक्षेप करने पर रोक लगाई गई थी। कोर्ट ने कहा कि "यह कोर्ट की अवमानना है।" बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि जब उनके अधिकारी हरियाणा के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ने गए तो पंजाब पुलिस और ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया। कोर्ट ने कहा, "आदेश सही हो या गलत, जब तक इसे बदला या रोका नहीं जाता, तब तक इसका पालन करना जरूरी है।" अदालत ने सोमवार तक इंतजार करने का निर्णय लिया ताकि पंजाब सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट कर सके।
"भूपेश बघेल का तीखा हमला: सरकार बताए, पाकिस्तान से क्या सौदे हुए?"
12 May, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिकी मध्यस्थता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि क्या उसने द्विपक्षीय मामले में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार किया है? पार्टी महासचिव भूपेश बघेल ने पहलगाम आतंकी हमले के लिए सरकार और प्रशासन स्तर पर जवाबदेही की भी मांग की और पूछा कि क्या गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा देंगे? भूपेश बघेल का कहना है कि सरकार को पूरे घटनाक्रम पर सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वदलीय बैठक में जरूर शामिल होना चाहिए। भूपेश बघेल आगे कहते हैं कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह हमारी बहादुर सेना ने दृढ़ निश्चय और साहस के साथ दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया, वह पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। हमारे सैनिकों ने कई युद्धों में भारत की अखंडता की रक्षा की। 1971 के बाद इंदिरा गांधी ने दुनिया को दिखा दिया था कि भारत किसी के आगे झुकने वाला नहीं है। आज भी हमारी सेना उसी जज्बे के साथ सीमा पर डटी हुई है। कांग्रेस पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
कांग्रेस नेता बघेल ने कहा कि जब भी देश पर संकट आया, कांग्रेस पार्टी ने राजनीति को किनारे रखकर देशहित को सर्वोपरि रखा। 1965 में लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान-जय किसान' का नारा देकर देश को एकजुट किया। 1971 में इंदिरा गांधी ने अमेरिका के दबाव को खारिज कर पाकिस्तान को हराया। आज भी हमारा संकल्प वही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें राजनीति की नहीं, राष्ट्रवाद की जरूरत है। हमने उनसे सीखा है कि जब आप दुश्मन के साथ बातचीत की मेज पर बैठें तो कमजोरी नहीं, ताकत दिखाएं।
संकट की इस घड़ी में कांग्रेस ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द किए
बघेल आगे कहते हैं कि संकट की इस घड़ी में कांग्रेस ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द किए। संविधान बचाओ रैली जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम स्थगित किए, ताकि पूरे देश में एकता का संदेश जाए। हमने जय हिंद यात्रा निकाली, ताकि सेना का मनोबल बढ़े और जनता आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो। हमने सरकार से कहा कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, कांग्रेस आपके साथ है।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि जब पूरा देश सेना के साथ खड़ा है, तब भाजपा नेता ट्विटर पर भाजपा और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की तुलना करके इसे राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सेना के बलिदान को चुनावी बयानबाजी में इस्तेमाल करना सही है? बघेल ने यह भी कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ने अचानक घोषणा की कि वह सेना के साथ खड़े हैं।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है, जिसमें सभी दलों को बताया जाए कि संघर्ष विराम की शर्तें क्या हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'जब सरकार ने अपनी गलती मान ली है, तो फिर किसकी जिम्मेदारी तय की जा रही है? क्या गृह मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं?' उन्होंने जोर देकर कहा, "26 लोगों की जान चली गई है। अगर आप कार्रवाई नहीं करेंगे, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होगा।"
"भारत-पाक सीजफायर पर विपक्ष हमलावर, संजय राउत बोले- बीजेपी के नकली चाणक्य बेनकाब"
12 May, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच संघर्ष विराम लागू कर दिया गया है. यह संघर्ष विराम डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद लागू किया गया, जिसका विपक्ष ने विरोध किया है. विपक्ष ने भारत और पाकिस्तान के बीच डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. इस मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत का सरपंच बताया है और सेना को रोकने पर कटाक्ष किया है. भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौता कैसे हुआ, इस सवाल का जवाब देते हुए शिवसेना नेता संजय राउत कहते हैं, "हमारे सशस्त्र बल 'जोश' में थे, वे लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद तक पहुंच सकते थे, उन्हें किसने और क्यों रोका? हमें पाकिस्तान को खत्म करने का यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा. पाकिस्तान में जो जश्न मनाया जा रहा है, वह राष्ट्रपति ट्रंप की वजह से है. हमें हमले का बदला लेने का अधिकार है. ट्रंप ने हमें रोका और हमारे लोग दबाव में आ गए, यह ठीक नहीं है."
भाजपा नकली चाणक्य है
शिवसेना नेता संजय राउत कहते हैं, "राष्ट्रपति ट्रंप को युद्ध में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसने दिया? शिमला समझौता पढ़िए - वहां, यह केवल दो देशों के बीच समझौता है, कोई तीसरा देश हस्तक्षेप नहीं करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप को सरपंच किसने बनाया? क्या हमने उन्हें चौधरी बनाया? हमारी सेना सक्षम है, भले ही हमारा राजनीतिक नेतृत्व कमजोर हो।"
शिमला समझौते पर बात करते हुए संजय राउत ने कहा, "किसने कहा कि भाजपा चाणक्य है? भाजपा नकली चाणक्य है। राजनीति में ऐसे चाणक्य खूब घूमते हैं। डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसने दिया? शिमला समझौता 1971 के युद्ध के बाद इंदिरा गांधी के साथ हुआ था। इसमें केवल दो देशों के बीच चर्चा हुई थी, कोई तीसरा देश इसमें नहीं आएगा। यह शिमला समझौते का एक महत्वपूर्ण खंड है।"
भारत सरकार का नेतृत्व कमजोर है
डोनाल्ड ट्रंप को सरपंच किसने बनाया? "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कश्मीर मामले में दखल देने का अधिकार किसने दिया? गांवों में पाटिल हैं, तो क्या डोनाल्ड ट्रंप को यहां का सरपंच बना दिया गया है? भारतीय सेना और उसका नेतृत्व सक्षम है। भले ही राजनीतिक नेतृत्व कमजोर हो, लेकिन सेना मजबूत है।"
क्या कश्मीर मुद्दे पर बदली भारत की नीति? कांग्रेस ने उठाए सवाल
12 May, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर समझौते को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण और संवाद की मांग की है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने और संसद का विशेष सत्र आयोजित करने की अपील की है, ताकि पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर पर विस्तृत चर्चा हो सके।
इसी के साथ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सवाल उठाते हुए कहा है, कि क्या भारत ने शिमला समझौते के बाद अपनी नीति बदली है? क्या कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष, विशेषकर अमेरिका की मध्यस्थता को स्वीकार कर लिया गया है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या दोनों देशों के बीच कोई राजनयिक बातचीत चैनल खोले गए हैं? उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा भारत-पाक के बीच ‘तटस्थ जगह’ पर वार्ता की बात करना कई चिंताजनक संकेत देता है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और पाकिस्तान चार दिन की तीव्र हवाई झड़पों के बाद तत्काल प्रभाव से सीजफायर पर राजी हुए हैं।
कांग्रेस का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पहले सीजफायर की घोषणा करना और फिर भारत-पाक के बीच बातचीत की पुष्टि होना, सरकारी पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। इन हालात में कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हो, संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर समझौता, और अमेरिका की भूमिका पर खुली चर्चा हो और अंतत: कश्मीर पर भारत की पारंपरिक नीति को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
मनोज तिवारी ने किया स्पष्ट—ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंकवाद का खात्मा
12 May, 2025 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर बनी सहमति के बाद बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि भारत का उद्देश्य युद्ध नहीं है, बल्कि आतंकवाद का खात्मा है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से तरक्की कर रहा है और शांति चाहता है, लेकिन आतंकी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एक बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने कहा, कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के नागरिकों के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंकवादियों के खिलाफ था। यह अभियान आतंक के ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाया गया, और ऐसे ऑपरेशन भविष्य में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने सीजफायर को स्वीकार जरूर किया है, लेकिन पाकिस्तान के पिछले रुख को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि हम कुछ घंटे इंतजार करेंगे, क्योंकि पाकिस्तान पर भरोसा करना आसान नहीं है। भारत की नीति स्पष्ट है — अगर एक भी आतंकी गतिविधि होती है, तो उसे युद्ध की घोषणा माना जाएगा।
मनोज तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और उसके नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि आतंकियों पर प्रहार किया गया। उन्होंने कहा, हमने केवल आतंकी ठिकानों पर हमला किया। पाकिस्तान द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि भारत ने मस्जिदों को निशाना बनाया, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने भारतीय सेना के संयम और साहस की सराहना करते हुए बताया कि जब पाकिस्तान की ओर से नागरिक विमानों के दौरान हमले की कोशिश हुई, तब भी भारत ने अत्याधिक संयम दिखाया। हमारी सेना ने जवाबी कार्रवाई में भी नागरिक विमानों को नुकसान नहीं पहुंचाया।
दिल्ली में कांग्रेस का संदेश: इंदिरा जैसी बनना हर किसी के बस की बात नहीं
12 May, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीजफायर का ऐलान किया गया। एक दिन बाद कांग्रेस ने दिल्ली में हेडक्वॉर्टर के बाहर इंदिरा होना आसान नहीं वाला पोस्टर लगाया। इस पोस्टर के साथ ही 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के सरेंडर वाली तस्वीरें भी लगाईं। पोस्टर में इंडिया मिस इंदिरा (भारत इंदिरा को याद कर रहा है) की बात भी लिखी गई। उधर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने भारत-पाक के बीच अमेरिका की मध्यस्थता को लेकर सवाल उठाए। पायलट ने कहा- अमेरिका दो दिन पहले कहता है कि इस मसले से उसका कोई लेना देना नहीं है। फिर अचानक वॉशिंगटन से सीजफायर की घोषणा कई सवाल खड़े करती है। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाने का अनुरोध किया है।
सरकार बताए कि सीजफायर किन शर्तों पर हुआ है
सचिन पायलट ने भी कहा कि भारत सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और जो पिछली दो मीटिंग में नहीं हुआ। उस पर बात करनी चाहिए। प्रधानमंत्री जी को इस सर्वदलीय बैठक में आना चाहिए और पूरे देश और दलों को विश्वास में लेना चाहिए, क्योंकि सभी दलों ने अपनी विचारधारा को परे रखते हुए भारत सरकार को संपूर्ण समर्थन दिया था। पिछली जो सर्वदलीय बैठकें हुईं, उसमें प्रधानमंत्री जी नहीं आ पाए थे, ऐसे में एक और सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, ताकि देश और विपक्ष को एक विश्वास मिले। सरकार को बताना चाहिए कि सीजफायर किन शर्तों पर हुआ है? क्या गारंटी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटना को अंजाम नहीं दिया जाएगा?
तीसरे पक्ष की भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी
सचिन पायलट ने कहा कि 1971 में जब युद्ध छिड़ा था, तब अमेरिका ने कहा था कि हम बंगाल की खाड़ी में अपना सातवां बेड़ा भेज रहे हैं। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी आगे बढ़ीं और वो किया जो देशहित में जरूरी था। आज हम उन्हें याद कर रहे हैं। जब संसद पर हमला हुआ था, तब अटल जी प्रधानमंत्री थे और सोनिया गांधी जी नेता प्रतिपक्ष थीं। उन्होंने सदन के पटल पर खड़े होकर कहा था कि पूरा देश और पूरा विपक्ष सरकार के साथ है। उन्हीं परंपराओं को कायम रखते हुए प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी और तमाम दलों ने फिर से सरकार को पूरा समर्थन दिया था। पिछले कई दशकों से हमारी विदेश नीति बड़ी स्पष्ट थी। उसमें मध्यस्थता, समझौते और तीसरे पक्ष के शामिल होने की बात नहीं होती थी। हमारे सैनिकों ने पिछले दिनों जिस ताकत, शौर्य और कार्यकुशलता से पाकिस्तान को मजा चखाने का काम किया है, उस पर हम सभी को नाज और फक्र है।
खाने की ये आदतें लाती हैं दरिद्रता! शास्त्रों की चेतावनी
हाथ से कलावा हटाते ही न करें ये 1 काम, वरना बिगड़ सकता है भाग्य
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार
केदारनाथ मंदिर में नए नियम लागू, मोबाइल इस्तेमाल पर पूरी तरह बैन
मनरेगा की ‘डबरी’ और ‘बिहान’ के सहयोग से सविता बनीं आत्मनिर्भर
दिलीप घोष बोले- बंगाल में खिलेगा कमल, BJP की जीत का भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
केदारनाथ धाम में उत्सव का माहौल, कल सुबह खुलेंगे कपाट
