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बांग्लादेश में 17 करोड़ की आबादी के बीच सिर्फ 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट, इस पार्टी ने दिए सबसे ज्यादा टिकट
24 Jan, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. बांग्लादेश (Bangladesh) की जनता 12 फरवरी को नई सरकार (New government) चुनने के लिए वोट डालने जा रही है. पूर्व पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) को सत्ता से हटाने के बाद बांग्लादेश नए भविष्य की राह देख रहा है. लेकिन इस ट्रांजिशन में भी बांग्लादेश में हिन्दुओं की और दूसरे अल्पसंख्यकों के लिए बहुत स्पेस दिख रहा है. इसका गवाह बांग्लादेश चुनाव से मिल रहे आंकड़े हैं. 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में मात्र 80 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. जी हां आपने सही पढ़ा है.
जिस बांग्लादेश में पिछले एक साल में हिन्दुओं पर तमाम तरह के जुल्म हुए हैं वहां प्रतिनिधित्व की जंग में हिन्दू समेत दूसरे अल्पसंख्यकों का पिछड़ना बेहद चिंताजनक है. 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में मात्र 80 अल्पसंख्यक कैंडिडेट, इस पार्टी के सबसे ज्यादा उम्मीदवार.
बांग्लादेश की जातीय संसद में कुल 350 सीटें हैं, लेकिन प्रत्यक्ष चुनाव सिर्फ 300 सीटों के लिए होता है. ये 300 सीटें सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों से चुनी जाती हैं. बाकी 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं, जो मुख्य रूप से चुनी गई पार्टियों के अनुपात में बाद में आवंटित की जाती हैं.
हालांकि इस बार बांग्लादेश में 300 सीटों के लिए के चुनाव हो रहा है. यहां बहुमत का आंकड़ा 151 है. इस चुनाव में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 80 उम्मीदवार मैदान में हैं. इन 80 उम्मीदवारों में से 12 निर्दलीय हैं. अल्पसंख्यक कैंडिडेट में 10 महिलाएं हैं. BNP और जमात-ए-इस्लामी सहित कुल 22 राजनीतिक पार्टियों ने इस चुनाव के लिए अल्पसंख्यक समुदायों के 68 उम्मीदवारों को टिकट दिया है.
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर जुल्म
बता दें कि पिछले 6 महीनोंमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा की बाढ़ आई है. यहां हिन्दू समेत दूसरे अल्पसंख्यक लगातार हाशिये पर जा रहे हैं. ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 से जनवरी 2026 तक 116 अल्पसंख्यक मौतें हुईं हैं. इनमें ज्यादातर हिंदू हैं. इन मौतों में 12 मॉब लिंचिंग शामिल हैं.
चुनाव लड़ने के लिए कुल 88 अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन पेपर जमा किए थे. चुनाव आयोग ने 5 उम्मीदवारों के नॉमिनेशन पेपर रिजेक्ट कर दिए और 3 उम्मीदवारों ने अपना नॉमिनेशन वापस ले लिया. इस तरह से अब 80 उम्मीदवार मैदान में हैं.
राजनीतिक पार्टियों में बांग्लादेश कम्युनिस्ट पार्टी ने सबसे ज़्यादा अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे हैं. इस पार्टी 17 अल्पसंख्यकों को टिकट दिया है.
बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो के अनुसार इस बार BNP ने अल्पसंख्यक समुदायों से छह उम्मीदवारों को टिकट दिया है. संसदीय चुनाव में पहली बार जमात-ए-इस्लामी ने अल्पसंख्यक समुदाय से एक उम्मीदवार को नॉमिनेट किया है. कृष्णा नंदी खुलना-1 से चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें डाकोप और बाटियाघाटा के हिंदू-बहुल उपज़िले शामिल हैं. वह खुलना के डुमुरिया उपज़िले के चुकनगर के रहने वाले हैं और डुमुरिया उपज़िला जमात की हिंदू कमेटी के अध्यक्ष हैं.
बांग्लादेश में कथित क्रांति करने वाली पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी ने एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार को टिकट दिया है.
बांग्लादेश में कुल 1981 उम्मीदवार
बांग्लादेश के इस चुनाव में 298 सीटों के लिए कुल 1981 उम्मीदवार मैदान में हैं.
चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इस चुनाव में सबसे ज़्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जो 288 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जमात-ए-इस्लामी 224 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के उम्मीदवार 253 सीटों पर हैं. जातीय पार्टी 192 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के उम्मीदवार 32 सीटों पर हैं.
बांग्लादेश ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स द्वारा पब्लिश 2022 की जनसंख्या और आवास जनगणना के अनुसार अल्पसंख्यक कुल आबादी का लगभग 8.96 प्रतिशत हैं. फिर भी चुनावी मैदान में उनकी मौजूदगी इस डेमोग्राफिक हिस्सेदारी को नहीं दिखाती है. लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस चुनाव में अल्पसंख्यकों की भागीदारी मात्र 4 प्रतिशत है.
27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल, लगातार 3 दिन ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
24 Jan, 2026 03:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बैंक कर्मचारी संगठनों (Bank employee organizations) ने पांच दिन के कार्य सप्ताह की अपनी लंबे समय से अनसुनी मांग को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल (strike) पर जाने का निर्णय लिया है। अगर यह हड़ताल होती है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज लगातार तीन दिनों तक बाधित रहेंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 25 और 26 जनवरी को पहले से ही छुट्टियां हैं। ज्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को बता दिया है कि अगर हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं (banking services) बाधित हो सकती हैं।
सुलह बैठक असफल
अधिकारियों और कर्मचारियों के नौ संगठनों के शीर्ष निकाय- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) द्वारा दिए गए हड़ताल के नोटिस के जवाब में मुख्य श्रम आयुक्त ने बुधवार और गुरुवार को एक सुलह बैठक आयोजित की थी। यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ”बैठक में आईबीए और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के अलावा, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। यूएफबीयू की ओर से हमारे सभी नौ संगठन उपस्थित थे। विस्तृत चर्चा के बावजूद, सुलह की कार्यवाही का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।” बयान में आगे कहा गया कि इसीलिए 27 जनवरी को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। बता दे कि इस समय बैंक कर्मचारियों को रविवार के अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है।
मार्च 2024 में बनी थी सहमति
सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने पर मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और यूएफबीयू के बीच सहमति बनी थी। यूएफबीयू ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी जायज मांग पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इसमें काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना अतिरिक्त 40 मिनट काम करने के लिए तैयार हो गए हैं। यूएफबीयू ने कहा कि आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, शेयर बाजार और सरकारी कार्यालय पहले ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करते हैं, ऐसे में बैंकों में ऐसा न होने का कोई औचित्य नहीं है। यूएफबीयू की इस हड़ताल का एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों की शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका नहीं है।
अमेरिका के टैरिफ में राहत के संकेत, भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ हट सकता है
24 Jan, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
America Tariff On India : को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें 25 प्रतिशत सामान्य टैरिफ और 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ शामिल है। यह अतिरिक्त टैरिफ भारत पर रूसी तेल की खरीदारी कम करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था। हालांकि, अब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि यह 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हटाया जा सकता है।
स्कॉट बेसेंट ने अपने बयान में कहा कि भारत ने टैरिफ लगाए जाने के बाद रूसी तेल की खरीदारी में उल्लेखनीय कमी की है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ स्थायी नहीं है और इसे हटाने के लिए एक रास्ता बन सकता है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है और परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो अमेरिका भारत को टैरिफ में राहत दे सकता है।
वर्तमान में भारत पर पहले से 25 प्रतिशत टैरिफ लागू था, जिसे बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत कर दिया गया। अमेरिका, G7 और यूरोपीय देशों ने रूसी तेल पर प्राइस कैप सिस्टम भी लागू किया है, ताकि रूस की ऊर्जा आय पर नियंत्रण रखा जा सके। अमेरिका ने पहले यह चेतावनी भी दी थी कि अगर भारत रूसी तेल खरीद जारी रखता है, तो टैरिफ 500 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, भारत का रुख स्पष्ट है कि वह ऊर्जा खरीद अपने राष्ट्रीय हित और किफायती कीमतों के आधार पर तय करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि America Tariff On India को लेकर अमेरिका अगला कदम क्या उठाता है और क्या वास्तव में भारत को अतिरिक्त टैरिफ से राहत मिलती है या नहीं।
उत्तराखंड के 7 जिलों में बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में होगी भारी बर्फबारी
24 Jan, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: उत्तराखंड (Uttarakhand) में बीते कई दिनों से पड़ रही सूखी ठंड (Cold) के बाद अब मौसम में बदलाव होने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश (Rain) और 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी (Snowfall) की संभावना है. इस पूर्वानुमान से लोगों को राहत मिली है, जो लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे.
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 22 जनवरी से 27 जनवरी तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. मैदानी इलाकों में हल्की बारिश होगी, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी देखने को मिल सकती है. 23 जनवरी के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है.
बुधवार को देहरादून और आसपास के इलाकों में सुबह की हल्की धुंध के बाद तेज धूप निकली. धूप से लोगों को कुछ समय के लिए ठंड से राहत जरूर मिली, लेकिन दिन में मौसम थोड़ा गर्म भी महसूस हुआ. देहरादून में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया. उधम सिंह नगर में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री रहा, जबकि मुक्तेश्वर और नई टिहरी में रात का तापमान क्रमशः 2.5 और 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तेज हो सकती है. 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण सड़कों के बंद होने की आशंका है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य सरकार को सतर्क रहने और पहले से ही बर्फ हटाने वाली मशीनें तैनात करने की सलाह दी है.
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली आपूर्ति बाधित होने और तापमान में गिरावट के लिए तैयार रहने को कहा गया है. लोगों को वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. साथ ही, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है.
ऑरेंज अलर्ट इस बात का संकेत है कि स्थिति गंभीर हो सकती है, क्योंकि भारी बर्फबारी से आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है. हालांकि, स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह बर्फबारी प्राकृतिक सुंदरता और आनंद भी लेकर आएगी. मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी से सूखी ठंड से राहत मिलेगी.
मौसम विज्ञान केंद्र ने पुष्टि की है कि 27 जनवरी तक उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा. इस मौसम बदलाव से राज्यभर के लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी, पाकिस्तानी जैश आतंकी को किया ढेर
24 Jan, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कठुआ। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के कठुआ जिले (Kathua district) के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों (Security forces) ने एक संयुक्त अभियान के दौरान एक पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी (Pakistani Jaish-e-Mohammed terrorist) को मार गिराया है। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक छोटी टीम ने भारतीय सेना (Indian Army) और सीआरपीएफ के सहयोग से अंजाम दी। आईजीपी भीम सेन टूटी ने बताया कि यह आतंकी पिछले एक महीने से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।
7 जनवरी और इससे पहले दिसंबर माह में भी शुरुआती मुठभेड़ों के दौरान आतंकी घेराबंदी से भाग निकलने में सफल हो गया था। हालांकि, इस बारसुरक्षा बलों ने सटीक रणनीति के तहत ऑपरेशन को अंजाम देते हुए आतंकी को ढेर कर दिया। आईजीपी के अनुसार, ऑपरेशन पूरी तरह योजनाबद्ध था और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। फिलहाल क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है ताकि किसी अन्य आतंकी गतिविधि की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
UP के सभी 75 जिलों में बत्ती गुल, बज रहे सायरन, 6 बजते ही छा गया अंधेरा
24 Jan, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आज शाम 6 बजे सभी घरों की लाइटें बुझ गईं. चारों ओर अंधेरा छा गया. दरअसल, राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है. शाम को जैसे ही घड़ी की सुई 6 पर आकर अटकी तो एका-एक लाइटें बुझनी शुरू हो गईं, जिससे चारों ओर अंधेरा छा गया.
वहीं सायरन की आवाज सुनाई देने लगी. लाइट जाने के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर छतों पर आ गए. सायरन की आवाज सुन कुछ लोग तो समझ ही नहीं पाए. 10 मिनट तक यही स्थिति बनी रही. असल में यह एक मॉक ड्रिल है, जिसका मकसद आपातकाल जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना है.
यूपी के कुछ जिलों से ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं. ब्लकैआउट के बाद बरेली जिले में कलेक्ट्रेट, बाजार और रिहायशी इलाकों में अंधेरा छा गया और सायरन सुनाई देने लगे. इस दौरान पुलिस-प्रशासन की सख्त निगरानी रही. कहीं भी रोशनी जलती नहीं दिखाई दी. लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए. प्रशासन ने मोबाइल फ्लैश, टॉर्च और धूम्रपान पर पूरी तरह रोक लगा रखी थी. चौराहों पर ट्रैफिक एकदम बंद दिखा. सिर्फ पुलिस ही पुलिस दिखाई दे रही थी. सिविल डिफेंस और आपात सेवाएं अलर्ट मोड पर रहीं.
वहीं फायर ब्रिगेड टीम ने भी कई जगहों पर आग लगाकर मॉक ड्रिल की, ताकि अगर भविष्य में इस तरह की संकट की घड़ी आ जाए, तो उससे कैसे निपटा जाए और फटाफट आग कैसे बुझाई जाए, इसकी मॉक ड्रिल की गई. इस दौरान फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और स्टाफ मौजूद रहा. बरेली के कई इलाकों में फायर टीम ने इस तरह की मॉक ड्रिल की.
अंबेडकरनगर और फिरोजाबाद की गई मॉक ड्रिल
वहीं अंबेडकरनगर और फिरोजाबाद जिले में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया. यह अभ्यास शाम 6 बजे से 6 बजकर 10 मिनट तक चला, जिसमें जिले के कई इलाकों में लाइटें बंद रखी गईं. फिरोजाबाद जिले के पीडी जैन इंटर कॉलेज के खेल मैदान एवं आसपास के क्षेत्र में ब्लैकआउट एक्सरसाइज और राहत-बचाव से जुड़ी मॉक ड्रिल भी की गई, ताकि किसी भी संभावित हवाई हमले या आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके.
लखनऊ में CM योगी ने देखी ब्लैकआउट मॉक ड्रिल
वहीं राजधानी लखनऊ में शाम 6:00 बजे 10 मिनट के लिए ब्लैकआउट यानी बिजली सप्लाई को बंद कर दिया गया. पुलिस लाइन में आयोजित मार्क ड्रिल के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी मौजूद रहे. अभ्यास कर रही टीमों ने अलर्ट का सायरन बजाते हुए सबको लेट जाने का संकेत दिया. संकेत मिलते ही सब लेट गए. मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस के साथ मौजूद री. वहीं SDRF और NDRF की भी टीमें मौजद रहीं.
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल क्या है?
ब्लैकआउट एक ऐसी स्थिति है, जब किसी क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो जाती है, जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है. यह तकनीकी खराबी, प्राकृतिक आपदा, या अन्य कारणों से हो सकता है. साथ ही दुश्मन के हवाई हमले या ड्रोन हमले से सुरक्षा के लिए रात में शहर/इलाके की पहचान छिपाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एवं नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में रणनीतिक सावधानी बरतने के लिए ब्लैकआउट किया जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, इतिहास इस बात का साक्षी रहा है कि युद्धकाल में ब्लैकआउट ने लाखों लोगों की जान बचाई है. द्वितीय विश्व युद्ध के समय कई देशों में नियमित रूप से ब्लैकआउट किया जाता था, जिससे दुश्मन की हवाई निगरानी को भ्रमित किया जा सके. आज के दौर में भले ही प्रत्यक्ष युद्ध की संभावना कम हो, लेकिन आपदा प्रबंधन और सुरक्षा अभ्यास के लिहाज से ऐसे ब्लैकआउट बेहद जरूरी माने जा रहे हैं. इससे प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की तैयारियों का भी वास्तविक आकलन हो पाता है.
बदरीनाथ धाम : वसंत पंचमी के पावन पर्व पर घोषित की गई कपाट खोलने की तिथि, जानें…
24 Jan, 2026 09:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्णप्रयाग (चमोली). बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट (temple gates) 23 अप्रैल को विधि -विधान के साथ श्रद्धालुओं (devotees) के लिए खोल दिए जाएंगे। वसंत पंचमी (Vasant Panchami) पर आज बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। इससे पहले बृहस्पतिवार को डिम्मर से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राज दरबार पहुंचे। यहां परंपरागत तरीके से भगवान बदरीविशाल धाम कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित की गई।
भगवान बदरीविशाल के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म काल मुहूर्त पर 6:15 पर खोले जाएंगे। गाडू घड़ा यात्रा सात अप्रैल को आरंभ होगी। श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में बृहस्पतिवार सुबह डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने भगवान और गाडू घड़ा की विष्णु सहस्त्रनाम और नामावलियों से महाभिषेक पूजा कर बाल भोग अर्पित किया। इसके बाद बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों ने गाडू घड़ा लेकर मंदिर की परिक्रमा की। फिर भगवान श्रीबदरी विशाल के जयकारों के साथ यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ऋषिकेश रवाना हुई।
वसंत पंचमी को सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्र नगर राजदरबार पहुंचें। जहां महाराजा मनुजेंद्र शाह पंचांग पूजा के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने, भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले लिए तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि घोषित की।
सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत
24 Jan, 2026 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) से जुड़े कथित सोने (Gold) के नुकसान मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने एक अहम मोड़ लिया है। एक तरफ लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में जांच एजेंसियों की देरी अब सवालों के घेरे में है। वहीं दूसरी ओर अदालत (Court) के एक फैसले ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। शुक्रवार को यहां की एक अदालत ने सबरीमाला मंदिर से सोने के कथित नुकसान से जुड़े दो मामलों में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू (Murari Babu) को कानूनी जमानत (Bail) दे दी।
बताया जा रहा है कि यह जमानत इसलिए दी क्योंकि बाबू की गिरफ्तारी को 90 दिन पूरे हो चुके थे, लेकिन विशेष जांच टीम अब तक दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। बता दें कि मुरारी बाबू द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने की प्लेटों से कथित सोना गायब होने के मामले में दूसरे आरोपी हैं। वहीं श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोना गायब होने के मामले में छठे आरोपी हैं। ऐसे में फिलहाल मुरारी बाबू तिरुवनंतपुरम की विशेष उप-जेल में बंद हैं। उम्मीद है कि उन्हें शुक्रवार शाम तक रिहा कर दिया जाएगा।
मुरारी बाबू को अक्टूबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप है कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने द्वारपालक की मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग (सोने की परत चढ़ाने) का प्रस्ताव दिया था। मुरारी बाबू ने यह प्रस्ताव त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को आगे भेजा। इसी आधार पर उन पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया। गिरफ्तारी के समय बाबू हरिपाड में डिप्टी देवस्वोम कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
गौरतलब है कि पहले ही उन्नीकृष्णन पोट्टी को द्वारपालक मूर्ति मामले में वैधानिक जमानत मिल चुकी है। वहीं एसआईटी ने अब तक द्वारपालक मूर्ति मामले में 16 लोगों और श्रीकोविल दरवाजा फ्रेम मामले में 13 लोगों को आरोपी बना चुकी है पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर चार्जशीट दाखिल करने में और देरी होती है, तो अन्य गिरफ्तार आरोपी भी अदालत का रुख कर वैधानिक जमानत मांग सकते हैं। हालांकि, हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया है और कहा है कि मामले की गहराई से जांच जारी है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की साजिश नाकाम, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
23 Jan, 2026 11:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार घुसपैठ की कोशिश की है. कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है. मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी ढेर हो गया है. हालांकि इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने की फायरिंग
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. बिलावर इलाके में शुक्रवार शाम सूचना मिलने पर सुरक्षा बल तलाशी अभियान चला रहे थे. इस दौरान छिपकर बैठे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी ढेर हो गया. सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने संयुक्त अभियान में आतंकी को मार गिराया है।
पाकिस्तानी आतंकी एनकाउंटर में मारा गया
सुरक्षाबलों से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया मारे गए आतंकी की पहचान उस्मान के रूप में हुई है. आतंकी उस्मान पाकिस्तान का रहने वाला था. इस कार्रवाई से साफ है कि सुरक्षाबल किसी भी दुस्साहस का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं. राइजिंग स्टार कॉर्प की तरफ से आतंकी के मारे जाने की जानकारी दी गई है. राइजिंग स्टार कॉर्प ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने 23 जनवरी 2026 को कठुआ के परहेतर क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया. इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान एक आतंकी मारा गया. सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। ’
गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में बड़ा एनकाउंटर, हिमांशु भाऊ गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार
23 Jan, 2026 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi News: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. फायरिंग में हेड कांस्टेबल की जान बाल-बाल बची.दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया है. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली और उसका साथी चंदर भान शामिल है. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दिल्ली आए थे.
रोहतक का वांछित अपराधी है विक्की उर्फ मोगली
मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली हरियाणा के रोहतक में दर्ज कई सनसनीखेज हत्या मामलों में वांछित था. उस पर हरियाणा पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विक्की लंबे समय से हिमांशु भाऊ गैंग के लिए काम कर रहा था और गैंग को अवैध हथियार सप्लाई करता था.दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 22 जनवरी को क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि हिमांशु भाऊ गैंग के सक्रिय सदस्य गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए दिल्ली आ रहे हैं. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने तुरंत एक स्पेशल टीम बनाई और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई. 22 और 23 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1 बजे बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र में यूईआर-2 फ्लाईओवर के पास एक सफेद आई-20 कार को रोकने की कोशिश की गई. खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. विक्की द्वारा चलाई गई गोली हेड कांस्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
जवाबी फायरिंग में घायल हुआ आरोपी
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्की के पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया. घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. चंदर भान को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान विक्की के पास से 32 बोर की पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जबकि चंदर भान के पास से एक देसी कट्टा और 6 जिंदा कारतूस मिले. वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है.
गैंग नेटवर्क को लगा बड़ा झटका
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि विक्की पर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और पोक्सो जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय गैंग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. मामले की जांच अभी जारी है.
नेटवर्क को लेकर कोर्ट में जियो के खिलाफ वकीलों का केस, आकाश और ईशा अंबानी भी बनाए गए पक्षकार
23 Jan, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। पानीपत जिला न्यायालय परिसर में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या को लेकर वकीलों का सब्र अब जवाब दे गया है। नेटवर्क बाधित रहने से रोजमर्रा के न्यायिक कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए अधिवक्ताओं ने टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो के खिलाफ लोक अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका में कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को भी पक्षकार बनाया गया है, जिसमें रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी के नाम शामिल हैं।
याचिका में अधिवक्ताओं ने बताया कि पानीपत जिला कोर्ट परिसर में जियो का मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है या कई बार पूरी तरह गायब रहता है। इस कारण उन्हें अपने मुवक्किलों, अन्य वकीलों और संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए कोर्ट परिसर से बाहर खुले मैदान या सड़क तक जाना पड़ता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि न्यायिक कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है। वकीलों का कहना है कि आधुनिक समय में मोबाइल संचार न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है और नेटवर्क की अनुपलब्धता पेशेवर कार्य में बड़ी बाधा है।
अधिवक्ताओं ने याचिका में यह भी उल्लेख किया कि कई बार जरूरी कॉल या संदेश समय पर नहीं मिल पाने के कारण मामलों की तैयारी, तारीखों की जानकारी और आपात परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में परेशानी होती है। इससे न्यायालय की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
लोक अदालत ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए इसे विचार योग्य माना और सभी संबंधित पक्षों को समन जारी कर दिए हैं। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी निर्धारित की है। अदालत ने जियो प्रबंधन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि कोर्ट परिसर में नेटवर्क समस्या क्यों बनी हुई है और इसे दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें 20 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं।
ब्रम्हांड से जुडी ताजा खोजने वैज्ञानिकों को किया अचंभित
23 Jan, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। खगोल वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड से जुड़ी ताजा एवं हैरान करने वाली खोज ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। ब्रम्हांड में पृथ्वी से करीब 731 प्रकाश वर्ष दूर आरएक्सजे0528प्लस2838 नामक एक सफेद बौने तारे के चारों ओर एक चमकता हुआ नेबुला देखा गया है। यह नेबुला देखने में इंद्रधनुष जैसा प्रतीत होता है। यह खोज इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि सफेद बौने तारे को आमतौर पर ‘मृत तारा’ माना जाता है, जिनमें ऊर्जा उत्पादन की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं होती। इसके बावजूद इस तारे के आसपास पिछले करीब 1000 वर्षों से बना हुआ एक रहस्यमय ‘बो शॉक’ नजर आया है, जिसने अब तक के खगोलीय सिद्धांतों को चुनौती दे दी है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य जैसे तारे अपना ईंधन पूरी तरह खत्म कर लेते हैं, तो वे सिकुड़कर सफेद बौने तारे बन जाते हैं। इन तारों में नाभिकीय संलयन बंद हो जाता है, जिससे इन्हें शांत और निष्क्रिय माना जाता है। आरएक्सजे0528प्लस2838 भी आकार में पृथ्वी के बराबर है, लेकिन इसका द्रव्यमान सूर्य जितना है।
आम परिस्थितियों में ऐसे तारे किसी खास चमक या गतिविधि का प्रदर्शन नहीं करते, लेकिन इस तारे के चारों ओर दिखाई दे रहा चमकदार घेरा वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बन गया है। यह चमकता हुआ घेरा गैस और धूल के टकराव से बना ‘बो शॉक’ है, जो आमतौर पर तेज गति से चलने वाले सक्रिय खगोलीय पिंडों के आसपास देखा जाता है। डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तारे के पास न तो कोई ऊर्जा पैदा करने वाली डिस्क है और न ही ऐसा कोई स्पष्ट स्रोत, जो इतनी लंबी अवधि तक इस चमक को बनाए रख सके। इसके बावजूद यह संरचना एक सहस्राब्दी से स्थिर बनी हुई है, जो इसे और भी रहस्यमय बना देती है। वैज्ञानिकों ने इसकी एक संभावित वजह अत्यंत शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र को माना है।
अनुमान है कि इस सफेद बौने तारे का चुंबकीय क्षेत्र अपने साथी तारे से निकलने वाले पदार्थ को बिना किसी डिस्क के सीधे अपनी सतह की ओर खींच रहा है। यही प्रवाह अंतरिक्ष में मौजूद गैस और धूल से टकराकर ऊर्जा उत्पन्न कर रहा है, जिससे यह बो शॉक बन रहा है। हालांकि मौजूदा सिद्धांतों के अनुसार ऐसा प्रवाह अधिकतम 100 वर्षों तक ही टिक सकता है, जबकि यहां यह प्रक्रिया उससे दस गुना अधिक समय से जारी है। पोलैंड के निकोलस कोपरनिकस एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर के वैज्ञानिक क्रिस्टियन इल्केविक्ज के मुताबिक, यह किसी अज्ञात खगोलीय तंत्र का संकेत हो सकता है, जिसे अभी समझा जाना बाकी है।
पंजाब कांग्रेस में मची खींचतान के बीच शीर्ष नेतृत्व ने चेताया कहा- सार्वजनिक बयानबाजी की तो होगी कार्रवाई
23 Jan, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ़ कर दिया कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। साथ ही पार्टी ने नेताओं को सख़्त हिदायत दी है कि संगठन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक मंचों, मीडिया या सोशल मीडिया में बयान न दें। ऐसे सभी विषय केवल पार्टी के आंतरिक मंचों और उच्च नेतृत्व के समक्ष ही रखे जाएं। उल्लेखनीय है प्रदेश के नेताओं के बीच मची खींचतान से शीर्ष नेतृत्व इस बार तुरंत अलर्ट हुआ। प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने आलाकमान से दखल की अपील की। लिहाजा, राज्य के बड़े नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, पंजाब प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। पंजाब से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा के.पी. सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही, जिसमें पार्टी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने दो टूक कहा कि पंजाब में नेतृत्व बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है और संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अनुशासन पर ज़ोर देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी नेता पार्टी के आंतरिक मामलों पर मीडिया या सोशल मीडिया में बयान जारी नहीं करेगा। ऐसे सभी मुद्दे केवल पार्टी के मंचों पर ही उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंजाब के करीब 30 नेताओं द्वारा हाईकमान से मिलने का समय मांगे जाने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि व्यक्तिगत हैसियत में कोई भी नेता हाईकमान के किसी भी सदस्य से मिलने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाज़ी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दलितों और वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व दिए जाने के सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी समाज के सभी वंचित और हाशिए पर पड़े वर्गों—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को देशभर में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने भी बैठक को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि चर्चा करीब तीन घंटे तक चली और इसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम जनभावना यह है कि लोग कांग्रेस को दोबारा सत्ता में देखना चाहते हैं। बघेल ने भी दोहराया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाज़ी या अनुशासनहीनता को सख्ती से रोका जाएगा।
‘नेताजी जिंदा होते तो उन्हें भी SIR का नोटिस मिलता’—ममता
23 Jan, 2026 04:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने नेताजी की जयंती के बहाने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर जैसे राष्ट्रीय महापुरुषों के अपमान करने का आरोप लगाया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती यानी पराक्रम दिवस पर कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री बनर्जी ने केंद्र में सत्ता में बैठे लोगों पर देश के इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।ममता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "भारत के इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की जा रही है। संतों और महापुरुषों का अपमान किया जा रहा है, चाहे वह महात्मा गांधी हों, रवींद्रनाथ टैगोर हों, नेताजी सुभाष चंद्र बोस हों, या बाबासाहेब अंबेडकर हों। उनके और भाषा के प्रति असहिष्णुता, आपत्तिजनक टिप्पणियां, कृतघ्नता और अनादर बढ़ रहे हैं। क्या बंगाल इसे स्वीकार करेगा?" उन्होंने भाजपा पर इतिहास को विकृत करने का भी गंभीर आरोप लगाया है और कहा कि देश की विरासत, संस्कृति और संविधान पर लगातार हमला हो रहा है।
‘दिल्ली बना साजिशों का शहर’
नेताजी के प्रसिद्ध नारे ‘दिल्ली चलो’ का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज की ‘दिल्ली’ बंगाल के खिलाफ साजिशें कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज दिल्ली ‘चक्रांतनगरि’ बन चुकी है। यह हमेशा बंगाल के खिलाफ साजिश करती है। हम अपनी भाषा, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट होंगे।” उन्होंने बोस की आजाद हिंद फौज को धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का प्रतीक बताया।
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नेताजी की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश क्यों नहीं?
ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि नेताजी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की जयंती को अब तक राष्ट्रीय अवकाश क्यों नहीं घोषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को तोड़ रही है। उन्होंने कहा, “नेताजी से लेकर सरदार पटेल तक, जिन लोगों ने आजाद भारत का सपना देखा था, उनके सपने आज चकनाचूर किए जा रहे हैं। एक ऐसा इतिहास थोपा जा रहा है, जिसका हमारे देश के असली इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “संविधान का अपमान हो रहा है। लोगों से उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। लोकतंत्र को निर्वस्त्र किया जा रहा है।”
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वोटर लिस्ट संशोधन पर चुनाव आयोग पर निशाना
ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी आज ज़िंदा होते, तो शायद उनसे भी नागरिकता साबित करने को कहा जाता। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “अगर सुभाष चंद्र बोस आज होते, तो उन्हें भी SIR की सुनवाई के लिए बुलाया जाता और पूछा जाता कि आप भारतीय हैं या नहीं।” ममता ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान 110 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को लेनी चाहिए।
नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग
इससे पहले दिन में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी सरकार ने बहुत पहले ही राज्य के अभिलेखागार में मौजूद सभी फाइलें जनता के सामने रख दी थीं। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य की बात है कि 1945 के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, यह रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाया। यह पूरे देश के लिए दुख की बात है। मैं फिर केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि नेताजी से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं।” बहरहाल, ममता बनर्जी के इस भाषण को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। नेताजी की विरासत, बंगाल की अस्मिता और संविधान को केंद्र में रखकर उन्होंने बीजेपी पर सीधा हमला बोला है, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
ओम से एल्गोरिदम तक, झांकी राष्ट्र की फलती-फूलती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को दर्शाएगी
23 Jan, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की परेड में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी, भारत गाथा: श्रुति, कृति, दृष्टि कहानी कहने की कला में भारत की सभ्यतागत यात्रा की शक्तिशाली दृश्य कहानी प्रस्तुत करेगी। इसमें प्राचीन मौखिक परंपराओं से लेकर वैश्विक कंटेंट और मीडिया पावरहाउस के रूप में इसके उदय तक की पूरी यात्रा दर्शाई जाएगी। यह झांकी आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है, जो सांस्कृतिक विरासत को तकनीकी नवाचार के साथ सहज रूप से मिलाती है। श्रुति भारत की समृद्ध मौखिक विरासत का प्रतीक है, जिसे पीपल के पेड़ के नीचे शिष्यों को ज्ञान देते हुए गुरु के माध्यम से दर्शाया गया है। इसके साथ ही ओम की ब्रह्मांडीय अनुगूंज और ज्ञान की उत्पत्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले ध्वनि-तरंग रूपांकनों को भी प्रदर्शित किया गया है। कृति लिखित अभिव्यक्ति के विकास को चिह्नित करती है, जिसमें भगवान गणेश महाभारत लिख रहे हैं। इसे पांडुलिपियों, प्रदर्शन कलाओं और शुरुआती संचार परंपराओं के दृश्यों के माध्यम से भी दिखाया गया है जिन्होंने भारत की बौद्धिक विरासत को आकार दिया। दृष्टि प्रिंट, सिनेमा, टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए भारत के मीडिया के विकास को दिखाती है। विंटेज कैमरे, फ़िल्म रील, सैटेलाइट, अख़बार और बॉक्स ऑफ़िस जैसे विज़ुअल एलिमेंट उन फ़िल्म निर्माताओं और कलाकारों की पीढ़ियों को सम्मान देते हैं जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक पहचान को आकार दिया है। कलाकार इस झांकी को जीवंत बनाते हैं। यह थीम भारत को एक ग्लोबल कंटेंट हब के रूप में स्थापित करने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के लक्ष्य से मेल खाती है, जिसे वेव्स 2025 ने और मज़बूत किया है। इस सम्मेलन ने ऑरेंज इकोनॉमी की सुबह की शुरुआत की, जिसमें दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और महत्वपूर्ण बिज़नेस डील हुईं। यह झांकी सांस्कृतिक टाइमलाइन और भविष्य की सोच वाले विज़न स्टेटमेंट दोनों के रूप में दिखाई गई है, जो भारत के प्राचीन ज्ञान को उसके डिजिटल भविष्य से जोड़ती है।
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