मदरसों पर टिप्पणी को लेकर Nitesh Rane घिरे, बढ़ा विवाद
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे अपने एक नए और बेहद आक्रामक बयान के कारण एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार उन्होंने आगामी बकरीद के त्योहार को लेकर मुस्लिम समुदाय को 'वर्चुअल' तरीके से कुर्बानी देने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने तथाकथित पर्यावरण प्रेमियों पर भी तीखा तंज कसा है। राणे ने कहा कि जो लोग केवल हिंदू त्योहारों के समय ज्ञान बांटने आगे आते हैं, उन्हें बकरीद पर भी कंप्यूटर स्क्रीन का इस्तेमाल करने की सलाह देनी चाहिए।
पर्यावरण प्रेमियों पर साधा निशाना, कहा- हिंदू त्योहारों पर ही क्यों मिलती है सलाह?
मंत्री नितेश राणे ने पर्यावरण समर्थकों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब भी हमारी होली या दिवाली आती है, तो कुछ लोग मुफ्त की सलाह देने के लिए तुरंत आगे आ जाते हैं। वे कहते हैं कि पर्यावरण के अनुकूल होली मनाएं, ड्राई होली खेलें या दिवाली पर पटाखे मत फोड़ें।" वीर सावरकर के एक कथन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें दूसरों से ज्यादा अपने ही कुछ लोगों से खतरा है। राणे ने चुनौती देते हुए कहा, "अब बकरीद आ रही है, तो इन पर्यावरण प्रेमियों में हिम्मत है तो वे कहें कि इस बार वर्चुअल बकरीद मनाएं। जीवों को परेशान करने के बजाय मस्त कंप्यूटर पर बकरे की फोटो लगाएं और कहें कि हम बकरा काट रहे हैं।"
मदरसों को बताया 'अड्डे', पुलिस से छापेमारी की अपील की
बकरीद के मुद्दे के साथ-साथ नितेश राणे ने मदरसों को लेकर भी बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "मैं पहले दिन से अपने इस स्टैंड पर कायम हूँ कि ये मदरसे देश विरोधी गतिविधियों के ठिकाने बन चुके हैं, जहाँ किसी भी तरह की वास्तविक या आधुनिक शिक्षा नहीं दी जाती।" उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस से अपील करते हुए कहा कि राज्य में हिंदुत्ववादी सरकार के सत्ता में रहते हुए पुलिस को पूरे साहस के साथ काम करना चाहिए और इन जगहों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी करनी चाहिए।
"मदरसों से डॉक्टर-इंजीनियर नहीं, चरमपंथी निकल रहे हैं"
राणे ने पुलिस बल की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि मीरा रोड दंगों के बाद सभी ने देखा है कि हमारी पुलिस क्या कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि अगर इन ठिकानों पर सही तरीके से रेड डाली जाए, तो पुलिसकर्मियों को मेडल मिलेंगे। उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा, "क्या कोई मुझे एक भी ऐसा मदरसा दिखा सकता है जहां से कोई असली डॉक्टर या इंजीनियर निकला हो? अगर कोई पढ़-लिख भी जाता है, तो अंत में वह गलत राह पर ही निकल पड़ता है। फिर ऐसी डिग्री का क्या फायदा, जहां शिक्षा का इस्तेमाल सिर्फ विनाश के लिए सिखाया जाता हो।"
आने वाले दिनों में बड़े बदलाव का किया दावा
अपने संबोधन के अंत में मंत्री नितेश राणे ने जनता और अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि अब बस थोड़ा इंतजार कीजिए और देखते जाइए कि उनके इस क्षेत्र में आने के बाद आगे क्या-क्या बड़ी कार्रवाइयां और बदलाव देखने को मिलते हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।
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