पटना: बिहार में भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यह सख्त कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा की गई है, जिसके तहत प्रदेश के 14 अंचलाधिकारियों (CO) पर शिकंजा कसा गया है। विभाग ने इन सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र (चार्जशीट) गठित कर दिया है, जबकि कई अधिकारियों की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में भ्रष्टाचार और किसी भी तरह की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 'जीरो टॉलरेंस' की नीति सख्ती से लागू रहेगी। उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों को सुधरने या फिर इससे भी कठोर कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा है।


गलत दाखिल-खारिज और रिश्वतखोरी पर कड़ा प्रहार

विभाग द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के कांटी की पूर्व अंचल अधिकारी रिषिका पर एक खास व्यक्ति के नाम गलत तरीके से सरकारी जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करने का गंभीर आरोप है। पूर्व में विभाग द्वारा उन्हें निलंबित किया गया था, जिसे अब सरकार ने भी अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, पतरघट के पूर्व अंचल अधिकारी राकेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है।

लापरवाही और अवैध खनन में संलिप्तता पर थमी वेतन वृद्धि

काम में लापरवाही बरतने के कारण पाटलिपुत्र के पूर्व अंचल अधिकारी अनुज कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। वहीं, गुरारू के पूर्व अंचल अधिकारी संजीव कुमार त्रिवेदी को गलत तरीके से जमाबंदी कायम करने का दोषी पाते हुए उनकी दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। बालू के अवैध खनन मामले में संलिप्तता पाए जाने के कारण पालीगंज के पूर्व अंचल अधिकारी राकेश कुमार की भी एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। सबसे गंभीर कार्रवाई गोपालपुर के पूर्व अंचल अधिकारी राजकिशोर शर्मा पर हुई है, जहां गंभीर अनियमितताओं के चलते अगले 5 सालों तक उनकी पेंशन में 10% की कटौती करने का आदेश जारी हुआ है।

जातिगत हेरफेर और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी पर चार्जशीट

अन्य मामलों में, बैरिया के पूर्व अंचल अधिकारी अनिल कुमार पर जातिगत श्रेणियों में हेरफेर (BC कैटेगरी को EBC दिखाने) के मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। बैकुंठपुर के अंचल अधिकारी पंकज कुमार पर बिना किसी पुख्ता सबूत के ऑनलाइन जमाबंदी पंजी में जमीन का रकबा बढ़ाने के आरोप में आरोप पत्र गठित हुआ है। साहेबपुर कमाल के पूर्व अंचल अधिकारी सतीश कुमार सिंह पर बाढ़ राहत राशि के वितरण में धांधली करने, गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल पर म्यूटेशन कार्यों में पारदर्शिता न रखने और एकमा के पूर्व अंचल अधिकारी अमलेश कुमार पर बिना सूचना ड्यूटी से नदारद रहने के आरोपों में चार्जशीट गठित की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर होगी विभागीय जांच

चंडी की पूर्व अंचल अधिकारी कुमारी आंचल पर वरिष्ठ अधिकारियों और अपील वाद के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप साबित हुआ है, जिसके बाद उन पर चार्जशीट दाखिल की गई है। मधेपुरा के घैलाढ़ के पूर्व अंचल अधिकारी चंदन कुमार पर भी विभागीय लापरवाही के कारण आरोप पत्र गठित किया गया है। वहीं, सुपौल की पूर्व अंचल अधिकारी बुच्ची कुमारी के खिलाफ सरकार ने अब बड़े स्तर पर गहन विभागीय जांच शुरू करने का फैसला किया है।