छत्तीसगढ़
महासमुंद: 25 साल से चल रहे 'उड़ीसा लस्सी सेंटर' में 150 लीटर दूध से तैयार होती है लस्सी
27 Mar, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राजधानी से लगा जिला महासमुंद के बसना स्थित पदमपुर रोड चौक पर एक ऐसी जगह है, जहां चिलचिलाती गर्मी में भी लोग ठंडक का आनंद लेने के लिए उमड़ पड़ते हैं. यह जगह है ‘उड़ीसा लस्सी सेंटर’, जिसे संचालित करते हैं कृष्णचंद्र बेहरा, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से ‘पंडा जी’ कहते हैं. उनकी यह लस्सी दुकान केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि 25 साल पुरानी एक परंपरा है, जिसकी नींव उनके दादा जी ने रखी थी.
दो लीटर से 150 लीटर तक का सफर
शुरुआत में यहां पान का व्यापार हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे लस्सी का काम शुरू किया गया. शुरुआत में सिर्फ 2 लीटर दूध से लस्सी बनाई जाती थी, लेकिन सालों की मेहनत और क्वालिटी में सुधार के बाद आज गर्मी के दिनों में 150 लीटर दूध से बनी लस्सी की खपत हो रही है. यह आंकड़ा ही यह बताने के लिए काफी है कि लोग इस लस्सी को कितना पसंद करते हैं. खास बात यह है कि ठंड और बारिश के मौसम में भी यहां हर दिन 50 लीटर दूध से बनी लस्सी की बिक्री हो जाती है.
उड़ीसा लस्सी सेंटर की लस्सी सिर्फ दही और शक्कर से बनी साधारण लस्सी नहीं होती, बल्कि इसे खास बनाने के लिए काजू, किशमिश, ड्राई फ्रूट्स और कच्चे नारियल का इस्तेमाल किया जाता है. यही कारण है कि इस लस्सी का स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींच लाता है. मात्र 25 रुपये में मिलने वाली इस लस्सी की कीमत इतनी किफायती रखी गई है कि हर वर्ग के लोग इसका आनंद ले सकते हैं. चाहे आम आदमी हो, विद्यार्थी हो या कोई यात्री हर किसी के लिए यह गर्मी से राहत देने वाली एक बेहतरीन चॉइस बन चुकी है.
सुबह से शाम तक लस्सी की बहार
यह दुकान हर दिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती है. लोग यहां केवल लस्सी पीने ही नहीं आते बल्कि 10-10 ग्लास लस्सी पार्सल लेकर भी जाते हैं. यहां तक कि शादी, पार्टियों और अन्य आयोजनों के लिए लस्सी बाल्टी में भी तैयार की जाती है. उड़ीसा लस्सी सेंटर न सिर्फ बसना के लोगों के लिए बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों के लोगों के लिए भी पसंदीदा जगह बन चुकी है. रायपुर, रायगढ़, बलांगीर, संबलपुर जैसे दूर-दराज के इलाकों से लोग यहां खासतौर पर इस स्पेशल लस्सी का मजा लेने आते हैं.
जब तापमान ऊपर चला जाता है, तब उड़ीसा लस्सी सेंटर की स्पेशल लस्सी लोगों को ठंडक का अहसास कराती है. गर्मी के दिनों में यह दुकान पूरे शबाब पर होती है और यहां ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. अगर आप भी गर्मी से राहत पाना चाहते हैं और ठंडी, स्वादिष्ट और पौष्टिक लस्सी का मजा लेना चाहते हैं, तो एक बार उड़ीसा लस्सी सेंटर जरूर विजिट कर सकते हैं.
हर साल निजी स्कूलों की फीस में बढ़ोतरी, अभिभावकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
27 Mar, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर एक साल पहले ही बाल संरक्षण आयोग ने भी सख्त रूख अपनाया था। निजी स्कूलों की फीस की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था। यानी स्कूलों के बाहर चार गुना आठ फीट का बोर्ड लगाकर तय की गई फीस की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।
साथ ही इसे स्कूल की वेबसाइट पर भी फीस की जानकारी दिखानी होगी। इसके लिए आयोग ने आदेश जारी कर सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा था कि निजी स्कूलों की फीस की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, लेकिन इस आदेश का कहीं भी पालन नहीं हो रहा है। अफसर भी निजी स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं। यही वजह से हर साल निजी स्कूल मनमाने ढंग से अभिभावकों को लूटने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में निजी स्कूल संचालक अपनी मर्जी से हर वर्ष फीस में बढ़ोतरी कर रही है।
तय मानक के अनुसार बढ़ा सकते हैं फीस
आयोग की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ अशासकीय फीस विनियमन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार फीस होगी। तय मानक के अनुसार ही फीस की बढ़ोतरी करनी होगी। आयोग ने सभी जिलों के कलेक्टर और जिला फीस समितियों को आदेश जारी किया था, ताकि फीस बढ़ोतरी की शिकायत पर लगाम कस सकें।
8 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते
स्कूलों के मनमानी फीस बढ़ाने पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार 2020 में फीस विनियमक अधिनियम लेकर आई थी। इस अधिनियम के तहत निजी स्कूल साल में आठ प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी कर सकते हैं। ज्यादा करने पर जिला स्तर गठित समिति को जानकारी देनी थी, लेकिन प्रदेश में इसका पालन नहीं हो रहा है।
यहां न तो फीस संरचना पारदर्शी हो सकी है न ही कमेटी के पास अनुमति लेने की व्यवस्था काम कर रही है। सिर्फ शासन-प्रशासन व्यवस्था बनाकर भूल गए हैं। इतना ही नहीं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पोर्टल में निजी स्कूलों से विभिन्न मद से ली जा रही फीस संरचना को अपलोड करना था। यह कार्य भी नहीं हो रहा है।
इसलिए बढ़ा रहे हैं मनमानी फीस
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सोनल कुमार गुप्ता ने बताया कि स्कूलों में स्कूल फीस समिति में जागरूक और निष्पक्ष अभिभावकों को शामिल नहीं करने, आय-व्यय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने, जिला फीस समिति की नियमित बैठक नहीं होने की स्थिति में मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई जा रही है।
रायगढ़ में हाई कोर्ट में दायर याचिका, पति ने पत्नी के कौमार्य परीक्षण की मांग की
27 Mar, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में पति द्वारा पत्नी के कौमार्य परीक्षण (वर्जिटिनी टेस्ट) की मांग को असंवैधानिक ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह की मांग न केवल महिलाओं की गरिमा के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के भी विपरीत है।
रायगढ़ के पारिवारिक न्यायालय में जुलाई 2024 को दर्ज मामले में पत्नी ने ₹20,000 प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण की मांग की थी। दोनों की शादी 30 अप्रैल 2023 को हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी, लेकिन जल्द ही संबंधों में दरार आ गई।
पत्नी ने पति को बताया नपुंसक
पत्नी ने अपने पति पर नपुंसकता का आरोप लगाया, जबकि पति ने प्रत्यारोपण करते हुए पत्नी के अपने बहनोई से अवैध संबंध होने की बात कही और उसके कौमार्य परीक्षण की मांग की। पति की इस याचिका को पारिवारिक न्यायालय ने खारिज कर दिया, जिसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में अपील दायर की। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने क्रिमिनल रिवीजन की सुनवाई के दौरान इस पर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कौमार्य परीक्षण असंवैधानिक है और महिला की गरिमा के अधिकार का उल्लंघन करता है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन है।
कोर्ट ने आगे कहा- अगर पति खुद पर लगे आरोपों को गलत साबित करना चाहता है, तो वह खुद का मेडिकल परीक्षण करा सकता है, लेकिन पत्नी पर ऐसा आरोप थोपना अवैध है।
निचली अदालत काे माना सही
हाई कोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि पत्नी के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना सर्वोपरि है। कोर्ट ने दोहराया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार हैं, जिन्हें छीना नहीं जा सकता।
दो फैसलों का दिया हवाला
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के दो फैसलों का हवाला दिया। जिसमें राज्य बनाम शैलेन्द्र कुमार राय (2022) 14 एससीसी 299 शामिल था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने टू फिंगर टेस्ट को अवैध और पीड़िता के अधिकारों के खिलाफ बताया था।
छत्तीसगढ़ में गर्मी बढ़ी, मौसम विभाग ने तापमान में वृद्धि का किया अनुमान
27 Mar, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ में तेज धूप के साथ गर्मी पड़ने वाली है। एक बार फिर अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। आज गुरुवार को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश में बारिश की गतिविधि थमने पर अधिकतम तापमान 39 डिग्री जा पहुंचा है। आगामी दिनों में दो से चार डिग्री बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगी। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका का असर खत्म हो गया है।
बुधवार को प्रदेश में सबसे गर्म इलाका बिलासपुर रहा है। यहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आज गुरुवार को राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है।
मॉर्निंग वॉक पर निकले युवक की ट्रक से मौत, भाटापारा में बढ़ते हादसों पर प्रशासन से कार्रवाई की अपील
27 Mar, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलारी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जिसमें मॉर्निंग वॉक पर निकले 28 वर्षीय युवक की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा किसान राइस मिल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को टक्कर मार दी।
घटना की सूचना मिलते ही पलारी पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर लापरवाही से चलने वाले वाहनों की वजह से हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
9 नक्सलियों ने किया सरेंडर, कई नक्सली वारदातों में शामिल इन नक्सलियों पर था 26 लाख का इनाम
26 Mar, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुकमा: सरकार के नक्सल ऑपरेशन को बड़ी सफलता मिली है। कोंटा ब्लॉक में लंबे समय से नक्सल संगठन में सक्रिय वेट्टी कन्नी समेत 26 लाख के इनामी 9 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करने वाले 9 नक्सलियों में 6 महिला नक्सली हैं। ये सभी नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।
नक्सल बटालियन में सक्रिय एक नक्सली ने भी सरेंडर किया है। इस दौरान सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि लगातार ऑपरेशन और कैंप खुलने से प्रभावित होकर 9 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें बटालियन नंबर वन के अलावा जगरमुंडा इलाके में शामिल नक्सली भी शामिल हैं। इन्होंने नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्यागकर सरेंडर किया है। इन्हें सरकार की सरेंडर नीतियों का लाभ दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने किया अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सकीय सेवाओं का किया मूल्यांकन
26 Mar, 2025 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जयसवाल ने जिला अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन कियास्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जयसवाल ने जिला अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन कियास्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जयसवाल ने जिला अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, शिशु वार्ड, प्रसव वार्ड, ऑपरेशन कक्ष सहित सभी वार्डों का विस्तृत निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री जयसवाल ने मरीजों एवं उनके परिजनों से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा सेवाओं के अनुभवों पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जयसवाल ने आईसीयू, ब्लड बैंक, एनआरसी, एसएनसीयू, डीईआईसी एवं प्रसव विभाग का भी निरीक्षण किया तथा चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ऑपरेशन थियेटर (ओटी) का निरीक्षण करते हुए इसे मॉडल ओटी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री जयसवाल ने डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण कर उपलब्ध उपकरणों की स्थिति देखी तथा आवश्यक आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए डायलिसिस यूनिट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंत में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने स्टोर रूम का अवलोकन किया तथा उसे और अधिक व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की मौजूदा सुविधाओं की सराहना करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 5 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। साथ ही प्रसूति विभाग में डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों की आवश्यकता की मांग को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा उन्होंने दवा वितरण कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा मरीजों को उपलब्ध होने वाली दवाइयों की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस अवसर पर वैशालीनगर विधायक राकेश सेन, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग विधायक ललित चंद्राकर एवं गजेंद्र यादव, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, स्वास्थ्य संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, एडीएम अरविंद एक्का, एसडीएम हरवंश सिंह मिरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन एवं सह अस्पताल अधीक्षक दुर्ग हेमंत साहू, डॉ. ओपी वर्मा सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जशपुर जिले को मिलेगी नई पहचान, तीन प्रमुख पर्यटन सर्किट सहित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ
26 Mar, 2025 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को नई पहचान दिलाने की ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी के मयाली नेचर कैंप में एडवेंचर जोन का उद्घाटन किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किट- आध्यात्मिक और सांस्कृतिक (आध्यात्मिक और विरासत), प्रकृति और वन्य जीवन (प्रकृति और वन्य जीवन) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट का उद्घाटन किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं पोंटून बोट पर सवार होकर मधेश्वर महादेव का विहंगम दृश्य देखा और कहा कि मायाली एडवेंचर जोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहां एक्वा साइकिलिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बंपर बोट जैसी साहसिक गतिविधियां शुरू की गई हैं। तीन नए पर्यटन सर्किट की झलक: मुख्यमंत्री साय ने जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किट का उद्घाटन किया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं।
आध्यात्मिक और हेरिटेज सर्किट कोटेबिरा से शुरू होता है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पर्वत, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थानों से होकर गुजरता है - यह सर्किट भक्ति, विरासत और आदिवासी परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है। प्राकृतिक और वन्य जीव सर्किट प्रकृति की गोद में शांति की तलाश करने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारूडीह चाय बागान शामिल हैं - प्राकृतिक विरासत से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा। साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच प्रेमियों को आकर्षित करेगा। इसमें दानागरी कैंप साइट, बेलवार जलप्रपात, देसदेखा हिल कैंप, सरना इको एथनिक रिसॉर्ट और क्लाइंबिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रैकिंग, क्लाइंबिंग और नेचर-कैंपिंग जैसी गतिविधियों के लिए आदर्श स्थान बनेंगे।
आदिवासी युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री साय की पहल पर अब जशपुर के आदिवासी युवाओं को हिमाचल प्रदेश की मियाद घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइंबिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षित युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षण देंगे, जिससे पर्यटन और युवा शक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी। अभियान पर गए बच्चों ने मुख्यमंत्री साय से मुलाकात की और कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें यह अनूठा अवसर मिला है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने की इच्छा जताई थी, जिसके लिए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। उसने किलिमंजारो को फतह किया। इसी तरह आपको भी कड़ी मेहनत करनी है और प्रदेश का नाम रोशन करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा कि अब हमारी बारी है, हम भी प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा-पर्यटन ने बदल दी जिंदगी
मयाली नेचर कैंप में कार्यरत लक्ष्मी और तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि पर्यटन के कारण अब उन्हें नियमित आमदनी हो रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की लकड़ी की कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री साय की यह पहल पर्यटन को महज भ्रमण नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और आदिवासी आत्म-विश्वास को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।
सीएम साय पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कहानी में शामिल हुए, कही ये बात....
26 Mar, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई आज जशपुर जिले के मयली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुरन कथा में भागीदार बने और उन्होंने कहा कि पिछड़ी जनजाति, हिल कोरवा और बिरहोर जनजाति के परिवारों के प्रति अपनी भक्ति बिताई। यह उल्लेखनीय है कि शिव महापुरन कथा को सुनने के लिए इस अवसर पर एक लाख से अधिक भक्त मौजूद थे। मुख्यमंत्री साई ने कथाकार पंडित प्रदीप मिश्रा जी को पुष्पांजलि पहनकर और मधेश्वर महादेव की तस्वीर पेश करते हुए बधाई दी, और खुशी और समृद्धि के लिए राज्य के लोगों की कामना करके अपना आशीर्वाद भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साई ने उनकी पत्नी श्रीमती कौशाल्या साईं, जिला पंचायत के राष्ट्रपति सालिक साई, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूडियो, पवन साई, कृष्णा कुमार राय, भरत सिंह और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी - आयुक्त नरेंद्र दुग्गी, इग अकित गार्ग, कलेक्टर रोहित वीवाईएस, अधनदा
मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना 27 मार्च से शुरू होगी
भक्तों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री साई ने कहा कि यह हम सभी के लिए बहुत भाग्य की बात है कि पंडित प्रदीप मिश्रा स्वयं भगवान शिव की दिव्य कहानी बताने के लिए मधेश्वर महादेव की भूमि पर आए हैं। शिव भक्ति की धारा के कारण पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया गया है, जो यहां पांच दिनों से चल रहा है। लोगों को इस पवित्र कहानी से आध्यात्मिक ज्ञान मिल रहा है। मुख्यमंत्री साई ने बताया कि मुख्यमंत्री की तीर्थयात्रा योजना 27 मार्च को फिर से शुरू की जाएगी। इसके तहत, इच्छुक भक्तों को विभिन्न तीर्थयात्रा स्थलों पर जाने के लिए भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी सूचित किया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के तहत, 22,000 से अधिक भक्तों ने अब तक प्रभु श्री राम को देखा है।
शिव महापुरन कथा की दिव्य धारा ने भी विशेष पिछड़े जनजाति पाहारी कोरवा और बिरहोर जनजाति के ग्रामीणों को लाभान्वित किया। गाँव पांडरसिली (मनोरा), बेरेखर और भिटघरा (गार्डन) के कई भक्त कहानी स्थल पर पहुंच गए। संतोष राम, बाज्रू राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर ट्राइब बाल राम, गुरुबारू राम, लख राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे आंतरिक प्राणियों को छुआ है। प्रदीप मिश्रा के प्रवचन न केवल भक्ति सिखाते हैं, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं।
मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक विश्वास का केंद्र
मुख्यमंत्री साई ने मधेश्वर महादेव धम को दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गर्व के प्रतीक के रूप में वर्णित किया और कहा कि यह स्थान पूरे राज्य में धार्मिक विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इस पवित्र अवसर का लाभ उठाते हैं और कहानी के शेष दो दिनों में दिखाई देते हैं और खुद को भक्ति के साथ प्रेरित करते हैं।
रतनपुर के महामाया मंदिर कुंड में मिले 30 मृत कछुए, वन विभाग जांच में जुटा
26 Mar, 2025 02:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर: रतनपुर स्थित महामाया मंदिर कुंड के किनारे 30 कछुए मृत मिले। सभी जाल में फंसे हुए थे। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। कछुओं की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। ट्रस्ट का सहयोग लेकर वन विभाग मामले की जांच में जुटी है।
जाल में फंसे मृत कछुओं को मंगलवार की सुबह देखा गया। एक शख्स ने इसकी जानकारी ट्रस्ट को दी। इसके बाद कछुओं की मौत की यह घटना आग की तरह फैल गई। प्रथम दृष्टया तो यही लगा कि किसी ने कुंड में जाल फेंका होगा। उसमें कछुए फंसने के बाद वह मौके पर उन्हें छोड़कर भाग गया होगा।
आज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया
विभाग ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अज्ञात के खिलाफ विभाग ने अपराध भी दर्ज कर लिया है। इधर, घटना के बाद से रतनपुर में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना मिलते भीड़ मौके पर पहुंच गई।
इसके बाद वन विभाग ने कछुओं को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार भी किया गया। मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही शंकर गेट के पास अज्ञात तत्वों द्वारा महामाया मैदान की दुकान में आग लगा दी गई थी। घटना के दौरान इसकी चर्चा भी हुई और यह कहा कि मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ है।
बाहर से लाकर कछुओं को रखने की आशंका
वन विभाग की टीम मृत कछुओं को लेकर पोस्टमार्टम के लिए कानन पेंडारी जू पहुंची। यहां पोस्टमार्टम के दौरान एक बात सामने आई। कछुओं की मौत तीन से चार दिन पहले हो चुकी है।
ऐसे में आशंका यह भी है कि बदमाशों ने बाहर से मृत कछुओं को लाकर कुंड के किनारे रखा है। कैमरों की जांच में कुछ अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पोस्टमार्टम के बाद कानन पेंडारी में मृत कछुओं का अंतिम संस्कार किया गया।
आज जांच के लिए बिसरा भेजेंगे जबलपुर
डीएफओ बिलासपुर वनमंडल के डीएफओ सत्यदेव शर्मा का कहना है कि घटना बड़ी और गंभीर है। पोस्टमार्टम के दौरान तीन से चार दिन पहले कछुओं की मौत होने की जानकारी से घटना और पेचिदा हो गई है।
सुरक्षाकर्मियों के कामकाज को लेकर उठे सवाल
महामाया मंदिर में ट्रस्ट की ओर से निजी सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी इन सुरक्षाकर्मियों को जानकारी नहीं मिली। यह भी समझ से परे है, जबकि उनका दायित्व ही निगरानी और सुरक्षा करना है।
छत्तीसगढ़: तीसरे श्रमिक अन्न केंद्र का शुभआरंभ, मात्र 5 रुपए में मिलेगा पौष्टिक भोजन
26 Mar, 2025 02:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: श्रमिकों के लिए तीसरे लेबर ग्रेन सेंटर ने श्रमिकों के लिए तीसरे श्रम अनाज केंद्र, श्रमिकों के लिए तीसरा श्रम अनाज केंद्र, श्रमिकों का उद्घाटन, श्रमिकों के हित में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए, शाहेद वीर नारायण सिंह लेबर एन केंडरा को बिलासपुर शहर के शनि चांतीिह क्षेत्र में लॉन्च किया गया था। MLA सुशांत शुक्ला ने भक्त माता कर्म जयंती के शुभ अवसर पर इस केंद्र का उद्घाटन किया और श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन लिया। यह लेबर ग्रेन सेंटर पंजीकृत श्रमिकों को केवल 5 रुपये के लिए पूर्ण भोजन प्रदान करेगा। योजना के तहत, इस केंद्र से प्रति दिन लगभग 700 श्रमिकों को भोजन प्रदान किया जाएगा। इससे पहले, दो लेबर ग्रेन सेंटर पहले से ही बृहस्पति बाजार और तिफ्रा में संचालित किए गए थे, जिसमें से कुल 1800 श्रमिकों को फायदा हो रहा था। अब यह संख्या इस नए केंद्र के साथ आगे बढ़ेगी।
उद्घाटन के दौरान, विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि चंतीदीह क्षेत्र के श्रमिकों ने तीन महीने पहले इस खाद्य केंद्र की मांग की थी, जो कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साई और श्रम मंत्री लखानलाल देवांगन के निर्देशों के अनुसार थोड़े समय में पूरा हो गया था। उन्होंने श्रमिकों को आश्वासन दिया और आश्वासन दिया कि वे स्वयं एक आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे। इस अवसर पर, मेयर पूजा विधानी ने यह भी संबोधित किया कि श्रमिकों को ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों) के सीधे लाभ मिल रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान, श्रम विभाग के सहायक आयुक्त ज्योति शर्मा ने कहा कि श्रमिक सुबह काम की तलाश में बाहर जाते हैं और कभी -कभी बिना खाने के काम में पड़ जाते हैं, जो उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसे देखते हुए, सरकार ने इस योजना को लागू किया है। अब वे सिर्फ 5 रुपये के लिए पौष्टिक भोजन खाने में सक्षम होंगे या वे इसे टिफिन में पैक करने में सक्षम होंगे। लेबर ग्रेन सेंटर सुबह 8 बजे से 11 बजे तक खुला रहेगा।
इस अवसर पर, लेबर इंस्पेक्टर योशिता शर्मा ने श्रमिकों को अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में सूचित किया, जबकि सहायक श्रम अधिकारी आर.के. का। तम्हेन ने अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सार्वजनिक प्रतिनिधि, श्रमिक और स्थानीय नागरिक मौजूद थे, जिसमें पार्षद रुपली गुप्ता, रेखा सूर्यवंशी, रानी देवांगन, रेखा पांडे, मनोरमा विजय यादव, पूर्व पार्षद विष्णु यादव शामिल थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल रशीद खान का निधन, अस्पताल में भारी भीड़
26 Mar, 2025 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व इंदिरा वार्ड के पार्षद अब्दुल रशीद खान का आज सुबह उपचार के दौरान निधन हो गया। पार्षद के निधन की खबर का पता चलते ही भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हॉस्पिटल में जमावाड़ा लग गया।
बताया जा रहा है कि जगदलपुर शहर के इंदिरा वार्ड के पार्षद अब्दुल रशीद खान का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण 25 मार्च को उपचार के लिए महारानी अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उपचार के दौरान 26 मार्च की सुबह उनका निधन हो गया। निधन की खबर का पता चलते ही हॉस्पिटल में उनके परिचित और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आना शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि पार्षद अब्दुल रशीद खान काफी ही मिलनसार थे। वार्ड की समस्याओं का निराकरण करने के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनके कार्य को देखते हुए उन्हें वार्ड के लोगों ने तीन बार पार्षद बनाया था। उनके निधन की जानकारी लगने के बाद घर में शोक की लहर छा गई। सभी का रो रोकर बुरा हाल है।
सहकारिता मंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री से की मुलाकात, सहकारिता उपलब्धियों और मांगों पर हुई चर्चा
26 Mar, 2025 02:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ सहकारी मंत्री केदार कश्यप ने मुरलीधर मोहोल के साथ दिल्ली शिष्टाचार में सहकारी समितियों के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री से मुलाकात की। इस अवधि के दौरान, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारी छत्तीसगढ़ सरकार सुब्रत साहू, आयुक्त सहकारी और रजिस्ट्रार सहकारी सोसाइटी कुलदीप शर्मा और भारत सरकार के सहयोग मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में, छत्तीसगढ़ के सहकारी क्षेत्र में उपलब्धियों, चुनौतियों और जरूरतों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई के नेतृत्व में मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए किए जा रहे काम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "सहयोग के लिए समृद्धि" दृष्टि को महसूस करने में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण के लिए 2028 पैक का चयन किया गया है। इसके अलावा, शेष 30 पैक और प्रस्तावित 500 नए पैक के लिए जल्दी अनुमोदन प्रदान करने की मांग थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 8500 करोड़ रुपये के छोटे कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें से अब तक 7709 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। हालांकि, केवल 1150 करोड़ रुपये का केवल रियायती पुनर्वित्त नाबार्ड द्वारा बनाया गया है, जो कुल ऋण का केवल 14.9 प्रतिशत है। इस अनुपात को 45 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग थी।
मंत्री श्री कश्यप ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वे राज्य की चीनी बिक्री मासिक कोटा प्रणाली में अधिक बिक्री की अनुमति दें ताकि गन्ने के किसानों को तेजी से भुगतान किया जा सके। यह अनुरोध किया गया था कि सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शुगर फैक्ट्री, पंडारिया द्वारा लिए गए ऋण पर 84.79 लाख रुपये की देरी से ब्याज माफ कर दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय सहकारी सहकारी समितियों में 2025 में, छत्तीसगढ़ की भागीदारी के लिए एक्सपोज़र विजिट में छत्तीसगढ़ को शामिल करने का भी अनुरोध किया गया था।
छत्तीसगढ़ की सरकार ने सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई पहल की है, जिसमें आदिवासी परिवारों के लिए दूध सहकारी योजना के तहत 6 जिलों में 325 परिवारों को 650 मिल्च जानवरों को प्रदान करने की योजना तैयार की गई है। नाबार्ड की RIDF योजना के तहत, राज्य में 725 गोदामों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 665 पूरा हो गया है। जनुशादी केंद्र राज्य के 28 पैक में संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 25 हाल ही में स्थापित किए गए हैं।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार जैविक खेती और वन उत्पादों के सहकारी विपणन को प्रोत्साहित कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी छोटे वन प्रोडक्शन एसोसिएशन के माध्यम से 22 छोटे वन वन उपज का जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त किया गया है। छत्तीसगढ़ ने एनसीसीएफ पोर्टल पर सभी पैक का पंजीकरण पूरा कर लिया है। सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम स्थापित करके धान की खरीद के दौरान 116 करोड़ रुपये का लेन -देन किया गया है। पिछले 6 महीनों में, केसीसी कार्ड को 2.50 लाख किसानों को वितरित किया गया है। पीएम किसान समृद्धि केंद्र राज्य के सभी पैक में स्थापित किए गए हैं, जहां से 1760.34 करोड़ रुपये का लेन -देन किया गया है।
मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल से छत्तीसगढ़ की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृषि, ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से राज्य में कई योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। यदि वे केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग प्राप्त करते हैं, तो इन योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में गेहूं की फसल के लिए घरेलू उपायों से बढ़ाएं उपज और गुणवत्ता, डॉ. बीरेंद्र अनंत का सुझाव
26 Mar, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजनांदगांव: अगर आप छत्तीसगढ़ में गेहूं की खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. खास उपाय अपनाकर गेहूं की उपज और मुनाफा बढ़ाया जा सकता है. पिछेती गेहूं की फसल में बालियां आनी शुरू हो गई हैं और जल्द ही पकने लगेंगी. इस समय कुछ उपाय करने से न केवल पैदावार बढ़ेगी, बल्कि दानों का वजन और गुणवत्ता भी बेहतर होगी. सहायक संचालक डॉक्टर बीरेंद्र अनंत ने बताया कि किसान सरल घरेलू उपाय अपनाकर गेहूं के दानों का वजन बढ़ा सकते हैं.
ये उपाय सस्ते, सुरक्षित और फसल की गुणवत्ता सुधारने वाले हैं. खास बात यह है कि इसके लिए किसी भारी खर्च की जरूरत नहीं होती, बल्कि घर या खेत में उपलब्ध चीजों से ही गेहूं के दानों को पोषण दिया जा सकता है. फसल के आखिरी 30 दिनों की देखभाल जरूरी है, ताकि दाने मोटे और चमकदार बनें. किसान आसान और किफायती उपाय अपनाकर गेहूं की फसल को बेहतर बना सकते हैं. ये उपाय न केवल पौधों को पोषण देते हैं, बल्कि दानों का वजन बढ़ाने में भी मदद करते हैं.
ऐसे करें देखभाल
नीम की पत्तियों को उबालकर तैयार किया गया पानी फसल पर स्प्रे करने से पौधों में रोग नहीं लगते और दाने भरने में सहायता मिलती है. एक बाल्टी पानी में आधा किलो गुड़ और दो लीटर छाछ मिलाकर छिड़काव करने से फसल को पोषण मिलता है और दाने भारी होते हैं. लकड़ी या उपलों की राख खेत में छिड़कने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और गेहूं के दानों का वजन बढ़ता है. एक लीटर पानी में 10 मिली नीम का तेल और 5 ग्राम गंधक मिलाकर स्प्रे करने से फसल की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और दाने मजबूत बनते हैं. इन प्राकृतिक उपायों से किसान गेहूं की उपज बढ़ा सकते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और दाने मोटे व चमकदार बनेंगे.
बाजारों में मिलेगी अच्छी कीमत
डॉ. अनंत ने बताया कि इन घरेलू उपायों को गेहूं की बालियां बनने के समय से ही शुरू करना चाहिए ताकि दानों को सही समय पर पोषण मिल सके. यदि किसान सप्ताह में एक बार इन उपायों को अपनाते हैं, तो फसल में सकारात्मक बदलाव दिख सकता है. रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से फसल को नुकसान हो सकता है, जबकि ये प्राकृतिक उपाय न केवल लागत घटाते हैं बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखते हैं. समय पर सही देखभाल से गेहूं के दाने वजनदार और चमकदार बनते हैं, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलती है और किसान की आय बढ़ती है.
"छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून का मसौदा तैयार, डिप्टी सीएम का बयान"
26 Mar, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को रोकने के लिए प्रदेश की विष्णुदेव सरकार जल्द ही सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है. इसकी जानकारी खुच गृह मंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दी है. उन्होंने साफ कहा कि धर्मांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ में जल्द कड़ा कानून आएगा. अगले विधानसभा सत्र में धर्मांतरण पर कानून लाया जाएगा. मालूम हो कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर लगातार कानून लाए जाने की मांग चल रही है.
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि धर्मांतरण के विषय पर और उससे जुड़े सभी विषयों पर चर्चा जारी है.
जल्दी ही हम देश के सर्वोतम प्रावधानों के साथ विधानसभा में आएंगे. धर्मांतरण का विषय सामाजिक है. जो भी ऐसा कर रहे हैं, उन पर प्रावधान आने के बाद करवाई करने का अधिकार पुलिस को भी होगा
और प्रशासन को भी होगा.
कांग्रेस ने साधा निशाना
इधर, धर्मांतरण मामले में कांग्रेस ने सरकार से श्वेतपत्र की मांग की है. PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि धर्मांतरण पर BJP ने प्रदेश का माहौल खराब किया है. यह BJP की सिर्फ सत्ता पाने की राजनीति थी. BJP सरकार आने के बाद भी लगातार शिकायतें आ रही है. BJP के लोग लगातार कह रहे है हम कानून बनाएंगे. मैं पूछना चाहता हूं कानून कब बनाएंगे. सरकार को धर्मांतरण पर श्वेतपत्र लाना चाहिए.
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि धर्मांतरण को लेकर बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले ही महोल बनाया. बस्तर का महोल खराब किया. सिर्फ सत्ता पाने के लिए ऐसा किया गया, लेकिन अब प्रदेशभर से शिकायतें आ रही है. केंद्र और राज्य हर जगह इनकी सरकार है. ये कानून बनाने की बात कर रहे हैं, केंद्र और राज्य में कानून कब बनाया जाएगा. बीजेपी के पास कोई कुद्दा नहीं है, इसलिए शर्म के नाम पर राजनीति करती है.
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