मध्य प्रदेश
रक्सौल-एलटीटी-रक्सौल एक्सप्रेस निरस्त
2 Jan, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेल प्रशासन द्वारा अपरिहार्य कारणों से गाड़ी संख्या 05557/05558 रक्सौल-एलटीटी-रक्सौल सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरती है, को अस्थायी रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
निरस्तीकरण का विवरण:
1. गाड़ी संख्या 05557 रक्सौल-एलटीटी सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, दिनांक 14.01.2025 से 28.01.2025 तक (तीन ट्रिप) निरस्त रहेगी।
2. गाड़ी संख्या 05558 एलटीटी-रक्सौल सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, दिनांक 16.01.2025 से 30.01.2025 तक (तीन ट्रिप) निरस्त रहेगी।
यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा की योजना बनाते समय रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा (NTES/139) का उपयोग कर गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
मप्र में ई-ऑफिस प्रणाली लागू, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ, अब डिजिटली होगा सारा काम
2 Jan, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: नए साल की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से इस प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सुशासन के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश सरकार सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। डिजीटाइजेशन के माध्यम से योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और जन कल्याण की गति को तेज करने में सहायता मिलेगी।
डिजीटाइजेशन जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजीटाइजेशन के महत्व को समझते हैं और इसे पारदर्शिता और कार्यों की तत्परता के लिए आवश्यक मानते हैं। यह कदम सुशासन की दिशा में एक ठोस पहल है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली से न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने जनहितैषी कार्यक्रमों पर जोर देते हुए कहा कि सरकार गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में उठाए गए कदमों से समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। ई-ऑफिस प्रणाली इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
1 जनवरी से सभी ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित
विभिन्न विभागों ने 1 जनवरी 2025 से सभी नस्तियों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा। इस नई प्रणाली के तहत, विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
10 माह में मप्र को मिले 3.85 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
2 Jan, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुधीर गोरे
एक वक्त था जब "बीमारू राज्य" के ठप्पे से बाहर निकलने की कोशिश में मध्यप्रदेश को दशकों लग गए थे। लेकिन 2024 में तस्वीर बदली है। मार्च से दिसंबर 2024 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश को देश-दुनिया के निवेशकों से ₹3.85 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह आंकड़ा अपने आप में एक बड़ा संकेत है — मध्यप्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, वह औद्योगिक गलियारे की नई धुरी बनने की राह पर है।
हर महीने औसतन ₹38,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आना कोई छोटी बात नहीं। विशेषज्ञ इसे प्रदेश सरकार की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का मिला-जुला परिणाम मान रहे हैं।
रीजनल कॉन्क्लेव — एक नई सोच, एक नया फॉर्मूला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार संभालते ही पारंपरिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के ढांचे से हटकर एक अलग रास्ता अपनाया — रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का। इसके पीछे सोच यह थी कि निवेश केवल राजधानी-केंद्रित न रहे, बल्कि प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंचे।
मार्च से दिसंबर 2024 के बीच छह संभागों में ये कॉन्क्लेव आयोजित हुए:
उज्जैन — 1 मार्च 2024 को पहला कॉन्क्लेव, ₹1 लाख करोड़ के प्रस्ताव
जबलपुर — महाकोशल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों पर फोकस
ग्वालियर — चंबल-विंध्य क्षेत्र के लिए विशेष क्षमता
सागर — बुंदेलखंड में ₹6,600 करोड़ के प्रस्ताव, NH48 के किनारे 240 एकड़ भूमि आरक्षित
रीवा — डालमिया, पतंजलि सहित बड़े समूहों ने ₹31,000 करोड़ निवेश की योजना बनाई
नर्मदापुरम — ₹31,800 करोड़ के प्रस्ताव
📌 HIGHLIGHTER: "6 संभागों में ₹2.07 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव — एक साल में।"
इन छह संभागों की कॉन्क्लेव से अकेले ₹2.07 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। शेष प्रस्ताव देश-विदेश के रोड शो और द्विपक्षीय बैठकों से जुटाए गए।
देश-दुनिया में प्रचार — रोड शो से विदेश यात्रा तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश आकर्षित करने के लिए प्रदेश की सीमाओं से बाहर निकलकर सक्रिय प्रचार किया। देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों — मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और कोयंबटूर — में रोड शो आयोजित किए गए, जिनसे ₹1 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले।
इसके अलावा नवंबर 2024 में इंग्लैंड और जर्मनी की विदेश यात्रा में ₹78,000 करोड़ के निवेश के वादे सामने आए। मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान में अंतरराष्ट्रीय निवेश रोड शो भी आयोजित किए, जिसने वैश्विक कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया।
प्रशासनिक सुधार — जटिलता खत्म, जिम्मेदारी स्पष्ट
निवेशकों को सबसे बड़ी परेशानी अनुमतियों के चक्कर में होती थी। सिंगल विंडो सिस्टम जो कागजों पर "सिंगल" था, व्यवहार में कई दरवाजों वाला भूलभुलैया बन चुका था। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को बदलते हुए जमीन आवंटन से लेकर सभी अनुमतियों की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों को सौंप दी।
इस बदलाव के नतीजे सामने आए:
निवेशकों को जमीन और अनुमतियां तेज गति से मिलने लगीं
उद्योगपतियों ने माना कि प्रदेश में तय समय-सीमा में सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी जा रही है और पर्याप्त बिजली, पानी व अधोसंरचना की सुविधाएं उपलब्ध हैं
निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कई बड़े समूहों ने मध्यप्रदेश को पहली प्राथमिकता दी
किन सेक्टर में दिखी सबसे ज्यादा रुचि
निवेश के प्रस्ताव किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे। प्रदेश की विविधता ने विभिन्न सेक्टरों में निवेशकों को आकर्षित किया:
सेक्टर
प्रमुख निवेशक / प्रस्ताव
ऊर्जा (सौर एवं ताप)
टोरेंट पावर, अडानी ग्रुप
सीमेंट एवं इस्पात
डालमिया, NH48 क्षेत्र में नए प्लांट
खाद्य प्रसंस्करण
पतंजलि सहित अन्य समूह
पर्यटन एवं आतिथ्य
PPP मोड पर विकास
आईटी एवं अवसंरचना
उज्जैन, जबलपुर कॉरिडोर
📌 "₹3.85 लाख करोड़ का निवेश — 3.69 लाख नौजवानों को रोजगार की उम्मीद।"
रोजगार — असली परीक्षा आगे है
निवेश प्रस्ताव आना एक बात है, उनका जमीन पर उतरना बिल्कुल अलग। सरकार का अनुमान है कि यदि ये प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं, तो प्रदेश के 3.69 लाख युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा। सागर में इसके संकेत भी दिखने लगे हैं — जहां कॉन्क्लेव के बाद उद्योग इकाइयां आकार लेने लगी हैं।
अर्थशास्त्री और उद्योग विशेषज्ञ यह भी रेखांकित करते हैं कि निवेश प्रस्ताव और वास्तविक निवेश के बीच की खाई को पाटना ही असली चुनौती है। समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शी भूमि आवंटन और कुशल मानव संसाधन — ये तीन स्तंभ तय करेंगे कि मध्यप्रदेश की यह औद्योगिक महत्वाकांक्षा कितनी सफल होती है।
GIS 2025 — अगली बड़ी छलांग की तैयारी
इन्हीं प्रयासों की पृष्ठभूमि में फरवरी 2025 में भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का आयोजन प्रस्तावित है। इस समिट में 60 देशों के उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें 13 राजदूत, छह उच्चायुक्त और कई महावाणिज्य दूत भाग लेंगे। सरकार ने 2025 को "उद्योग वर्ष" घोषित करने की भी योजना बनाई है।
दस महीनों की यह यात्रा बताती है कि मध्यप्रदेश ने निवेश आकर्षण को महज एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया बना दिया है। अब देखना यह है कि संख्याओं की यह चमक कारखानों चिमनियों में धुएं और युवाओं के हाथों में काम बनकर उतरती है या नहीं — यही मध्यप्रदेश की असली अग्निपरीक्षा होगी।
बड़े जिलों की अध्यक्षी होल्ड
2 Jan, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र भाजपा में जिलाध्यक्षों के चुनाव की डेट लाइन बीत गई, लेकिन राजधानी भोपाल समेत बड़े जिलों के अध्यक्षों के नाम पर समन्वय नहीं बन पाया है। इस कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, सतना जैसे बड़े शहरों में जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा होल्ड कर दी गई है। भाजपा सूत्रों का कहना है संभवत: प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही अब बड़े जिलों के अध्यक्षों के नाम की घोषणा होगी। जानकारों का कहना है कि पार्टी का फोकस है कि पांच से दस जनवरी के बीच 40 जिलों के अध्यक्षों के नाम का ऐलान हो जाएगा, ताकि प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन समय पर हो सके। पार्टी के संविधान के अनुसार आधे से अधिक जिलों के जिलाध्यक्षों के निर्वाचन के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।
गौरतलब है की पार्टी ने संगठन चुनाव को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया था कि नेता आपस में समन्वय बनाकर पदाधिकारियों का चयन करें। लेकिन पहले मंडल अध्यक्ष और अब जिलाध्यक्षों के चुनाव में नेताओं के बीच समन्वय नहीं बन पा रहा है। भाजपा के संगठन पर्व के अन्तर्गत संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया में जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर बड़े शहरों सहित करीब एक दर्जन जिला अध्यक्ष के नाम को लेकर सांसद, विधायक और संगठन नेताओं में रार ठन गई है। प्रदेश भाजपा को 31 दिसम्बर तक जिला अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को पूरा करना था। लेकिन जिला अध्यक्ष के चयन में आपसी गुटबाजी के चलते दिसम्बर माह के खत्म होने तक किसी भी जिला अध्यक्ष का नाम घोषित नहीं किया गया। अब जिला अध्यक्ष के नाम का ऐलान नए साल में ही हो सकेगा। माना जा रहा है कि 2 जनवरी को प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह के भोपाल प्रवास के बाद ही कुछ नामों की घोषणा हो सकती है।
40 जिलाध्यक्षों के नाम की होगी घोषणा
माना जा रहा है कि पांच से दस जनवरी के बीच 40 जिलों के अध्यक्षों के नाम का ऐलान हो जाएगा, ताकि प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन समय पर हो सके। पार्टी के संविधान के अनुसार आधे से अधिक जिलों के जिलाध्यक्षों के निर्वाचन के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है। जिला अध्यक्ष के पद को लेकर मची खींचतान में अधिकाश बड़े शहरों के नाम है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल पार्टी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, सतना जैसे बड़े शहरों में जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा बाद में करेगी। जिला अध्यक्ष के नाम को लेकर दिल्ली में हुई बैठक के बाद आलाकमान ने गेंद एक बार फिर प्रदेश नेतृत्व के पाले में डाल दी है। आलाकमान का कहना है कि पहले प्रदेश नेतृत्व इन नामों को लेकर रायशुमारी करे और एक नाम पर सहमति के प्रयास करें। बेहद जरूरी होने पर ही तीन नाम का पैनल बनाकर दिल्ली भेजे, जिस पर आलाकमान निर्णय करके नाम को फाइनल करेगा।
तीन से चार सूची में नामों का ऐलान
भाजपा जिला अध्यक्ष के नाम का ऐलान तीन से चार सूची में करेगी। इसके लिए पार्टी पहले उन जिलों का चयन कर रही है जहां सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ नेताओं ने एक ही नाम को लेकर अपनी सहमति दे दी है। भाजपा जिला अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जो गहमागहमी है उसमें कई जिलों में पुराने जिला अध्यक्षों को मौका मिल सकता है। इसके लिए पार्टी ने उन जिला अध्यक्षों के नाम का चयन किया है जिन्हें यह पद संभाले ज्यादा समय नहीं हुआ है। साथ ही जिनकी आयु अभी 60 वर्ष भी नहीं हुई है। इसके अलावा जो नए जिले बने हैं उनके जिला अध्यक्षों को भी अवसर मिल सकता है क्योंकि उनके कार्यकाल को अभी एक या डेढ़ वर्ष ही हुआ है। इसके बाद दूसरे नंबर पर वह जिला अध्यक्ष हंै जिन्होंने पिछले विधानसभा, लोकसभा चुनाव में पार्टी संगठन की मंशा अनुरूप काम करते हुए पार्टी को मजबूती दिलाई है। जिसमें वह सीट भी शामिल रही है जिनको लेकर पार्टी में संशय की स्थिति थी।
कांग्रेस से नेताओं नहीं मिलेगी जिले की कमान!
पार्टी नए-पुराने कार्यकर्ताओं के साथ समरसता का दावा करती है लेकिन संगठन चुनाव में अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। सरकार बनाने की गरज में लिए गए फैसलों पर मौन रहने वाले नेता और समर्थक अब संगठन में नियुक्ति पर किसी दलील को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में दलबदल कर आप नेताओं का जिला अध्यक्ष पद पाना मुश्किल नजर आ रहा है। पार्टी ने जिला अध्यक्ष के लिए जो क्राइटेरिया तय किया है उसमें दो बार कार्यसमिति सदस्य होना जरूरी है। ऐसे में जो लोग दूसरे दल से आए हैं उनके जिला अध्यक्ष बनने की संभावना नजर नहीं आ रही है। हालांकि दूसरे दल से आए कई बड़े नेता अपने समर्थक को जिला अध्यक्ष बनवाने के प्रयास में लगे है। इसको लेकर भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है और बगावत के सूर उठना शुरू हो गए है। जिन नेताओं के नाम रायशुमारी में शामिल किए गए हैं। वह अब प्रदेश कार्यालय के चक्कर लगा रहे है। कुछ प्रदेश नेतृत्व से मिल कर अपने नाम को फाइनल कराने के प्रयास में भी लगे है। कई नेता तो प्रदेश संगठन से मिलकर अपने समर्थकों के नाम की पैरवी करने में लगे हैं।
मेट्रो की राह में अभी कई और बाधाएं
2 Jan, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मेट्रो रूट में बाधा बन रहे भोपाल स्टेशन के सामने सरकारी जमीन पर 67 साल के कब्जे की तस्वीर 24 घंटे में बदल गई। मंगलवार को दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए यहां बची 2 बिल्डिंगों को प्रशासन ने गिराकर मलबे में बदल दिया। सोमवार से शुरू हुई कार्रवाई में यहां कुल 29 दुकानों को हटाया गया। लेकिन मेट्रो की राह में अभी कई और बाधाएं हैं, जिन्हें हटाया जाएगा।रेलवे स्टेशन के सामने मेट्रो का अंडरग्राउंड स्टेशन बनना है। इसके लिए अभी 30 प्रतिशत ही कब्जे हटाए गए हैं। यहां कुल 98 दुकानें चिह्नित की गई थीं। अभी 70 प्रतिशत कब्जे और हटना है। इसके बाद भी पु_ा मिल और बड़ा कब्रिस्तान की दीवार समेत 4 बड़ी बाधाएं हटाना अब भी प्रशासन के लिए चुनौती हैं। 67 सालों में इन दुकानों को कई बार हटाने के प्रयास हुए पर सभी नाकाम रहे।
पूरा हिस्सा मेट्रो ने कब्जे में लिया
मंगलवार को इस पूरी जमीन को लोहे के शेड से चारों तरफ से कवर कर दिया गया। मेट्रो ने इस पूरी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। अब यहां अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने का काम शुरू हो सकेगा। यहां जमीन के ऊपर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। रेलवे स्टेशन की पार्किंग के पास बनी दुकानों के संचालकों ने भी खुद ही दुकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन बीते एक सप्ताह से उन्हें समझाइश दे रहा है। हालांकि सोमवार तक किसी ने खुद से सामान नहीं हटाया था।
मध्य प्रदेश में छाया घना कोहरा, 14 जिलों में शीतलहर अलर्ट जारी
2 Jan, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सर्द हवाओं से ठिठुर रहे मध्य प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. कड़ाके की ठंड में लोग ठिठुर रहे हैं. इधर, नए साल के दूसरे दिन की सुबह घने कोहरे के साथ शुरू हुई. राजधानी भोपाल में सुबह 8 बजे तापमान 12 डिग्री रहा. कोहरे के कारण राजधानी में सूरज भी फीका नजर आया. कोहरे की चादर में लिपटे शहर में सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है. वहीं, मौसम विभाग ने आज भोपाल और इंदौर समेत मध्य प्रदेश के 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है.
नए साल की शुरुआत में ठिठुरा प्रदेश
नए साल की पहली सुबह घने कोहरे और कंपकंपाती ठंड के साथ शुरू हुई. मंगलवार रात 11 बजे से ही प्रदेश में कोहरे का असर दिखना शुरू हो गया था, जिसके कारण एक घंटे में ही दृश्यता 1000 मीटर से घटकर महज 100 मीटर रह गई. बुधवार सुबह 9 बजे तक यह 50 से 100 मीटर के बीच रही, जिसके कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर रेंगना पड़ा. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिन कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। कोहरे और कम दृश्यता के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने गुरुवार को भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले मप्र के 37 जिलों में सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, उज्जैन और शाजापुर में इतना घना कोहरा रहा कि दृश्यता मात्र 50 मीटर रह गई।
ठंड बढ़ने का कारण
मौसम विभाग का कहना है कि इस समय जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। इसके कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाएं आ रही हैं। वहीं, आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी, जिसके बाद हवा की गति बढ़ेगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ेगा। यही वजह है कि जनवरी में प्रदेशवासियों को ठंड से ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने कहा है कि जनवरी में 20-22 दिन तक शीतलहर चल सकती है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में ठंड का असर और तेज हो सकता है। पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
गुजरात-महाराष्ट्र के जरिए बंदरगाहों से जुड़ेगा मप्र
2 Jan, 2025 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश अब गुजरात और महाराष्ट्र के जरिए बंदरगाहों से जुड़ेगा। आयात निर्यात के नए पोर्ट से एमपी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। दूसरे राज्यों और विदेशों तक मध्यप्रदेश से सामान भेजे जा सकेंगे।
दरअसल, डॉ. मोहन यादव की सरकार ने सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत स्टेट मैरीटाइम और वाटर वे ट्रांसपोर्ट कमेटी का गठन किया है। एसएमडब्लूटीसी में मुख्य सचिव अध्यक्ष बने, एन एच ए आई, रेलवे और नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी को भी शामिल किया गया है। परिवहन लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग के साथ-साथ मत्स्य पालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी सदस्य बनाया गया है। एक राज्य से दूसरे राज्य में सडक़, जल के रास्ते मालभाड़ा सप्लाई के लिए कमेटी केंद्र सरकार को सुझाव देगी।
राजधानी में महिलाओं पर अत्याचार में आई कमी
2 Jan, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । साल 2024 भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने वर्ष 2024 के अपराधों के आंकड़े जारी कर दिए हैं। बीते वर्ष 2023 की अपेक्षा वर्ष 2024 में महिला अपराधों की संख्या में कमी आई है, लेकिन दहेज हत्या और हत्या के मामलों में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। भोपाल नगरीय पुलिस क्षेत्र में आबकारी के मामलों में पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक कार्रवाई की गई है।
भोपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2023 में 14,805 गंभीर अपराध दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 14,392 हो गई है। महिला अपराधों में 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। माइनर एक्ट में 15 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी 16 फीसदी तक कम हुई। महिलाओं की हत्या के मामले 57 प्रतिशत, दहेज हत्या के मामलों में भी रिकॉर्ड 86 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है। हत्या और अपहरण के मामले भी 16 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा कि भोपाल में अपराध घटे हैं, जिस प्रकार के अपराधों में कमी दर्ज नहीं की गई है, उनको रोकने के लिए और बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
मादक पदार्थों की तस्करी में बड़ी वृद्धि
बीते वर्षों की अपेक्षा वर्ष 2024 में एनडीपीएस एक्ट में 167 कार्रवाई हुईं। 2023 में 111 मामले सामने आए थे। आंकड़ों के लिहाज से ड्रग्स तस्करी में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी जुई है। इस साल 365 जगह जुआ पकड़ा गया, जबकि बीते वर्ष जुआ एक्ट की 493 कार्रवाई की गई थी। सट्टा एक्ट की 2023 में 463, 2024 में 263 कार्रवाई हई हैं। कॉपीराइट एक्ट के मामलों में 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस एक्ट में इस साल छह कार्रवाई हुई, जबकि 2023 में सिर्फ 2 मामले थे। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में इस साल एक मामला सामने आया है। पिछले साल एक भी मामला नहीं था।
नए साल में पुलिस महकमे में बड़ी उठापटक के आसार
2 Jan, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । प्रदेश में नए साल में पुलिस महकमे में भी नए साल में बड़े बदलाव की संभावना है। क्योंकि नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने 1 दिसंबर को पदभार ग्रहण करने के बाद से लगातार पुलिस सुधार की दिशा में काम किया है। उन्होंने पुलिस की लगभग सभी शाखाओं की समीक्षा कर ली है। इसके बाद बदवास की संभावना बढ़ गई है। पुलिस महानिदेशक ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार रिव्यू बैठकें की है। जहां खामियां हैं, उन्हें निकट भविष्य में सुधारा जाएगा। 2025 में पुलिस सुधार की दिशा में बड़े-बड़े निर्णय होंगे। जिसमें थानों से लेकर पुलिस मुख्यालय में तक बदलाव भी शामिल हैं।
पुलिस में बदलाव की शुरूआत पहले ही महीने में हो जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव एक ही जगह लंबे समय से जमे पुलिस अधिकारियों को लेकर होगा। हाल ही में पुलिस मुख्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करने वाली सरकार की दो प्रमुख एजेंसी लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में व्यापक बदलाव किए हैं। आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारियों एजेंसियों से बाहर किया और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेहतर छवि के अधिकारी एवं कर्मचारियों को इन एजेंसियों ने पदस्थ किया है। अब जिलों में भी यही क्रम दोहराया जा सकता है। पीएचक्यू सूत्रों ने बताया कि नए साल के शुरूआत में पुलिस अफसरों की मैदानी पदस्थापना में भी बदलाव की संभावना है। खराब छवि के अधिकारियों का मैदान से हटना तय है। वहीं दूसरी ओर पुलिस के तबादलों में राजनीतिक दखल कम होगा। इसको लेकर भी मंथन हुआ है।
स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिवस 12 जनवरी को होगा सामूहिक सूर्य-नमस्कार
1 Jan, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश में स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिवस 12 जनवरी को प्रतिवर्ष युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। युवा दिवस के मौके पर विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक सूर्य-नमस्कार का आयोजन किया जाता है। सामूहिक सूर्य-नमस्कार के साथ स्वामी विवेकानंद पर केन्द्रित प्रेरणादायी शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग ने आयुक्त लोक शिक्षण को सामूहिक सूर्य-नमस्कार और इससे जुड़े कार्यक्रमों में स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के लिये कहा है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश की समस्त विद्यालयीन संस्थाओं में 12 जनवरी को प्रात: 9 से प्रात: 10:30 बजे तक सामूहिक सूर्य-नमस्कार का आयोजन हो। कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत वंदे-मातरम और मध्यप्रदेश गान का सामूहिक गायन होगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रेडियो पर संदेश प्रसारित होगा। सामूहिक सूर्य-नमस्कार समस्त शिक्षण संस्थाओं में एक साथ, एक संकेत पर किया जायेगा। कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
शिक्षण संस्थाओं में होने वाले सामूहिक सूर्य-नमस्कार में मंत्रीगण, सांसद, महापौर, अध्यक्ष जिला पंचायत, विधायक, अध्यक्ष नगरपालिका एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। सामूहिक सूर्य-नमस्कार में कक्षा-6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। सामूहिक सूर्य-नमस्कार में शामिल विद्यार्थियों को योग और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के महत्व के बारे में भी बताया जायेगा।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के लिए मानक प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देश
1 Jan, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्य कार्यपालन अधिकारी आयुष्मान भारत योजना डॉ. योगेश भरसट ने आयुष्मान भारत योजना में हितग्राहियों को निशुल्क उपचार प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं और निर्देशों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं और निर्देशों का पालन करके हितग्राही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार का लाभ सहजता से प्राप्त कर सकते हैं।
हितग्राही अस्पताल पहुँचने के बाद सबसे पहले आयुष्मान योजना के लिए पंजीकृत कियोस्क का पता करें और अपने दस्तावेज़, जैसे आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी, पात्रता पर्ची, संबल कार्ड या BoCW कार्ड को आयुष्मान मित्र को दिखाएं। पात्रता सत्यापन के दौरान आयुष्मान मित्र आपके आयुष्मान कार्ड और आधार/समग्र आईडी का मिलान करेगा और उपचार के लिए अस्पताल की पात्रता सुनिश्चित करेगा। सत्यापन के बाद, आयुष्मान मित्र आपको निःशुल्क उपचार की प्रक्रिया समझाएगा और चिकित्सीय परामर्श तथा उपचार की प्रक्रिया शुरू होगी।
उपचार के दौरान हितग्राही को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं
उपचार के दौरान हितग्राही को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी उपकरण, दवा या सेवा के लिए अस्पताल द्वारा अतिरिक्त राशि चार्ज की जाती है, तो हितग्राही को तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। उपचार पूरा होने के बाद डिस्चार्ज के समय "निल (शून्य बकाया)" राशि का बिल प्राप्त करना सुनिश्चित करें और अस्पताल से मंगलकामना पत्र लेना न भूलें।
एनएचए हेल्पलाइन नंबर 14555, एसएचए मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर कर सकते हैं शिकायत
हितग्राही से अपेक्षा की जाती है कि वे उपचार के बाद फीडबैक फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें और हस्ताक्षर करें। यदि किसी स्तर पर अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है या किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो हितग्राही को तुरंत NHA हेल्पलाइन नंबर 14555 या SHA मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर शिकायत दर्ज करायें।
हितग्राही को क्या करना है (Do’s):
हितग्राही को चाहिए कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आयुष्मान कार्ड, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड, राशन कार्ड और समग्र आईडी अपने साथ रखें। अस्पताल पहुँचते ही आयुष्मान कियोस्क पर जाएं और आयुष्मान मित्र से अपनी पात्रता की पुष्टि करवाएं। यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल आपकी बीमारी से संबंधित स्पेशलिटी के लिए पैनल में शामिल है। पात्रता की पुष्टि होने के बाद निःशुल्क उपचार प्रक्रिया को समझें और उसका पालन करें। डिस्चार्ज के समय "निल (शून्य बकाया)" राशि का बिल प्राप्त करें और फीडबैक फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें। साथ ही, अस्पताल से मंगलकामना पत्र लेना न भूलें।
हितग्राही को क्या नहीं करना है (Don’ts)
हितग्राही को कभी भी आवश्यक दस्तावेजों को अस्पताल ले जाना नहीं भूलना चाहिए। निःशुल्क उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में अस्पताल को अतिरिक्त राशि का भुगतान न करें। यदि किसी विशेष परिस्थिति में राशि मांगी जाती है, तो उसकी उचित रसीद प्राप्त करना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भ्रम की स्थिति में तुरंत आयुष्मान मित्र से संपर्क करें। फीडबैक फॉर्म को बिना पढ़े या अधूरी जानकारी के साथ हस्ताक्षर न करें। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता हो, तो शिकायत दर्ज करने में देरी न करें।
फरवरी 2025 से देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लागू होंगे नए दिशा-निर्देश
1 Jan, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जिससे न सिर्फ विकास को गति मिल रही है बल्कि सड़क दुर्घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। तेजी से बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) नई गाइडलाइन लागू कर रहा है, जिसे जानना सभी के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि इन्हें जानने से दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। नई गाइडलाइन फरवरी 2025 से लागू होंगी।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए NHAI का बड़ा कदम
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फरवरी 2025 से एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर साइनेज के लिए व्यापक दिशा-निर्देश लागू करने जा रहा है। इसके तहत हर 10 किलोमीटर पर बड़े साइन बोर्ड लगाने के साथ ही पशु आश्रय स्थल खोलने का फैसला लिया गया है। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए साइनेज और रोड मार्किंग बेहद जरूरी हैं और हर ड्राइवर को इनके बारे में पता होना चाहिए। सड़क परिवहन मंत्रालय ने अब सड़क का स्वामित्व रखने वाली एजेंसियों को जो दिशा-निर्देश दिए हैं..
हर 10 किलोमीटर पर फुटपाथ पर वाहन का लोगो के साथ गति सीमा को पेंट करना अनिवार्य है।
हर 5 किलोमीटर पर स्पीड लिमिट साइनेज लगाना होगा।
हर 5 किलोमीटर पर नो पार्किंग साइनेज लगाना होगा।
हर 5 किलोमीटर पर इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने किया पदभार ग्रहण
1 Jan, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग मनोज श्रीवास्वत ने 1 जनवरी को पदभार ग्रहण किया। श्रीवास्तव ने पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों की बैठक लेकर आयोग की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह ने आयोग द्वारा स्थानीय निकायों के चुनाव में किये जा रहे नवाचारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान आयोग के उप सचिव मनोज मालवीय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक
1 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन किये। उन्होंने सपरिवार विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन एवं अभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति का भुगतान अब UNIPAY से होगा
1 Jan, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि नव वर्ष से मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकृत पात्र बालिकाओं को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान UNIPAY के माध्यम से किया जायेगा। यह व्यवस्था लागू हो जाने से अब छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान बालिका के खाते में सीधे UNIPAY के माध्यम से हो सकेगा। भुगतान की सूचना भी मोबाईल में एसएमएस से बालिका को प्राप्त हो सकेगी। इस तरह भुगतान की प्रकिया अब और अधिक सटीक हो गयी है।
मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना में बालिका को कक्षा 6, कक्षा 9, कक्षा 11 एवं कक्षा 12 में छात्रवृत्ति देने एवं स्नातक प्रथम एवं अंतिम वर्ष में प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। अब तक लगभग 29 लाख से अधिक बालिकाओं को 813.64 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की जा चुकी है। पूर्व में यह राशि जिलों के द्वारा आहरित कर सम्बंधित बालिका के खाते में डिपोजिट की जाती थी, इसमें समय लगता था और बालिका को सूचना भी नहीं प्राप्त हो पाती थी। UNIPAY के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया प्रभावी और पारदर्शी हो गयी है।
महिला बाल विकास मंत्री भूरिया ने बताया कि विभाग लाड़ली बहना योजना की हितग्राहियों को UNIPAY पेमेंट पोर्टल के माध्यम से सहायता राशि का हस्तांतरण करता है। इसके लिए प्रत्येक हितग्राही का बैंक खाता आधार लिंक एवं डीबीटी इनेबिल्ड होना चाहिए, इसके पोर्टल का संचालन एमपीएसईडीसी द्वारा किया जा रहा है। इसमें कोई मैन्युअल हस्तक्षेप नहीं है। एमपीएसईडीसी के पोर्टल पर पेमेंट आर्डर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाता है। पेमेंट आर्डर जनरेट होने के बाद एमपीएसईडीसी के UNIPAY पेमेंट पोर्टल से बैंकिंग पार्टनर को हितग्राही के आधार के रेफरेंस नंबर के साथ पेमेंट भेजा जाता है। इसके बाद बैंक यह पेमेंट आर्डर और NPCI को भेजता है NPCI इसे हितग्राही के पसम्बंधित बैंक को भेजता है।
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