राजनीति
नयनार नागेन्द्रन होंगे तमिलनाडु BJP के नए अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुआ चयन
11 Apr, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समय तमिलनाडु के दौरे पर हैं। अमित शाह यहां चेन्नई में साल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बीजेपी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि अमित शाह तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी AIADMK के साथ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन पर भी चर्चा कर सकते हैं। अमित शाह के इस दौरे के बीच तमिलनाडु के नए बीजेपी अध्यक्ष का नाम भी सामने आ गया है।
नयनार नागेंद्रन होंगे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष
शुक्रवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक नयनार नागेंद्रन तमिलनाडु बीजेपी के नए अध्यक्ष होंगे। आज सिर्फ उन्होंने ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। अन्नामलाई ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और बाकी नेताओं ने उनका अनुमोदन किया। जानकारी के मुताबिक कल दिल्ली मुख्यालय से अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। आपको बता दें कि बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए पार्टी उम्मीदवारों से आवेदन मांगे थे।
कौन हैं नयनार नागेंद्रन?
नयनार नागेंद्रन भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और तमिलनाडु की तिरुनेलवेली विधानसभा सीट से विधायक हैं। नागेंद्रन फिलहाल तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष पद पर हैं। नयनार नागेंद्रन इससे पहले तमिलनाडु सरकार में मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं।
अमित शाह तमिलनाडु दौरे पर, मजबूत एनडीए गठबंधन बनाने की दिशा भाजपा सरकार का ध्यान केंद्रित
11 Apr, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तमिलनाडु में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चेन्नई में भाजपा की बेहद अहम बैठक हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्य भाजपा पदाधिकारियों के साथ चुनाव की तैयारियों और क्षेत्रीय समीकरणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके अलावा अमित शाह आरएसएस विचारक और तमिल पत्रिका तुगलक के संपादक एस गुरुमूर्ति समेत समाज के अलग-अलग वर्गों के अहम लोगों से भी मुलाकात करेंगे। अमित शाह संसद में कह चुके हैं कि 2026 में तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनेगी। 2021 के बाद जब से पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने राज्य में भाजपा की कमान संभाली है, तब से भाजपा तमिलनाडु में एक प्रभावी पार्टी के तौर पर उभरती नजर आ रही है, लेकिन द्रविड़ जमीन पर पार्टी को इसका चुनावी फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। तमिलनाडु का चुनावी इतिहास बताता है कि भाजपा ने तमिलनाडु में द्रविड़ पार्टी के साथ गठबंधन में रहते हुए ही जीत हासिल की है। 2024 में अपने दम पर चुनाव लड़ने वाली भाजपा ने अपना वोट प्रतिशत जरूर बढ़ाया, लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। डीएमके पर भ्रष्टाचार के आरोप:
राज्य में सत्तारूढ़ डीएमके पर गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लगता है कि विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करके ही डीएमके और कांग्रेस गठबंधन सरकार को सत्ता से बेदखल किया जा सकता है। अमित शाह पिछले 2 महीने में पांचवीं बार तमिलनाडु आए हैं और आज की बैठकों का सिलसिला भी राज्य में मजबूत एनडीए गठबंधन बनाने की दिशा में होगा।
बीजेपी को मिलेगा नया अध्यक्ष
एआईएडीएमके से गठबंधन के लिए बीजेपी को अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना होगा, एआईएडीएमके ने पिछले लोकसभा चुनाव में गठबंधन छोड़ने से पहले अन्नामलाई पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया था और साफ कर दिया था कि उनके पद पर रहते हुए एआईएडीएमके बीजेपी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। यही वजह है कि राज्य में बीजेपी के नए मुखिया के चयन की प्रक्रिया भी आज से शुरू हो रही है, पार्टी ने आज उम्मीदवारों से नामांकन मांगे हैं और पार्टी के नए मुखिया के नाम की घोषणा कल होने की उम्मीद है।
नयनार नागेंद्रन हो सकते हैं नए मंत्री
इस नाम के लिए जयललिता के समय मंत्री रहे और वर्तमान में सदन में भाजपा के नेता नयनार नागेंद्रन सबसे आगे हैं। सूत्रों के अनुसार, एआईएडीएमके को भी उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। नयनार नागेंद्रन भाजपा में शामिल होने से पहले एआईएडीएमके के प्रभावशाली नेता थे। अमित शाह आज ही इन सभी मुद्दों पर गठबंधन के संभावित दलों के नेताओं से बात करने की कोशिश करेंगे ताकि डीएमके का सामना करने के लिए एक मजबूत गठबंधन बनाया जा सके।
एनडीए में शामिल हो सकते हैं
डीएमके ने राज्य में भाषा नीति, हिंदी विरोध और परिसीमन को बड़ा मुद्दा बनाकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है। डीएमके इसे चेन्नई बनाम दिल्ली की लड़ाई बनाना चाहती है ताकि पार्टी को भावनात्मक लाभ मिले। अमित शाह की नजर तमिल फिल्मों के सफल अभिनेताओं में से एक अभिनेता विजय की नई पार्टी एनटीके पर भी है। विजय ने भी डीएमके के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ऐसे में अन्ना मलाई के जाने के बाद उनकी पार्टी से बातचीत का प्रस्ताव भी संभव है।
बिहार में हमारी सरकार जरूर बनेगी... महागठबंधन में मजबूती से चुनाव लड़ा जाएगा, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने दिखया दमखम
11 Apr, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार पहुंचकर सचिन पायलट ने ड्राइविंग सीट की कमान अपने हाथों में ले ली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर आने के बाद सचिन पायलट ने होटल मौर्या के पोर्टिको में कार के ड्राइवर को उतारकर खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गए और उनके ठीक बगल में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम बैठे थे। संकेत साफ है कि अब कांग्रेस बिहार में किसी के पीछे नहीं चलेगी बल्कि खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर नेतृत्व करेगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि यह 'पलायन रोको, रोजगार दो' मार्च का अंत है। हम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। राहुल गांधी ने संकल्प लिया है कि हम सभी वर्गों को साथ लेकर चलेंगे। खासकर युवाओं को। बिहार में युवाओं के साथ धोखा हुआ है। इतने सालों तक राज्य और केंद्र में किसकी सरकार रही। उन्होंने युवाओं के लिए क्या किया? कांग्रेस युवाओं के साथ खड़ी है।
बिहार में हमारी सरकार जरूर बनेगी
सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार में हमारी सरकार जरूर बनेगी। चुनाव में बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री का चेहरा तय किया जाएगा। महागठबंधन में मजबूती से चुनाव लड़ा जाएगा। बिहार में युवाओं के लिए हमने जो चुनौती ली है, उसे हम अंतिम चरण तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में सबसे बड़ा मुद्दा पलायन है। नौकरी के नाम पर लाठी मिलती है, यही बिहार की सच्चाई है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा खुद को राज्य में अंधेरे में देख रहे हैं। अगर नीतीश कुमार को 2024 में मोदी जी का साथ देना था, तो बदले में अगर वे युवाओं के लिए नौकरी मांगते तो हमें बुरा नहीं लगता। बिहार में पेपर लीक युवाओं के लिए खतरे की बात है। युवा नौकरी मांग रहे हैं। सरकार को कोई चिंता नहीं है। 20 साल में सरकार को युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं रही। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है, लेकिन नहीं मिला। बिहार की जनता बहुत समझदार है। वे समझ गई है कि वोट लेने के बाद कौन वादाखिलाफी करता है। मैं बिहार की जनता से अपील करूंगा कि वे उस पार्टी का साथ दें जो युवाओं के लिए कुछ करना चाहती है। कांग्रेस पार्टी के माध्यम से हम यह कहना चाहते हैं कि हमारी प्राथमिकता युवा हैं और रहेंगे। बिहार में हमारी सरकार जरूर बनेगी।
कन्हैया कुमार ने क्या कहा?
कन्हैया कुमार ने कहा कि शिक्षा के बिना बुद्धि नष्ट हो जाती है। शिक्षा सबसे जरूरी है। कांग्रेस की यात्रा पटना पहुंच चुकी है। हम एक लाख लोगों से मिल चुके हैं। हम आज मुख्यमंत्री आवास जाएंगे और उनसे उनकी समस्याएं साझा करेंगे। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उन सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। शकील अहमद खान ने कहा कि बिहार में पलायन भयावह रूप ले चुका है। एनडीए सरकार में पलायन लगातार बढ़ रहा है।
कुलभूषण जाधव को लेकर भारत सरकार पर कटाक्ष करते बोले शिवसेना लीडर संजय राउत
11 Apr, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने पर खुशी जताई है, लेकिन साथ ही उन्होंने कुलभूषण जाधव को लेकर भारत सरकार पर कटाक्ष भी किया है। संजय राउत ने कहा कि तहव्वुर राणा को अमेरिका से लाना सराहनीय है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह सवाल भी पूछा कि क्या राणा को मुकदमा चलाने और फांसी देने के लिए लाया गया है या फिर किसी पार्टी के लिए इसका श्रेय लेने के लिए भेजा गया है? भाजपा पर हमला बोलते हुए संजय राउत ने कहा कि वे राणा महोत्सव क्यों मना रहे हैं? उन्होंने कहा कि जैसे पहले अबू सलेम को पुर्तगाल से लाया गया था, उसी तरह तहव्वुर राणा को कानूनी प्रक्रिया से लाया गया है। यह न केवल भारत सरकार बल्कि हमारे एनआईए और विदेश मंत्रालय की भी सफलता है। इसका किसी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
2009 में राणा और हेडली के खिलाफ दर्ज हुई थी एफआईआर
संजय राउत ने कहा कि भारत सरकार 2009 से ही तहव्वुर राणा को लाने की कोशिश कर रही है। यह नहीं भूलना चाहिए कि उस समय केंद्र में मोदी सरकार नहीं बल्कि यूपीए की सरकार थी। वर्ष 2009 में एनआईए ने राणा और हेडली दोनों के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की थी। उस समय एनआईएच की टीम शिकागो गई थी और दोनों से पूछताछ की थी। संजय राउत ने कहा कि वर्ष 2012 में तत्कालीन विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, तत्कालीन विदेश सचिव अमेरिका गए थे। उन्होंने उस समय अमेरिकी सरकार में विदेश मंत्री रहीं हिलेरी क्लिंटन से राणा को भारत भेजने के बारे में चर्चा की थी। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका पालन करने में समय लगता है।
कुलभूषण जाधव को वापस क्यों नहीं लाया जा सका?
संजय राउत ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पुलवामा का श्रेय ले लीजिए लेकिन सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी जेल में कैद कुलभूषण जाधव को रिहा नहीं किया गया है। संजय राउत ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि घर में घुसकर मारेंगे, लेकिन वे लोग कुलभूषण जाधव, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भी भारत नहीं ला पाए हैं। संजय राउत ने मांग की है कि देश में वित्तीय घोटालों के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भी भारत लाया जाना चाहिए। राणा जैसे किसी व्यक्ति को भारत लाकर हमें यह नहीं दिखाना चाहिए कि यह कोई बड़ी जीत है। उसे भारत लाने का श्रेय तत्कालीन सरकार को जाता है। राउत ने कहा कि यह प्रक्रिया उस समय ही शुरू हो गई थी।
राउत ने महाराष्ट्र सरकार पर भी हमला बोला
संजय राउत ने राज्य में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। देवेंद्र फडणवीस को यह नहीं पता कि वे गृह मंत्री हैं। नागपुर, मुंबई और राज्य में हर दिन महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का स्वर्ण जयंती दौरा: वाराणसी में तैयारियां चरम पर
10 Apr, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का 50वां दौरा करने जा रहे हैं। इस खास मौके पर वे काशीवासियों को 3,884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें 1,629 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 2,255 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर वाराणसी में उत्साह का माहौल है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में मेहंदीगंज में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस जनसभा में लगभग 50 हजार लोग उनके संबोधन को सुनने के लिए मौजूद रहेंगे।
स्थानीय प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसकी तैयारियां जोर-शोर से की हैं। जनसभा स्थल पर भीड़ प्रबंधन, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने संपूर्ण क्षेत्र में चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह 50वां दौरा उनके काशी के प्रति समर्पण को दर्शाता है। स्थानीय सांसद के रूप में नरेंद्र मोदी ने वाराणसी को न केवल विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि इसे एक मॉडल क्षेत्र के रूप में भी स्थापित किया है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग बड़ी संख्या में जनसभा में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
काशी भाजपा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि कार्यकर्ता होल्डिंग, बैनर, ढोल-नगाड़ों और सजावट के साथ प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत करने को तैयार हैं। देश की आजादी के बाद किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र का इतना दौरा नहीं किया, जितना हमारे प्रधानमंत्री जी काशी की चिंता करते हैं और लगातार यहां आते हैं। उनका यह 50वां आगमन काशी के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। इस दौरे पर 3,887 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा, जो काशी के विकास को नई गति देगा। भाजपा कार्यकर्ता इस मौके को उत्सव के रूप में मना रहे हैं।
अग्रहरि ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काशी से स्वच्छता अभियान की शुरुआत को याद करते हुए कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता को संकल्प के रूप में अपनाया है। हम एक पखवाड़े का स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। चूंकि प्रधानमंत्री मोदी को स्वच्छता बहुत पसंद है, हम उन्हें उपहार स्वरूप स्वच्छ काशी प्रदान करेंगे। कार्यकर्ता साफ-सफाई के साथ-साथ शहर को सजाने में जुटे हैं ताकि प्रधानमंत्री के स्वागत में कोई कमी न रहे।
दिल्ली में बढ़ी बिजली कटौती, 'आप' का भाजपा पर तीखा हमला
10 Apr, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । दिल्ली में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर कहा कि “कल रात दिल्लीवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह पर लंबे बिजली कट लगे। मुझे पूरी रात दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से कॉल और मैसेज आते रहे। लोग बहुत परेशान हैं, लेकिन दिल्ली की भाजपा सरकार सो रही है।”
बिजली संकट के चलते राजधानी के कई इलाकों में लोग गर्मी और उमस से बेहाल रहे। कई जगहों पर घंटों बिजली नहीं थी जिससे लोगों की नींद भी हराम हो गई। आतिशी के अनुसार, यह स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि मौजूदा सरकार बिजली आपूर्ति व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
इस मामले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “कल दिल्ली में पीक डिमांड 5462 मेगावॉट थी, और इतनी कम डिमांड पर भी राजधानी के कई इलाकों में कई घंटे बिजली नहीं आई। जबकि पिछले साल हमारी सरकार के दौरान पीक डिमांड 8500 मेगावॉट तक पहुंच गई थी, तब भी बिजली कटौती नहीं हुई थी।”
केजरीवाल ने चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में तापमान और बिजली की मांग और बढ़ेगी, ऐसे में अगर अभी से हालात नहीं सुधारे गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा, “पिछले दस सालों में हमने दिल्ली की बिजली व्यवस्था को बड़ी मेहनत से सुधारा था। लेकिन जैसा कि कहा जाता है, किसी भी चीज को बनाने में सालों लगते हैं, और उसे बर्बाद करने में सिर्फ कुछ दिन।”
आप नेताओं का आरोप है कि भाजपा शासित एलजी प्रशासन राजधानी की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रहा, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। पार्टी ने जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
राहुल गांधी पर भाजपा की अति-नजर, प्रमोद तिवारी ने उठाए सवाल
10 Apr, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर गुरुवार को जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को एक बीमारी लगी हुई है, इन्हें सोते-जागते समय सिर्फ राहुल गांधी ही नजर आते हैं। इनकी बीमारी का इलाज तो हकीम के पास भी नहीं है।
दरअसल, गुजरात में कांग्रेस के अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस से उन नेताओं को रिटायर हो जाना चाहिए, जो अब प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। खड़गे के इस बयान को भाजपा ने राहुल गांधी से जोड़ा है। भाजपा ने कहा कि खड़गे का संदेश राहुल गांधी के लिए है। आप प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो रिटायर हो जाएं।
भाजपा के इस बयान पर गुरुवार को कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने दिमाग का इलाज कराना चाहिए। पार्टी के अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, वो रिटायर हो जाएं। मैं तो मंच पर मौजूद था, इसी कारण मैं बेहतर बता सकता हूं। भाजपा इस मामले में बयान क्यों दे रही है। यह तो हमारी पार्टी का आंतरिक मामला है। लेकिन, भाजपा को फिर भी बोलना है। मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा को राहुल गांधी नाम की बीमारी है, जिसका इलाज हकीम के पास भी नहीं है।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी के लिए रिटायर होने वाला बयान नहीं दिया था। बल्कि, प्रधानमंत्री के लिए दिया था कि 11 साल में उन्होंने देश को चौपट कर दिया। अब समय है कि रिटायरमेंट ले लें।
तहव्वुर राणा की भारत वापसी पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि मास्टरमाइंड को लाने में मोदी सरकार को 11 साल लग गए। इतनी देरी क्यों हुई। हमने तो अपनी सरकार में कसाब को फांसी की सजा दिलवाई। वह जहन्नुम गया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने दावा किया था कि सत्ता में आने के बाद दाउद इब्राहिम को लेकर आएंगे। उस दावे का क्या हुआ। सच तो यह है कि आतंकियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की घुटने टेकने वाली राजनीति रही है और कांग्रेस बलिदान देती रही है।
सीएम मोहन यादव बोले – महावीर स्वामी के सिद्धांत आज भी हैं प्रासंगिक
10 Apr, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महावीर के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन और उपदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे महान सिद्धांतों का प्रतीक है। उन्होंने न केवल इन सिद्धांतों का पालन किया, बल्कि समाज को भी इन्हें अपनाने की राह दिखाई।
सीएम मोहन यादव ने मीडिया के जारी संदेश में कहा कि संसार को ‘जियो और जीने दो’ का सन्मार्ग दिखाने वाले भगवान महावीर के उपदेश सभ्य समाज के निर्माण के लिए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने तब थे। उनका जीवन दर्शन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं नैतिक दृष्टिकोण से भी मानव जीवन को दिशा देने वाला है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाएं। अहिंसा व सत्य के मार्ग पर चलकर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करें और हम सब हर्षोल्लास से महावीर जयंती मनाएं।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को माण्डू के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक वैभव को देखा और जहाज महल और हिंडोला महल का भ्रमण किया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें इन ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री यादव ने विगत रात्रि माण्डू में लाइट एंड साउंड शो के जरिए यहां के इतिहास को देखा।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, विधायक धरमपुरी कालूसिंह ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने माण्डू में खुरासानी कोठी परिसर में लगे खुरासानी इमली के प्राचीन वृक्ष को देखा।
कलेक्टर धार प्रियंक मिश्र ने बताया कि माण्डू में खुरासानी के वृक्ष पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन हैं। खुरासानी कोठी परिसर के इस वृक्ष का तना 10.85 मीटर व्यास का है। खुरासानी इमली घना छायादार पेड़ होता है। यह पेड़ अपने भीतर सवा लाख लीटर पानी जमा करके रख सकता है।
आरएसएस को हराना नामुमकिन, कांग्रेस दिवास्वप्न देख रही है: रामेश्वर शर्मा
10 Apr, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। कांग्रेस के गुजरात में हुए अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि आरएसएस को हराना कांग्रेस के लिए शेखचिल्ली के सपने जैसा है। भाजपा विधायक शर्मा ने कहा है कि आरएसएस को तो जवाहरलाल नेहरू भी नहीं हरा पाए थे। संघ को हराना शेखचिल्ली के सपने के समान है। नेहरू ने भी आरएसएस को हराने की कोशिश की, मगर सफल नहीं हुए। इतना ही नहीं, कई षड्यंत्र रचे गए, स्वयंसेवकों को जेल में डालने की कोशिश की गई, इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया और स्वयंसेवकों पर ज्यादती की गई, संघ के स्वयंसेवकों के साथ क्रूर व्यवहार किया गया, उनके नाखून खींचे गए, उन्हें मारा गया, उन्हें सताया गया, उनकी संपत्ति का नुकसान किया गया, पर संघ का स्वयंसेवक देहनिष्ठ कार्यकर्ता है। इतना ही नहीं, स्वयंसेवक का ध्येय “मैं रहूं न रहूं, मेरा हिंदुस्तान रहना चाहिए” है।
उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस का कार्यकर्ता सत्ता के लिए नहीं लड़ता, हिंदुस्तान के लिए लड़ता है। वह राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर, गुरुनानक की संस्कृति के लिए लड़ता है। वह भारत की सेना के पीछे इसलिए खड़ा होता है, क्योंकि वह जानता है कि सैनिक मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देश की सीमा पर खड़े हैं। सीमा पर जो सेना खड़ी है, वह हमारा खून है, उसी की सुरक्षा करना हमारा धर्म है।
कांग्रेस आखिर संघ से क्यों नहीं लड़ सकती, इसका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस से कांग्रेस इसलिए नहीं लड़ सकती क्योंकि कांग्रेस झूठी बिरयानी खाने में मस्त है, कांग्रेस आतंकवाद का समर्थन करने में मस्त है, कांग्रेस पाकिस्तान और जिन्ना की भाषा बोलने में मस्त है। कांग्रेस ने न तो महात्मा गांधी का चरित्र लिया और न ही सुभाष चंद्र बोस का। कांग्रेस ने गांधी की बजाय सत्ता को हथियाने का चरित्र लिया है। चाहे व्यक्तियों को मारकर सत्ता ली जाए, चाहे देश जलाकर सत्ता ली जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह जान ले कि जब तक आरएसएस है, अब हिंदुस्तान का विभाजन नहीं हो सकता। न अब देशद्रोही ताकत पल सकती हैं। राहुल गांधी, जीतू पटवारी, सोनिया गांधी सब कान खोलकर सुन लें कि आरएसएस को कोई नहीं हरा सकता, संघ को हराना शेखचिल्ली का सपना है। दरअसल, कांग्रेस के गुजरात अधिवेशन में राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा आरएसएस को लेकर बयान दिया गया और मुकाबले के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया था।
आप विधायक मेहराज मलिक का पीडीपी और भाजपा नेताओं से झगड़ा
10 Apr, 2025 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
J&K विधानसभा: जम्मू-कश्मीर विधानसभा परिसर में बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक की पीडीपी और भाजपा नेताओं से झड़प महंगी पड़ गई। इस दौरान भगवा पार्टी के विधायकों ने उनके साथ हाथापाई की। दरअसल, सदन की कार्यवाही स्थगित होते ही मलिक ने मुफ्ती मोहम्मद सईद के खिलाफ टिप्पणी कर दी, जिसके बाद उनकी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के कार्यकर्ताओं से हाथापाई हो गई। सईद के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने को लेकर पीडीपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। विधानसभा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया, तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई।
मलिक पर गुंडागर्दी का आरोप
पीडीपी समर्थकों ने मेहराज मलिक पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को विधायक कहते हैं, लेकिन उनके तौर-तरीके गुंडों जैसे हैं। उन्होंने मलिक पर पीडीपी संस्थापक दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया और कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक मलिक के खिलाफ एक पत्रकार के अपहरण का मामला भी दर्ज है, लेकिन पुलिस कार्रवाई से बच रही है। समर्थकों ने यह भी दावा किया कि मलिक लोगों को डराने-धमकाने और कई लोगों को ठगने में शामिल हैं। साथ ही उनका कहना है कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस का पक्ष लेने के लिए ही विधानसभा में बिना सोचे-समझे बोलते रहते हैं।
मैं किसी से नहीं डरता: मलिक
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहराज मलिक ने कहा कि ये लोग कौन होते हैं मुझे यह बताने वाले कि मुझे क्या बोलना चाहिए? मुझे किसी से कुछ सीखने की जरूरत नहीं है और न ही मैं किसी से डरता हूं। उन्होंने पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान पारा पर हमला करते हुए उन्हें देशद्रोही बताया और कहा, "तुम देशद्रोही हो...तुमने माफिया को अंदर आने दिया। बाहर बहुत सारे लोग हैं, ये सब कौन हैं?"
गार्ड्स ने उन्हें अलग किया
सदन की कार्यवाही देखने आए सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने आपस में झगड़ रहे विधायकों को अलग करने की कोशिश की। इसके बाद जैसे ही मेहराज मलिक सेंट्रल हॉल में पहुंचे, उन्होंने वहां फिर से भाजपा के खिलाफ ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया। इससे वहां मौजूद अन्य भाजपा विधायकों के साथ फिर से हाथापाई हो गई। बीच-बचाव करने की कोशिश में भाजपा विधायक मोहन लाल जमीन पर गिर पड़े, जबकि हीरानगर विधायक की शर्ट फट गई।
मीडिया से बातचीत
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेहराज मलिक ने कहा कि पीडीपी और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों ही मुझे चुप कराना चाहते हैं, लेकिन मैं चुप नहीं बैठूंगा। ये लोग कहते हैं कि मुझमें शिष्टाचार की कमी है और मुझमें सम्मान या शिष्टाचार नहीं है। क्या वे मुझे सिखाएंगे? मैं अपने दिल की सुनूंगा और जिनका मैं सम्मान करना चाहता हूं, वही मेरे लिए सम्मान के पात्र होंगे।
लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ बिल पारित, संविधान के तहत ऐतिहासिक कदम
10 Apr, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत के साथ वक्फ बिल पारित होने के बाद भी इस पर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष के नेता लगातार वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में वक्फ बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कहा कि छाती पीटने से कुछ नहीं होगा। यह बिल राज्यसभा और लोकसभा में पारित हुआ है और इसे सभी को मानना होगा। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भारत के संविधान के तहत लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ बिल पारित हुआ। अब इसका विरोध वही लोग कर रहे हैं जिन्होंने वक्फ की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। अब भारत सरकार उनसे अतिक्रमण की हुई जमीन को वापस लेगी और गरीब मुसलमानों के हित में इसे इस्तेमाल में लाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि वक्फ कानून के तहत वक्फ संपत्तियों का लाभ अब गरीब मुसलमानों को मिलेगा, जिन्हें वर्षों से तथाकथित मुस्लिम नेताओं द्वारा धोखा दिया गया और उनका शोषण किया गया। वक्फ बोर्ड द्वारा मुसलमानों को शिक्षा से वंचित रखा गया। इसलिए, भारत सरकार जो वक्फ कानून लाई है, इसे सभी को मानना होगा। भारत के संविधान के ही तहत यह लोकसभा और राज्यसभा में पास किया गया है।
बता दें कि वक्फ बिल के खिलाफ गुरुवार से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ‘वक्फ बचाओ मुहिम’ चलाने की बात कही है। 7 जुलाई तक चलने वाली इस मुहिम में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान जिला स्तर पर धरना-विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। मुस्लिम बोर्ड द्वारा वक्फ कानून के खिलाफ करीब 50 शहरों में प्रेस वार्ता करने की योजना भी बनाई गई है। राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में भी इसके खिलाफ एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जाति जनगणना और वक्फ कानून को लेकर राहुल गांधी ने भजपा को घेरा
9 Apr, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस का 84वां दो दिवसीय अधिवेशन चल रहा है. पहले दिन मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक चार घंटे तक चली. आज आखिरी दिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. कार्यक्रम में राहुल गांधी ने एक बार फिर जाति जनगणना को लेकर आवाज उठाई है. राहुल ने कहा है कि वक्फ बिल संविधान पर हमला है. राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत में महात्मा गांधी और सरदार पटेल को याद करते हुए कहा, 100 साल पहले महात्मा गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे. सरदार पटेल का जन्म 150 साल पहले हुआ था. गांधी जी, सरदार पटेल कांग्रेस पार्टी की नींव हैं. अभी अजय लल्लू ने कहा कि मैं पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों, गरीबों के लिए काम कर रहा हूं. राहुल गांधी ने अपने बचपन का किस्सा सुनाते हुए बताया कि 'मैंने एक बार अपनी दादी इंदिरा गांधी से एक सवाल पूछा था कि दादी आपके मरने के बाद लोग आपके बारे में क्या कहेंगे? इंदिरा गांधी ने जवाब दिया कि राहुल मैं अपना काम करती हूं. मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि मेरे मरने के बाद लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे. मुझे सिर्फ अपने काम से मतलब है. अगर मेरी मौत के बाद पूरी दुनिया मुझे भूल जाए तो भी मुझे मंजूर है। यही मेरी सोच भी है।
राहुल गांधी ने फिर उठाया जाति जनगणना का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि, हमने तेलंगाना में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। हमने जाति जनगणना कराई है। राहुल गांधी ने कहा कि कुछ महीने पहले मैंने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा था कि हमें देश में जाति जनगणना करानी चाहिए... मैं जानना चाहता था कि इस देश में किसकी कितनी हिस्सेदारी है और क्या यह देश सही मायने में आदिवासी, दलित और पिछड़े समुदायों का सम्मान करता है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस ने जाति जनगणना से साफ इनकार कर दिया क्योंकि वे नहीं चाहते कि यह पता चले कि इस देश में अल्पसंख्यकों को कितनी हिस्सेदारी मिलती है। मैंने उनसे कहा कि हम संसद में आपके सामने जाति जनगणना कानून पारित करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि हम लोकसभा, राज्यसभा में कानून पारित करेंगे। हम यहां से जाति जनगणना निकालेंगे। मैं जानता हूं कि तेलंगाना की स्थिति हर राज्य जैसी ही है। तेलंगाना में 90 प्रतिशत आबादी ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक है। तेलंगाना में आपको मालिकों, सीईओ, वरिष्ठ प्रबंधन की सूची में इस 90 प्रतिशत में से कोई भी नहीं मिलेगा। राहुल ने कहा, तेलंगाना में जितने भी गिग वर्कर हैं, वे दलित, ओबीसी या आदिवासी हैं। तेलंगाना में जाति जनगणना में एक नई मिसाल कायम हुई है। हम वाकई तेलंगाना में विकास का काम कर सकते हैं। हम आपको वहां हर क्षेत्र के बारे में बता सकते हैं। मुझे खुशी है कि जाति जनगणना के बाद हमारे सीएम और टीम ने ओबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 42% कर दिया है। जब दलितों, ओबीसी, अल्पसंख्यकों की भागीदारी की बात आती है तो बीजेपी के लोग चुप हो जाते हैं। हमने जो तेलंगाना में किया है, हम उसे पूरे देश में करने जा रहे हैं। बीजेपी ने इसे रद्द कर दिया है।
राहुल ने अग्निवीर का मुद्दा उठाया: अग्निवीर के मुद्दे पर राहुल ने कहा कि आज हमारी सरकार युवाओं से कहती है कि अगर आप युद्ध में शहीद होते हैं, अगर आप अग्निवीर हैं, तो हम आपको न तो शहीद का दर्जा देंगे और न ही पेंशन देंगे। जो आपके साथ लड़ रहा है, उसे मिलेगा, आपको नहीं। दलित, पिछड़े, अति पिछड़े पीड़ित हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस और पीएम मोदी की मुलाकात को लेकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयान जारी कर रहा है। भारत के प्रधानमंत्री वहां के नेता से मिले। उनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला। उनका 56 इंच का सीना कहां गया?
ट्रंप के टैरिफ पर बोले राहुल
अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर राहुल ने कहा, पहले मोदी अमेरिका जाते थे। राष्ट्रपति ट्रंप को गले लगाते थे। अब आपने ट्रंप को गले लगाते हुए उनकी फोटो देखी। ट्रंप ने नए टैरिफ लगाए। मोदी जी ने एक शब्द भी नहीं बोला। जनता का ध्यान उधर न जाए, इसके लिए संसद में ड्रामा किया। सच तो यह है कि आर्थिक तूफान आने वाला है। मोदी जी ने कोरोना के दौरान लोगों से थाली बजवाई। अब वे कहां छिप गए हैं?
राहुल ने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधा
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। अडानी-अंबानी को देश की पूरी संपत्ति दी जा रही है। संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि देश की पूरी संपत्ति दो-तीन लोगों के हाथ में होनी चाहिए। क्या संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि देश के सभी कुलपति आरएसएस से होने चाहिए? क्या संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि देश में सिर्फ एक खास भाषा पढ़ाई जाएगी। जिस पार्टी के पास विचारधारा और स्पष्टता नहीं है, वह बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ खड़ी नहीं हो सकती। जिस पार्टी के पास विचारधारा है, वही बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ खड़ी हो सकती है, वह उन्हें हरा देगी।
राहुल गांधी ने कहा कि हमने अंग्रेजों और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उनकी विचारधारा स्वतंत्रता संग्राम की विचारधारा नहीं है। जिस दिन संविधान लिखा गया, संघ ने रामलीला मैदान में संविधान को जला दिया। उसमें लिखा है कि हमारे देश का झंडा तिरंगा होगा। सालों तक आरएसएस ने तिरंगे को सलाम नहीं किया। वे भारत की सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहते हैं और आपका पैसा अडानी-अंबानी को देना चाहते हैं।
वक्फ कानून वतन विरोधी है
राहुल गांधी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हाल ही में भाजपा ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया, जो उनके अनुसार "धार्मिक स्वतंत्रता" और संविधान पर हमला है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस के मुखपत्र "ऑर्गनाइजर" में एक लेख प्रकाशित हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि ईसाइयों पर हमला किया जाएगा। उन्होंने इसे "धर्म विरोधी विधेयक" करार दिया और कहा कि यह विधेयक देश के हर नागरिक के लिए खतरे की घंटी है।
अंबेडकर के बाद पटेल का 'सुमिरन': मध्यप्रदेश में अहमदाबाद की सियासी हलचल
9 Apr, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: अहमदाबाद में चल रहे कांग्रेस के अधिवेशन का सियासी असर मध्यप्रदेश में दिखाई दे रहा है. बाबा साहेब अंबेडकर के बाद अब सरदार वल्लभ भाई पटेल पर सियासी दावे. जिस समय अहमदाबाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 जयंती मनाए जाने के साथ कांग्रेस नया अभियान छेड़ने की तैयारी में है. ठीक उसी समय मध्यप्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी में 'पटेल हमारे है' के दावे के साथ सियासी दंगल छिड़ गया है. इसके पहले भी अंबेडकर को लेकर कांग्रेस बीजेपी आमने-सामने आ चुकी हैं.
कांग्रेस ने की न्याय पथ अभियान चलाने की तैयारी
मध्यप्रदेश में बाबा साहेब अंबेडकर को लेकर लंबे समय तक कांग्रेस-बीजेपी के बीच राजनीति हुई. अब सरदार वल्लभ भाई पटेल केन्द्र में आ गए हैं. अब दावा इस पर है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल किस राजनीतिक दल की वल्दीयत में लिखे जाएं. भोपाल से 578 किलोमीटर दूर अहमदाबाद में शुरू हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का असर है ये. इस अधिवेशन में पार्टी ने तय किया है कि पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर कांग्रेस न्याय पथ अभियान शुरू करेगी. तय हुआ है कि पटेल के सहारे काग्रेस एक नया राष्ट्रवाद देश में खड़ा करेगी.
सरदार वल्लभ भाई पटेल पर बीजेपी व कांग्रेस में घमासान
इधर, मध्यप्रदेश में बीजेपी व कांग्रेस के बीच सियासी घमासान की शुरुआत हो गई. पटेल पर दावेदारी को लेकर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा "कांग्रेस ने जीते जी और बाद में भी सरदार पटेल का अपमान किया. कांग्रेस ने वल्लभभाई पटेल के साथ न्याय नहीं अपमान किया. कांग्रेस नेताओं की वजह से उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा. सरदार पटेल की एक बात भी नहीं मानी गई. सरदार पटेल की बात मानी होती तो आज कश्मीर का दर्द नहीं होता. सरदार पटेल के साथ कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर का भी सम्मान नहीं किया. कांग्रेस का न्यायपथ सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को सेफ करने के लिए है. अब कांग्रेस को गांधी परिवार से न्याय के लिए लड़ना चाहिए."
अंबेडकर के बाद अब पटेल के रास्ते पर कांग्रेस का न्याय पथ
14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर का जन्मदिन मनाने के बाद अब अब कांग्रेस की तैयारी सरदार वल्लभ भाई पटेल की नसीहतों पर चलते हुए न्याय पथ अभियान की है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र पटेल ने कहा "बीजेपी हमेशा अपना एजेंडा तय करने का काम करती. कांग्रेस पार्टी ने सरदार वल्लभभाई और डॉ.अंबेडकर को सम्मान दिया. पार्टी ने अंबेडकर को संविधान सभा में नॉमिनेट किया था. सरदार वल्लभ भाई पटेल और डॉ. अंबेडकर कांग्रेस के हैं, न कि बीजेपी के. इनको लेकर बीजेपी का कोई इतिहास नहीं रहा."
कांग्रेस के अधिवेशन के बाद प्रदेश मे बड़ा बदलाव संभव
माना जा रहा है कि कांग्रेस के अधिवशन के बाद मध्यप्रदेश मे पार्टी संगठन में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं. माना जा ये जा रहा है कि इस अधिवेशन के बाद कमलनाथ को कोई बड़ी जवाबदारी दी जा सकती है. जिलाध्यक्षों से फीडबैक भी लिया गया है. प्रदेश नेतृत्व पर भी बड़ा परिवर्तन हो सकता है.
कांग्रेस अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के भीतर चल रही खामियों पर भी चर्चा करी
9 Apr, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने पार्टी के अंदर की खामियों पर भी चर्चा की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "किसी भी संगठन को आगे बढ़ाना है तो उसे तीन विचारों की जरूरत होती है। आपके पास विचार, आचरण और प्रचार होना चाहिए। हमारे पास विचार तो हैं, लेकिन हम उन्हें पूरे मन से अमल में लाने की कोशिश नहीं करते।" विचारों को बढ़ावा दें- खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा, "किसी संगठन को आगे बढ़ाने के लिए आचरण और विचार होने के बाद प्रचार की जरूरत होती है। अगर आपके पास अच्छे विचार हैं, आपका आचरण भी अच्छा है, अगर उसका प्रचार न हो तो उसका क्या फायदा। राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक बड़ी यात्रा निकाली। इसमें काफी मेहनत की गई, लेकिन अगर उसे आगे बढ़ाने वाले लोग न हों तो वह विचारधारा वहीं विफल हो जाती है। इसलिए मैं चाहता हूं कि जो लोग यहां आए हैं, वे कांग्रेस के विचारों को आगे बढ़ाने की कोशिश करें।
कांग्रेस अध्यक्ष ने चेताया
पार्टी कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "किसी भी संगठन के पास तीन और विचार होने चाहिए। पहला- मानवीय शक्ति, दूसरा- मानसिक शक्ति, तीसरा- आर्थिक शक्ति। अब हमारे पास आर्थिक शक्ति कम है, लेकिन मानवीय और मानसिक शक्ति ज्यादा है। अगर आप अपनी मानसिक शक्ति को आगे नहीं ले जाएंगे, तो आप खत्म हो जाएंगे।
वक्फ कानून पर क्या बोले खड़गे?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने कहा, "कांग्रेस ने अभी वक्फ कानून पर प्रस्ताव पारित किया है। कांग्रेस पार्टी हमेशा मुसलमानों, ईसाइयों और अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी है। हम आपके लिए लड़ रहे हैं। हमने लोकसभा और राज्यसभा में इस कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हमने भाजपा की ताकत को कमजोर किया।"
TMC सांसद ने दावा करते हुए एक वीडियो जारी किया, बतया- दिल्ली में मांस-मछली की दुकानें करवाई जा रही बंद, BJP ने बोला साजिश
9 Apr, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर दिल्ली में मीट-मछली का बाजार बंद कराने का आरोप लगाया है। टीएमसी सांसद ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया है। वहीं, भाजपा ने भी इस पर पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने वीडियो को साजिश करार दिया है। भाजपा ने कहा कि यह वीडियो सामुदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।
एक्स पर पोस्ट करते हुए यह लिखा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में मछली बेच रहे बंगालियों को धमका रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा 60 साल में कभी नहीं हुआ।
दुकानदारों ने बनाया पार्क
टीएमसी सांसद ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि चित्तरंजन पार्क को मीट-मछली बेचने वाले दुकानदारों ने बनाया है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता इसे अपना बता रहे हैं। वे वहां पूजा करते हैं, वहां बड़ी पूजा भी होती है।
भाजपा ने इसे साजिश बताया
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा एक्स पर वीडियो शेयर किए जाने के बाद भाजपा ने इसे साजिश बताया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस वीडियो को फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो जानबूझकर सामुदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए बनाया गया है। साथ ही दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने इस घटना की निंदा की और इस मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पार्टी का मकसद आंतरिक विवाद से ध्यान भटकाना है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का एक मकसद बंगाल में चल रहे अपनी पार्टी के आंतरिक विवाद से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि अगर सांसद के तौर पर महुआ मोइत्रा में गंभीरता होती तो वह सोशल मीडिया पर रीपोस्ट करके सनसनी फैलाने की बजाय दिल्ली पुलिस से इसकी शिकायत करतीं।
यह कोई अवैध कब्जा नहीं है-आप
वहीं, इस मामले में आम आदमी पार्टी ने कहा कि मछली की दुकानें डीडीए ने दुकानदारों को आवंटित की थीं। यहां कोई अवैध कब्जा नहीं है। अगर भाजपा को चित्तरंजन पार्क के बंगालियों के मछली खाने से दिक्कत थी तो उन्हें अपने घोषणापत्र में यह बात कहनी चाहिए थी।
अन्नाद्रमुक गठबंधन को लेकर गरजे खरगे, PM मोदी पर लगाया गंभीर आरोप
केदारनाथ धाम में अनुशासन सख्त, मोबाइल उपयोग पूरी तरह बंद
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
यात्रियों को झटका, कुछ ट्रेनें रद्द तो कुछ का बदला शेड्यूल
नियमों को ठेंगा दिखाकर निजी कंपनी का प्रमोशन, सरगुजा के दो स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस
