राजनीति
देशभर में कांग्रेस की "जय-हिंद सभा", सेना के योगदान को सलाम
22 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सेना के सम्मान में 25 मई से देश भर में जय हिंद सभा करने जा रही है। इस दौरान सैनिकों पूर्व सैनिक को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही एनडीए सरकार से कुछ सवालों के जवाब भी मांगे जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सभी विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाते हुए केंद्र सरकार का हर फैसले में समर्थन किया है। हमने सरकार से कहा था कि हम आपके साथ हैं। आतंकियों के आका जहां कहीं भी बैठे हों और चाहे वे कोई भी हों, उन्हें सबक सिखाइए। कांग्रेस वर्किंग कमिटी की तीन बैठके हुईं और तीनों में फैसला हुआ कि सरकार जो भी कार्रवाई करेगी। हम उसका समर्थन करेंगे और हमने वैसा ही किया।
सुरक्षा एजेंसियों के पास आतंकी हमले का इनपुट था
उन्होंने आगे कहा कि हमारे वीर सैनिकों ने आतंकियों के 9 ठिकानों को ही तबाह नहीं किया, बल्कि सरहद पार से हुए हर हमले का मुंहतोड़ जवाब भी दिया। जम्मू-काश्मीर से लेकर भुज तक हर हमले को नाकाम किया। लेकिन, इसी बीच थर्ड पार्टी के जरिए सीजफायर हुआ। इसीलिए विपक्ष होने के नाते हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम सरकार से इस मामले में सवाल पूछें कि ऐसा क्यों हुआ। पहलगाम आतंकी हमला सिक्योरिटी फेल्योर का नतीजा था। वह कैसे हुआ, जबकि उससे पहले 17 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर जाने वाले थे। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद उनका दौरान रद्द कर दिया गया था। अगर सुरक्षा एजेंसियों का आतंकी हमला होने जैसा कोई इनपुट था तो जमीनी स्तर तक इसे क्यों नहीं पहुंचाया गया?
डीजीएमओ सीजफायर पर फैसला नहीं करता
सीजफायर के मुद्दे पर कर्नल रोहित चौधरी ने सवाल किया कि सीजफायर पर सरकार ने कहा कि पाकिस्तान के डीजीएमओ से फोन आया था। जबकि सीजफायर का फैसला डीजीएमओ नहीं, बल्कि सरकार को करना होता है। इसलिए आप सेना का राजनीतिकरण न करें। देश को बताएं कि यह फैसला सरकार का था या अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप क दवाब था।
मां करणी के धरती से प्रधानमंत्री मोदी का अभूतपूर्व संदेश
22 May, 2025 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को पहली बार सार्वजनिक सभा में आम जनता से रूबरू होंगे। प्रधानमंत्री यहां देशनोक में करणी माता मंदिर के दर्शन कर अमृत भारत योजना के तहत निर्मित देशनोक रेलवे स्टेशन के साथ देश के 103 अमृत स्टेशनों का भी लोकार्पण करेंगे। साथ ही पास में पलाना गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का गुरुवार को बीकानेर में 3 घंटे 25 मिनट का प्रवास रहेगा। इससे पहले पुलवामा हमले के बाद हुई एयर स्ट्राइक की सुबह पीएम मोदी ने चूरू में ही पहली सभा की थी और दुनिया को यहां से एक बड़ा संदेश दिया था। माना जा रहा है कि बीकानेर की धरती से पीएम मोदी एक बार फिर पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया को कोई ना कोई बड़ा संदेश जरूर देंगे। गुरुवार को ही पहलगाम हमले को एक माह भी पूरा होने जा रहा है।
विशेष विमान से आएंगे पीएम मोदी
जानकारी के अनुसार पीएम नरेन्द्र माेदी विशेष विमान से प्रधानमंत्री गुरुवार सुबह 9.50 बजे नाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से हैलीकॉप्टर से देशनोक जाएंगे। करणी माता मंदिर के पास ही बने हैलीपेड पर उतरने के बाद सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री सबसे पहले करणी माता मंदिर जाएंगे।
करीब 15 मिनट मंदिर में बिताने के बाद पास ही देशनोक रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। साथ ही बीकानेर-मुम्बई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे।
राघव चड्ढा का पाकिस्तान पर सख्त संदेश: भारत देता है सटीक और निर्णायक जवाब
21 May, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सियोल में आयोजित प्रतिष्ठित एशियाई नेतृत्व सम्मेलन 2025 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर अभियान पर भी अपने विचार व्यक्त किए। आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भारत अब केवल आतंकवादी हमलों पर दुख ही नहीं जताता बल्कि अब वह सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई के जरिए जवाब भी देता है, जैसा उसने ऑपरेशन सिंदूर में किया था। राघव चड्ढा चोसुन मीडिया और सेंटर फॉर एशिया लीडरशिप के सहयोग से आयोजित एशियाई नेतृत्व सम्मेलन (एएलसी 2025) में बतौर वक्ता हिस्सा लेने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल आए थे। यह पूरब के दावोस के नाम से मशहूर है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दुनिया को संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे देश की शांति से छेड़छाड़ की गई तो हम आतंक के ढांचे को नष्ट कर देंगे, चाहे वह देश के अंदर हो या बाहर।
पाकिस्तान को सख्त चेतावनी
सांसद राघव चड्ढा ने दुनिया के सामने भारत की नई रणनीति पर बोलते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता ने दिखा दिया है कि भारत अब नई सैन्य और कूटनीतिक नीति के तहत काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम सिर्फ आतंकी हमलों पर प्रतिक्रिया नहीं करते, बल्कि अब हम आतंक के मूल ढांचे को जड़ से खत्म कर देते हैं। सांसद राघव चड्ढा ने आगे कहा कि भारत अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की धरती से आता है, लेकिन साथ ही इस धरती ने भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों को भी जन्म दिया। उन्होंने कहा, "हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन आतंकवाद का समर्थन करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
वैश्विक मंच पर भारत की नई छवि
सियोल में आयोजित एशियाई नेतृत्व सम्मेलन में राघव चड्ढा ने दुनिया के सामने भारत की एक निर्णायक, आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से मजबूत राष्ट्र की छवि पेश की। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में भारत एक निर्णायक और दृढ़ राष्ट्र के रूप में उभरा है और दिखाया है कि हम आतंकवाद, आतंकवादी ढांचे और दुष्ट राष्ट्रों से कैसे निपटते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के रूप में भारत सरकार और हमारी भारतीय सेना ने यह स्पष्ट कर दिया कि हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अगर कोई हमारे देश की शांति को भंग करता है और हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाता है, तो हम आतंकवादी ढांचे को नहीं छोड़ेंगे, चाहे वह कहीं भी हो। परिणामस्वरूप, सीमा पार आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के लिए सटीक सैन्य कार्रवाई की गई।
आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति
राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा, "आज का भारत अब वह नहीं जो चुपचाप हमले बर्दाश्त करता था। अब हम हमले बर्दाश्त नहीं करते, बल्कि सीमा पार जाकर आतंकी ठिकानों को नष्ट करते हैं। राघव चड्ढा ने कहा, "भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ कूटनीतिक बयान नहीं देता, बल्कि जमीन पर कार्रवाई करता है। ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे बड़ा सबूत है। भारत अब न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा कर रहा है, बल्कि दुनिया को आतंक मुक्त बनाने में भी अपना योगदान देने को तैयार है।"
जाने-माने नेताओं के साथ मंच साझा किया
इस साल के एशियाई नेतृत्व सम्मेलन में राघव चड्ढा ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स, ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन और हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के डीन विलियम्स जैसे वैश्विक नेताओं के साथ मंच साझा किया।
एशियाई नेतृत्व सम्मेलन एशिया का एक प्रमुख मंच है, जहां राजनीति, व्यापार, शिक्षा और समाज के वैश्विक नेता चर्चा के लिए एकत्र होते हैं। इस सम्मेलन के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और डेविड कैमरन, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स और ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन जैसे दिग्गज इस मंच को संबोधित कर चुके हैं।
राष्ट्रों का उदय: अधिक प्रगति का मार्ग:
इस साल सम्मेलन का विषय "राष्ट्रों का उदय: अधिक प्रगति का मार्ग" रखा गया है। ग्रेटर प्रोग्रेस" नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो दक्षिण कोरिया की स्वतंत्रता पर आधारित है। इसका आयोजन कोरियाई युद्ध की 80वीं वर्षगांठ और 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है। इस मंच पर स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है, ताकि इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
युवा वैश्विक नेता सम्मान प्राप्त:
सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में ग्लोबल इकोनॉमिक फोरम (WEF) द्वारा युवा वैश्विक नेता (YGL) के रूप में चुना गया है। यह सम्मान 40 वर्ष से कम आयु के विश्व के उन नेताओं को दिया जाता है, जो बेहतर भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सांसद राघव चड्ढा अपने नीति ज्ञान, युवा नेतृत्व और शासन में नवाचार के लिए जाने जाते हैं। दिल्ली सरकार में रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, जल और वित्त जैसे क्षेत्रों में भी बड़े सुधार किए हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में सियासी हलचल तेज, पार्टियां जुटीं डिजिटल रणभूमि में
21 May, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बिहार में अधिकांश दल जातियों के अंकगणित और समीकरणों पर काम कर रहे हैं और नई तकनीक पर आधारित आभासी दुनिया में इस राजनीतिक कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू हो चुका है। सभी महारथी यहां न केवल अपने हथियारों बल्कि शास्त्रों के ज्ञान के साथ महाभारत लड़ रहे हैं।
राज्य में चुनाव प्रचार और रैलियों का दौर भले ही अभी शुरू न हुआ हो, लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया बिहार चुनाव का कुरुक्षेत्र बन गया है। एक के बाद एक कार्टून बनाए जा रहे हैं, नई शब्दावली गढ़ी जा रही है। विरोधियों के लिए नए विशेषण खोजे जा रहे हैं। कार्टूनिस्टों को काम पर रखा गया है। शब्दावली गढ़ने के लिए विद्वानों को लगाया गया है। बयानबाजी भी शुरू हो गई है, आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए जा रहे हैं।
'लालू की पार्टी आईटी का इस्तेमाल कर रही है'
राजनीतिक दल एक-दूसरे को सलाह दे रहे हैं। इस आभासी राजनीतिक महाभारत में हर महारथी के बाणों का जवाब देने के लिए बयानों के बाण चलाए जा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह कहते हैं कि तीर के जवाब में तीर, गदा के जवाब में गदा, कार्टून के जवाब में कार्टून, वीडियो के जवाब में वीडियो और बयान के जवाब में बयान चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी लालू यादव कहते थे कि ये आईटी, वाईटी क्या है, जबकि आज उनकी पार्टी आईटी युद्ध में सबसे ज्यादा शामिल है।
'सोशल मीडिया पर सक्रिय है जेडीयू'
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि जब जनवरी 2009 में नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर अपना अकाउंट खोला था, तो उस समय उनके विरोधी रहे नीतीश कुमार ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि ये चहचहाहट क्या है? नीतीश को जल्द ही समझ आ गया और उन्होंने भी मई 2010 में अपना अकाउंट खोल लिया। आज उनकी पार्टी इस चुनाव में सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है। नीतीश की पार्टी जेडीयू ने हाल ही में बिहार के राजगीर में अपने कार्यकर्ताओं को इस तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर प्रशिक्षण दिया है। बिहार में इंटरनेट की स्थिति चाहे जो भी हो, इंटरनेट आधारित राजनीति खूब हो रही है। बिहार में अभी भी डिजिटल डिवाइड है, इसके बावजूद ऐसा लग रहा है कि चुनाव के दौरान यह डिवाइड भरती जा रही है।
मुर्शिदाबाद हिंसा पर ममता बनर्जी सख्त, पुलिस को दी विस्तृत जांच की निर्देश
21 May, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मुर्शिदाबाद में अराजकता फैलाने के लिए बाहर से लोग आए थे। पुलिस को मामले की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि यह घटना बंगाल में हुई है। लेकिन ऐसा नहीं है। हमें असली स्रोत की पहचान करनी होगी। ममता ने कहा कि अगर हम स्रोत की पहचान नहीं करेंगे और ऐसी चीजों पर ध्यान नहीं देंगे, तो इससे सिर्फ उकसावे की स्थिति बनेगी और सीमा पर शांति भंग होगी। इससे सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों को हो रहा है, इसलिए हम सभी को शांति बनाए रखने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है कि सिर्फ प्रशासन ही काम करेगा। हमें भी अपनी भूमिका निभानी होगी। डीएम और एसपी अपने इलाके में सोशल मीडिया को लेकर सतर्क रहें, क्योंकि किसी भी तरह का उकसावा पैदा हो सकता है।
सीमावर्ती इलाका बेहद संवेदनशील:
ममता ने कहा कि सीमावर्ती इलाका बेहद संवेदनशील है। कुछ दिन पहले सीतलकुची से एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। वह किसान था और अपनी जमीन पर खेती कर रहा था। उसकी कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब मुझे खबर मिली तो हमने तुरंत कार्रवाई की, उसे जमानत दिलवाई और वापस लाया। सीमावर्ती इलाकों में ऐसी चीजें चल रही हैं। सभी को सतर्क रहना चाहिए। बीएसएफ सीमा पर है, इसका मतलब यह नहीं है कि आईसी और ओसी आंखें मूंद लेंगे।
रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे:
मुर्शिदाबाद हिंसा पर जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कोलकाता हाईकोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुओं को निशाना बनाया गया। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुलिस ने हिंसा नहीं रोकी, बल्कि तृणमूल कांग्रेस को संरक्षण दिया। पानी की आपूर्ति रोक दी गई ताकि वे आग न बुझा सकें। वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़क उठी।
पश्चिम बंगाल सरकार हिंदू विरोधी है- भाजपा:
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा ने टीएमसी पर हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि मुर्शिदाबाद में हिंदुओं को निशाना बनाया गया। उनके घर जला दिए गए। जांच में टीएमसी पार्षद महबूब आलम का नाम सामने आया है। हिंसा में टीएमसी नेता और विधायक का भी नाम आया है। भाजपा ने कहा कि स्थानीय पार्षद महबूब आलम के उकसावे पर हिंसा हुई। हिंसा के दौरान पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार हिंदू विरोधी है। हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर विपक्ष चुप रहा।
"तुर्किए में कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा नेता और पत्रकार के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज"
21 May, 2025 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा नेता अमित मालवीय और एक वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी के नेता और आईटी सेल के हेड अमित मालवीय और सीनियर पत्रकार अर्णब गोस्वामी ने जानबूझकर कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए गलत सूचना फैलाई है कि तुर्किए में कांग्रेस पार्टी का एक दफ्तर है। यूथ कांग्रेस लीगल सेल ने एफआईआर की कॉपी को सार्वजनिक रूप से शेयर करते हुए जानकारी दी कि इन दोनों ने मिलकर लोकसभा प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की छवि को खराब करने की कोशिश की है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे। केस दर्ज कराने वाले यूथ कांग्रेस लीगल सेल के हेड श्रीकांत स्वरूप ने कहा, इन दोनों के द्वारा किया गया यह दावा पूरी तरह से गलत है, कांग्रेस पार्टी का कोई भी ऑफिस इस्तांबुल में नहीं है।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से दर्ज कराए गए केस को लेकर अमित मालवीय ने भी अपना पक्ष रखा। मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक क्लिप साझा करते हुए लिखा, देखिए! इस बात के लिए केस दर्ज किया गया है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्किए और अजरबैजान खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में आ गए थे। इसके बाद भारतीय जनता के बीच में तुर्किए और अजरबैजान का बहिष्कार करने की मांग जोर पकड़ रही थी। कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी के नेताओं से जब इस बहिष्कार के ऊपर राय पूछी गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा हमलावर हो गई।
कांग्रेस की लीगल सेल ने इस केस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी गलत सूचना फैलाने का उद्देश्य कांग्रेस पार्टी की छवि को खराब करने, अशांति फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करना है, यह लोकतंत्र पर सीधा हमला करने का प्रयास था।श्रीकांत ने कहा, इन दोनों द्वारा किया गया यह काम भारतीय जनता को धोखा देने के लिए था। इस तरीके से बयान देकर इन्होंने देश की एक प्रमुख राजनैतिक पार्टी को बदनाम करने और राष्ट्रवादी भावनाओं से छेड़छाड़ करने की कोशिश की है।बकौल स्वरूप मालवीय और गोस्वामी की हरकतें भारत के लोकतांत्रिक नींव पर एक भयानक हमला हैं। यह हरकत आपराधिक इरादे से की गई है। इन दोनों ने अपनी पहुंच का दुरुपयोग किया है। इसलिए इन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। स्वरूप ने भारतीय प्रेस परिषद, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, सीबीआई और अन्य एजेंसियों से इस केस को प्राथमिकता से देखने की अपील की है।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से दर्ज कराए गए केस को लेकर अमित मालवीय ने भी अपना पक्ष रखा। मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक क्लिप साझा करते हुए लिखा, देखिए! इस बात के लिए केस दर्ज किया गया है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्किए और अजरबैजान खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में आ गए थे। इसके बाद भारतीय जनता के बीच में तुर्किए और अजरबैजान का बहिष्कार करने की मांग जोर पकड़ रही थी। कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी के नेताओं से जब इस बहिष्कार के ऊपर राय पूछी गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा हमलावर हो गई।
राहुल गांधी ने पिता राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया एक अहम वादा
21 May, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rajiv Gandhi Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उनके पुत्र और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने पिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल ने सोशल मीडिया पर अपने बचपन की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए पिता के सपनों को पूरा करने का वादा दोहराया। राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, “पापा, आपकी यादें हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करती हैं। आपके अधूरे सपनों को साकार करना ही मेरा संकल्प है – और मैं इन्हें पूरा करके रहूंगा।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी के साथ बचपन की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उनकी आत्मीयता और पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट साफ झलक रही है।
देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री
21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। वह भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक थे, जिन्होंने 40 साल की उम्र में देश की बागडोर संभाली थी। उनकी पुण्यतिथि पर राहुल गांधी ने न केवल अपने पिता को याद किया, बल्कि उनके द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।”
राजीव गांधी को श्रद्धांजलि
इन तस्वीरों में राहुल अपने पिता राजीव गांधी के साथ नजर आ रहे हैं, जो उनके बचपन की स्मृतियों को ताजा करती हैं। राहुल और उनकी बहन प्रियंका गांधी अक्सर अपने पिता और दादी के साथ बिताए पलों को सोशल मीडिया पर साझा करते रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया। पार्टी नेताओं ने उनके योगदान, खासकर सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के क्षेत्र में उनके दूरदर्शी कदमों को सराहा। राहुल की इस भावुक पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला, जिसमें कई यूजर्स ने उनके इस संदेश को रीपोस्ट कर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वीर भूमि पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी 34वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कश्मीर के हालात पर नजर: टीएमसी का पांच सदस्यीय दल करेगा सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण
21 May, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशन में, पार्टी का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 21 से 23 मई, 2025 तक जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में श्रीनगर, पुंछ और राजौरी का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल में एआईटीसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, मानस रंजन भूनिया, सागरिका घोष और ममता ठाकुर शामिल हैं।
पार्टी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सीमा पार हमलों से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता जाहिर करना और उन परिवारों के दुख को साझा करना है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। यह यात्रा क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद हो रही है, जिससे देश भर में चिंता बढ़ गई है। बनर्जी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी को इस पहल के बारे में सूचित नहीं किया गया था, उन्होंने कहा कि एआईटीसी को समन्वय प्रक्रिया से बाहर रखा गया था।
इसके जवाब में, पार्टी ने प्रभावित आबादी तक पहुँचने के लिए एक स्वतंत्र पहल की है। एआईटीसी नेताओं से तीन दिवसीय यात्रा के दौरान स्थानीय निवासियों, पीड़ितों के परिवारों और क्षेत्रीय अधिकारियों से मिलने की उम्मीद है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी संसदीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले है।
पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया के सामने लाएंगे थरुर: पायलट का बयान
21 May, 2025 11:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर । राजस्थान में कांगेस के नेता सचिन पायलट ने कहा है कि शशि थरूर पाकिस्तान में पनन रहे आतंकवाद को तथ्यों और सबूतों के साथ विश्व में उजागर करने वाले है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद दुनिया को बताएंगे कि पाकिस्तान ने किस प्रकार देश पर आतंकवाद के जरिए प्रहार किया है।
उन्होंने कहा कि अब तक विश्व में भारत-पाकिस्तान की बात हो रही है, आतंकवाद की बात नहीं हो रही है। वहीं कांग्रेस नेता पायलट ने कहा कि मोदी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किन मापदंडों के आधार पर और किन आश्वासन को लेकर सीज फायर हुआ है।
पायलट ने कहा कि मुझे लगता है कि पूरी दुनिया में अगर कोई प्रोफेशनल आर्मी है। वह हमारे देश की आर्मी है। लेकिन जिस अंदाज में युद्ध विराम हुआ, इसकी घोषणा एक तीसरे मुल्क के राष्ट्रपति करते हैं। यह अप्रत्याशित है। लेकिन आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ है। पाकिस्तान सीजफायर की घोषणा के बाद भी वायलेशन करता रहा, कश्मीर बॉर्डर पर लगातार मोटर बम, फायरिंग करके निर्दोष लोगों की जान ली। उस देश पर कैसे विश्वास कर सकते हैं। हमें इस बात की चिंता है कि आईएमएफ ने भी बड़ा लोन दिया है।
"पीएम मोदी की पहली जनसभा मध्यप्रदेश में: ऑपरेशन सिंदूर के बाद महत्वपूर्ण ऐलान संभव"
21 May, 2025 10:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश वह पहला राज्य होगा जहां ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी जनसभा के लिए पहुंच रहे हैं. 31 मई को होने जा रहे इस आयोजन की प्रस्तावना तो देवी अहिल्या बाई होल्कर के जन्मशताब्दी वर्ष के रुप में तैयार की गई है. लेकिन माना जा रहा है कि महिलाओं को समर्पित इस आयोजन के जरिए पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बाद की स्थितियों में बड़ा सियासी संदेश दे सकते हैं.इस आयोजन में देश की सीमा पर सरहद की हिफाजत करते कुर्बान हुए देश के वीर सैनिकों की पत्नी-माताएं और बहनें भी सम्मानित की जाएंगी.
भोपाल में मोदी दे सकते हैं बड़ा संदेश
भोपाल में होने जा रही जनसभा ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी की पहली जनसभा होगी. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बताया कि इस जनसभा में भोपाल में दो लाख बहनें आएंगी. ये वो बहनें होंगी, जो आत्मनिर्भर हैं. और प्रधानमंत्री मोदी की लखपति दीदी की संकल्पना के रूप में खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि जैसा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 समिट में कहा था कि आगामी समय में दुनिया के अंदर वुमन लीड करेंगी.उन्होंने देवी अहिल्या बाई का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन सौ वर्ष पूर्व देवी अहिल्या बाई महेश्वर साड़ी बुनवा रही थी. और ये काम समूह में ही महिलाएं किया करती थीं. उनकी उसी संकल्पना पर आज स्वसहायता समूह खड़े हुए हैं. वीडी शर्मा ने कहा कि 31 मई को होने जा रही देवी अहिल्या बाई जयंती के समापन अवसर पर प्रदेश भर से दो लाख महिलाएं पहुंचेगी.
आयोजन की अहम जवाबदारी महिलाओं के पास
प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में हो रहे महिला सम्मेलन के अंतर्गत मंच संचालन, क्रॉउड मैनेजमेंट, यातायात प्रबंधन, मीडिया प्रबंधन और सुरक्षा सहित सम्पूर्ण व्यवस्था की कमान महिलाओं को सौंपी जाएगी. यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधार रहीं महिलाओं के सुगम आगमन-प्रस्थान, उचित बैठक व्यवस्था के साथ ही पेयजल और खान-पान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर मनोज झा का हमला, कहा 'पाकिस्तान समर्थक'
21 May, 2025 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के बिहार दौरे पर हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाकर कहा कि राहुल गांधी के डीएनए में न दलितों के प्रति प्रेम है और न ही पिछड़ों के लिए कोई संवेदना है।
इस पर पलटवार कर राजद राज्यसभा सांसद मनोज झा ने केंद्रीय मंत्री सिंह को पाकिस्तानी बताया। उन्होंने कहा कि हमारे बीच में अगर सबसे बड़ा कोई पाक परस्त है, तब गिरिराज सिंह हैं। राजद नेता झा ने कहा, क्योंकि पाकिस्तान एकांगी सोच है और गिरिराज की सोच भी एकांगी है। जिसकी सोच एकांकी है वहां पाकिस्तानी है।
राजद सांसद झा ने एनएमसीएच में चूहे के द्वारा मरीज के पैर कुतरने पर कहा कि बिहार के चूहों में अपार क्षमता विकसित हुई है। चूहें शराब पी जाते हैं, पहाड़ खोद डालते हैं। ये चूहे हैं या डायनसोर।
दरअसल, एनएमसीएच में मरीज कुमार के पैर की 5 उंगलियां चूहे ने कुतर दी। मरीज कुमार नालंदा के रहने वाले हैं। अवधेश हड्डी रोग विभाग में भर्ती हैं। पीड़ित मरीज ने बताया कि उनके दूसरे पैर की हड्डी टूट जाने के कारण वह इलाज कराने कुछ दिन पहले अस्पताल में आए थे। इलाज के बाद उनके पैर में प्लास्टर लग गया। शनिवार को उन्हें बुखार आया। इस कारण उन्हें नींद नहीं आ रही थी, लेकिन देर रात कब नींद लग गई पता नहीं चला। जब सुबह उनकी नींद खुली तब पैर की उंगलियों में जलन हो रही थी। उन्होंने देखा पैर की उंगलियों से खून बह रहा था। बेड खून के धब्बे से लाल हो गया था। पता चला कि उनके पैर की पांचों उंगलियों को चूहा ने कुतर डाला है।
बीजेपी में नई उम्मीद: महमूदाबाद विवाद से चर्चित प्रोफेसर की राजनीति में एंट्री
21 May, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सुर्खियों में है। पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ी रेनू भाटिया का नाम सामने आया है। ये वहीं रेनू भाटिया जिन्हें बीजेपी की बेनजीर कहा जाता है।
भाटिया फिलहाल हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन हैं। वे भाजपा की तेज़तर्रार महिला नेताओं में शामिल हैं और वे दिवंगत नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेहद करीबी मानी जाती थीं।
दरअसल, ‘बीजेपी की बेनजीर’ की उपाधि उन्हें स्वराज ने ही दी थी, उनके आक्रामक राजनीतिक तेवर, बेबाक बयानबाज़ी और महिला अधिकारों के मुद्दों पर मुखर रवैये के चलते।
वहीं अली खान की गिरफ्तारी के बाद यूनिवर्सिटी के फैकल्टी मेंबर्स उनके समर्थन में सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दर्जनों शिक्षक राई थाने के बाहर मौजूद रहे। इन सभी का मकसद पुलिस कार्रवाई पारदर्शी हो, प्रोफेसर को मानसिक समर्थन मिले, और किसी तरह का अन्याय न हो।
वहीं प्रोफेसर अली खान जैसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद की गिरफ्तारी ने शैक्षणिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की सीमा और राजनीतिक हस्तक्षेप पर बहस छेड़ दी है।
संघर्ष की सियासत: फडणवीस कैबिनेट में भुजबल की एंट्री
20 May, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और विधायक छगन भुजबल ने मंगलवार को राजभवन में राज्य के कैबिनेट मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद जब दोबारा महायुति सरकार का गठन हुआ था, तब नए मंत्रिमंडल में भुजबल को जगह नहीं दी गयी थी। हालांकि, अब छह महीने बाद एक बार फिर भुजबल की मंत्रिमंडल में वापसी हुई है। नाशिक जिले की येवला सीट से विधायक छगन भुजबल ओबीसी समुदाय के प्रमुख नेता माने जाते हैं। हाल ही में धनंजय मुंडे के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में एक स्थान खाली हुआ था। इसलिए भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में उठाई थी।
मंत्री पद नहीं मिलने की वजह से भुजबल नाराज हो गए थे। आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उन्हें दरकिनार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी के कई कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी, लेकिन पार्टी अध्यक्ष अजित पवार और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने संगठनात्मक कार्यों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। इसके अलावा, दो बार राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में उनके नामांकन पर विचार न किए जाने से भी वे नाराज थे।
एनसीपी को मंत्रिमंडल में एक मजबूत और दमदार ओबीसी चेहरे की जरूरत थी, खासकर तब जब एक अन्य ओबीसी नेता धनंजय मुंडे को मार्च में राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीड के सरपंच संतोष देशमुख की नृशंस हत्या के सिलसिले में इस्तीफा देना पड़ा था। मुंडे के पास खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग था और उनके जाने के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इसे संभाला।
भुजबल का फडणवीस कैबिनेट में शामिल होना एनसीपी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को चार महीने में स्थानीय और नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। मराठा आरक्षण समर्थक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के खिलाफ एक बड़े संघर्ष में ओबीसी आरक्षण की सुरक्षा के लिए वे सबसे आगे रहे हैं। इसके अलावा, भुजबल जाति आधारित जनगणना के प्रबल समर्थक रहे हैं, जिसे केंद्र ने हाल ही में मंजूरी दी है।
दिलचस्प रहा है छगन भुजबल का सियासी सफर
शिवसेना की स्थापना से ही राजनीति में सक्रिय रहे छगन भुजबल मुंबई महानगरपालिका (BMC) में नगरसेवक के रूप में निर्वाचित हुए थे। वह मुंबई के मेयर भी रह चुके है। हालांकि, शिवसेना प्रमुख स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे से मतभेद होने के बाद वह 1991 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। फिर 1999 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का दामन थाम लिया। 2008 से 2010 के बीच कुछ महीनों के लिए वे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री भी रहे। महाराष्ट्र सदन घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 मार्च 2016 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद एनसीपी ने एक बार फिर उनका राजनीतिक पुनर्वास करते हुए 2019 में गठित महाविकास आघाड़ी सरकार में उन्हें मंत्री बनाया। 2023 में एनसीपी में विभाजन के बाद छगन भुजबल शरद पवार का साथ छोड़कर अजित पवार के साथ आ गए।
खरगे का केंद्र पर हमला: 'ऑपरेशन सिंदूर छोटा सा युद्ध, सरकार बताए तैयारी क्यों नाकाम रही'
20 May, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को छोटा सा युद्ध बताया। कर्नाटक में कांग्रेस की समर्पण-संकल्प रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पहलगाम में 26 लोग इसलिए मारे गए क्योंकि मोदी सरकार ने वहां पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। मोदी कश्मीर नहीं गए क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था। केंद्र सरकार ने पर्यटकों से पहलगाम न जाने के लिए क्यों नहीं कहा? अगर उन्हें बताया गया होता, तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ऑपरेशन सिंदूर तो छोटा सा युद्ध है।इससे पहले विजयनगर हवाई अड्डे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का स्वागत किया। रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'मुझे यह जानकारी मिली कि कर्नाटक में बहुत से लोग जमीन के मालिक हैं, लेकिन उनके पास जमीन के मालिकाना हक नहीं हैं। इसमें सभी समुदायों के लोग शामिल थे।उन्होंने कहा कि उनके पास संपत्ति या मालिकाना हक नहीं था, और न ही उन्हें सरकार से कोई सुविधाएं मिल रही थीं। मैंने इस मुद्दे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उठाया और कहा कि जो भी कर्नाटक में जमीन के मालिक हैं, उन्हें मालिकाना हक मिलना चाहिए। आज, कर्नाटक सरकार 1 लाख परिवारों को मालिकाना हक देने जा रही है।'
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं।
खान सर का बड़ा बयान: ‘पाकिस्तान में कोई अच्छा आदमी नहीं रहता’, सोशल मीडिया पर मचा बवाल
20 May, 2025 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन वर्मिलियन पर पटना के मशहूर शिक्षक खान सर का एक बयान वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि पाकिस्तान सुधर जाएगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं है। 500-100 आतंकियों को मारने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने पाकिस्तान की पूरी आबादी को आतंकी बताया। खान सर ने कहा कि पाकिस्तान में 24 करोड़ आतंकी रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'हमें गलतफहमी है कि हम पाकिस्तान से आतंकियों को खत्म कर देंगे। अगर एक भी पाकिस्तानी जिंदा है, तो वह आतंकी है। इस गलतफहमी से खुद को बाहर निकालिए कि पाकिस्तान में कुछ अच्छे लोग भी रहते हैं।'
खान सर पाकिस्तान के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई से असंतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि सरकार को पाकिस्तान को और नुकसान पहुंचाना था। उसका एक भी एयरपोर्ट अच्छी हालत में नहीं रहने दिया। इससे वहां के लोगों को एहसास हो गया होगा कि पाकिस्तान ने जरूर गलती की है। उनके बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
पाकिस्तान की तुलना कुत्ते से की
इससे पहले एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के नक्शे की तुलना कुत्ते से की थी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत का पड़ोसी कुत्ते से भी बदतर है। कुत्ता तो वफादार होता है, लेकिन पाकिस्तान नहीं। राज शमनी के साथ पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों पर भी बात की।
खान सर से उनके एक पुराने वीडियो के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के नक्शे की तुलना कुत्ते से की थी। खान सर ने कहा कि दोनों एक जैसे दिखते हैं। कुत्ता तो वफादार है, लेकिन पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। खान सर ने यह भी कहा कि यह कुत्ते का अपमान है, क्योंकि वह एक वफादार जानवर है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जहां मलाला पर इसलिए हमला किया गया, क्योंकि उसने पढ़ाई करने के लिए कहा था।
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