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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर महाराज की कथा में हुए शामिल
30 Dec, 2025 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भागवत कथा और सत्संग से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। कथा और सत्संग आध्यात्मिक अनुभूति और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम भी है। कथा श्रवण और सत्संग से मन तृप्त होता है और जीवन संवरता है। भगवान की भक्ति, कथा श्रवण और सत्संग से वह तृप्ति मिलती है जो भौतिक सुख, वैभव और छप्पन भोग में भी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में आयोजित प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर महाराज की कथा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भागवत कथा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुवर श्री कमल किशोर नागर जी का नाम ही हमारे लिए सौभाग्य का प्रतीक है। वर्षों से आपके प्रवचनों के माध्यम से हम भगवान की भक्ति में स्वर्ग लोक का अनुभव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कथा एवं सत्संग के श्रवण से स्वर्ग लोक सहित सभी तीर्थों का आनंद प्राप्त हो जाता है। उन्होंने भक्ति और सत्संग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भौतिक सुख-साधन और 56 भोग भी मन को तृप्त नहीं कर सकते, लेकिन भगवान की भक्ति और सत्संग मन को पूर्ण तृप्ति प्रदान करते है और सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ माता की सेवा के लिए महाराज श्री कमल किशोर नागर जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। महाराज जी ने समाज को यह चेतना दी है कि केवल प्रवचन ही नहीं, बल्कि संस्कार और सेवा भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद गौशालाओं के विकास के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और मध्यप्रदेश को गौ-सेवा का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। घर-घर गोपाल की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जहां गाय है, वहीं गोपाल का वास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति की परंपराओं, कुंभ और सिंहस्थ स्नान के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल केवल शारीरिक शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की उत्पत्ति और परंपरा का आधार है। क्षिप्रा नदी के शुद्धिकरण और जल संरक्षण के प्रयासों से आगामी सिंहस्थ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प भी उन्होंने दोहराया।
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और विकास तीनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर गाँव और शहर में गीता भवन बनाये जा रहे हैं। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि शिप्रा नदी के शुद्धिकरण के संकल्प को पूर्ण करने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। शिप्रा के 29–30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण, बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान 24 घंटे में करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्थाएँ—ये सब ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा और शिप्रा का निरंतर प्रवाह बना रहे, ताकि आचमन और यज्ञ-स्नान जैसे पवित्र कर्म निर्बाध हो इसके लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।
प्रसिद्ध संत श्री कमल किशोर नागर जी महाराज ने कहा कि नीति और धर्म से सुसज्जित शासन ही सच्चे विकास की नींव है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जब शासन नीति और धर्म के साथ चलता है, तभी प्रजा की वास्तविक भलाई होती है और विकास एवं प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि नीति के बिना राज अधूरा है और धर्म के बिना धन भी अधूरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्रीजी ने आम नागरिकों की तरह जमीन पर बैठकर सरलता और सादगी के साथ कथा का श्रवण किया। यह आचरण उनकी भक्ति भावना, विनम्रता और सहज व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रदेश में धार्मिक आयोजन होते हैं और उनके साथ नीति एवं धर्म दोनों एक साथ खड़े होते हैं, तब वह प्रदेश स्वतः ही सुशोभित और समृद्ध बनता है। व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा ऐसे आयोजनों को समय देना उनकी संवेदनशीलता और आध्यात्मिक रुचि का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव केवल राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के तीर्थों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के भी गहरे जानकार हैं, उनके पास गहरा और समृद्ध अनुभव है।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में किया करीब 129 करोड़ रुपए के 12 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन
29 Dec, 2025 06:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है, अभिनंदन है। बीते तीन-चार दिनों के अंदर ही 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालु सिर्फ हमारे मेहमान नहीं, स्वयं बाबा महाकाल द्वारा आमंत्रित अतिथि हैं। महाकाल ने उन्हें दर्शन देने के लिए बुलाया है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं के सत्कार से जुड़ी हर व्यवस्था में संवेदना और आत्मीयता भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से ही उज्जैन नगरी सिर्फ भारत नहीं, सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। उज्जैन के नागरिकों का सहयोग ही बाबा महाकाल की सच्ची सेवा है। सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर सिंहस्थ-2028 को सबसे भव्य, दिव्य और अनुशासित के साथ एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन बनाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां लगभग 129 करोड़ रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई तीन महत्वपूर्ण पहलों का एक साथ लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट स्वाध्याय (Coding for All) का शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट के जरिए विद्यार्थियों को कम उम्र से ही कोडिंग और डिजिटल सोच से जोडा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने UtkarshUjjain.com वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह पोर्टल युवाओं के लिए सीखने, मार्गदर्शन और अवसरों का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। साथ ही कौशल सेतु इंडस्ट्री-लीड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी आगाज किया। कौशल सेतु शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को पाटते हुए युवाओं को वास्तविक इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों पहले उज्जैन के युवाओं को केवल डिग्री तक ही सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उन्हें जॉब-रेडी, स्टार्टअप-रेडी और फ्यूचर-रेडी बनाने का आधार तैयार करेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहरी क्षेत्र में 124 करोड़ रुपए लागत से बनने वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इसमें करीब 102 करोड़ रुपए लागत से विभिन्न सड़कों का चौड़ीकरण कार्य, 9.50 करोड़ रुपए लागत से कपिला गौशाला (3000 गौ-वंश क्षमता वाली) का संवर्धन एवं विकास कार्य, 8.75 करोड़ रुपए लागत से पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में विकास कार्य, 3.47 करोड़ रुपए लागत से कानीपुरा में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण तथा लगभग 5 करोड़ रुपए लागत से नवीन जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के अलावा 45 करोड़ लागत के अन्य काम भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन के इस पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा, जिससे यहां इंटरनेशनल हॉकी मैच हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय खिलाड़ी लगभग सभी खेलों में पदक विजेता बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश के युवाओं को नौकरी लेने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आज की गई पहलें कल इसी दिशा में हमारी मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सीखो-कमाओ योजना, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम जैसी पहलें युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव देकर उन्हें बाजार और उद्योगों के लिए तैयार कर रही हैं। यही सही अवसर है कि उज्जैन के युवा स्वयं को आने वाले बेहतर कल के लिए अभी से तैयार करें।
अद्भुत होगा सिंहस्थ - 2028
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह भारतीय धर्म, संस्कृति, आध्यात्म और पर्यटन का अद्भुत समागम है। सिंहस्थ को देखते हुए सरकार ने भी सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। हमारी कोशिश है कि 30 किलोमीटर लम्बे घाटों में 24 घंटे में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान/आचमन कर लें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ को बेहतर बनाने के लिए हमने उज्जैन में 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दे दी है। इन कामों पर क्रियान्वयन भी शुरू हो चुका है। सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट पर हमारा विशेष ध्यान रहेगा। इसीलिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों से जोड़कर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी दिशा में उज्जैन में आधुनिक मेडिसिटी का निर्माण प्रगति पर है। यहां एक नया इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाया जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज के पुराने कैम्पस में नया आईटी पार्क और साइंस सिटी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रोजेक्ट स्वाध्याय के लिए 3 हजार युवाओं के लिए निनौरा और मक्सी के पास 2 हजार युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए हैं। इंदौर-उज्जैन के बीच भविष्य में मेट्रो भी दौड़ेगी, लेकिन उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलेगी। शहर के चिंतामण गणेश स्टेशन को भी मुख्य स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोहनपुरा में भी एक नया रेलवे स्टेशन बनेगा। उज्जैन के समीप ही एक बड़ा एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु सीधे उज्जैन में ही उतर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शनि लोक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 140 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह शनि लोक आस्था और पर्यटन के क्षेत्र में उज्जैन की एक और नई पहचान स्थापित करेगा। उज्जैन को दूसरे शहरों से जोड़ने के लिए यहां चारों दिशाओं में फोरलेन बन रहे हैं। यहां करीब 12-13 नए पुल भी निर्माणाधीन हैं। इससे आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा होगा। यह कुल 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। दिल्ली के बाद देश का यह दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया बनने जा रहा है। इसमें उज्जैन संभाग के शाजापुर, शुजालपुर, देवास और रतलाम भी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत बदलते दौर में नई कहानी लिख रहा है। उज्जैन में बना भव्य महाकाल लोक देश-दुनिया में अपनी अनूठी पहचान बना रहा है। महाकाल के दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है। वे सिर्फ उज्जैन के नहीं, पूरी दुनिया के महाकाल हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि 1980 के बाद पहली बार क्षिप्रा के जल से ही सिंहस्थ में स्नान होगा। कान्ह नदी परियोजना के माध्यम से उज्जैनवासियों को आचमन के लिए शुद्ध जल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन नगरी का हर काल में विशेष महत्व रहा है। यहां विराजे महाकाल हम सभी के शरीर में विद्मान हैं। हमारे द्वारा किए जा रहे सभी कार्य महाकाल के निमित्त से ही पूर्ण होते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सिंहस्थ के समय देश-दुनिया के आगंतुकों की खुले दिल से मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे स्वयंसेवियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के पास एक जूना महाकाल भी हैं। उज्जैन दुनिया के लिए ग्रहों की काल गणना का केंद्र रहा है। राज्य सरकार ने इसी आधार पर वैदिक घड़ी तैयार की है। सिंहस्थ की आयोजन के लिए शहर में विरासत का संरक्षण करते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है। बाबा महाकाल मंदिर के पास सम्राट विक्रमादित्य होटल को नया रूप दिया गया है। वीर भारत न्यास के माध्यम से पुरानी कोठी का भी जीर्णोद्धार किया गया है। विकास का यह कारवां लगातार चलता रहेगा, हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उज्जैन के लोकसभा सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सतत् रूप से उज्जैन की दशा और दिशा बदलने का काम जारी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने पहले भी इस शहर को विकास कार्यों की अनेक सौगातें दी हैं। उज्जैन जिले के गांव-गांव तक चौड़ी सड़कें बन रही हैं। किसानों को भावांतर की राशि दी जा रही है और बहुत जल्द फसल बीमा की राशि भी मिलेगी। राज्य सरकार लाड़ली बहनों के बैंक खातों में हर महीने 1500 रुपए दे रही है। प्रदेश में विकास की बयार चल रही है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
महाराष्ट्र शिक्षण मंडल जबलपुर के शताब्दी समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहा - मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का रिश्ता भौगोलिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और साझी विरासत का है
29 Dec, 2025 03:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच का संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संत परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और समाज सुधार की साझी विरासत से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर में महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के शताब्दी वर्ष समारोह को इंदौर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस, प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्था के 100 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित इस संस्था ने आजादी से पहले और बाद में शिक्षा के क्षेत्र में महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों के आधार पर बाजीराव पेशवा, शिंदे, होलकर और गायकवाड़ राजवंशों ने मध्यप्रदेश के विकास और संस्कृति के संरक्षण में अहम योगदान दिया है।
नई शिक्षा नीति और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नई शिक्षा नीति को लागू करने में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रदेश सरकार ने 55 जिलों में 'पीएम एक्सीलेंस कॉलेज' प्रारंभ किए हैं। साथ ही, पाठ्यक्रमों में लोकनायकों और जननायकों की जीवनियों को शामिल किया गया है, जिससे युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके। उन्होंने बताया कि सरकार ने खरगोन में टंट्या मामा विश्वविद्यालय, गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय और ग्वालियर में रानी अवंतिबाई विश्वविद्यालय शुरू किये हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के लिए नई पीढ़ी को तैयार करना होगा : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि अब केवल इतिहास पर गर्व करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के लिए नई पीढ़ी को तैयार करना होगा। श्री फडणवीस ने कहा कि यदि महाराष्ट्र शिक्षण मंडल जबलपुर में मराठी भाषा सिखाने के लिए कोई नया उपक्रम या कोर्स शुरू करता है, तो महाराष्ट्र सरकार उसके लिए आवश्यक निधि और पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा, यहां तक कि मेडिकल और इंजीनियरिंग में भी मातृभाषा को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने 'स्वराज्य' के साथ 'स्वधर्म' और 'स्वभाषा' का नारा दिया था। उन्होंने पानीपत के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि मराठों ने केवल अपने साम्राज्य के लिए नहीं, बल्कि समूचे भारत की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि मराठी व्यक्ति कभी संकुचित विचार नहीं रखता बल्कि उसका दृष्टिकोण हमेशा राष्ट्रव्यापी और वैश्विक होता है।
उन्होंने संस्था को भविष्य के लिए आगाह करते हुए कहा कि हमने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन का दौर देखा है, लेकिन अब दुनिया 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' की लहर की ओर बढ़ रही है। इसका शिक्षा क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे अगले 25 से 50 वर्षों की योजना बनाएं और विद्यार्थियों को एआई की चुनौतियों के लिए तैयार करें।
श्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री के मंत्र 'विकास भी और विरासत भी' का उल्लेख करते हुए कहा कि वही समाज आगे बढ़ता है, जिसे अपनी विरासत पर गर्व होता है। उन्होंने प्रशांत पाल द्वारा लिखित पुस्तकों का जिक्र करते हुए कहा कि अब भारत का सच्चा इतिहास साक्ष्यों के साथ सामने आ रहा है, जो पुरानी भ्रांतियों को तोड़ रहा है। श्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव की व्यस्तता के बावजूद वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए, क्योंकि जहां महाराष्ट्र का नाम और शिक्षण का विषय जुड़ा हो, वहां वे आए बिना नहीं रह सकते। कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र शिक्षण मंडल की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
जबलपुर के विकास की रूपरेखा में श्री फडणवीस का विजनरी योगदान: लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर के विकास के वर्तमान स्वरूप की नींव रखने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस की अहम भूमिका रही है। उन्होंने श्री फडणवीस को एक 'विजनरी' नेता बताया। उन्होंने एक पुराना संस्मरण साझा करते हुए बताया कि जब श्री फडणवीस विधायक थे, तब उन्होंने जबलपुर प्रवास के दौरान देर रात 'बड़ा फुहारा' और 'छोटा फुहारा' जैसी घनी बस्तियों का दौरा किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि इच्छाशक्ति हो तो जबलपुर तेजी से आगे बढ़ सकता है। उनके द्वारा सुझाए गए बिंदुओं पर ही शहर के विकास की रूपरेखा तैयार की गई।
मंत्री श्री सिंह ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास के लिए वे महाराष्ट्र के नवाचारों का अनुसरण करेंगे और वहां के 'इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल' का अध्ययन करेंगे।
स्थानीय भाषा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक : परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह
परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं और यहां उन्होंने 4 महीने तक शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि 40-42 साल पहले जबलपुर में अच्छी शिक्षा के लिए महाराष्ट्र हाई स्कूल, क्राइस्ट चर्च और मॉडल स्कूल जैसे कुछ ही प्रतिष्ठित संस्थान थे। उन्होंने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि अब स्थानीय भाषाओं और भारतीय संस्कृति, जैसे रामायण और गीता को भी शिक्षण पद्धति में शामिल किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
राज्यपाल ने किया ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप-2025 की विजेता खिलाड़ियों का सम्मान
29 Dec, 2025 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप - 2025 की विजेता टीम की बेटियां महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विजेता होना दिव्यांगजनों के हौसलें और दिव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बेटियों की उपलब्धि प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिला खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।
राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को राष्ट्रीय ब्लाइंड महिला टी-20 टीम की प्रदेश की खिलाड़ी सुश्री सुषमा पटेल, सुश्री सुनीता सराठे और सुश्री दुर्गा येवले से लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने तीनों खिलाड़ियों का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके कोच का भी उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने उन्हें बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
भारतीय महिला (ब्लाइंड) क्रिकेट टीम ने 23 नवम्बर 2025 को कोलंबो में आयोजित टी-20 वर्ल्डकप के फ़ाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सुश्री सुनीता सराठे , दमोह ज़िले की सुश्री सुषमा पटेल और बैतुल ज़िले की सुश्री दुर्गा येवले प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल रहीं हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सतना को दी विकास की मेगा सौगात-652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
27 Dec, 2025 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार में सतना स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री हैं, इसलिए सतना जिले के नगरीय विकास में वे कोई कमी नहीं रहने देंगे।
नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में सतना जिला विकास के हर मामले में अव्वल है। उन्होंने सतना को एयर कनेक्टिविटी के मामले में और अधिक मजबूत बनाने की मांग मुख्यमंत्री से की।
सतना सांसद श्री गणेश सिंह ने कहा कि सतना में अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) सहित करोड़ों रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बन चुका है। प्रदेश में 30 लाख करोड़ रूपए से अधिक का औद्योगिक निवेश आया है, जिसमें से करीब 8.50 लाख करोड़ रूपए के निवेश धरातल पर आ चुके हैं। राज्य सरकार चित्रकूट धाम को विकसित कर रही है। सतना को बहुत जल्द केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के सहयोग से एलिवेटेड रोड की सौगात भी मिलेगी। विंध्य क्षेत्र एयर नेटवर्क से जुड़ चुका है। राज्य के लोगों को नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। सतना एयर स्ट्रिप द्वितीय विश्व युद्ध में बनी थी।
सतना महापौर श्री योगेश ताम्रकार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आज सतना को विकास कार्यों की बड़ी सौगातें मिल रही हैं। सतना में सर्व सुविधायुक्त आईएसबीटी सहित आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम की भी सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि सतना शहर के 2350 से अधिक परिवारों को पीएम आवास मिल चुके हैं। नगर निगम सतना पीएम आवास आवंटन में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में सतना नगर निगम को 5 स्टार रेटिंग मिली। नगर निगम सतना को 5 बड़े पुरस्कार मिले हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा और कहा साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में भी किए जाएं
27 Dec, 2025 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों औरलाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए। इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक से पहले 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पाद भेंट किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं। रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं।
बैठक में विगत दो वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में बताया गया कि -
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 2568 ग्रामोद्योग इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 63 करोड़ रूपए अनुदान राशि वितरित की गई तथा बैंकों से 252 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 6300 नवीन रोजगार सृजित हुए।
कौशल उन्नयन विकास कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण तथा 1197 का प्लेसमेंट कराया गया।
विभाग द्वारा 10 करोड़ रूपए की सामग्री का उत्पादन किया गया तथा एम्पोरियम से 23 करोड़ रूपए की सामग्री का विक्रय हुआ।
भोपाल में जवाहर चौक और भोपाल हाट में नवीन एम्पोरियम आरंभ किए गए।
जिला स्तर पर 49 और राज्य स्तर पर 30 प्रदर्शनियों के साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई, रांची, कलकत्ता और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शनियां लगाई गईं।
डिजिटल मीडिया के माध्यम से आउटरिच का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना
ग्वालियर तेलघानी केन्द्र का उन्नयन कर, वहां उत्पादन बढ़ाना।
उज्जैन, देवास, सागर, महेश्वर और बुरहानपुर में स्फूर्ति योजना में खादी वस्त्र उत्पादन, प्रोसेस कार्य, चर्म सामग्री निर्माण का विस्तार करना।
भोपाल में बुटिक एवं ब्लॉक प्रिंट, जरी-जरदोजी, सिलाई और माटीकला पर केन्द्रित सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना।
बुनकरों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराना।
एक हजार बुनकरों को डिजाईन विकास, मार्केट लिंकेज आदि में सहायता।
1700 बुनकरों को प्रशिक्षण तथा 800 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना।
प्रदेश के भीतर और बाहर प्रमुख महानगरों में 270 मेलों/प्रदर्शनियों का आयोजन कर बुनकरों और शिल्पियों को मार्केट उपलब्ध कराना।
खादी वस्त्र उत्पादन क्षमता को दुगना करना।
देवास के ग्राम बालगढ़ में 15 करोड़ की लागत से पोनी प्लांट की स्थापना।
जबलपुर में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का नवीनीकरण।
भोपाल में चित्तोड़ काम्पलेक्स एमपी नगर में खादी मॉल का निर्माण।
उज्जैन में खादी एम्पोरियम का संचालन।
एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत सामग्री के प्रचार-प्रसार और ब्रांडिंग को बढ़ाना।
खादी वस्त्र उत्पादन कार्य में वृद्धि करना तथा 8 हजार नवीन रोजगार के अवसरों का सृजन।
लूम और चरखे पर आधारित गतिविधियों को उज्जैन तथा अनूपपुर जिले में पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में लेना।
मिट्टी की मूर्तियों और टेराकोटा के प्रशिक्षण आयोजित करना।
माटीकला को प्रोत्साहन के लिए गतिविधियां संचालित करना।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की
27 Dec, 2025 03:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) श्री राजेन्द्र शुक्ल और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने, रोगी संतुष्टि बढ़ाने और प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर व्यापक चर्चा कर निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने दवाओं के कड़े नियमन पर बल देते हुए निर्देश दिए कि निर्माण से लेकर वितरण तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि दवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने रोगी संतुष्टि, नियामक अनुपालन तथा पर्यवेक्षण को मिशन मोड में लेने पर जोर दिया।
फ्री ड्रग्स एवं फ्री डायग्नोस्टिक्स योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और निगरानी में मौजूद कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवा एवं डायग्नोस्टिक खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, लॉजिस्टिक्स और जवाबदेही बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्वारा आईआईएम अहमदाबाद के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक्स एवं समय पर जांच प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं और इन्हें प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर पर और सशक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन एवं नियामक अनुपालन के लिए पेशेवर प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए रक्तकोष, अस्पताल प्रणालियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के सुदृढ़ नियमन के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि टेलीमेडिसिन को दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इसे नियमित स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली में और अधिक एकीकृत करने के निर्देश दिए। टीबी मुक्त भारत 2027 के लक्ष्य को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने जिला-विशेष रणनीतियों, सघन स्क्रीनिंग, बेहतर डायग्नोस्टिक्स, उपचार अनुपालन एवं पोषण सहयोग को सुदृढ़ करने तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने जन भागीदारी को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, जवाबदेही एवं जनविश्वास बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जन प्रतिनिधियों के लिए संवेदनशीलता कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया, जिससे वे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा कर सकें।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में दवा नियमन, डायग्नोस्टिक्स सुदृढ़ीकरण, टेलीमेडिसिन विस्तार तथा टीबी उन्मूलन के लक्ष्यों को मिशन मोड में क्रियान्वित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारा में माथा टेका और साहिबजादों के बलिदान और शौर्य को नमन किया
26 Dec, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने शुक्रवार को गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की महान शहादत को समर्पित वीर बाल दिवस पर हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा पहुंच कर माथा टेका। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी एवं जिला अध्यक्ष श्री रवन्द्रि यति उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि गुरु साहिब श्री गोविंद जी के साहिबजादों के बलिदान की गाथा पाठ्यक्रमों में शामिल की जाएगी जिससे आने वाली पीढ़ी को उनके शौर्य और पराक्रम की जानकारी मिल सके। दशवें गुरु साहिब श्री गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान और शौर्य को नमन किया गया इस मौके पर भाजपा कार्यालय में भी एक कार्यक्रम का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में सिपाहा अखाड़ा के सदस्यों द्वारा शस्त्र विद्या का प्रदर्शन किया गया तो वही रागी इज्जत्रों द्वारा शब्द कीर्तन गाए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सिखों के बलिदान साहस,पराक्रम और योगदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता देश की रक्षा के लिए सिख समुदाय हमेशा आगे रहा है दशम गुरु साहिब श्री गोविंद सिंह जी के साहिबजादों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि उनका शौर्य और बलिदान इस बात का प्रमाण है कि सिखों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति तक दे दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की रखी सशक्त नींव : केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह
26 Dec, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मप्र के संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की श्रंखला आयोजित करने की शुरूआत को दूरदर्शी बताया है। उन्होने कहा कि यह ऐसी शुरूआत श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के लिये की थी। ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के नाम से इंडस्ट्रियल समिट आयोजित करने की एक वैज्ञानिक और व्यवस्थित शुरुआत उन्होंने की। इसमें राज्य की राजधानी में बड़े स्तर पर इंडस्ट्रियल समिट आयोजित होते थे और राज्य में व्यापक निवेश आता था। डॉ. यादव ने क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती परग्वालियर में ‘अभुदय : मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में अपने संबोधन मेंकेन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने क्लस्टर इन्वेंस्टमेंट पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं डॉ. मोहन यादव को बधाई देना चाहता हूँ कि उन्होंने राज्य के संतुलित विकास के लिए ‘क्षेत्रीय निवेश कॉन्क्लेव’ की एक नई और दूरदर्शी शुरुआत की है। मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कॉन्क्लेव आयोजित करने और निवेश के भूमिपूजन का जो सिलसिला उन्होंने शुरू किया है, वह आने वाले समय में राज्य के संतुलित विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
आज जो 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है, वह देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन किसी एक क्षेत्र के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। किसी क्षेत्र की जनता के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि राज्य का संतुलित विकास नहीं होता, तो राज्य आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि हर क्षेत्र में अपार संभावनाएँ छिपी होती हैं।जैसे मालवा, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में कपास लंबे समय से किसानों की प्रमुख फसल रही है, लेकिन उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब पीएम मित्र पार्क के आने से पारंपरिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है और कपास फिर से किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन गई है।
मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता उसका भौगोलिक लोकेशन है। यहाँ से पूरे देश के आधे हिस्से तक बहुत कम ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में आपूर्ति संभव है। लेकिन इस भौगोलिक लाभ का शत-प्रतिशत उपयोग तभी संभव है, जब राज्य में सिमेट्रिक इंडस्ट्री विकसित की जाए। दक्षिण से जुड़े जिलों में उद्योग स्थापित हों, दिल्ली से जुड़े जिलों, जैसे ग्वालियर में उद्योग लगेंऔर पश्चिमी क्षेत्रों जैसे धार और झाबुआ में भी औद्योगिक विकास हो। तभी मध्यप्रदेश को अपने भौगोलिक लाभ का वास्तविक फायदा मिलेगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि इसी सोच के साथ यह आयोजन डॉ. मोहन यादव ने किया है। मैं उन्हें हृदय से बधाई देता हूँ कि उनकी क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट ने मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है।
ग्वालियर में 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’
24 Dec, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश को रोज़गार में परिवर्तित करने का निरंतर कार्य कर रहा है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोज़गार’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोज़गार आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल क्लिक से औद्योगिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ग्रोथ समिट आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोज़गार-समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प को रेखांकित करेगी।
‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिये भूमि आवंटन किया जायेगा। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रूपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जाएगा। इससे प्रदेश में विकासात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित इस ग्रोथ समिट से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। “निवेश से रोज़गार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश” की थीम पर आधारित इस समिट में विगत 2 वर्षों में प्रदेश में हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोज़गार सृजन के वास्तविक परिणामों को सबके साथ साझा किया जायेगा। इस समिट से आने वाले वर्षों में विकास की नई दिशा भी तय की जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के समग्र विकास के लिये उन्हें सीधे रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिये ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट से नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।
समिट में भूमि-पूजन और लोकार्पण के साथ भूमि आवंटन और आशय-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। इस अवसर पर रोज़गार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाईयों की स्थापना एवं संचालन करने वाले निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा। समिट में युवाओं से संवाद भी किया जाएगा। संभाग स्तर पर औद्योगिक भूमि आवंटन से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की जाएँगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
उद्योग जगत की सहभागिता
ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज़, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्थल पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों और विकास दृष्टि पर आधारित विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 2 वर्षों में हुए औद्योगिक सुधारों, निवेश प्रयासों और रोज़गार उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को एक ही स्थान पर देखा जा सकेगा।
समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहेंगे।
खेल और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा खेल और सहकारिता में अभूतपूर्व प्रगति हुई
24 Dec, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार की परिकल्पना जहाँ केंद्र और राज्य एक साझा लक्ष्य, साझा गति और साझा परिणाम के साथ काम करते हैं, आज मध्यप्रदेश में ज़मीन पर साकार रूप ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सक्षम नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते दो वर्षों में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह बात सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक समन्वय भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग: प्रदेश का गौरव, देश में नई पहचान
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पदक अर्जित कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2024 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित ओलम्पिक व पैरा ओलम्पिक 2024 में प्रदेश के खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता कर पदक अर्जित किये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश ने खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, तमिलनाडु में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी प्रकार 38वें नेशनल गेम्स, उत्तराखण्ड में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 67 पदक अर्जित कर राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक तालिका में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
वर्ष 2024-25 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 57 पदक तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 391 पदक अर्जित किए। हॉकी एशिया कप 2025, 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप कजाकिस्तान, खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल श्रीनगर एवं एशियन केनो स्लालम चैंपियनशिप चीन में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है।
प्रदेश के खिलाड़ियों ने बनाएं नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड
प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर न केवल निरंतर पदक अर्जित कर रहे हैं, बल्कि नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिला रहे हैं। पोल वॉल्ट में देव मीणा ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। शूटिंग में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल स्पर्धा में रिकॉर्ड स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की है। वहीं शॉट पुट में समरदीप सिंह ने अपने दमदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप कांस्य विजेता टीम में प्रदेश के 3 खिलाड़ी
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि तमिलनाडु में आयोजित एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप–2025 में भारतीय टीम ने अर्जेंटीना को 4–2 से पराजित कर पहली बार कांस्य पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में मध्यप्रदेश पुरुष हॉकी अकादमी, भोपाल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अंकित पाल, तलैम प्रियोबर्ता एवं थोनाओजाम इंगालेंबा लुवांग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को बनाएंगे राजपत्रित अधिकारी
खिलाड़ियों के सम्मान और भविष्य सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार, एकलव्य, विक्रम, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। विक्रम पुरस्कार प्राप्त 28 खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है, वहीं ओलम्पिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं को राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है।
खिलाड़ियों को दी गई सम्मान राशि
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यापक प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित करने वाले 1375 खिलाड़ियों को 116 लाख रुपये, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 228 पदक विजेताओं को 153 लाख रुपये तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 51 खिलाड़ियों को 37.83 लाख रुपये दिए गए। पेरिस ओलम्पिक 2024 में 3 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को 300 लाख रुपये एवं 3 प्रतिभागी खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु 19 खेल संघ संस्थाओं को 50.80 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।
क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सम्मान राशि
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की विजेता भारतीय महिला टीम की सदस्य प्रदेश की सुश्री क्रांति गौड़ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है।
वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने का लक्ष्य
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हैं, जहाँ 1300 से अधिक खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होने बताया कि भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग 985 करोड़ रुपये की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। प्रदेश में 20 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी सिंथेटिक टर्फ, 10 सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तथा 120 से अधिक स्टेडियम एवं खेल परिसर विकसित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाना है।
खेल विभाग के नवाचार
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने हेतु ‘मेरा युवा मध्यप्रदेश’ पोर्टल को सशक्त किया जा रहा है, जिस पर विभिन्न विभागों की युवा केंद्रित योजनाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तथा युवाओं में खेलों के प्रति रुचि एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान (MPYP) के अंतर्गत प्रदेश के सफल, सक्षम एवं प्रेरणादायी युवाओं को समाज के लिए मार्गदर्शक (मेंटोर) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
खेल विभाग की आगामी कार्ययोजना
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा लागू कर प्रतिवर्ष 10 सब-इंस्पेक्टर एवं 50 कांस्टेबल की नियुक्ति का प्रावधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री खेल अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध रूप से इंडोर हॉल एवं आधुनिक खेल परिसरों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने हेतु विदेश भेजा जा रहा है तथा विदेशी प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। 20वें एशियाई खेल 2026 तथा संभावित ओलम्पिक 2036 की तैयारियों के तहत विशेष प्रशिक्षण शिविर, टैलेंट सर्च कार्यक्रम, नई खेल अकादमियों एवं जिलावार फीडर सेंटर्स की स्थापना की जा रही है।
देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी खेल संघ मिलकर करेंगे यूथ गेम्स
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि देश में पहली बार सभी खेल विभाग और मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन करेंगे। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि यूथ गेम्स में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य टीम के चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इसमें पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को भी शामिल किया गया है।
देश में पहली बार स्किल एन्हेंसमेंट प्रोग्राम की शुरुआत
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'मन की बात' में उल्लेख के बाद शहडोल के 'मिनी ब्राजील' विचारपुर गाँव के फुटबॉल खिलाड़ियों को जर्मनी के FC Ingolstadt 04 क्लब में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों और प्रतिस्पर्धी अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से देश में पहली बार स्किल एन्हेंसमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत जहां प्रदेश के खिलाड़ियों को विदेशों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, वहीं विदेशी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मध्यप्रदेश की खेल अधोसंरचना, अकादमियों और खेल सुविधाओं से अवगत कराया जाएगा, जिससे आपसी अनुभव साझा कर प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।
हर विधानसभा में खेल परिसर
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा शक्ति मिशन के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक एवं बहुउद्देशीय खेल परिसरों के निर्माण को सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन खेल परिसरों में विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, खिलाड़ियों के लिए अभ्यास एवं प्रतियोगिता के उपयुक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत आधार प्राप्त होगा।
स्पोर्ट्स टूरिज्म से बढ़ेगा जीडीपी में योगदान
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और जीडीपी में उल्लेखनीय योगदान बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि खेल आयोजनों, प्रशिक्षण शिविरों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यटकों की आवक बढ़ेगी, जिससे होटल, परिवहन, स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही खेल अधोसंरचना के विकास से निवेश आकर्षित होगा और मध्यप्रदेश को खेल एवं पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी।
सहकार से समृद्धि की दिशा में निरंतर अग्रसर प्रदेश
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 34.42 लाख किसानों को 21,493 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 1,550 करोड़ रुपये अधिक है। वर्ष 2025-26 हेतु राज्य शासन द्वारा 694 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नवीन पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों के गठन और पैक्स के कम्प्यूटरीकरण से किसानों को पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नवीन PACS, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी संस्थाओं का गठन
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि सहकार से समृद्धि अभियान के अंतर्गत 656 नवीन PACS, 758 दुग्ध एवं 203 मत्स्य सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया। नवीन संस्थाओं को भूमि, कार्यालय, गोदाम और प्रबंधकीय सहायता प्रदान कर सहकारी नेटवर्क को मजबूत किया गया है। प्रदेश देश में अग्रणी बनाते हुए 4536 PACS का कम्प्यूटरीकरण किया गया है। ई-PACS के माध्यम से किसानों को ऑनलाइन सेवाएं और SMS के जरिए लेन-देन की सूचना उपलब्ध कराई जा रही है।
कमजोर जिला सहकारी बैंकों का सुदृढ़ीकरण
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि 38 में से 15 जिला सहकारी बैंकों के कमजोर होने के कारण किसानों को ऋण वितरण में कठिनाई थी। राज्य सरकार ने प्रथम चरण में 6 जिला बैंकों को 300 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की, जिससे ऋण वितरण दोगुना होकर 600 करोड़ रुपये से अधिक हुआ। उन्होंने बताया कि 4518 PACS के माध्यम से PMKSK अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 24.66 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया। Rupay KCC कार्ड एवं माइक्रो एटीएम से वस्तु ऋण की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।
सहकारिता में नवाचार और रोजगार सृजन
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि ‘एमपी चीता’ सहकारी बीज ब्रांड की शुरुआत, CPPP मॉडल के माध्यम से निजी निवेश और सहकारी क्षेत्र का समन्वय तथा दुग्ध उत्पादन में NDDB के साथ सहयोग से किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। दुग्ध उत्पादकों को बेहतर मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि GIS-2025 में CPPP मॉडल प्रारंभ कर सहकारी समितियों को निजी निवेश से जोड़ा गया। धान, नेपियर घास सहित विभिन्न फसलों में व्यावसायिक भागीदारी प्रारंभ की गई है।
IBPS के माध्यम से भर्ती
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन हेतु मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। IBPS के माध्यम से PACS, जिला सहकारी बैंकों एवं अपेक्स बैंक में हजारों पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत 5,200 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण कर सहकारी कर्मचारियों को आधुनिक बैंकिंग, डिजिटल प्रणाली और प्रबंधन कौशल में दक्ष बनाया गया है।
डेयरी विकास: पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में NDDB के सहयोग से 2,200 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों को सक्रिय किया गया है। दुग्ध संग्रह, गुणवत्ता परीक्षण और विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने बताया कि दूध के खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि से पशुपालकों की आय में सीधा लाभ हुआ है। इंदौर में मिल्क पाउडर प्लांट के शुभारंभ से प्रदेश की डेयरी क्षमता को नई मजबूती मिली है।
युवा सहभागिता एवं रोजगारोन्मुख सहकारिता
मंत्री श्री सारंग ने आगामी कार्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वर्षों में सहकारिता के विस्तार हेतु ग्रामीण क्षेत्रों की प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में युवाओं की सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग से छोटे उद्योग, खेल, पर्यटन और व्यायाम आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डिफॉल्टर किसानों के लिये लायेंगे ओटीएस की योजना
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने हेतु ऑनलाइन केसीसी आवेदन, एकीकृत साख सीमा तथा नकद-वस्तु ऋण की बाध्यता समाप्त करने जैसे सुधार प्रस्तावित हैं। सभी PACS में ई-PACS के माध्यम से ऑनलाइन सेवाएं और SMS सूचना अनिवार्य की जाएगी। उन्होने बताया कि कमजोर जिला सहकारी बैंकों को आर्थिक सहायता देकर 0% ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। डिफॉल्टर किसानों को मुख्यधारा में लाने हेतु एकमुश्त समझौता योजना तथा आर्थिक अनियमितताओं से प्रभावित किसानों को जांच अवधि में राहत देने की व्यवस्था हेतु न्याय योजना प्रस्तावित है।
सीपीपीपी मॉडल का करेंगे विस्तार
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 के अनुरूप राज्य की सहकारिता नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। जनवरी 2026 में IBPS के माध्यम से 2000 से अधिक पदों पर भर्ती एवं सतत प्रशिक्षण की योजना है। उन्होंने कहा कि CPPP मॉडल के विस्तार से सहकारिता में निजी निवेश और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 अंतर्गत उत्कृष्ट संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाएगा तथा जिला सहकारी बैंकों में NEFT/RTGS, QR कोड एवं इंटरनेट बैंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं लागू की जाएंगी।
धार में पीपीपी मोड पर आकार लेगा देश का पहला मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
23 Dec, 2025 05:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए देह दानियों और उनके परिवारों को गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज धार जिले को 626 करोड़ रूपए की लागत के कुल 93 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इसके अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय, छात्रावासों, गर्ल्स स्टेडियम, विभिन्न सड़कों, विधि महाविद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि का लोकार्पण शामिल है। धार में 15 करोड़ की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमिपूजन हो रहा है। धार-मनावर-गंधवानी और कुक्षी में 104 करोड़ रूपए कील लागत से कुल 26 बालक-बालिका छात्रावासों का भूमिपूजन भी आज किया जा रहा है। धार जिला विकास की राह पर निरंतर अग्रसर है। इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए 18 हजार 36 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। धार के सभी गांवों तक माँ नर्मदा के जल से सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। इन गतिविधियों से निश्चित ही धार के विकास को पंख लगेंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि अब देश में क्यूरेटिव से पहले प्रिवेंटिव क्योर पर जोर दिया जा रहा है, यानी बीमारी से पहले रोकथाम और जीवनशैली में बदलाव पर ध्यान दिया जा रहा है। होलिस्टिक मेडिसिन के लिए देश में 1 लाख 81 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।
केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि देश में 2014 में 387 मेडिकल कॉलेज और 51 हजार एमबीबीएस सीटें थीं, आज 819 मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस के लिए 1 लाख 29 हजार सीटें हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2030 से पहले 75 हजार सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश में अगले महीने कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी भूमि-पूजन किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने विवेकानंद नॉलेज फाउंडेशन की पदाधिकारी श्रीमती सुनीता कपूर और सुश्री श्रुति कपूर को को पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आरंभ करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार फाउंडेशन की इस नवाचारी पहल के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज खुलने से गांव-गांव में डॉक्टर पहुंचेंगे। यहां से निकलने वाले पीजी डॉक्टर भी मध्यप्रदेश की सेवा में लग जाएंगे। हम सत्ता को भोगने के लिए नहीं, सेवा करने के लिए आए हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि पीएम मित्र पार्क के माध्यम से धार के कपास उत्पादकों को सौगात मिली है। मध्यप्रदेश सरकार ने एयर एंबुलेंस की सुविधा देश में सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में शुरू की है। राज्य में संवेदनशील सरकार है, मुश्किल समय में लोगों को शव वाहन उपलब्ध कराएं जा रहे हैं।
वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज धार की धरती से प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनने से हर गरीब और जरूरतमंद को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। राज्य सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री एवं धार जिले के प्रभारी श्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, केंद्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता श्री विक्रम वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जन भागीदारी संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे पी नड्डा, मध्य प्रदेश के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह ने महाकाल मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल का पूजन दर्शन कर अभिषेक किया और देश की जनता की समृद्धि की कामना की।
23 Dec, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीएम यादव और केंद्रीय मंत्री नड्डा सोमवार रात एक कार्यक्रम मे उज्जैन पहुंचे थे. इसके बाद मंगलवार सुबह वह प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह के साथ मंदिर पहुंचे। सीएम यादव और केंद्रीय मंत्री नड्डा मंदिर में धोती सोला पहनकर गर्भगृह में गए और षोडशोपचार पूजन किया। फिर नंदी हाल में बैठकर बाबा की आराधना की और देश की जनता के सुख, शांति, उन्नति की कामना भी की। सीएम यादव ने नड्डा और महेंद्र सिंह का सम्मान किया। इस मौके पर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौजूद थे। इस इस मौके पर महाकालेश्वर बैंड अपनी प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश IAS एसोसिएशन सर्विस मीट 2025 का शुभारंभ किया
19 Dec, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल में आईएएस अधिकारियों की वार्षिक सर्विस मीट का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। तीन दिनों तक चलने वाली इस सर्विस मीट में प्रदेशभर से आईएएस अधिकारी अपने परिवार के साथ शामिल हुए। सर्विस मीट का उद्देश्य अधिकारियों के बीच आपसी संवाद, टीम भावना और सौहार्द को बढ़ाना है। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम और वभिन्न गतिविधियां होंगी जिनमें अधिकारी अपने परिवार के साथ भाग लेंगे। इस बार सर्विस मीट को और अधिक रोचक बनाने के लिए अधिकारियों को चार हाउस में विभाजित किया गया है। अलग-अलग प्रतियोगिताओं के माध्यम से चार कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे। इससे अधिकारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक संध्याएं, सामूहिक गतिविधियां और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच अधिकारियों को आपसी जुड़ाव का अवसर देना है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्विस मीट को लेकर सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा हर वर्ष होने वाली इस सर्विस मीट के लिए सभी को शुभकामनाएं। मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी पूरे देश में अपनी कार्यशैली और नवाचारों के लिए जाने जाते हैं। जो अधिकारी एक बार मध्यप्रदेश आ जाता है, वह मध्यप्रदेश का होकर ही रह जाता है।”मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और टीम भावना को भी मजबूत करते हैं।आईएएस सर्विस मीट न केवल मनोरंजन और प्रतिस्पर्धा का मंच है, बल्कि यह अनुभवों के आदान-प्रदान, नवाचारों की साझेदारी और बेहतर प्रशासन की दिशा में संवाद का भी महत्वपूर्ण अवसर है। भोपाल में आयोजित यह सर्विस मीट प्रदेश की प्रशासनिक संस्कृति को और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बैतूल में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए विधायकगण ने माना आभार
19 Dec, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल के साथ बैतूल जिले के विधायकगणों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंटकर जिले में मेडिकल कॉलेज समेत क्षेत्र के विकास और जनजातीय वर्ग के उत्थान में विभिन्न कल्याणकारी सौगात प्रदान करने के लिए क्षेत्र के नागरिकों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान विधायक श्री महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ योगेश पंडाग्रे, श्री चंद्रशेखर देशमुख एवं श्रीमती गंगाबाई उइके उपस्थित रहीं।
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