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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया सम्मानित
28 Jan, 2026 07:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएमश्री विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे।
सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता श्रीमती कोकिला सेन, श्री बद्री प्रसाद तिवारी, श्री बृजमोहन आचार्य, श्री देवकृष्ण व्यास, श्री किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। श्रीमती कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह श्री बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।
कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया।
हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।
विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।
कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : शिक्षा मंत्री श्री सिंह
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है। नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में ही प्रदेश को 200 नये सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। देश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। राज्य सरकार इस नीति के पालन के लिए व्यवस्थाओं में कोई कसर नहीं रख रही है। शिक्षा नीति के समुचित क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शिक्षकों की ही है।
अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संगठन मंत्री श्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षक बच्चों के रूप में भविष्य गढ़ते हैं। हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान अभियान से संगठन के 14 लाख से अधिक शिक्षक नई शिक्षा नीति के अनुसार अध्यापन कार्य कर रहे हैं। शिक्षक के लिए कोई अमीर, कोई गरीब नहीं होता है, वे सभी विद्यार्थियों को एक समान दृष्टि से देखते हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित शिक्षक वेतन-भत्तों के लिए काम नहीं करता है, बल्कि बच्चों को पढ़ाने के साथ समाज में मौजूद समस्याओं का समाधान भी देता है।
म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के अभिनंदन पत्र (प्रशस्ति)का वाचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगारोन्मुखी और नवाचारी शिक्षा प्रणाली के प्रसार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देकर मान-सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों केलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कई पुरस्कार मिले हैं।
म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री श्री हिम्मत सिंह जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। जहां बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। राज्य सरकार ने शासकीय शिक्षकों को समयमान वेतनमान की सौगात दी है। इसके लिए शिक्षक संघ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन करता है। भारतीय जीवन मूल्यों को विकसित करने के लिए हमारे संगठन ने प्रदेश स्तर पर स्कूलों में अभियान शुरू किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने नेताजी की प्रतिमा का किया अनावरण और शताब्दी स्तम्भ का लोकार्पण किया
23 Jan, 2026 05:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सिद्धी बाला बोस लायब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने सिटी बंगाली क्लब में शताब्दी स्तंभ का लोकार्पण भी किया और कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह अन्य अतिथि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी ने 100 गौरवशाली वर्षों की स्मृतियों को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस एसोसिएशन ने बंगाली समाज और जबलपुर की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षण प्रदान किया है। सिटी बंगाली क्लब में स्वयं नेताजी का आना इस क्षेत्र के लिए गौरवशाली क्षण रहा। सिटी बंगाली क्लब ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। राज्य सरकार, स्कूल एवं उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए सदैव क्लब के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि में बंगाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बंकिमचंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम् की रचना कर देशवासियों को एक सूत्र में पिरोया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 का कलंक मिटा और आज जम्मू-कश्मीर भारत का मोर मुकुट बन रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रकृति में बसंत का मौसम, ऋतुओं का राजा है। उन्होंने शुक्रवार को बसंत पंचमी की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन कर कहा कि नेताजी ने आजाद हिंद फौज के माध्यम से भारत की आजादी में अहम भूमिका निभाई। 'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का नारा देकर उन्होंने जनसामान्य को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा।
केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं रसायन मंत्री श्री जेपी नड्डा ने बसंती पंचमी की बधाई के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन कर कहा कि नेताजी वर्ष 1939 में जबलपुर आए थे। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी भी सिटी बंगाली क्लब से जुड़े थे। हमें बंगाल और उसके के गर्व को कभी भूलना नहीं चाहिए। देश की आजादी में बंगाल की अहम भूमिका रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वंते मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद में विशेष चर्चा करवाई। राष्ट्रगान जन गण मन को भी पूर्ण सम्मान दिया जा रहा है। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की गई है। बंगाली भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया है। यूनेस्को में दुर्गा पूजा को शामिल कराया गया है। गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर के शांति निकेतन को भी यूनेस्को ने विश्व धरोहर के तौर पर मान्यता दी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह की नीतियों से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म हुई और देश के हर क्षेत्र में अब एक ही विधान है। मध्यप्रदेश में बंगाली समाज पूर्णत: सुरक्षित है।
शताब्दी वर्ष समापन समारोह में जानकारी दी गई कि सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन (सिटी बंगाली क्लब) को प्रदेश में बंगाली समाज की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी संस्था होने का गौरव प्राप्त है। यह प्रदेश की एकमात्र बांग्ला लाइब्रेरी है। इसकी स्थापना वर्ष 1925 में जबलपुर नगर निगम के पहले अध्यक्ष राय बहादुर श्री प्रभात चंद्र बोस और उनके साथियों ने की थी। राय बहादुर श्री प्रभात चंद्र बोस ने अपनी धर्मपत्नी के सम्मान में लाइब्रेरी की स्थापना की थी। बांग्ला संस्कृति-परंपरा, कला, साहित्य और भाषा के संवर्धन के साथ-साथ यह क्लब कन्या शिक्षा के मार्ग पर भी अग्रसर है। संस्था द्वारा 95 वर्षों से गर्ल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू
22 Jan, 2026 06:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी श्री अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष श्री सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यांचल उत्सव-2026 में शामिल हुए, दिल्ली विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश के छात्रों को किया संबोधित
19 Jan, 2026 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकरलाल सभागार में मध्यप्रदेश के अध्ययनरत छात्रों के संगठन मध्यांयल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित मध्यांचल उत्सव-2026 का शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार होती दिखाई दे रही है। प्रत्येक वैश्विक मंच पर भारत ने अपनी साख स्थापित की है और प्रधानमंत्री श्री मोदी विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। भारत आज विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो विश्व का सबसे युवा लोकतांत्रिक देश है और प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रभावी रूप से इस युवा लोकतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए युवा संगठित होकर दिल्ली में अध्ययन कर रहे हैं, यह प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इतने बड़ी संख्या में प्रदेश के युवाओं से हुई भेंट ने उनकी दिल्ली यात्रा को सार्थक बना दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल है और राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ है। युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनें। युवा, कृषि-टेक्नोलॉजी एवं चिकित्सा जैसे सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित विश्व स्तर पर हो रहे सभी नवाचारों में दक्ष हो और देश और प्रदेश को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें, यही हमारा लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हुई है। आगामी 5 वर्षों में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के तहत अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे। सरकार का लक्ष्य नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के माध्यम से राज्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना है। उन्होंने बताया राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने पर प्रतिमाह 5 हजार प्रति श्रमिक के लिए सरकार द्वारा सहयोग राशि दी जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि युवाओं को सहयोग देने के विशेष प्रावधान राज्य सरकार की नीतियों में किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस स्टेट है और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसकी दर मात्र 2 रुपये 10 पैसे है, जो कि देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कह मेट्रो मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। राज्य में माइनिंग सेक्टर में तेजी से कार्य हो रहा है और जैव विविधता के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। भोपाल के बड़े तालाब में शिकारे चलाए जा रहे हैं और फिल्म व पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों व युवाओं को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यांचल छात्र संगठन को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी छात्र इसी प्रकार संगठित होकर सकारात्मक कार्य करते हुए प्रदेश व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते रहें।
मध्यांचल उत्सव को संबोधित करते हुए श्री श्याम टेलर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की प्रगति की गति दोगुनी हुई है। मां नर्मदा का प्रवाह और बाबा महाकाल मध्यप्रदेश की पहचान हैं। दिल्ली में अध्ययनरत युवाओं द्वारा प्रदेश की कला-साहित्य-शालीनता और सभ्यता के संगम के रूप में आयोजित मध्यांचल उत्सव का आयोजन सराहनीय पहल है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने कभी भी अलगाव के विचार से कार्य नहीं किया। सदैव सहयोगात्मक व्यवहार ही उनकी पहचान रहा। कार्यक्रम को राजनिति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री रेखा सक्सेना और दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चर कॉउंसिल के संचालक श्री अनूप लाखर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिल्ली में अध्ययनरत छात्र उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का किया शुभारंभ
15 Jan, 2026 05:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक श्री आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है।
स्पेस टेक नीति - अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नवाचार और कौशल विकास के लिए हुए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव श्री जैन
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग, स्किलिंग व री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज आधारित होगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को भारत की वैश्विक पहचान बताया। मध्यप्रदेश में समग्र आईडी जैसी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित और परिवार-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि ऐसे मंच नवाचार और सहयोग को नई दिशा देते हैं। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य ने बनाये 4 प्रमुख स्तंभ : एसीएस श्री दुबे
अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने “AI for People, Planet, and Progress” के सिद्धांत पर आधारित एक स्पष्ट और दीर्घकालिक एआई रोडमैप तैयार किया है। राज्य का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब प्रयोगात्मक तकनीक नहीं, बल्कि शासन की एक मुख्य क्षमता बन चुकी है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य 4 प्रमुख सक्षम स्तंभों—अवसंरचना, डेटा, प्रतिभा और रणनीति को सुदृढ़ कर रहा है।
एसीएस श्री दुबे ने कहा कि अवसंरचना के अंतर्गत GPU-सक्षम कंप्यूट संसाधनों, सुरक्षित व स्केलेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म और साझा राज्य-स्तरीय एआई इन्फ्रॉस्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है, जिससे सरकार के साथ स्टार्ट-अप, उद्योग और एमएसएमई भी इसका लाभ उठा सकें। डेटा के क्षेत्र में प्रशासनिक, सेक्टोरल और जियोस्पेशियल डेटा को एकीकृत कर एनालिटिक्स के लिए उपयोग किया जा रहा है, जिससे उच्च गुणवत्ता, भरोसेमंद और इंटरऑपरेबल डेटा सेट उपलब्ध हों। प्रतिभा विकास पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों, फील्ड स्टॉफ और छात्रों को एआई, डेटा साइंस और गवर्नेंस में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
एसीएस श्री दुबे ने कहा कि रणनीति मिशन-आधारित, जिम्मेदार और नैतिक एआई पर केंद्रित है, जिसमें ह्यूमन-इन-द-लूप, पारदर्शिता और पुन: उपयोग योग्य समाधानों को प्राथमिकता दी गई है। आगे की दिशा में राज्य का 5 वर्षीय एआई विज़न एआई को एक परियोजना नहीं, बल्कि संस्थागत गवर्नेंस क्षमता के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित है। मध्यप्रदेश को जिम्मेदार एआई के लिए एक लाइव टेस्टबेड के रूप में प्रस्तुत करते हुए, स्टार्ट-अप, उद्योग और अकादमिक संस्थानों के साथ सहयोग के लिए खुला आमंत्रण दिया गया है, जिससे ऐसी एआई विकसित हो जो लोगों की सेवा करे, पर्यावरण की रक्षा करे और विकास को गति दे।
भारत के युवा, दुनिया की शीर्ष कंपनियों को कर रहे लीड : सीईओ इंडिया एआई श्री सिंह
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि हमारे देश के युवा, दुनिया की शीर्ष कंपनियों को लीड करते हैं। देश में एआई के क्रियान्वयन में भारत अभी तीसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में क्रियान्वित हो रहा भारत का एआई मिशन 7 प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। भारत सरकार ने एआई डेटा सेट्स तैयार किए हैं। अनुवाद के लिए पोर्टल "भाषिणी" विकसित किया गया है। हम चैट जीपीटी के जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जिसे नेशनल एआई समिट से पहले फरवरी में लॉन्च किया जाएगा। स्किल्ड यूथ तैयार करने के लिए एआई से संबंधित रिसर्च फैलोशिप शुरू की गई है। देश में एआई डेटा लैब्स बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में इस प्रकार के 30 एआई डेटा लैब्स तैयार किए जाने हैं। यहां से लाखों युवाओं के डेटा एनालिस्ट के लिए प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर जैसे शहरों में स्टार्ट-अप की संख्या तेजी से बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने 58 सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाने का निर्णय लिया है, जो इन्क्यूबेशन सेंटर की तरह कार्य करेंगे। उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ में स्किल के हिसाब से एआई मॉडल डिप्लॉयमेंट की अपार संभावनाएं हैं। हम राज्य सरकार के साथ मिलकर एआई की संभावनाओं पर कार्य करेंगे।
मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का हुआ शुभारंभ
कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का शुभारंभ किया गया, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शोकेस शामिल रहे। एमपी पेवेलियन में प्रदेश सरकार की एआई आधारित नवाचार पहलें प्रदर्शित की गईं, जिनका उद्देश्य शासन को अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना है। राजस्व विभाग द्वारा SAARA-DCS ऐप में एआई के उपयोग से फसल छवियों की वास्तविक समय गुणवत्ता जाँच की जा रही है, वहीं मनरेगा के अंतर्गत एआई-चलित जिला प्रदर्शन रिपोर्ट प्रणाली से डेटा-आधारित निर्णय संभव हो रहे हैं। कृषि विभाग की AGRIGIS प्रणाली फसल पूर्वानुमान, फसल स्वास्थ्य निगरानी और बीमा दावा निपटान को सशक्त बना रही है। श्रम विभाग की एआई-सक्षम एलसीएमएस प्रणाली केस प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रियाओं को स्वचालित कर रही है, जबकि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण, जांच दक्षता और नागरिक सुरक्षा को मजबूती प्रदान की जा रही है। एमपी पेवेलियन ने मध्यप्रदेश को भविष्य-तैयार, डेटा-संचालित और नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया।
इंडिया पेवेलियन में भारत के एआई इको सिस्टम की क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया जहाँ देशभर के एआई स्टार्ट-अप एवं प्रमुख राष्ट्रीय एआई परियोजनाओं की प्रस्तुति दी गई। इस पेवेलियन ने नवाचार, अनुसंधान, स्टार्ट-अप संस्कृति और एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के माध्यम से भारत को एक उभरती हुई वैश्विक एआई शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।
कौशल रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक एआई जागरूकता
कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम पर केन्द्रित वीडियो का प्रदर्शन किया गया। इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार एआई साक्षरता को देश के कार्यबल और नागरिकों के लिए एक मूलभूत जीवन कौशल के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। भारत सरकार ने प्रत्येक नागरिक को एआई साक्षर बनाने और उन्हें आवश्यक तकनीकी कौशल से सशक्त करने के उद्देश्य से युवा एआई फॉर आल राष्ट्रीय अभियान प्रारंभ किया है।
एआई साक्षरता मिशन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक मूलभूत कौशल के रूप में विकसित किया जाएगा। मोबाइल एआई कंप्यूटर लैब (कौशल रथ) के माध्यम से यह पहल सरकारी स्कूलों , कॉलेजों, आईटीआई, शिक्षकों और शासकीय अधिकारियों तक एआई जागरूकता एवं प्रारंभिक प्रशिक्षण पहुँचाकर, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल अंतर को कम करेगी। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और एनईपी-2020 के अनुरूप यह मिशन युवाओं को एआई-सक्षम कैरियर के लिए तैयार करने, नैतिक एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को बढ़ावा देने और एआई-आधारित शासन को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है। दीर्घकाल में इसका उद्देश्य एक एआई-तैयार मध्यप्रदेश का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया श्री महाकाल महोत्सव का भव्य शुभारंभ - महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल का किया शुभारंभ
15 Jan, 2026 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मकर संक्रांति की पावन संध्या पर उज्जैन में 'श्री महाकाल महोत्सव' का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में सावन महोत्सव 2003 के बाद शुरू किया गया। अब शिवरात्रि से लेकर गुड़ी पड़वा तक उज्जैन में मेला आयोजित हो रहे हैं। उज्जैन में आयोजित विविध कार्यक्रमों और मेलों के माध्यम से पर्यटनों को इतिहास और संस्कृत से जोड़ रहे है और सभी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और ग्वालियर में आयोजित व्यापार मेले में वाहनों में कर की छूट भी सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। इस परम्परा को ओर समृद्ध बनाकर अब भोपाल के साथ उज्जैन में भी 5 दिवसीय वन मेला दशहरा मैदान पर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न वन उत्पाद नागरिक प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संगीत की समृद्ध परंपरा में डमरू सबसे पहला वाद्य यंत्र है। संगीत की समृद्ध परंपरा में अन्य यंत्र इसके बाद बने है। शंकर महादेवन द्वारा दी जाने वाली डमरू वाद्य यंत्र पर प्रस्तुति अद्भुत होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही जिले को इंदौर उज्जैन सिक्स लेन, हरिफटक पुल सिक्स लेन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि की सौगात मिलेगी। साथ ही जिले में अन्य विकास के कार्य भी किए जा रहे है। जिले में 25 जनवरी को राहगीरी का आनंद उत्सव भी आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in का शुभारंभ किया। साथ ही 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के दानदाताओं के लिए वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/bhaktniwas का भी शुभारंभ किया। श्री महाकाल महोत्सव में पार्श्व गायक श्री शंकर महादेवन की आकर्षक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. में राष्ट्रीय परियोजनाओं की प्रगति की दी जानकारी
15 Jan, 2026 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों मीडिया प्रतिनिधियों से साझा की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व एवं केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को गति मिल रही है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत होने से देश में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। इस संस्थागत व्यवस्था से केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-निर्देश एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेंस से भी देश में दशकों से लम्बित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हुआ है। राजनैतिक आपाधापी के साथ, व्यवस्थाओं में हो रहे सुधार को समझना सभी के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश में 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अभी 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम "प्रगति" और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम तैयार हो चुका है जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास तीनों स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुनिया के सामने भारत सरकार की एक विशिष्ट छवि बनाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही दलों में मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सभी राज्यों का महत्व है। "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकार में ध्यान नहीं दिया गया, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे की 285 किलोमीटर लम्बी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिले की कनेक्टिविटी नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ गई है। अब जबलपुर से सीधे गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए ट्रेन उपलब्ध रहेगी। मध्यप्रदेश को 18.5 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी मिली है। इसका लाभ उज्जैन को भी मिलेगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। इसी दिशा में 'प्रगति पोर्टल' महत्वपूर्ण कदम है।" प्रगति की 50वीं बैठक 31 दिसम्बर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की पीएमजी एवं "प्रगति" पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढाँचा विकास परियोजना और नागरिक शिकायतों का तेजी से परिणामोन्मुख समाधान सुनिश्चित हुआ है। डिजिटल, इंटरैक्टिव एवं जवाबदेही आधारित प्रगति प्लेटफॉर्म से "नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान" का भाव सार्थक हुआ है।
मुख्य सचिव श्री जैन ने मध्यप्रदेश में जारी केंद्रीय परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 209 परियोजाएं पीएमजी पोर्टल की निगरानी में हैं। इसमें प्रमुख रूप से ऊर्जा, परिवहन, दूरसंचार, बिजली उत्पादन, सड़क और राजमार्ग, रेलवे, कोयला, तेल और गैस, मेट्रो रेल, नवकरणीय ऊर्जा एवं शहरी अवसंरचना की परियोजनाएं शामिल हैं। पीएमजी समीक्षा में सामने आए केंद्रीय परियोजनाओं के संबंधित 322 मुद्दों में से राज्य सरकार ने 312 का समाधान किया। इसी प्रकार 'प्रगति पोर्टल' के माध्यम से 39 परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का समाधान किया गया। राज्य सरकार ने पीएमजी और प्रगति दोनों की समीक्षा में 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया।
मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर दक्षता और गति के नए मानक स्थापित किए हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश का औसत बेहतर रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं का प्रभुत्व है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं में कार्य हो रहा है। परियोजनाओं और कार्यक्रमों की यह गति देश की प्रगति सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने इंदौर को दी 800 करोड़ से अधिक की सौगात
15 Jan, 2026 02:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को मंगलकानाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुँचाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। सरदार सरोवर बांध को पूर्ण कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश में आज 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है। उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) परियोजना राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी। केन–बेतवा नदी जोड़ो अभियान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और प्रत्येक शहर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर आगे बढ़ेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले जीवन दायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए।
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में नर्मदा के जल आंदोलन तथा नर्मदा के जल लाने की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इंदौर का ऐतिहासिक जन-आंदोलन था। नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा जल नहीं आता, तो इंदौर आज जिस रूप में है, वह कभी नहीं बन पाता। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पहचान केवल विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से बनी है। देर रात तक शहर की सफाई में जुटने वाले सफाई कर्मी इंदौर की असली ताकत हैं। इंदौर की स्वच्छता पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह घरों से कचरा गाड़ियों में स्वयं नागरिकों द्वारा कचरा डालना इंदौर की जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नंबर वन था, इंदौर नंबर वन है और नंबर वन रहेगा। नर्मदा, स्वच्छता और जनता के स्वाभिमान से बनी इंदौर की आन-बान-शान को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसी संकल्प को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में साकार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल-आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपये की योजना को दूरदृष्टि के साथ 2400 करोड़ रुपये तक विस्तार दिया। यह निर्णय आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आज जिस परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है, यह केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M) भी शामिल है। इससे शहर को लंबे समय तक सुचारु, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। परियोजना पूर्ण होने पर इंदौर की वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति संभव होगी। यह परियोजना इंदौर को स्वच्छ, पर्याप्त और भरोसेमंद पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ जलूद एवं ग्राम भकलाय क्षेत्र में 1650 एम.एल.डी. क्षमता का नवीन इन्टेक वेल, 2235 एम.एम. व्यास की रॉ-वॉटर एवं क्लीयर-वॉटर पम्पिंग मेन का निर्माण, निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु 11 के.व्ही., 33 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. विद्युत सब-स्टेशन, उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 400 एम.एल.डी. क्षमता का आधुनिक जलशोधन संयंत्र तथा जल-दबाव संतुलन हेतु 12 एम.एल.डी. क्षमता का ब्रेक प्रेशर टैंक का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इंदौर ने संघर्ष, अनुशासन और जनभागीदारी से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर जनता के सहयोग से शहर निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया-ई-गवर्नेंस व्यवस्था को दिया विस्तार
13 Jan, 2026 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में ई-गवर्नेंस व्यवस्था को विस्तार देते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में टैबलेट लेकर पहुंचे। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया आरंभ करने के उद्देश्य से मंत्रीगण को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। साथ ही मंत्रि-परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लीकेशन का प्रस्तुतिकरण हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस पहल से पेपरलेस कार्य प्रक्रिया अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
संकल्प से समाधान अभियान में 16 विभागों की 91 योजनाओं/सेवाओं का पात्र व्यक्तियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि "संकल्प से समाधान अभियान" 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती 'युवा दिवस' से प्रारंभ किया गया है। यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च तक चलेगा। इस अभियान में शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया जाएगा। इसमें 16 विभागों की 91 योजनाएं/सेवाएं शामिल है। यह नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में साथ-साथ चलेगा। प्रथम चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आवेदन प्राप्त करने की कार्यवाही होगी। द्वितीय चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक प्रथम चरण में प्राप्त आवेदन/शेष आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन होगा। तृतीय चरण में 16 मार्च से 26 मार्च 2026 तक ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें अनिराकृत शेष आवेदन और शिकायतों का निराकरण होगा। चतुर्थ चरण 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर आवेदन एवं शिकायत का निराकरण होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर एवं अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा इस अभियान को लीड किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार के जिलों में सतत् मॉनिटरिंग करनी है।
स्वच्छ जल अभियान की सघन मॉनिटरिंग की जाए सुनिश्चित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार सभी को शुद्ध पेयजल देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में 'स्वच्छ जल अभियान' आरंभ किया जा रहा है, जो दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और द्वितीय चरण एक मार्च से 31 मार्च के मध्य संचालित होगा। आम नागरिकों की पेयजल समस्या के लिये हर मंगलवार को जल सुनवाई की भी व्यवस्था रखी गई है। अभियान के तहत समस्त जल शोधन यंत्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई होगी, जिसकी निगरानी जीआईएस मैप आधारित एप से होगी। पेयजल संबंधी शिकायतों को 181 पर दर्ज करने की विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में इस अभियान की सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
मकर संक्रांति का दिन शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति की अग्रिम मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि मकर संक्रांति वह शुभ समय है जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। इस पावन अवसर पर 15 जनवरी को बाबई नर्मदापुरम से लाडली बहनों के खाते में जनवरी माह की 1500 रूपये की किश्त डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का दिन शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। यह त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियां लाये। हमारा प्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो, यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पतंग उड़ाने, रंगोली प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों से उत्साह और उमंग का संचार करने वाले इस त्यौहार पर चाइनीज मांझे के उपयोग के प्रति विशेष सतर्कता बरती जाए।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सनातन संस्कृति की निरंतरता का प्रतीक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 8 से 11 जनवरी 2026 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने का आहवान किया था। महमूद गजनी द्वारा 1026 ई. में सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया गया था, इस घटना के 1000 साल पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि यह उत्सव गौरव और सम्मान, गरिमा और ज्ञान, भव्यता और विरासत, अध्यात्म, सनातन, संस्कृति, निरंतरता और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी के तारतम्य में उन्होंने 10 जनवरी को विदिशा जिले के उदयपुर स्थित प्राचीन नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूर्जा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली व सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं। उज्जैन में श्री महाकाल महालोक और वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की भव्यता से संसार आलोकित हो रहा है। सोमनाथ मंदिर 1000 वर्ष के उतार-चढ़ाव के बावजूद आज भी अपनी भव्यता और गौरव के साथ खड़ा है। यह यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ को उसके वैभव में पुन: स्थापित करने के निरंतर सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।
कृषक कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के हित में कार्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 जनवरी को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। इस वर्ष डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जायेगा। तीस लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश का सिंचाई रकबा अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाने का लक्ष्य है। कृषक कल्याण वर्ष का कैलेंडर जारी किया गया है। वर्ष भर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित कुल मिला कर 16 विभाग किसानों के हित में कार्य करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
मध्यप्रदेश आयेंगे गेंडे, जंगली भैंसे और किंग कोबरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जंगली भैंसे, गेंडे एवं किंग कोबरा मध्यप्रदेश आयेंगे। उन्होंने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ वन्य जीवों के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की है। दोनों राज्यों के बीच में सहमति बनी कि असम से 50 जंगली भैंसे 3 समूहों में 3 साल में, गेंडे का जोड़ा और किंग कोबरा मध्यप्रदेश भेजे जायेंगे। गेंडे का जोड़ा भोपाल के वन विहार में रहेगा। मध्यप्रदेश इसके बदले में असम की मांग के अनुसार टाइगर, मगरमच्छ और गौर देगा। मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों की आबादी पिछले सौ वर्षों से भी अधिक समय पहले समाप्त हो चुकी थी। वर्तमान समय में देश में जंगली भैंसों की प्राकृतिक आबादी मुख्य रूप से असम राज्य तक सीमित रह गई है। इससे दोनों राज्यों की जैव विविधता और भी अधिक समृद्ध होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने असम प्रवास के दौरान गुवाहाटी के समीप स्थित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के केंद्र और 'सिल्क विलेज' के नाम से विख्यात सुआलकुची पहुँचकर रेशम उत्पादन की प्राचीन और पारंपरिक प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा। गुवाहाटी से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित सुआलकुची को 'पूर्व का मैनचेस्टर' कहा जाता है। इस गांव में विशिष्ट रेशम मूगा (सुनहरा), पैट (हाथीदांत जैसा सफेद) और एरी (हल्का बेज) का उत्पादन किया जाता है, जो असम की मूल पहचान है। प्रदेश में इसी क्रम में चंदेरी, महेश्वरी, बाघप्रिटिंग जैसी प्रदेश की प्राचीन हथकरघा कलाओं को अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हथकरघा क्षेत्र में प्रदेश की विशिष्ट पहचान बनाने में मदद मिलती है।
प्रदेश के 3100 से अधिक स्टार्ट-अप को महिलाएं कर रही हैं लीड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। मध्यप्रदेश में 6500 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप संचालित हो रहे हैं। इनमें से 3100 से अधिक स्टार्ट-अप को महिलाएं लीड कर रही हैं। भोपाल में गत दिवस म.प्र. स्टार्टअप समिट 2026 आयोजित किया गया। समिट के दौरान 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रूपए से अधिक प्रोत्साहन राशि तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रूपए से अधिक की ऋण राशि अंतरित की। विभिन्न सफल और विकासशील स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को सम्मानित किया। समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के साथ फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के साथ पंचवर्षीय एमओयू सहित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कार्वी स्टार्ट-अप लैब्स और स्टार्ट-अप मिडिल ईस्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "विकसित भारत जी-राम-जी योजना" के संबंध में कहा कि यह गरीबों, खेतीहर मजदूरों, किसानों सहित सभी वर्गों के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना से गांवों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।
मोहन कैबिनेट की बैठक, ग्रामीण सड़कों के लिए 10 हजार करोड़ मंजूर, कई योजनाओं को मिली हरी झंडी
13 Jan, 2026 07:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।
मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी।
मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद द्वारा जिला मऊगंज में हुई घटना में दिवंगत स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि दिये जाने की स्वीकृति दी गयी। उल्लेखनीय है कि दिवंगत स्व. गौतम के परिवार को 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि पूर्व में 1 अप्रैल 2025 को प्रदान की जा चुकी है। जिला मऊगंज थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को समुदाय के लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान समुदाय द्वारा पुलिस अमले पर हमला कर दिया था। हमले में श्री गौतम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कर्तव्य का पालन किया और वीर गति को प्राप्त हुए।
मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उपलब्ध विद्युत केवल दिन के समय उपलब्ध रहती है और इसकी उपलब्धता मौसम पर निर्भर करती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं से ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है, क्योंकि यह पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करती है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रिड स्थिरता की आवश्यकता, पीक-डिमांड प्रबंधन तथा विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना लागत 396 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिसमें 10 हजार 400 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 115 करोड़ 99 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, इसमें 3,100 कृषक परिवारों को लाभ होगा।
रायसेन जिले की बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 386 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक सस्थानों आदि संसाधनों एवं अनुकुल वातावरण के दृष्टिगत अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में म.प्र. स्पेसटेक नीति-2026" लागू की जाने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रदेश में आगामी 5 वर्ष में 1 हजार करोड़ का निवेश और लगभग 8 हजार का रोजगार सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रूपये आयेगा।
इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेसटेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण, और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी, जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी। नव प्रवर्तन और अनुसंधान अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र एवं इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित होगा, जिससे राज्य सरकार द्वारा एकीकृत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जा सकेगी। मध्यप्रदेश में स्पेसटेक नीति-2026 के क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश के माध्यम से नवीन रोजगार सृजित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए "मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण" को 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजनान्तर्गत मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति/सीवरेज / अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू होने से विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद समिति गठन की स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्यव्यापी ग्राम विकास पखवाड़े के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ-12 से 26 जनवरी तक मनेगा ग्राम विकास पखवाड़ा
12 Jan, 2026 04:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में 'ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान' के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हर तरफ विकास की बयार है। गांव-गांव तक सरकार की योजनाओं की जानकारी और विकास कार्यक्रमों का लाभ पहुंच रहा है। गांव और ग्रामीण ही देश के विकास की धुरी है। इनकी मजबूती में ही देश की मजबूती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनअभियान परिषद शासन और समाज के बीच एक सेतु की भूमिका में है। सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जनअभियान परिषद का योगदान नि:संदेह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सबके समन्वित प्रयासों से हम ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा 12 से 26 जनवरी तक प्रदेश में आयोजित किये जा रहे 'ग्राम विकास पखवाड़े' के 'राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम' का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस पखवाड़े में की जाने वाली गतिविधियों के बारे में परिषद द्वारा प्रदेश के 313 विकासखंडों से प्रत्येक विकासखंड से आये 2-2 युवाओं को दो दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती से इस ग्राम विकास पखवाड़े का आयोजन प्रदेश में नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि हम सबको अपनी ग्रामीण संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना है। हम सबको राष्ट्र विरोधी ताकतों से एकजुट होकर लड़ना होगा। यही राष्ट्र सेवा और समाज सेवा है। सबके सहयोग से ही हमारी भावना बलवति होगी, फलवती होगी। गांव के विकास में सरकार हर सहयोग करेगी। गांव-गांव तक विकास की बात पहुंचेगी तभी हमारा मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनअभियान परिषद् की नवांकुर संस्थाओं एवं प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से युवा साथी सरकार के विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचाएं। ये साथी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और अभिलाषाओं के अनुरूप विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाएं, जिससे प्रदेश के सभी नागरिक भी इस संकल्प को साकार करने में सरकार के सहयोगी बनें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान में ग्राम स्तर पर उत्सव, चौपाल, रैली, सामूहिक श्रमदान और परिवार सम्पर्क गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण एवं जल का संरक्षण, स्वदेशी एवं स्वावलंबन पर बल देकर जैविक कृषि एवं गौ-संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही शिक्षा संपन्न और संस्कारवान समाज,सामाजिक समरसता को बढ़ावा देकर नागरिक सेवा के भाव का विकास तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों का मैदानी अमला भी सक्रिय रूप से इस अभियान में सहभागिता करेगा।
वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि गांव ही हमारी आत्मा है और हमें मिलजुलकर इसे मजबूत बनाना है। स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय दर्शन को दुनिया तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत के विकास का सपना देखा है, हम सबको मिलजुलकर यह सपना पूरा करना है। सरकार सबके हित में काम कर रही है, उसे नीचे तक ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जन अभियान परिषद् सरकार का सहयोगी बनकर, सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यक्रमों को गांव-गांव तक लेकर जाएंगे और ग्राम विकास के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने मदद करेंगे।
जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर ने कहा कि शिक्षा ही समग्र विकास की धुरी है और हम इसी लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। हम ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बतायाकि इस अभियान के जरिए परिषद् की प्रस्फुटन समितियां, नवांकुर संस्थाएं, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सीएमसीएलडीपी) के सभी विद्यार्थी एवं परामर्शदाता, परिषद् से जुड़ी स्वैच्छिक संस्थाएं, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संगठनों द्वारा भी सहभागिता की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह ग्राम विकास पखवाड़ा प्रदेश की चुनिदां 13 हजार ग्राम पंचायतों में 12 जनवरी से एक साथ प्रारंभ हो गया है।
राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में प्रदेश भर में मनायी गया स्वामी विवेकानंद जी की जयंती
12 Jan, 2026 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रदेश भर में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनायी गयी। इस अवसर पर प्रदेश के सभी स्कूलों में सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम हुआ। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह सोमवार को नरसिंहपुर जिले के राजमार्ग स्थित राव रुक्मणीदेवी पब्लिक स्कूल में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए और विद्यार्थियों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार व योग किया। इस अवसर उपस्थित जनों ने स्वामी विवेकानंद के रिकॉर्डेड संदेश और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के रेडियो के माध्यम से प्रसारित किए गए संदेश का प्रसारण भी सुना।
मंत्री श्री सिंह ने विद्यार्थियों को योग के माध्यम से स्वस्थ्य रहने और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों को अपने महापुरुषों के विचारों से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक उनमें आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रप्रेम की भावना पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकती। राष्ट्रीय युवा दिवस बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने, उन्हें सही दिशा देने और जिम्मेदार नागरिक बनाने का अवसर है। इसलिए आज का दिन केवल मनाने का नहीं, बल्कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को बच्चों के जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन है। स्वामी विवेकानंद दुनिया के ऐसे युवा सन्यासी थे, जिन्होंने अल्पायु में ही अपने विचारों, चरित्र और ओजस्वी वाणी से विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में भारत की आध्यात्मिक परंपरा, वेदांत और मानवता का संदेश पहुंचाया। उन्होंने यह सिद्ध किया कि भारत केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और आत्मबल की भूमि है। मातृभाषा के सम्मान और भारतीय मूल्यों की दृढ़ता के साथ उन्होंने “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का अमर संदेश दिया।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं, जिनके नेतृत्व में देश में नवाचार हुए, आत्मनिर्भरता आयी और प्रगति के राह पर देश अग्रसर है। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है और युवा शक्ति को नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने योग को केवल भारत तक सीमित न रखते हुए, उसे संपूर्ण विश्व की जीवनशैली के रूप में स्थापित किया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत कर उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उस विचार को साकार किया, जिसमें शरीर, मन और आत्मा के समन्वय की बात कही गई थी। आज योग विश्वभर में भारत की सांस्कृतिक धरोहर और शांति संदेश का प्रतीक बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हर जिले में युवा दिवस का कार्यक्रम हुआ
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आज हम राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहे हैं, लेकिन यह केवल एक औपचारिक दिवस न होकर उसके महत्व और उद्देश्य की जानकारी बच्चों तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्रीय युवा दिवस क्यों मनाया जाता है और इसके पीछे स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचार और आदर्श क्या हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने किया सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम - सुभाष स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
12 Jan, 2026 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपने विचारों से राष्ट्र के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। वे एक महान चिंतक थे और केवल शरीर से बल्कि कर्म से भी युवा थे। उन्होंने कहा कि योग हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा है। सूर्य नमस्कार की यौगिक क्रियाएं हमारे संपूर्ण जीवन का निचोड़ है। यह केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि हमारे जीवन को सामान्यता से उत्कृष्टता की ओर लेकर जाने का बड़ा माध्यम है। हम रोजाना सूर्य नमस्कार में समाहित 12 योग क्रियाओं के जरिए ही अपने शरीर को निरोगी बनाकर सुखी रह सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सुभाष स्कूल के सभी बच्चों के साथ सूर्य नमस्कार के 12-12 क्रियाओं के तीन चक्र और प्राणायाम भी किया। उन्होंने कहा कि योग सदियों से हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य नारायण संपूर्ण सृष्टि को प्रकाश देकर ऊर्जा का संचार करते हैं। भारतीय संस्कृति के सभी पर्व एवं त्योहारों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ होती है, जो सूर्य नारायण की आराधना का प्रतीक है। सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है और शरीर ऊर्जा से सराबोर होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया कि वे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वयं को तैयार करें। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और नवनिर्माण करें। प्राचीन समृद्ध संस्कृति और विरासत का संरक्षण करें। स्वदेशी को प्रोत्साहित करें। अपने बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपने पाठ्यक्रम के अध्ययन तक ही सीमित न रहें, बल्कि जीवन की व्यवहारिकता से भी परिचित हों।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वाध्याय भी ज्ञान अर्जन का एक सशक्त माध्यम है। सभी को स्वाध्याय करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नशे की लत और जंक फूड से हमेशा के लिए दूरी बनाएं। जंक फूड शरीर को विकृति की ओर ले जाते हैं। इन्हें कम से कम खाएं। पेड़ लगाएं। प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा शारीरिक व्यायाम के लिए अवश्य निकालें। अपना कोई एक पसंदीदा खेल जरूर खेलें। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें। अपने व्यक्तित्व के साथ चरित्र का भी निर्माण करें। अपनी भावनाएं परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, हताशा से नहीं, हमेशा आशा से भरे रहें। आधुनिकतम तकनीक का पूरी समझ और संवेदनाओं के साथ उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैब कुटुम्बकम की परोपकारी भावना पर आधारित है। हम सब अपने जीवन के प्रत्येक पल को आनंद से जिएं। मानवता, समाज, प्रकृति और खुद के साथ दूसरों का जीवन बेहतर बनाने की भावना के साथ आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से 1000 साल पहले गजनी के महमूद ने भगवान सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण कर उसे नष्ट-भ्रष्ट करने का प्रयास किया था। हमें गर्व है कि भारतीय संस्कृति का यह जीवंत प्रतीक पूरे गौरव के साथ चट्टान की तरह आज भी खड़ा है।
सुभाष स्कूल में सुबह राष्ट्रगीत वंदेमातरम् गायन के साथ राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद जी द्वारा अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन का प्रसारण भी किया गया। तदुपरांत सभी ने एक समय में, एक संकेत पर, एक साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। इस कार्यक्रम का आकाशवाणी के सभी केन्द्र के जरिए प्रदेशभर के स्कूलों में सीधा प्रसारण किया गया। जिलों में भी योगधर्मियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने दिए गए मार्गदर्शन के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर पहली बार वर्ष 2007 में राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। तब से लगातार यह आयोजन हो रहा है।
भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, श्री रविंद्र यति, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक लोक शिक्षण श्री डी.एस. कुशवाहा सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती पर पालिटेक्निक चौराहे पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी जी अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान देने का काम किया। वे विज्ञान में स्नातक थे, परंतु अपने गुरू के प्रभाव में आने के बाद उन्होंने श्रीरामकृष्ण मिशन के जरिए समाज में जनचेतना जागृत करने का बीड़ा उठाया। इस पुनीत कार्य के लिए हम भारतवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आयोजित राज्य सैनिक रैली को किया वर्चुअली संबोधित
9 Jan, 2026 07:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में राज्य सैनिक रैली को भोपाल के राजकीय विमानतल से वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सैनिक केवल भारत की सीमाओं की रक्षा नहीं करते बल्कि देश के स्वाभिमान की भी रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जो वर्दी पहन कर देश के लिए खड़ा होता है, उसके सामने पूरा राष्ट्र नतमस्तक होता है। मातृभूमि के प्रति सैनिकों के प्रेम और समर्पण के कारण ही भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की सेवा में सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, सैनिकों के प्रति उनकी संवेदनाएं सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उन वीर सैनिकों जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किए, उनकी कमी तो पूरी नहीं की जी सकती, लेकिन ऐसे वीरों के परिवारों के साथ सरकार हर कदम पर खड़ी है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शहीद आश्रितों को पेंशन, वित्तीय सहायता, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएँ समय पर और सम्मानपूर्वक प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जहाँ भी आवश्यकता होगी, इन योजनाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि अब 10 हजार रूपए प्रतिमाह कर दी है। शहीदों की पुत्रियों और बहनों के विवाह पर 51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। युद्ध एवं सैन्य कार्रवाई में शहीद हुए सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रूपए की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों और उनकी पत्नियों की मासिक पेंशन राशि 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार प्रतिमाह की गई है, जो देश मे सर्वाधिक है। विभिन्न शौर्य एवं विशिष्ट सेवा अलंकरणों से नवाजे गए सैनिकों एवं उनके आश्रितों को राज्य शासन द्वारा सर्वाधिक सम्मान राशि दी जाती है। मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई। इन्हीं प्रयासों के परिणाम स्वरूप वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण निदेशालय को रक्षा मंत्री द्वारा "प्रोगेसिव स्टेट ट्रॉफी" से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, साथ ही सैनिक विश्राम गृहों के उन्नयन का कार्य भी जारी है। प्रदेश में रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसरों को विस्तारित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सैनिक रैली राष्ट्र गौरव और एकता की भावना को और सुदृढ़ करे, यही कामना है। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं।
मुख्यमंत्री ने किया सीधी जिले में 201 करोड़ रूपए के 209 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण
9 Jan, 2026 07:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सीधी जिले की सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के तहसील मुख्यालय बहरी में विभिन्न शासकीय विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उनमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सबके सहयोग से हम एक नया मध्यप्रदेश गढ़ने जा रहे हैं। विकसित मध्यप्रदेश के लिए गांव, गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, सभी को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाना जरूरी है और हम इसी दिशा में मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने देंगे। विकास की राह पर हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता का सरकार पर अटूट विश्वास ही हमें प्रदेश के समग्र विकास और कल्याण के लिए नई ऊर्जा और ताकत देता है। नए विकास कार्यों और नवरोजगार सृजन से हम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देने के लिए हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम बहरी से ही सीधी जिले के लिए 201 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त 11 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से एक बगिया माँ के नाम के अंतर्गत 505 कार्यों का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ 62 लाख रूपए के 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 68 करोड़ रूपए से अधिक की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण कर सीधी जिलेवासियों को कई निर्माण कार्यों की सौगातें दीं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहरी में नया कॉलेज खोलने की घोषणा की। यह कॉलेज अगले सत्र से ही प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम बहरी से चुरहट तक 129 करोड़ की लागत से 64.54 कि.मी. लंबे टू-लेन रोड निर्माण की भी घोषणा इस मौके पर की। उन्होंने सिंहावल और देवसर के महाविद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय की कक्षाएं प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने देवसर में वर्तमान में संचालित पार्ट टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट को अब फुल टाइम संचालित किए जाने की घोषणा की। साथ ही सीधी जिले की गोपद नदी पर 500 मीटर लंबा एक नया पुल तथा महान नदी पर रपटा बनवाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के कुछ स्कूलों को हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रोन्नत करने तथा कुछ गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहरी तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी जिले में सभी प्रकार के उद्योग-धंधे लगाए जाएंगे। पंजा दरी सीधी की पहचान है। सिंहावल ब्लॉक के क्लस्टर में पंजा दरी और कालीन बुनाई की विभिन्न इकाइयां हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सीधी की पंजा दरी को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रयासरत है, हम पंजा दरी को वैश्विक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारी निवेश आ रहा है। इससे पंजा दरी कला को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक 'संकल्प से समाधान अभियान-1' चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को सरकार की 106 प्रकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं/सेवाओं/सुविधाओं का घर-घर जाकर लाभ प्रदाय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन नदी के किनारे सीधी जिला सोने की नगरी के समान है। आज यहां 201 करोड़ की लागत से क्षेत्र के विकास के लिए लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किए गए हैं। इसमें सीधी जिले में नए जनपद भवन, ग्राम पंचायत भवन, बालक-बालिका छात्रावास जैसे विभिन्न निर्माण कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नारी सशक्तिकरण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह पूरा साल आरक्षित कर दिया है। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सालभर में 12 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। हमारी लाड़ली बहनों को हर महीने दी जा रही सहायता राशि लगातार बढ़ती जाएगी। अभी हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। इससे बहनें उद्यमी और आत्मनिर्भर बन रही हैं। घर का खर्च चलाने के साथ बच्चों के ट्यूशन फीस भी भर रही हैं। लाड़ली बहनों को सरकार ने लगभग 50 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। बहनों को रोजगार आधिरित उद्योगों में काम करने पर 5000 रुपए महीने का अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 2 सात में ही 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा दिया है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से अभी प्रदेश में 55 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा पहुंचा है। अगले 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य हमने रखा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन एवं दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है, जिसमें लाभार्थियों के लिए 40 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान है। राज्य सरकार श्रीअन्न की योजना के माध्यम से कोदो-कुटकी सहित सभी मोटे अनाज खरीदेगी और बोनस भी दिया जाएगा। भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य मिल रहा है। प्रदेश के किसानों को 2600 प्रति क्विंटल गेहूं का दाम मिला है। उन्होंने कहा कि सीधी प्रदेश का पहला जिला है, जिसे रीवा से सीधे कनेक्ट करने के लिए 6 लेन टनल बनाई गई है। रीवा-सतना में एयरपोर्ट तैयार हो चुका है। सिंगरौली में हवाई सेवा पहले ही उपलब्ध है। बहुत जल्द सीधी-सिंगरौली को भी नई रेल सुविधाएं मिलने जा रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। अब गरीब-जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल रहा है। आयुष्मान योजना के हितग्राहियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस उपलब्ध है। हमारी सरकार ने सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रुपए देने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसी सड़क दुर्घटना के घायल/घायलों को निकटतम अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराने पर ऐसे परोपकारियों को डेढ़ लाख रूपए तक का नि:शुल्क इलाज की सुविधा/योजना भी बहुत जल्द घोषित होने वाली है। उन्होंने कहा कि सीधी जिला प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव, नदियों का अद्भुत संगम है। यहां संजय टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य और सोन नदी के आकर्षक के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'विन्ध्य प्रगति पथ' से सीधी जिले की कनेक्टिविटी और भी बढ़ेगी। इस प्रगति पथ में भोपाल से सागर, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, सीधी से सिंगरौली तक एक नया फोर-लेन हाई-वे बनाया जाएगा। इससे रोजगार के अवसर और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीधी जिले में 10 आधुनिक सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। यह हमारी सफलता है कि अब माता-पिता प्रायवेट स्कूलों से नाम कटाकर अपने बच्चों को शासकीय सांदीपनि विद्यालय में दाखिल करा रहे हैं। हमारी सरकार ने स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी बसों से आवागमन करने की सौगात दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से 31 मार्च तक प्रदेश में 'संकल्प से समाधान महाअभियान-1' चलाया जाएगा। इसमें नागरिकों को राज्य सरकार की 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान पूरे प्रदेश की हर विधानसभा, ब्लॉक, तहसील, जिले, गांव-गांव और नगरों के वार्डों-मोहल्लों तक भी शासकीय अधिकारी पहुंचेंगे और पात्र हितग्राहियों को सभी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महाभियान के पहले चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी तक घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। तीसरे चरण में 16 से 26 मार्च तक ब्लॉक स्तर पर निराकरण से शेष रहे आवेदनों एवं शिकायतों/नये आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। चौथे चरण में 26 से 31 मार्च तक जिला स्तर पर शिविर लगाकर सभी अनिराकृत शेष आवेदनों एवं शिकायतों/नये आवेदनों का अंतिम निराकरण किया जायेगा।
सीधी-सिंगरौली के लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि आज सीधी में 133 करोड़ लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है। उन्होंने मांग रखी कि सीधी जिले को भी प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास यात्रा से जोड़ा जाए। क्षेत्र में महुआ की पैदावार अधिक है, इसलिए इससे जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए यहां ऐसे उद्योग-धंधे स्थापित किए जाएं।
सिंहावल विधायक श्री विश्वामित्र पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहावल क्षेत्र में विकास कार्यों को पूरा करने के लिए बीते 2 सालों में ही 4 करोड़ रूपए से अधिक धनराशि के विकास कार्यों की सौगात दी है। इस क्षेत्र में लाइम स्टोन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इससे संबंधित उद्योगों को आगे बढ़ाने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं से जुड़ी विभिन्न मांगे पूरा करने का अनुरोध मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किया।
कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) एवं सीधी जिले प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सीधी विधायक श्रीमती रीति पाठक, विधायक श्री कुंवर सिंह टेकाम, विधायक श्री रामनिवास शाह, विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, पूर्व विधायक श्री शरदेन्दु तिवारी, पूर्व विधायक श्री रामलल्लू बैंस, श्री कांतदेव सिंह, श्री राजेश पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीयजन एवं हितग्राही उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी जिले के बहरी में आयोजित विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम एवं विकास कार्यों के लोकार्पण व शिलान्यास समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला स्व-सहायता समूह के हितग्राहियों से संवाद किया तथा उनके द्वारा बनाए गए लड्डू का भी स्वाद लिया और प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने जिले के प्रभारी मंत्री को भी स्वसहायता समूह द्वारा निर्मित लड्डू खिलाए।
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