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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुरातत्वविद् डॉ. प्रो. यशोधर मठपाल को 19वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान वर्ष 2022-2023 से किया सम्मानित
9 Jan, 2026 07:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 19वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान समारोह और राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुप्रसिद्ध पुरातत्वविद् डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर का भारतीय पुरातत्व के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान रहा है। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने पुरातत्व को जन आंदोलन बना दिया था। यह उनके व्यक्तित्व और संप्रेषण का ही प्रभाव था कि उज्जैन का जन-जन अपने परिवेश को पुरातत्व की दृष्टि से देखने लगा था। पुरातत्व को लोक रुचि का विषय बनाने का डॉ. वाकणकर का प्रयास अद्भुत और अनुकरणीय था। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर अनेक प्रतिभाओं के धनी थे। उन्होंने सितार वादन, मूर्ति कला, चित्रकला, काव्य लेखन एवं संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर के परिश्रम और प्रयासों से काल गणना के केंद्र डोंगला की खोज हुई। उन्होंने बताया कि पृथ्वी की दीर्घकालीन घूर्णन धुरी में परिवर्तन के कारण उज्जैन में होने वाला शून्य देशांतर-रेखा और कर्क रेखा का मिलन उत्तर की ओर खिसक कर डोंगला में हुआ। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने उज्जैन क्षेत्र में गहन सर्वेक्षण किया था। शंकु की सहायता से उन्होंने कर्क रेखा की नई स्थिति का पता लगाया। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने शिलाओं और गुफाओं में छिपे प्रमाणों के माध्यम से भारतीय सभ्यता की उस कहानी को दुनिया के सामने रखा, जो लिखित इतिहास से भी पहले की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री से सम्मानित डॉ. प्रो. यशोधर मठपाल को शॉल-श्रीफल और भू वराह की प्रतिकृति तथा 2 लाख रुपये का चैक भेंट कर 19वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान वर्ष 2022-2023 से सम्मानित किया। समारोह में अंतरराष्ट्रीय सितार वादक सुश्री स्मिता नागदेव एवं कवि लेखक श्री राहुल शर्मा ने सितार और कविता की जुगलबंदी से डॉ. वाकणकर द्वारा रचित कविता "इतिहास के पटल पर" का राग बैरागी भैरव में गायन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा डॉ. वाकणकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "20वीं सदी में मध्यप्रदेश में स्वाधीनता आंदोलन 1920-1947, दुर्लभ अभिलेख और छाया चित्रों की प्रदर्शनी" पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया तथा एक स्टॉल पर कुम्हार के चाक पर स्वयं शिवलिंग की प्रतिकृति का निर्माण कर भारतीय संस्कृति, कला एवं शिल्प परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय का तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन 11 जनवरी तक चलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भीमबेटका के शैलचित्र 30 हजार वर्ष पुराने माने जाते हैं। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने वर्ष 1957 में भीमबेटका के शैलचित्रों का उत्खनन और गहन अध्ययन कर न केवल इन प्राचीन स्थलों पर प्रकाश डाला, बल्कि भारत को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई। आज भीमबेटका केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुका है। इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संचालित किया जा रहा है। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर ने महेश्वर, मंदसौर, नावड़ाटौडी, इंद्रगढ़, मनोटी, आवरा, कायथा, आजादनगर, इंदौर, दंगवाड़ा और रूनिजा जैसे विभिन्न पुरातात्विक स्थलों के उत्खनन और अध्ययन का नेतृत्व किया। डॉ. वाकणकर का मानना था कि ऋग्वेद में वर्णित सरस्वती नदी कोई मिथक नहीं, बल्कि एक वास्तविक, विशाल प्राचीन नदी थी। उन्होंने राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर यह दिखाने का प्रयास किया कि आज की घग्गर-हकरा नदी प्रणाली ही प्राचीन सरस्वती का अवशेष है। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर भारत तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने भारत, यूरोप और अमेरिका में 4 हजार से अधिक शैलचित्रों की खोज और अध्ययन किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. वाकणकर के इस अद्वितीय योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया। पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारों से ओत-प्रोत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. वाकणकर द्वारा पद्मश्री सम्मान ग्रहण करने के समय का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि डॉ. वाकणकर ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के गणवेश का प्रमुख अंग 'ब्लैक कैप' धारण करके ही पद्मश्री सम्मान ग्रहण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विरासत को संजोते हुए हम विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उनके सम्मान में रातापानी अभ्यारण्य का नाम डॉ. विष्णु वाकणकर के नाम पर रखकर राज्य सरकार ने महान इतिहासदृष्टा को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में पुरातत्व संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। आज से 1000 साल पहले गुजरात के सोमनाथ महादेव मंदिर पर हुए आक्रमण के बाद आज हमारी आस्था का यह केंद्र भव्य और गौरवशाली रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उज्जैन में 14 जनवरी से महाकाल महोत्सव की शुरुआत करने जा रही है। राज्य सरकार उज्जैन में पुरातत्वविद् डॉ. वाकणकर की स्मृतियों और उनके द्वारा एकत्रित पुरातत्व ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं का संरक्षण करते हुए संग्रहालय को भी वर्तमान तकनीकी व्यवस्थाओं से लैस कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पुरातत्वविद डॉ. मठपाल को राष्ट्रीय सम्मान, पुरातत्व एवं शैल चित्र अध्ययन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। डॉ. मठपाल एक वरिष्ठ पुरातत्वविद, चित्रकार, क्यूरेटर और शैल चित्र संग्रहण विशेषज्ञ हैं। डॉ. मठपाल ने पश्चिमी घाट, हिमालय, विंध्य और कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं में 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की है। मध्यप्रदेश के पुरातत्व कला और संस्कृति में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। शैल चित्र संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों के विकास में उनके योगदान ने भारत की प्रागैतिहासिक विरासत के अध्ययन और संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा प्रदान की है।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ-देश में पहली बार फ्लोटिंग स्टेज पर ऐतिहासिक लॉन्चिंग
8 Jan, 2026 06:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को बड़े तालाब स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी पहुँचकर खेलो एमपी यूथ गेम्स की लॉन्चिंग तैयारियों का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक खेल प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा, तकनीकी एवं व्यवस्थागत सभी इंतजाम पूर्णतः पुख्ता हों।
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ 12 जनवरी को खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 6 बजे बड़े तालाब से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार लॉन्चिंग इवेंट के दौरान दर्शकों को 4K वॉटर प्रोजेक्शन देखने को मिलेगा। यह वॉटर प्रोजेक्शन दर्शकों को एक इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो अब तक राज्य स्तर के किसी भी खेल आयोजन में देखने को नहीं मिला है।
देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय यूथ स्पोर्ट्स इवेंट की लॉन्चिंग फ्लोटिंग स्टेज पर की जाएगी, जहाँ 4K वॉटर प्रोजेक्शन इस ऐतिहासिक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। भोपाल के बड़े तालाब की प्राकृतिक भव्यता के बीच जल-परदे पर अत्याधुनिक 4K तकनीक के माध्यम से खेलो एमपी यूथ गेम्स की थीम, लोगो, विज़ुअल स्टोरी और खेल भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रस्तुति के साथ हाई-क्वालिटी विजुअल डिस्प्ले, टॉर्च लाइटिंग के माध्यम से आकर्षक फायर वर्क तथा 20 फीट ऊँची ‘लार्जर दैन लाइफ’ जर्सी जैसे विशेष आकर्षण समारोह की भव्यता को बढ़ायेंगे। आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के इस अद्वितीय संगम के माध्यम से यह शुभारंभ समारोह मध्यप्रदेश की नवाचार क्षमता, खेल प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, मैस्कॉट, एंथम एवं आधिकारिक जर्सी का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। यह क्षण खेलो एमपी यूथ गेम्स की पहचान और भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ खेल प्रशासक भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ समारोह विशेष रूप से आकर्षक एवं यादगार बनाया गया है। इस अवसर पर ताल-तलैयों की नगरी भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की भव्यता दिखेगी। शुभारंभ समारोह के माध्यम से एमपी की पहचान केवल खेलों के राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सौंदर्य और युवाशक्ति के केंद्र के रूप में भी देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन खिलाड़ियों, दर्शकों और आमजन के लिए प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक अनुभव सिद्ध होगा।
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है, जब खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से यूथ गेम्स का आयोजन एवं संचालन कर रहे हैं। यह पहल खेल विभाग का एक ऐतिहासिक और नवाचारी कदम है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राज्य टीम चयन प्रक्रिया का सशक्त, व्यवस्थित और पारदर्शी मंच बनेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी, जिससे उन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।
खेलो एमपी यूथ गेम्स की चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 12 से 16 जनवरी 2026, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 16 से 20 जनवरी 2026, संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 21 से 25 जनवरी 2026 तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। यूथ गेम्स के अंतर्गत कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस सिद्धांत पर किया जाएगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहीं संबंधित खेलों का आयोजन किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होने वाली इस चयन प्रक्रिया में जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी।
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान दिया गया है। इस क्रम में पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रो बॉल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। इन खेलों के समावेशन का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचलित खेलों को संस्थागत मंच प्रदान करना, अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाना है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा VB-G RAM G अधिनियम, 2025 ग्रामीण भारत के लिए नए युग की शुरुआत
8 Jan, 2026 06:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि विकसित भारत–ग्रामीण आजीविका मिशन गारंटी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 ग्रामीण भारत के लिए नए युग की शुरुआत है। यह अधिनियम प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह कानून महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप गरीबों, जनजातीय और पिछड़े वर्गों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाया गया है। वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले परिवारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक मनरेगा पर 11.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया गया है, जो ग्रामीण रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 पूर्ववर्ती MGNREGA का स्थान लेगा, जहां राहत आधारित व्यवस्था के स्थान पर अब रोजगार और आजीविका को राष्ट्रीय विकास लक्ष्य से जोड़ा गया है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए बुवाई और कटाई के मौसम में राज्य सरकारें 60 दिनों का 'कार्य विराम' घोषित कर सकेंगी, जिससे कृषि क्षेत्र में श्रम की कमी नहीं होगी और मजदूरों की आय पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। नए कानून में कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है— जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका संपत्तियों का सृजन तथा जलवायु संरक्षण।
मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अनिवार्य किया गया है। देरी की स्थिति में श्रमिकों को स्वतः मुआवजा दिया जाएगा। पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी तथा एआई आधारित निगरानी को कानून का हिस्सा बनाया गया है। प्रत्येक छह माह में डिजिटल साक्ष्यों के साथ सोशल ऑडिट भी अनिवार्य होगा। इस योजना में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच 60:40 का व्यय अनुपात होगा, जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह 90:10 रहेगा। बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। ग्रामीण योजनाओं को पीएम गति शक्ति और विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक से जोड़ा गया है।
सुश्री भूरिया ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम, 2025 केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में जवाबदेही, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और आर्थिक सुरक्षा की नई प्रतिबद्धता है, जो ग्रामीण नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया-कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर
8 Jan, 2026 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है। मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है। प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है। भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल के लिए सराहना की। धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के निर्माण में तेजी से हो रहे कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आने से वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय, मध्यप्रदेश में दो तरह के फाइबर पर कार्य करना चाहता है। पहला- लीनन जो अलसी में होता है और दूसरा- मिल्क बिल्ट (मदार) फाइबर। केंद्र सरकार न्यू एज फाइबर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राज्यों से टेक्सटाइल का रोडमैप बनाकर गतिविधियां संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य टेक्निकल फाइबर को उतनी ही महत्ता दें, जितनी मशीन मेड फाइबर को दी जाती है।
केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के आधार पर देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इको सिस्टम तैयार करने के लिए देश को पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की गति बढ़ चुकी है। पीएम मित्र पार्कों में 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वस्त्र उद्योग के गारमेंट सेक्टर में 1 करोड़ निवेश किया जाए तो औसतन 40 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश में लगाई जाने वाली इंडस्ट्रिलय स्टीचिंग मशीन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और टेक्सटाइल सेक्टर में देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है।
सम्मेलन को केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री श्री पवित्रा मार्गरेटा, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव तथा वस्त्र मंत्रालय के अपर सचिव श्री रोहित कंसल ने भी संबोधित किया। वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के टेक्सटाइल और उद्योग मंत्री तथा अधिकारीगण शामिल हुए।
केन्द्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत का वस्त्र उद्योग विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। सम्मेलन में इंडिया टेक्सटाइल एटलस स्टेट कॉम्पेंडियम- 2025 का विमोचन हुआ। सम्मेलन का आरंभ राष्ट्र गान जन-मन-गण के सामूहिक गान के साथ हुआ।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के वस्त्र उद्योगों के समग्र विकास और विस्तार को गति देना है। इसमें पारम्परिक हथकरघा और हस्तशिल्प से लेकर आधुनिक टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल) और निर्यात संभावनाओं पर गहन मंथन होगा। साथ ही कपड़ा उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन, नवाचार, कौशल विकास, आधुनिक मांग के अनुसार वस्त्र उत्पादन और राज्यों के बीच सहयोगात्मक मॉडल पर भी विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन मध्यप्रदेश की वस्त्र उद्योग नीति, औद्योगिक अनुकूल वातावरण, निवेश अवसरों तथा राज्य में उपलब्ध संसाधनों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है। सम्मेलन में राज्यों के बीच परस्पर अनुभवों का आदान-प्रदान और वस्त्र क्षेत्र में नई साझेदारियों का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह सम्मेलन ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी राष्ट्रीय नवाचारी पहलों को और मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश का वस्त्र उद्योग वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों को किया संबोधित
7 Jan, 2026 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ.यादव वरिष्ठ अधिकारियों की मंत्रालय में आयोजित बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के 2 वर्ष उपलब्धियों से परिपूर्ण रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी प्रदेश की प्रगति और उन्नति को सराहा है। इसमें सभी विभागों के संबंध समन्वित प्रयासों का योगदान रहा। प्रदेश में विकास और उन्नति को अधिक गति देने के लिए मिशन मोड में काम करना होगा। प्रदेश में विकास गतिविधियों का तेजी से क्रियान्वयन हो और जनकल्याणकारी योजनाओं का सभी पात्र व्यक्तियों को सुगमता से लाभ मिले यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही तय करने की व्यवस्था को सशक्त करना होगा । मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में वर्ष 2026 के लिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण परियोजनाओं और अन्य कार्यक्रमों के समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श के लिए यह बैठक आयोजित थी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। बैठक में समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव सहित पुलिस तथा भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 औद्योगिक विकास की दृष्टि से सफल रहा है। वर्ष 2026 "किसान कल्याण वर्ष'' के रूप में मनाया जाएगा। हमारा लक्ष्य "समृद्ध किसान-समृद्ध" प्रदेश है। राज्य शासन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण यह गतिविधि, किसी एक या 2 विभाग की न होकर 15 से अधिक बड़े विभागों का संयुक्त अभियान होगी। कृषि एवं किसान कल्याण के साथ ही उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नवकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन, मत्स्य पालन, नर्मदा घाटी विकास, ऊर्जा विभाग, राजस्व, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम, औद्योगिक नीति निवेश एवं प्रोत्साहन के साथ ही मंडी बोर्ड, बीज निगम, एमपी एग्रो, दुग्ध संघ, मार्कफैड, वेयरहाउसिंग और आजीविका मिशन को समन्वित रूप से गतिविधियां संचालित करना होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड काल से प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में 5 दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू है। इस अवधारणा को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कार्यालयीन समय को बढ़ाना और सभी के द्वारा उसका अनुसरण आवश्यक है। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रातः 10 बजे से कार्य आरंभ हो, इसके लिए बायोमेट्रिक सहित अन्य तकनीकी प्रणालियों का सहारा लिया जाए। इससे अनुशासन के साथ कार्य निष्पादन में भी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकास और जनकल्याण गतिविधियों पर विशेष ध्यान दे रही है। सभी विभाग प्रमुख, संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के सतत संपर्क में रहें। राज्य की प्रगति और योजनाओं तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं से केंद्र शासन को समय रहते अवगत कराऐं। इससे प्रदेश में विकास और जन-कल्याण गतिविधियों के बेहतर और त्वरित संचालन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आगामी 5 वर्ष की कार्य योजना तैयार करने के साथ 3 वर्ष के बजट अनुमान की व्यवस्था भी की जा रही है। सड़क, अस्पताल, सिंचाई परियोजना, सार्वजनिक भवन निर्माण की समेकित योजनाएं बनाकर उनका दस्तावेजीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12 जनवरी से 31 मार्च संकल्प से समाधान अभियान-वन आरंभ किया जा रहा है। यह अभियान 106 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं पर केंद्रित होगा। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि शिविरों में प्राप्त समस्त आवेदनों का अंतिम निराकरण 31 मार्च, 2026 तक अनिवार्य रूप से हो। अभियान के प्रथम चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। द्वितीय चरण 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होगा। इसमें क्लास्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। तृतीय चरण 16 मार्च से 26 मार्च तक चलेगा, इसमें ब्लॉक स्तर पर अनिराकृत शेष आवेदन, शिकायतों और नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर समस्त अनिराकृत शेष आवेदन व शिकायतों और नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जावेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "लाल सलाम को अंतिम सलाम'' कहने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने वन विभाग की गतिविधियों तथा उपलब्धियों पर भी संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सफल व्यापार व्यावसाय, उद्यमिता और कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने वाले किसानों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के युवाओं को प्रेरित करने के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मृत्यु भोज, विवाह समारोह में अपव्यय रोकने जैसे सामाजिक सुधारों के लिए भी वातावरण निर्मित किया जाए। इन गतिविधियों और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने में गायत्री परिवार तथा अन्य सामाजिक धार्मिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव एवं विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं से किया संवाद
7 Jan, 2026 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव एवं विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं से संवाद किया । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में विश्व धर्म संसद के माध्यम से विश्व को भारत की मूल चेतना से परिचय कराया। हमारे युवा भी स्वामी विवेकानंद के समान दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश के रूप में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी तेज गति से युवा शक्ति का विकास हो रहा है। हमारे सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है।
इस वर्ष नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के 47 युवा, विकसित भारत यंग लीडर संवाद कार्यक्रम और 29 युवाओं का दल राष्ट्रीय युवा उत्सव में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद के लिये ये युवा मुख्यमंत्री निवास पधारे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में वंदे-मातरम् के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। सुश्री साक्षी पटेरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में सुश्री अंशिका मिश्रा ने गीता उपदेश के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया। युवा संवाद कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग एवं खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कार्यक्रम में युवाओं ने अनेक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता के साथ उनकी जिज्ञासा का समाधान किया। ग्वालियर के श्री सोमेश द्वारा यह जानना चाहा गया कि एक सटीक भाषण में कौन-कौन से अवयव होने चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन में स्वाध्याय करते हुए ज्ञान अर्जन करेंगे तो भाषण की गुणवत्ता स्वत: बढ़ जाएगी। कक्षा में पढ़ाई तो आवश्यक है, लेकिन कक्षा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भी बहुत कुछ सीखना-समझना होगा। अनूपपुर के श्री प्रियांशु ने पूछा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए क्या प्रयास कर रही है, क्या इसमें स्टार्ट-अप की कोई संभावनाएं हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे युवाओं का व्यवसाय के साथ खेती और खासतौर से प्राकृतिक खेती की ओर जुड़ाव भी रूझान दिख रहा हैं, यह प्रशंसनीय है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। देश में सबसे आदर्श खेती मध्यप्रदेश में होती है। राज्य में सभी प्रकार के मोटे अनाज (श्रीअन्न) की अच्छी उत्पादकता है। प्राकृतिक खेती के लिए देशी खाद भी जरूरी है। इसके लिए गोपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में देशी गोपालन को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। ब्राजील जैसा छोटा देश गोपालन के माध्यम से आगे बढ़ने का बड़ा उदाहरण है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "उपकार" फिल्म का उल्लेख करते हुए जय जवान-जय किसान के माध्यम से किसानों की महत्ता के बारे में भी युवाओं से चर्चा की।
राजगढ़ के युवा ने पूछा कि क्या युवाओं को खेती के लिए शासकीय भूमि लीज पर दी जा सकती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेती में विविधता को अपनाने के लिये युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय को बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि राजगढ़ का मोहनपुरा बांध और सिंचाई परियोजना आधुनिक सिंचाई व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश में लगातार सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। वर्ष 2002-03 में प्रदेश की साढ़े 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब 58 लाख हेक्टेयर हो गई है। यह हमारी बड़ी उपलब्धि है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवा दिल्ली में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश में ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला) चार संवर्ग बताए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना है, जिसमें युवाओं की अहम भूमिका होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के सामने प्रदेश के युवा 11 और 12 जनवरी को अपने विचार रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर युवाओं के कल्याण के लिये विभिन्न योजनायें संचालित की जा रही हैं। राष्ट्र के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प प्रत्येक युवा को लेना चाहिए। युवा ही हमारे भविष्य की नींव हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जयपुर में आयोजित टी.आई.ई ग्लोबल समिट में हुए शामिल, पेश किया डिजिटल मध्य प्रदेश का विजन
5 Jan, 2026 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026’ में शामिल होने जयपुर पहुंचे। जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा की। इस दौरान डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों के सामने मध्य प्रदेश को अगली पीढ़ी की तकनीक और नवाचार के पसंदीदा जगह के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण किया और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश ने अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन किया। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की सौजन्य भेंट, समसामयिक विषयों पर चर्चा की
5 Jan, 2026 02:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की शाम लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को मध्यप्रदेश शासन की उपलब्धियों पर केंद्रित पुस्तकें भेंट की और मध्यप्रदेश में बीते दो वर्षों में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री पटेल को बताया कि वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इस की थीम 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' रखी गई है। बीता वर्ष उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया था। कृषि वर्ष 2026 में आरंभ की जा रही सभी गतिविधियां अगले तीन साल का लक्ष्य तय कर संचालित की जा रही हैं। किसान कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा सभी विभागों की सहभागिता होगी। कृषि वर्ष में किसानों को अन्य राज्यों एवं विदेशों में हो रहे सफल नवाचारों की जानकारी से रू-ब-रू भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि विश्व आर्थिक मंच 2026 की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने जा रही है। इसका विषय 'ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग' और 'अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ' है। इसमें प्रदेश में पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगासोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) द्वारा किसानों के लिए सोलर पंप योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में यह योजना प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना' प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना' के नाम से संचालित है। प्रदेश के 33 हजार किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए कार्यादेश हो चुके हैं। करीब 34 हजार 600 लेटर ऑफ अवॉर्ड भी इकाइयों को प्रदान किए जा चुके हैं। इस योजना से प्रदेश के 52 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री पटेल को बताया कि जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इसमें देश-दुनिया के आए 120 विद्वानों के व्याख्यान, स्वामी रामभद्राचार्य महाराज भी इसमें शामिल हुए हैं। श्रीराम भक्तों ने 28 हजार से अधिक सुंदरकांड के पाठ किए। इसमें 25 सेशन होंगे, जिसमें देश-विदेश के 60 वक्ता के विचार सुनेंगे। उन्होंने बताया कि जबलपुर में ही 2 जनवरी को गीता भवन का लोकार्पण हुआ। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में लोकार्पित हो चुका है। पूरे प्रदेश मे सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं जो सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की घटना की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया रैन बसेरे का निरीक्षण जरूरतमंदों और महिलाओं को पिलाई चाय, बांटे कंबल
5 Jan, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की रात भोपाल के तलैया स्थित यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरे में गरीबों, जरूरतमंद, बेसहारा और यहां रात्रि विश्राम करने आए राहगीरों से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सबके हालचाल और दु:ख-दर्द जाने एवं सभी को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाकर सर्दी से बचाव के लिए गर्म कंबल भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैन बसेरा जाते समय सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड ग्राउंड के गेट नम्बर 4 शौर्य द्वार में उपस्थित महिलाओं और बुर्जुगों से बात की, उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी को कंबल वितरित किए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलैया स्थित काली मंदिर पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित सभी गरीबों और जरूरतमंदों को भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा पूछने पर एक जरूरतमंद ने बताया कि वह सब्जी बेचने भोपाल आए थे, सर्दी भी तेज है और रात भी हो गई है, तो अब वे इसी मंदिर परिसर में रात बिताएंगे। कुछ ने बताया कि वे किसी जरूरी काम से आए थे, सिर्फ रात बिताने के लिए उन्होंने काली मंदिर परिसर में शरण ली है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी विश्रामकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा यहां कोई परेशानी तो नहीं है।विश्रामकर्ताओं ने कहा कि उन्हें यहां कोई भी परेशानी नहीं है। खाने और सोने की पूरी व्यवस्था है, ठंड से बचने के लिए यहां हीटर भी है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि ज्यादातर राहगीर आगे के सफर के लिए यहां रात बिताने रूके हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रैन बसेरे में विश्राम के लिए आए श्री सुबोध जोसेफ के पास पहुंचे। उससे बात की, तो सुबोध ने बताया कि उसकी कमर में भारी दर्द है। इलाज की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और निगमायुक्त भोपाल को सुबोध का समुचित इलाज कराने और उसकी हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में उपस्थित सभी राहगीरों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई और सभी को कंबल भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने शहर के सभी रैन बसेरों और आश्रय गृहों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्रामकर्ताओं से कहा कि सरकार गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। तेज सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने स्वयं राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। सरकार किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देगी। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना अधिक हो सके, बचने की अपील की। गरीबों, जरूरतमंदों, बेसहारा और राहगीरों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस आत्मीयता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त कर आशीष भी दिया। इस दौरान भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, क्षेत्रीय पार्षद सहित जनप्रतिनिधि एवं जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।
जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
3 Jan, 2026 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन को देखें तो अनेक जटिल प्रश्नों के उत्तर आसानी से मिल जाते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के माध्यम से दुनिया में भारत का नाम है। जहां अंधेरा है, वहां प्रकाश फैलाना ही सनातन संस्कृति है। इसी भाव से हमारे आदर्श भगवान श्रीराम ने लाखों वर्ष पहले अन्याय और अत्याचार की समाप्ति के लिए कार्य किया। वैसे तो भारतीय सनातन संस्कृति में 33 करोड़ देवी-देवताओं का उल्लेख है, लेकिन भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से पूरे विश्व में भारत की पहचान बनी। ऐसे ऐतिहासिक आधार के कारण भारत विश्व गुरू की संज्ञा प्राप्त करता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण काल में महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और संतों के यज्ञ में बाधा डालने वाले असुरों का अंत कराया। भगवान श्रीराम ने अपनी बुद्धि, पराक्रम के बल पर राजा जनक के दरबार में स्वयंवर जीता। भगवान श्रीराम ने निषादराज और शबरी माता के प्रसंगों से मित्रता एवं प्रेम का संदेश दिया है। राम राज्य का स्मरण करने से जीवन में कठिन से कठिन समय दूर हो जाता है। लगभग 550 वर्ष के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। महाराज रामभद्राचार्य की तर्क शक्ति से अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर जाबालि ऋषि की पावन भूमि है, यहां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन होना उल्लेखनीय है। नर्मदा मैया और प्रकृति की लीला भी यहां देखने को मिलती है, जब काले पत्थर भी उज्ज्वल और धवल स्वरूप में संगमरमर के रूप में दिखाई देते हैं। प्रकांड विद्वान स्वामी रामभद्राचार्य जी का आशीर्वाद इस सम्मेलन को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से इस सम्मेलन में पधारे देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ऋषि जाबाली की पावन भूमि- जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का यह आयोजन अद्भत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में सुशासन और राम राज्य स्थापित करने की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति को मिटाने के लिए हजारों सालों तक प्रयास हुए। कुछ बात है जो हस्ती मिटती नहीं हमारी। सनातन संस्कृति का संरक्षण संतों के कारण ही संभव हो पाया है। वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में देश-दुनिया के आए 120 विद्वानों के व्याख्यान आयोजित होंगे। यहां के श्रीराम भक्तों ने 28 हजार से अधिक सुंदरकांड के पाठ किए। श्रीराम की महिमा दुनिया के कोने-कोने में है। तुलसीदास जी ने सरल भाषा में रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र से दुनिया को परिचित किया। इसी कारण आज जन-जन में सनातन का प्रवाह हो रहा है। आज सांस्कृतिक पुनर्जागरण के कालखंड में सनातन के मूल्य दुनिया में स्थापित हो रहे हैं। लेकिन इसी के साथ भारत विरोधी ताकतें डिजिटल माध्यमों के जरिए सनातन और भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही हैं। हमारे युवा श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारें और रामायण के ब्रांड एम्बेसडर बनें। यह आयोजन जबलपुर से निकलकर देश के दूसरे शहरों तक पहुंचना चाहिए।
स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया है। उनके बेटा-बहू नर्मदा यात्रा पर निकले हैं। वे सभी बधाई के पात्र हैं। राम शब्द में रा का अर्थ है राष्ट्र और म का अर्थ है मंगल अर्थात् जिसके द्वारा राष्ट्र का मंगल होता है, उसका नाम राम है। स्वामी रामभद्राचार्य जी ने सुझाव दिया कि वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस की सफलता इसी में है कि रामायण को राष्ट्र ग्रंथ घोषित कर दिया जाए। पहलगाम की घटना के बाद दुष्टों को दंड देने के उपयोगी सुझाव पर अमल किया गया और उन्हें दंडित किया गया, जिन्होंने हमें क्षति पहुंचाई। रामायण में लिखा है कि भय बिना प्रीति नहीं होती है। अब हमारा नारा ओम शांति, शांति नहीं ओम क्रांति-क्रांति होना चाहिए। महात्मा गांधी ने भी अपने कीर्तन 'रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम' को रामचरित मानस से लिया था। विधायक श्री अजय विश्नोई ने रामायण सम्मेलन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा 2004 से शुरू हुई, जो बहुआयामी है। इसमें 25 सेशन होंगे, जिसमें देश-विदेश के 60 वक्ता अपने विचार रखेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में किया प्रदेश के दूसरे गीता भवन का लोकार्पण- हितग्राहियों को हितलाभ किये वितरित
3 Jan, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर में गीता भवन का लोकार्पण किया एवं 50 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद संपूर्ण भारत में सांस्कृतिक अभ्युदय का वातावरण बना है। राज्य सरकार ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास को गति प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य गीता भवन बनाने का संकल्प लिया है। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में लोकार्पित हो चुका है। इसी क्रम में आज जबलपुर को भी गीता भवन की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संसद के माध्यम से शिक्षा नीति : 2020 में अनेक महत्वपूर्ण बदलाव करवाए। यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने देश में सबसे पहले इसे लागू किया। हमने अपने पवित्र ग्रंथ गीता और रामायण के प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रमों में भी स्थान दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऋषि जाबाली की पावन भूमि- जबलपुर को आज भगवान श्रीराम की रामायण के अंतर्राष्ट्रीय आयोजन और भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र गीता के नाम पर तैयार हुए गीता भवन की अनुपम सौगात मिल रही है। भारत में चारों दिशाओं में श्रीराम और श्रीकृष्ण ने अपने पराक्रम से लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ एवं 5 विद्यार्थियों को भगवत गीता ग्रंथ का वितरण भी किया। इन विकास कार्यों में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में जीर्णोद्धार कार्य और सड़क विकास के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृत्युलोक में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश में रिश्तों की उलझनों को दूर करते हुए अर्जुन को कर्मवाद का सिद्धांत समझाया। गीता की महिमा ऐसी है कि हमारे मन का अंधकार दूर हो जाता है। स्वयं कष्ट उठाते हुए कैसे संसार की सेवा करें, यह संदेश हमें गीता के माध्यम से मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में उनका लालन-पालन करने वालीं यशोदा मैया और नंद बाबा की भूमिका भी महत्वपूर्ण थी।
जबलपुर नगर निगम द्वारा विकसित गीता भवन आधुनिक एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। भवन में सर्वसुविधायुक्त वाचनालय एवं ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। गीता भवन में 5 हजार से अधिक धार्मिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सामाजिक पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त 900 व्यक्तियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक वातानुकूलित ऑडिटोरियम, विचार-मंथन कक्ष सहित अन्य आवश्यक एवं आधुनिक सुविधाएँ विकसित की गई हैं, जो इसे अध्ययन, शोध, संवाद एवं वैचारिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बनाती हैं।
मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
2 Jan, 2026 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के 'समग्र विकास' के संकल्प के साथ काम कर रही है। हमारा मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वर्ग या व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। विकास की बात पर हम सबका सहयोग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की बयार है। विकास की यह गति अब और तेज होगी। आप सबके सेवक के रूप में वे खुद चौबीसों घंटे सातों दिन प्राण-प्रण से सेवा में जुटे हुए हैं। सबका कल्याण ही हमारा लक्ष्य है। नागरिकों की समृद्धि और खुशहाली ही हमारा पारितोषिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने यहां 78 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत वाले पूर्ण एवं प्रस्तावित 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 48 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत के 16 कार्यों का लोकार्पण एवं 30 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत वाले 23 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी कार्यों से खाचरौद के विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह विकास कार्य खाचरौद के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।
सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर, बच्चों के बेहतर भविष्य की लिखेंगे नई इबारत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद में 35 करोड़ 40 लाख की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन, 11 करोड़ 30 लाख की लागत से नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण सहित अन्य कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाचरौद का सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षण सुविधाओं का प्रतीक बनेगा और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध करायेगा। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के पवित्र मंदिर के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। यह हमारे बच्चों के बेहतर और सुनहरे भविष्य की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाचरौद के नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण में किसानों की सुविधा के लिए कृषक विश्राम भवन, भोजनालय, पानी की टंकी एवं प्याऊ भी बनाये गए हैं। मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रुपये लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय के नवीन भवन, 5 करोड़ 25 लाख लागत से बनने वाले जनपद पंचायत भवन एवं 6 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम-2.0) सहित अन्य प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित खाचरौद के माध्यमिक विद्यालय में 11 स्मार्ट क्लासेस का लोकार्पण भी इस मौके पर किया।
खाचरौद में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में बहुतायत से होने वाली हरी मटर को देश-विदेश तक पहुंचाने और अन्य सभी फसलों को भी मार्केट लिंकेज दिलाने के लिए खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाने और खिलाड़ियों के लिए नया स्टेडियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खाचरौद से रतलाम को डायरेक्ट फोर लेन से जोड़ा जाएगा, जिससे खाचरौद को भी इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया की सीधी पहुंच मिल सके।
5 करोड़ की लागत से बनेगा फोरलेन हाई-वे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा से खाचरौद से जावरा से उज्जैन होते हुए करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से नया फोरलेन हाई-वे बनाया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना से मालवा-निमाड़ और चंबल का पूरा क्षेत्र भरपूर सिंचाई की स्थायी सुविधा से लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 सालों में हम प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर कृषि रकबे तक पहुंचा देंगे।
किसान एवं कृषि से जुड़े उद्यामियों को देंगे नई दिशा और अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 किसानों के कल्याण का साल है। इस दौरान हमारा पूरा फोकस किसानों पर ही रहेगा। इस साल हम कृषि आधारित उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान देंगे, जिससे किसानों और कृषि से जुड़े उद्यमियों को नई दिशा और अवसर मिलेंगे। गेहूं की खरीदी पर हम किसानों को 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रहे हैं। हम किसानों की आय बढ़ायेंगे। किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनायेंगे। इसके लिए प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध करायेंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प दिए जाएंगे। इससे उन्हें बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। किसान खुद बिजली उत्पन्न करके खेतों में सिंचाई, छोटा-मोटा व्यवसाय और निजी उपभोग भी कर सकेंगे। साथ ही सरप्लस बिजली बेचकर अतिरिक्त आयार्जन भी वे कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गरीबों और निराश्रितों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और प्रदेश के हर जरूरतमंद को शासन की सेवाएं, सुविधाएं और संबल उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नागदा की विश्व में अपनी अलग ही पहचान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में सांस्कृतिक धारा का अभ्युदय हो रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए हमारी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सबसे अच्छे स्कूल बन रहे हैं। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यही समय है, सही समय है। इसी क्रम में आज खाचरौद को भी नया सांदीपनि विद्यालय मिला है। हमारी सरकार विरासत के संरक्षण के मार्ग पर चलते हुए प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण करा रही है। श्रीकृष्ण से जुड़े प्रत्येक स्थल को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।
किसान-कल्याण सर्वोपरि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र का खेती-किसानी का कटोरा है। किसानों के कल्याण के लिए हमने किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के लिए लगभग 3 हजार करोड़ की राशि बांटी है। भावांतर योजना से प्रदेश के 6.50 लाख किसानों को 1300 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना (पीकेसी) के लिए हमारी सरकार ने राजस्थान के साथ सालों पुराने विवाद को खत्म किया। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपए दिए। प्रदेश में अब तीन नदी जोड़ो अभियान पर कार्य निरंतर जारी है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड के 13 जिले लाभान्वित होंगे। मां नर्मदा के आशीर्वाद से मालवा-निमाड़ को पहले ही सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर, रतलाम जिले का कुछ हिस्सा भी अब मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल होगा। खाचरोद को भविष्य में फोर लेन सड़क के जरिए रतलाम से जोड़ा जाएगा।
खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में फसलों को हुए नुकसान के लिए उज्जैन जिले के किसानों को 265 करोड़ रुपए मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। किसानों को सोयाबीन विक्रय में भावांतर योजना का फायदा मिल रहा है। जिले में लगभग 1000 करोड़ लागत की दो सिंचाई परियोजनाओं से नागदा-खाचरौद क्षेत्र के 58 गांवों की 18 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में नागदा तो शामिल है, लेकिन अब खाचरौद को भी महानगरीय क्षेत्र के दायरे में लाने की आवश्यकता है। उन्होंने खाचरौद में कृषि महाविद्यालय एवं कृषि मंडी के लिए अतिरिक्त भूमि की मांग रखी।
इंदौर में दूषित जल कांड के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा एक्शन कई अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
2 Jan, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर में जहरीले पानी से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री ने बड़ा एक्शन लिया है. सीएम ने पूरे मामले की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने इस प्रशासनिक विफलता को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की और लापरवाह अधिकारियों पर बड़ी गाज गिराई है। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की. मुख्यमंत्री इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने के निर्देश दिए हैं और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए. साथ ही इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने राजकोट के उपलेटा में श्री वैदिक मिशन ट्रस्ट के कार्यक्रम में की सहभागिता
2 Jan, 2026 04:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीव मात्र का समग्र कल्याण ही मानवता का पहला लक्ष्य है। जियो और जीने दो हमारे जीवन का शाश्वत दर्शन है। हमारे यहां नैतिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति की एक लंबी परम्परा रही है। यह हम भारतीयों का स्व-अनुशासन ही है, जिससे भारत आज विश्व की महाशक्ति के रूप में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब उस भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति के संवाहक है, जहां माताओं और बहनों को देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे यहां बच्चा-बच्चा भी भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रमाता को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुजरात के राजकोट जिले के प्रांसला के समीप उपलेटा में श्री वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26वें 'राष्ट्रकथा शिविर' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में सहभागिता कर ट्रस्ट के गुजरात के प्रमुख व महान विचारक स्वामी धर्मबंधु जी महाराज का आशीर्वाद लिया और कहा कि हम सभी को अपने जीवन में हमेशा अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। पूज्य स्वामी जी ने हम सबको नई जीवन दृष्टि दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किताबी ज्ञान से व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान बेहतर है और हमारी युवा पीढ़ी को उनकी असीम शक्तियों का भान कराना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेकी, परमार्थ और राष्ट्रभक्ति का सहज भाव शरीर में रक्त की तरह हम सभी में प्रवाहमान होना चाहिए। 'वसुधैव कुटुम्बकम' हमारी संस्कृति का जीवोमूल लक्ष्य है और हमें इसी दिशा में और भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में श्री सोमनाथ धाम भी शामिल है। देश में सनातन संस्कृति की धारा सभी क्षेत्रों में बह रही है। राष्ट्रकथा शिविर में स्वामीजी ने देश के विभिन्न प्रांतों से शामिल हुई युवा शक्ति को राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश फिर से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुरु की महिमा को देखेंगे तो गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। भारत ने हजारों वर्षों से दुनिया को विश्व बंधुत्व का संदेश दिया है। भारतीय परिवारों में मां का अपना अलग ही स्थान होता है। मां ही हम सभी की पहली गुरु होती हैं। दुनिया में सभी देश अपनी गौरवशाली संस्कृति पर गर्व करते हैं, लेकिन अन्य किसी भी देश में मातृ संस्कृति का आधार देखने को नहीं मिलता।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड के समय जब दुनिया की जनता त्राहिमाम कर रही थी, तब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी संकल्प शक्ति के बल पर कठिन समय में महामारी का सामना किया। हमने स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए संयमित जीवन शैली अपनाई और गांव, गली, मोहल्लों, कस्बों को भी सुरक्षित रखते हुए पूरी दुनिया को भी इस इससे उबारा। कोविड वैक्सीन बनाकर भारत ने 40 से अधिक देशों को यह वैक्सीन भेजी और वहां के लोगों की जान भी बचाई। हमें अपनी इसी परोपकारी संस्कृति पर गर्व है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। यह सही है कि किताबी ज्ञान से अंकसूची और मेरिट लिस्ट में पहचान बन सकती है, लेकिन केवल कागजी डिग्री से काम नहीं चलता है। हमारे लिए पढ़ाई केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि इससे इतर बच्चों का नैतिक और संस्कारयुक्त समग्र विकास करना है। हमारे नागरिकों में स्वाभाविक रूप से स्व-अनुशासन का भाव है। दुनिया के कई देशों में लोगों को नियंत्रित करने के लिए केवल दंड व्यवस्था है, जहां हर 10 में से एक सैनिक या पुलिसकर्मी समाज को कंट्रोल करता है, लेकिन हम ऐसे समाज के लोग हैं कि जहां पुलिस का काम नहीं पड़ता है और 100-100 गांवों को एक ही पुलिसकर्मी संभालता है। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ आबादी के इस देश में तीनों सेना और पुलिस मिलाकर सुरक्षाकर्मियों की संख्या मात्र 40 लाख है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्रों में से एक हैं। हमारे सैनिक मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में जान की बाजी लगाकर देश और देशवासियों की रक्षा करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बाद अब भारत ही दुनिया का वह तीसरा देश है, जो हर तरीके से अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता रखता है। इस शिविर के जरिए भारतीय युवाओं में देशभक्ति का भाव जगाने का जो पुनीत काम किया जा रहा है, जो नि:संदेह स्वागत योग्य और अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर साल का पहला दिन है। हमारा नया साल तो गुड़ी पड़वा से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि हर जीवित व्यक्ति 24 घंटे में 21 हजार 500 बार सांस लेता है और 1 लाख कोशिकाओं के मरने पर एक दिन का जीवन मिलता है। ऐसे में बाबा महाकाल ने सबको जो जीवन दिया है, वह हमें परमार्थ और मानवता की सेवा में समर्पित करना चाहिए।
गुजरात सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री त्रिकमभाई बिजलभाई छंगा ने कहा कि स्वामीजी का प्रयास हम सबको गर्व से भर देता है। मनुष्य की सेवा ही परम पिता परमेश्वर की सेवा है। ऐसे सभी प्राणी, जिनमें जीवन है, हमें अपनी करूणा, दया, स्नेह, अपनत्व, देखभाल और कल्याण भाव से उनकी सेवा करनी चाहिए। स्वामी जी ने विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को राष्ट्र सेवा की ओर प्रवृत्त किया है। यही सच्ची राष्ट्रसेवा और सच्ची राष्ट्रभक्ति है।
कार्यक्रम के आरंभ में पूज्य स्वामीजी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य सभी अतिथियों का गुजराती पगड़ी (साफा) पहनाकर एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राष्ट्रकथा शिविर में पुस्तक भी भेंट की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकोट के उपलेटा में 26वें राष्ट्र कथा शिविर में तटरक्षक बल की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम में उनके निवास पर आई सभी महिलाओं और बहनों को सम्मानित किया
31 Dec, 2025 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम में कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को हुए 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पर आई प्रबुद्ध और आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए हैं. मुख्यमंत्री ने बहनों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई. बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति में गीत प्रस्तुत किया जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बेटी सरगम को 51 हजार रुपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार के संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सफलता के लिए बड़ी बहन कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया था. मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी है. जिसके बाद उन्होंने कहा की हमारे परिवार में बहू भी बेटी के समान होती हैं और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं. हमारी सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है, इसलिए मां ही हम सभी के जीवन में पहली गुरु होती है. विश्व में भारत ही ऐसा देश है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है. जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है.
मुख्यमंत्री ने बताया की प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है. राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है. वहीं प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है. मध्य प्रदेश यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है, जहां मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा भी शुरू की गई है, जिससे सकारात्मक प्रभाव हुआ है. हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में भी शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है. प्रदेश स्टार्ट अप्स शुरू करने में सबसे श्रेष्ठ हैं. राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित किया है. इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं. वहीं राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु और कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक में भी महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है. प्रदेश में लागू की गई 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है, जिसमें गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजन किया गया है. उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गई और इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है.
डॉ. मोहन यादव ने विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं. इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है. लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है. महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान भी बढ़ा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं. जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौती पूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं. शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है. वहीं राज्य सरकार भी महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है. राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा महिलाओं को सुविधाएं भी हुई हैं.
प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया. इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्सटाइल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और नवाचार साझा किए. संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।
अनूठा आयोजन - सीधा संवाद
प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया। इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्सटाइल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और नवाचार साझा किए।
संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है।
माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि माँ द्वारा दिए गए संस्कार हमारी धरोहर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी माँ का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनकी माँ उनमें और उनके मित्रों में कोई भेद नहीं करती थीं। सबको समान रूप से प्रेम और स्नेह मिलता था। उनका प्रयास है कि माँ के दिये संस्कारों के अनुरूप वे भी कार्य कर सके।
मुख्यमंत्री ने सरगम के सुर को किया सम्मानित, 51 हजार रुपए का दिया नगद पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान बालिका सरगम कुशवाह ने राष्ट्र भक्ति गीत गाया। उसकी सुरमई और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरगम की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसे कंठ कोकिला कहकर संबोधित किया और 51 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। सरगम के सुरों से निकले 51 हजार रुपए नन्ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।
हमने प्रशासन की ज़िम्मेदारी दी है नारी शक्ति के हाथ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि आज प्रदेश के 17 जिलों में महिलाएं कलेक्टर हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 16 में से 9 नगरीय निकायों में महिलाएं महापौर हैं। इनमें 7321 पार्षदों में 4154 महिलाएं पार्षद हैं। इसी प्रकार 875 जिला पंचायत सदस्यों में 519 महिलाएं और 6771 जनपद पंचायत सदस्यों में 4068 महिलाएं सदस्य हैं। प्रदेश की 22923 ग्राम पंचायतों में 12319 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच हैं। यह मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त कई जिलों में एसपी, नगर निगम अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे दायित्व को बहनें बखूबी संभाल रही हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि आधी आबादी से सीधा संवाद अब नीतियों और प्रशासन में भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति की यह भूमिका समाज को संतुलित, संवेदनशील और मजबूत बनाने में अहम है।
निरंतर संवाद से सशक्त होती नारी शक्ति
यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से सीधा संवाद किया हो। वे नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही बहनों को अपने निवास पर आमंत्रित कर संवाद करते हैं। इन संवादों के माध्यम से वे उनके कार्यों, चुनौतियों और शासन-प्रशासन से जुड़ी अपेक्षाओं को समझते हैं और नीतिगत सुझावों को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे संवाद बहनों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास से लबरेज करते हैं।
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