पन्ना की धरती से निकलीं अति प्राचीन मूर्तियां, ASI की टीम ने संभाली कमान
पन्ना: देवेंद्र नगर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलवारी के ग्राम फूलदारी में खेत के समतलीकरण के दौरान खुदाई में कुछ अति प्राचीन मूर्तियां मिली हैं. जिसकी जांच करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग टीम मौके पर पहुंची. टीम ने अति प्राचीन मूर्तियों का अवलोकन किया और फोटोग्राफ और वीडियो लिए. इसके साथ ही सभी मूर्तियों की विस्तृत जांच की गई.
समतलीकरण के दौरान मिली मूर्तियां
राजेंद्र प्रसाद तिवारी का खेत उबड़ खाबड़ था. उन्होंने खेत के समतलीकरण के लिए खुदाई का काम चालू किया था. जिसमें कुछ ही दिनों की खुदाई में समतलीकरण के दौरान खेत में अति प्राचीन मूर्तियां दिखाई दीं. जिसमें मूर्तियों की संख्या 10 से अधिक पाई गई है. इसकी सूचना उन्होंने तहसील कार्यालय देवेंद्र नगर में दी. इसके बाद प्रशासन ने इन मूर्तियों के जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग जबलपुर को पत्र लिखा. जिसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण टीम फूलदारी गांव मौके पर पहुंची और मूर्तियों का अवलोकन किया.
मूर्तियों के बारे में जुटाई कई जानकारियां
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पुरातत्वविद डॉ. शिवाकांत वाजपेयी के मार्गदर्शन में डॉ. रितेश सिंह अपनी टीम के साथ पन्ना पहुंचे. उन्होंने ग्राम पंचायत फुलवारी के फुलदारी पहुंचकर अति प्राचीन मूर्तियों के संबंध में विधिवत कई जानकारियां जुटाई. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम में फोटोग्राफर और अन्य जांचकर्ता अधिकारी मौजूद थे. टीम ने देवेंद्रनगर तहसीलदार ज्योति सिंह राजपूत और पुलिस विभाग की मौजूदगी में मूर्तियों का अवलोकन किया.
नाचना कुठार जैसी प्रतीत होती है मूर्तियां
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की पुरातत्वविद डॉ. शिवाकांत वाजपेयी ने बताया कि "हमारी टीम 8 जुलाई को डॉ. रितेश सिंह के नेतृत्व में गांव में मूर्तियों का अवलोकन करने गई थी. जिसमें मूर्तियां प्रथम दृष्टि नाचना कुठार जैसी प्रतीत होती हैं. बता दें कि नाचना कुठार की मूर्तियां गुप्तकालीन हैं."
पुरातत्वविद डॉ. रितेश सिंह ने बताया कि "मूर्तियों से सम्बन्धित समस्त जानकारी एकत्रित कर ली गई है. इनके अध्यन हेतु पुरातत्वविद डॉ. शिवकांत बाजपेयी सर के साथ चर्चा कर कार्बन डेटिंग सहित एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पन्ना कलेक्टर को सौंपी जायेगी."
कलेक्टर को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
देवेंद्रनगर तहसीलदार ज्योति सिंह राजपूत ने बताया कि "भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग जबलपुर की टीम आई थी. उन्होंने मूर्तियों का अवलोकन किया और फोटोग्राफ खींचे. वे अपनी रिपोर्ट बना कर ले गए हैं और कहा है कि 1 सप्ताह के अंदर पूरी रिपोर्ट पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार को प्रस्तुत किया जाएगा. मौके पर मैं भी गई थी और पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी भी मौजूद थे. इसके साथ ही आर्कियोलॉजिस्ट विभाग की पूरी टीम वहां पहुंची थी."
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