चंडीगढ़। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद हरियाणा में मंगलवार से वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई बहाल कर दी गई है। प्रदेश में रोजाना 848 सिलिंडरों की खपत के मुकाबले तेल कंपनियों के पास करीब 25 दिनों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के छोटे गैस सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में फिलहाल 1,79,566 वाणिज्यिक सिलिंडर उपलब्ध हैं, जबकि घरेलू श्रेणी में 9,82,212 सिलिंडरों का स्टॉक मौजूद है जो करीब 6.3 दिन की मांग के बराबर है। इसी व्यवस्था को मंगलवार से पड़ोसी राज्य पंजाब में भी लागू किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में वाणिज्यिक सिलिंडरों की सप्लाई केवल 30 प्रतिशत तक सीमित थी, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही थी। अब 20 प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति बहाल होने के बाद रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, डेयरी, सरकारी सब्सिडी कैंटीन और कम्युनिटी किचन को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। कंपनियां उपभोक्ताओं की खपत और उपयोग का रिकॉर्ड रखेंगी। साथ ही उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना और उसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। पीएनजी अपनाने की प्रक्रिया शुरू करने वाले उपभोक्ताओं को ही अतिरिक्त एलपीजी आवंटन का लाभ दिया जाएगा। हरियाणा के खाद्य आपूर्ति विभाग के एसीएस जे. गनेशन की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सप्लाई व्यवस्था और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।