भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की हलचल लगातार बनी हुई है, जिससे तेज आंधी और बारिश के कारण नागरिकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पारे में आई गिरावट से भले ही मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन प्रदेशवासियों को अब मुख्य मानसून का बेसब्री से इंतजार है। मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले सूबे में 20 जून तक मानसून के आगमन का अनुमान जताया था, परंतु वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रतीक्षा थोड़ी और लंबी हो सकती है।

जून के आखिरी सप्ताह में आगमन की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में थमा हुआ है। इस सुस्ती की मुख्य वजह इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) का कमजोर पड़ना माना जा रहा है। जून के शुरुआती पखवाड़े में मानसून ने तीव्र गति दिखाई थी, लेकिन उसके बाद यह प्रणाली सुस्त पड़ गई। जानकारों का कहना है कि यदि आगामी 72 से 96 घंटों के भीतर स्थितियां दोबारा अनुकूल होती हैं, तो मानसून आगे का सफर तय करेगा और 25 जून तक मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकता है।

पूर्वी अंचल के रास्ते दाखिल होगा मानसून

वैसे तो मध्य प्रदेश में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, जिसमें हर साल कुछ दिनों का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस बार मानसून अपनी निर्धारित समय-सीमा से पिछड़ गया है। मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि इस साल मानसूनी हवाएं सबसे पहले मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से से दाखिल होंगी। इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों को अपने दायरे में लेगा तथा सबसे अंत में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों को कवर करेगा।

प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम का हाल

बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम और ग्वालियर संभाग के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भिंड, बुरहानपुर और श्योपुर जैसे इलाकों में धूलभरी आंधी चली, जबकि रतलाम और बालाघाट में अब भी लू (हीटवेव) का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर में तो हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना और राजगढ़ समेत 30 से अधिक जिलों के लिए गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, हालांकि आगामी तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है।