मुंबई: मुंबई में महिला आरक्षण के समर्थन में आयोजित भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की रैली के दौरान एक महिला और कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन के बीच हुई तीखी बहस का मामला गरमाया हुआ है। इस घटना में महिला के कड़े रुख और 'गेट आउट' कहने के बाद अब मंत्री महाजन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

क्या था पूरा मामला?

बीजेपी की ओर से आयोजित इस विशाल मोर्चे के कारण दक्षिण मुंबई के वर्ली इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। घंटों तक यातायात बाधित रहने से परेशान एक महिला यात्री अपना आपा खो बैठी और सीधे मंत्री गिरीश महाजन पर भड़क गई। महिला की नाराजगी और भाषा को लेकर अब मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

मंत्री गिरीश महाजन की सफाई और प्रतिक्रिया

विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए गिरीश महाजन ने कहा:

  • आक्रोश का कारण: महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण महिलाओं में भारी गुस्सा है, इसी वजह से मुंबई से लेकर दिल्ली तक हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं।
  • भाषा पर आपत्ति: महाजन ने कहा कि ट्रैफिक जाम से परेशानी होना स्वाभाविक है और उस महिला की समस्या जायज थी, लेकिन जिस तरह की भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया, वह अनुचित थी। उन्होंने पुलिस के साथ भी बदसलूकी की और पानी की बोतल तक फेंकी।
  • संयम का परिचय: मंत्री ने बताया कि महिला की बातें सुनकर बीजेपी कार्यकर्ता भी भड़क गई थीं, लेकिन उन्होंने सभी को शांत रहने को कहा। उन्होंने मौके पर ही माफी मांगकर जल्द ट्रैफिक साफ कराने का निर्देश दिया था।

विपक्ष पर साधा निशाना

गिरीश महाजन ने विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार पर पलटवार करते हुए कहा कि यह महिलाओं का स्वतःस्फूर्त आंदोलन था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि उनकी सभाओं और कार्यक्रमों में भीड़ क्यों नहीं जुटती। कुछ नेता केवल बैठकों तक सीमित हैं, जबकि बीजेपी जमीन पर उतरकर संघर्ष कर रही है।

धर्मांतरण मामले पर भी बोले मंत्री

नासिक में सामने आए धर्मांतरण के मामले पर महाजन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस गंभीर मुद्दे पर नजर रखे हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।